00:01कि जो आपका पीस टाइम होता है तो आप लड़ाई की तैयारियां कभी कोई भी देश की पेशेवर से ना
00:09बंद नहीं करती वो अपने आपको अपडेट करती है अपने ट्रेनिंग करती है और यही चीट एक उनके स्टेटमेंट में
00:14निकल कर आती कि उनको पता है उनका शत्र�
00:27पता करता है बिल्कुल नहीं करता है पर उनके खर्चे अब उनके ओपर भारी पड़ रहे हैं कांग्रेस से बज़र्ट
00:32नहीं मिलना आने वाले समय में चुनाओ और हो सकता है जीत कर भी आप क्या जीतेंगे इरान से इरान
00:38के पास खोनी लिड़े कुछ नहीं तो यह कई जो
00:41इस तरह के आ रहे हैं कि हम तैयारियां जारी रखेंगे इनको बहुत जाला सीजर्स लेने की जरूरत नहीं होती
00:45है कि जब आप खाली समय पे होते हैं या पीस टाइम पे होते हैं जब आपके पास लड़ाई की
00:52तैयारियों में बैस्त होते हैं उस समय आप लड़ाई की तैय
01:09यारी करना कोई बहुत आश्चर जनक चीज नहीं और हर देश करता है
01:13नाव कमिंग टूगी डोनाल ट्रम्प क्या करेंगे एक चीज आपने नोटिस करी इस पूरे प्रॉसस में
01:18कि जब भी समझोते की टेबल पर बात हो रही थी वह चाहिए सुट्जर लेंड में हुई हो या वह
01:24इससे पहले कतर में हो रही थी जिले उसी सब यह गया और जब भी डोनाल ट्रम्प ने समझोते को
01:29लंबा समय दिया है या समझोते तो मैं हमेसा कहता रहा हूं कि अमरीका सिर्
01:47समझोता एक तरफ की चीज़ है और दूसरी तरफ उनके पास अगर उनको उनका शत्रुद दिखेगा खामनेई को अगर महत
01:52खामनेई को इल्मिनेट करने को उनको आफसर हाथ लगेगा वो उस पर नहीं चुकेंगे समझोता होता है और यह बात
01:59को लेकिए वह आश्वास पा
02:15पर अगर इरान के पास वो शक्ति होती है अमरीका जैसी तो क्या हो समझोता है की टेबल पर जाता
02:19हूँ अमरीका की धची है और लड़ाई में यह बात बिल्कुल साफ है कि अमरीका को नुकसान पहुंचाया इरान ने
02:25और अपेसित नहीं था इतना नुकसान जितने मिडिल �
02:53अपने शिप्ट के उपर हमले करने के फोटेज जारी के डेफिनेटली भी एग्रीव है कि आपने ऐसा किया होगा हो
02:58सकता
03:07अमरीका को बहुत जादा फर्क नहीं पड़ा और इरान को समझोता करने की उतनी ही जादा जरूरत उसे भी पता
03:25है कि वो भी इस यूद को बहुत जादा दिन तक
03:34करने के लिए कोई गुंजाई सी नहीं शोड़ी अमरीका ने आपके लिए तो एक बार जब आप मिल्कुल कंफर्म हैं
03:42चीन और रूस आपके साथ लड़ाई नहीं लड़ने हैंगे अर्मामेंट सप्लाई कर सकते हैं आपको ट्रेनिंग दे सकते हैं लेकिन
03:47वह आपके साथ कु
03:57क्या समर्थन मिला आज वो पूरे विस्टों से कहा रहा कि मेरी मदद करूव अमरीका से कहा रहा है वैपन
04:03को देने के नाम पे टेक्नलोजी देने के नाम पर यूक्रेइन ब्लैक मेल करते हैं उसके राष्ट पति को जलील
04:08करते हैं तब जब कि लड़ाई इन लोगों शुर�
04:27पता है कि अमरीका किसी भी मुल्क में उनकी लड़ाई के बाद कोई भी हल कभी नहीं निकला ना किसी
04:32के साथ खड़े होते हैं इरान को भी पता और एक बार एक चीक जो इस लड़ाई से साफ नजर
04:37आती है मुपुंद की मिडिलिस्ट के कंड़ियों को जो भरोसा था कि अमरीक
04:53में बहुत सारे बदलाओ आएंगे जो ये समय मिलेगा और अमरीका को जो पहले एक अमरीका का वर्चक होता था
04:59उतनी गंभीरता से मुझे लगता है जब तर डोनार्ट ट्रम का सासन है कोई लेने वाला नहीं चाब भारत हो
05:04या बांकी में मुल्गूने पता है कि ये आदमी
05:07मैं ऐसा नहीं समझता है कि उनके पास और डोनार्ट ट्रम का जुनून है जो उनका एक सनकी पन और
05:13वो एक बिजनसमें बूरे समझ होते में कौन से दो लोग थे जो आगे थे एक उनके दामाद थे और
05:20एक उनके अडवाइजर इसके अलावा तो कोई नहीं है अमरीकल लॉ�
05:36ट्रवाजी के जो ओनर है एलन मस्क बगएरा ये सब बहुत समर्थन में आते थे इरान के मसले पे बहुत
05:42कौसियस ट्यूट किये गए हैं बहुत कौसियस तरीके से उन लोगों ने अपने स्टेटमेंट दिये हैं बहुत ज्यादा खुल के
05:47डोना के भी सब को पता था कि कीमत
05:49पूरे अमरीका को चुपानी है उनके उपर इसका बोज पड़ेगा इसलिए इस युद्ध में और मिलना कुछ है नहीं इरान
05:54को बरबाद करके भी आप क्या करें तो कि अमरीका का पूरी दुनिया का नुकसान हो सकता लेंगिन अमरीका का
05:59नौत नुकसान ना फायदा हो उन
06:19सिपह सलार हैं उन सब को उनको सलाह देनी पड़ेगी कि अब ऐसे पागलपन करने की ज़रूत नहीं और एक
06:23चीज़ और जो इस युद्ध में एक आउटकम निकल किया है जिसको आपने नोटिस किया था अपने स्पीच में एक
06:28लाइन में बात को रखता हूं कि इसराइल और
06:30अमरीका के बीच में भी जो थोड़ी बहुत मत्भीद हैं उनसे भी दिखता है कि कहीं न कहीं भरोसे की
06:36कमी इस पार सब के बीच में रही हो या इसराइल और यूएस के बीच में भी रही है जब
06:42डील साइन हो रही तो मैंने बात कही थी कि पाकिस्तान डील के लिए फोटो �
06:57गारंटी नहीं होती और यह सब चीजें सामने आ भी गई उस दिनों के बारी अब पाकिस्तान उस डील की
07:01चर्चा क्यों नहीं करता बड़ा प्रमोट किया बहुत फ्रांट किया हमने तो पीस करा दिया नोबल पुरसकार हमारे घर ले
07:06कि आ जो दो दिन बाद अटैक होने श�
07:23ज़्यादा सही रहेगा एक तरफ नितन्याहू कहते हैं कि हम बहुत ज़्यादा नहीं सुनते हैं डोनाल ट्रम की तो दूसरे
07:28तरफ डोनाल ट्रम भी बार बार यह कहते हैं कि मैं उसकी कटकुतली नहीं हूँ वो मेरा फैन है या
07:34मेरी चीज़े फॉलो करता है मेरी बातों को
07:36मानता है और पूर अगर
07:38एवन ये भी बयान आया था कि अगर
07:41नितन्याहू पीम ना होते
07:42और इस्राइल में एलेक्शन करा दिये जाए तो मैं भी
07:44महा का प्रधान मंतरी बन सकता था
07:46इतना पॉपिलर हूँ
07:48तो इस तरह की बाते जब वो बोलते हैं
07:50और जब वो मसौधा तयार होता है
07:52जिसमें 14 पॉइंट्स तयार किया जाते हैं
07:54कि इरान इन बातों पर मानें अमेरिका इन इन बातों पर मानें
07:57तो उसमें बहुत ज़्यादा कुछ इसराइल के लिए होता नहीं है
07:59तो अब सर आगे हमारी पहले बात हुई थी
08:01कि नेतन्याहू क्या कुछ कर सकते है
08:03या इरान नेतन्याहू को परिशान कर ने के लिए
08:05इसराइल को चोड पहुंचा नी के लिए
08:07आने वाले दिनों में नौ जुलाइ के बाद
08:09क्या कुछ कर सकता है
08:14आप समझे
08:15यतने भी dignities
08:17इस आयोए महाँ पर अलग-अलग देशों से डेलिगेशन आये हैं अब वो आस्ते आस्ते दस और ग्यारा जुलाई को
08:23चले जाएंगे इरान का एरस्पेस जो है वो खाली हो जाएगा उसके बात दोनों पक्ष मिलकर फिर से बाचीत कर
08:33सकते हैं इंडिकेशन तो यही आ रहे है
08:36कि शायद बात्चीत पकिस्तान में ने हमिए पकिस्तान में बात्चीत ही शुरुवात कैसे होगी एक स्टेट आफ हरमस पुला रहना
08:45चाहिए
08:46इरान भी चाहता है कि это आफ हर्मस खुला रहे लेकिन इरान की परिवाशचा में यह है
08:55इरान के बंदरगाओं से जो जहाज कछा तेल और गैस लेके निकल रहे हैं अमेरिका उनको रोकेगा नहीं
09:06और इसी दर से दुनिया भर से जितने जहाज अरब सागर से होते हुए, उमान की खाड़ी से होते हुए,
09:12इरन की बंदरगाओं की तरफ जा रहे हैं, गैस या तेल लेने के लिए उनको अमेरिका रुपेगा नहीं, अमेरिका नहीं
09:20अभी तरह तक इस तरह की कोई आजवाशन �
09:26को अगर खोलना है तो उभायपक्स को इमानदारी से काम करना पड़ेगा, इरन ने तो कह दिया है कि वो
09:33दुनिया के कि किपनी भी चार्च को स्टेट आफ आफ से खुजरने से रोप नहीं रहा है, और वागा ही
09:38रोप नहीं रहा है, अगर आप देखें, पिछले एक हथे मे
09:41करीबन सौ से ज्यादा जहाज निकल चुके हैं, भारत के जहाज भी निकल के भारत तक पहुंचे हैं, इन्सेक्ट मैं
09:48आपको बताना चाहता हूँ, बड़ी ख़ुत समस्या है, जो तीन भारतिये जहाजियों पर पिछले पंद्रा दें में हमले हुए है,
10:00तीनों यूएस न
10:10सामने करता रहता है, की चार सो किलो जो संबर्ढ करता रहता है, आप अमरिका को साफे, अब अमरिका को
10:20समदना पड़ेगा की चाहे कुछ भी हो जाए, एरां की सकता है, और और एरां की जो जंता ब Utama
10:29में यOT c
10:39कमजोर पक्ष क्या भारी पक्ष को अपने परिवार के गहने हैंड ओवर कर देता है कि यह कुछ हुआता ही
10:47है कभी भी नहीं जान चली जाएगी गहने कभी नहीं दुश्मन को देंगे तो इस तरह से 400 किलो यूरोनियम
10:54कभी भी नहीं देगा अमेरिका चाहिए कुछ भी कर लि
11:09जे चालिसि yum की युद में उने फैसा जार बॉम्स गिराये इरान के ओपर उनका अपना स्टेट्मेंट की है थैसा
11:17जार बॉम्स किराने की पास अब चार दिन और यूद कर लेंगे तो और चार जार बॉम्स गिरा लेंगे उससे
11:27इरान को कुछ फरक नहीं पड़ता हिं जो ह
11:32अब जानता है कि अमेरिका कुछ नहीं कर सकता, इसराइल कुछ नहीं कर सकता, तो अमेरिका को समझना पड़ेगा कि
11:43निद्नियाओ को काभू में लाएं और जो एरान की शर्ते हैं उनको जहां तक संभव है वो मान लें
12:02झाल
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