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ये वीडियो श्रीमद्भगवद्गीता, 15 April 2025 के लाइव सत्र से लिया गए है|
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Transcript
00:00जो भी तुम समझते हो जिंदगी में कि तुम्हारी उपलब दी है, तुम्हारा ग्यान है, कईयों को अपने उपर बड़ा
00:05भरोसा होता है, फ़लानी चीज तो हम जानते ही है, इतने ही पूछ ले ना, जो कुछ भी तुम जानते
00:10हो उसने तुम्हें आग दी है क्या, जो कुछ
00:29नहीं होती, एक आग, एक आशिकी, और इन्हीं दोनों की कमी सबसे बड़ा प्रमाण है ग्यान की कमी का, इसके
00:42पास ग्यान नहीं है, उसके पास प्रेम कैसे होगा, प्रेम तो करा जाता है ना, अपने से उंचे वाले से,
00:49और अपने से उंचे वाले से प्रेम तभी कर सकते ह
00:52जब उंचा उठने की खौईश हो और उंचा उठने की इच्छा तभी हो सकती है जब पहले अपने निचले पन
01:01का एहसास हो और अपने निचले पन के एहसास को ही आत्मग्यान कहते हैं प्रेम कहां से आएगा बिना ग्यान
01:09के जिसे अपने उच्छे पन का पता नहीं उसे उच
01:21बेसे पूच्छूं आप से दुनिया का सबसे गरीब आपी कौन है।
01:25जिसके पास जीने के लिए कोई माकूल आग नहीं है।
01:30जिसकी जंदगी जल नहीं रही है।
01:36बुझी हुई मुझ्भत्ती है।
01:39प्रकाश की तो धन है ना।
01:41प्रकाश तो मुमबति से तभी आएगा जब वो जलेगी जब आग होगी पर आग का मतलब होता है कि मुमबति
01:50मिटेगी तो मुमबति खुद को बचाने के लिए बुझना पसंद कर लेती है जो बुझी होई मुमबतियां होती है सबसे
01:58गरीब होती है
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