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Vat Savitri Purnima Puja Vidhi 2026: ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की पंद्रहवीं तिथि पर पड़ने वाले वट सावित्री पूर्णिमा व्रत का क्या महत्व है? सुहागिन महिलाओं के अखंड सौभाग्य की कामना पूरा करने वाला यह व्रत 29 जून को रखा जाएगा? वट सावित्री पूर्णिमा व्रत की सही तारीख, पूजा विधि चलिए बताते हैं इस वीडियो में.

Vat Savitri Purnima Puja Rituals 2026: What is the significance of the Vat Savitri Purnima fast, observed on the full moon day (Purnima) of the bright fortnight (Shukla Paksha) in the month of Jyeshtha? Will this fast—observed by married women to pray for the longevity and well-being of their husbands—be held on June 29? In this video, we share the correct date and the proper worship rituals for the Vat Savitri Purnima fast.

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~HT.318~PR.114~ED.464~VG.HM~
Transcript
00:03हिंदु धर में अपने पती की लंबी आयू के लिए महिलाएं जो भी वरत रखती हैं उनमें से जेस्ट मास
00:09की पूर्णिमा तिथी पर पढ़ने वाला वट सावित्री वरत बहुत जादा महतपूर्ण माना जाता है
00:15अखंड सो भागे की कामना को पूरा करने वाला वट पूर्णिमा वरत 39 जून 2026 को है चलिए बताते हैं
00:21आपको इस वीडियो में वट सावित्री पूर्णिमा वरत की पूजा कैसे करें और किस मुहरत में करें पंचांग के अनुसार
00:27जिस जेस्ट मास के शुकल पक्षकी पंद
00:44सावित्री पूर्णिमा का वरत 39 जून 2026 को मनाया जाएगा अब बात करते हैं वट पूर्णिमा पूजा विधी अखंड सो
00:51भागे की कामना को पूरा करने के लिए सुहागिन इस्तरियों को वट पूर्णिमा वाले दि सुरियोदे से पहले उठकर इसनान
00:58और सोलश श्रिंक
00:58करना चाहिए इसके बाद वट पूर्णिमा वरत को विधी विधान से करने का संकल्प लेना चाहिए फिर बाद में वरत
01:05करने वाली सुहागिन महिला को एक बांस से बनी डलिया में साथ प्रकार के अनाज पुष्प फल, रोली, सिंदूर, कच्चा
01:12सूत, वस्त्र, धूब द
01:14और श्रिंगार के समागरी को इकठा करके रखना चाहिए इसके बाद वट व्रिक्ष के नीचे साफ जगा पर सारी समागरी
01:21को रख कर सावित्री और सत्यवान के चित्र या मूर्ति को स्थापित करें और रोली, चंदन, सिंदूर, धूब दीप आधी
01:28से पुजा करें फिर �
01:30मूर्ति या चित्र को बास के पंखे से हवा करें इसके बाद वस्र एंफ फल फूल को अर्पित करने के
01:36बाद बरगत के पेड़ की 11, 21, 51 या फिर 108 बर परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपीटें फिर वट
01:43पुणिमा का पुणने फल प्रदान करने के लिए सावित्री सत्
01:48पूजा पूर्ण होने के बाद अपने पती के पैड़ चुए और उसके बाद और पूजा वाले पंखे से उसको हवा
01:55करें उमीद करते हो आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलहाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शिर
02:00और चैनल को सब्सक्राइब करना
02:01बूले
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