Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो : अब शक्ति दीजिए || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव ऋषिकेश में (2021)
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant
#WrongChoice
#LifeRegrets
#DecisionMaking
#learnfrommistakes
#hindishorts

Category

📚
Learning
Transcript
00:00अभी मेरा बॉस का कॉल आया था कि तुम्हें आ जाना है तुम्हें आना है तुम्हें आना है तुम्हें उसको
00:05मैसे डाला कि मैं जाड़ा हूं होस्पिटल और मैं जैसे ही मेरा ठीक रहेगा डॉक्टर बोलेगा तुम्हें आ जाओंगा बोला
00:12कि नहीं नहीं तुम आओ मेडि
00:30लेकिन एक गुलामी की विड़ती है लंबे टाइमस है और को गुलामी घतम नहीं हो रही है आपकी बहुत कर
00:39गंपा है मुझे मालिक भी रहे हैं मैं कुछ नहीं कह सकता हूँ बस प्रणाव मैं इसलिए बोलता हूँ वक्त
00:50कम है
00:52जितनी देर में हमने ये सत्र किया उतनी देर में नजाने कितने लोग बिकने को मजबूर हो गए होंगे
00:59इतनी देर में नजाने कितने लड़के लड़कियों ने केंपस में गलत जॉब चुन लियोगी
01:06कितने लोगों ने कितने चुनावों में गलत बटन दबा दिया होगा
01:11कितने लोगों ने गलत जगह पर पैसा लगा दिया होगा
01:16कितने लोगों ने गलत जीवन साथ ही चुन लिया होगा
01:19कितने लोगों ने गलत जगह सब्सक्राइब बटन दबा दिया होगा
01:22बल चाहिए और बल नहीं होगा तो इतने लोग भी लगते रहेंगे
01:28इतने हाथ ही नहीं है मेरे पास कि सब के आशू पोट सपूँ
01:32बल आपसे ही आना है आपने बल गलत लोगों को दे रखा है
01:36मैं आपसे बल माग रहा हूँ
01:38क्योंकि इनकी बात नहीं है ये इस व्यवस्था की बात है
01:43सब कंपनिया ऐसी है सब बहुत ऐसे हैं क्योंकि उनके बहुत ऐसे हैं
01:48क्योंकि अन्तत्र जो शिखर पे बैठे हैं वो ऐसे हैं
01:51जब तक हम शिखर पे नहीं पहुँचेंगे ऐसे ही रोते रहेंगे लोग
01:56आपकी बहुत इनकंपा है, मुझे मालिक मिने है, मैं कुछी नहीं कह सकता हूँ
Comments

Recommended