00:03हिंदु धर में अपने पती की लंबी आयू के लिए महिलाएं जो भी वरत रखती हैं उनमें से जेस्ट मास
00:09की पूर्णिमा तिथी पर पढ़ने वाला वट सावित्री वरत बहुत जादा महतपूर्ण माना जाता है
00:15अखंड सो भागे की कामना को पूरा करने वाला वट पूर्णिमा वरत 39 जून 2026 को है चलिए बताते हैं
00:21आपको इस वीडियो में वट सावित्री पूर्णिमा वरत की पूजा कैसे करें और किस मुहरत में करें पंचांग के अनुसार
00:27जिस जेस्ट मास के शुकल पक्षकी पंद
00:44सावित्री पूर्णिमा का वरत 39 जून 2026 को मनाया जाएगा अब बात करते हैं वट पूर्णिमा पूजा विधी अखंड सो
00:51भागे की कामना को पूरा करने के लिए सुहागिन इस्तरियों को वट पूर्णिमा वाले दि सुरियोदे से पहले उठकर इसनान
00:58और सोलश श्रिंक
00:58करना चाहिए इसके बाद वट पूर्णिमा वरत को विधी विधान से करने का संकल्प लेना चाहिए फिर बाद में वरत
01:05करने वाली सुहागिन महिला को एक बांस से बनी डलिया में साथ प्रकार के अनाज पुष्प फल, रोली, सिंदूर, कच्चा
01:12सूत, वस्त्र, धूब द
01:14और श्रिंगार के समागरी को इकठा करके रखना चाहिए इसके बाद वट व्रिक्ष के नीचे साफ जगा पर सारी समागरी
01:21को रख कर सावित्री और सत्यवान के चित्र या मूर्ति को स्थापित करें और रोली, चंदन, सिंदूर, धूब दीप आधी
01:28से पुजा करें फिर �
01:30मूर्ति या चित्र को बास के पंखे से हवा करें इसके बाद वस्र एंफ फल फूल को अर्पित करने के
01:36बाद बरगत के पेड़ की 11, 21, 51 या फिर 108 बर परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपीटें फिर वट
01:43पुणिमा का पुणने फल प्रदान करने के लिए सावित्री सत्
01:48पूजा पूर्ण होने के बाद अपने पती के पैड़ चुए और उसके बाद और पूजा वाले पंखे से उसको हवा
01:55करें उमीद करते हो आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलहाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शिर
02:00और चैनल को सब्सक्राइब करना
02:01बूले
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