00:00मेरा प्रिशना डर से संबंदित है जीवन में पहले 16 साल पहले मेरी छोटी बैन की डेथ हो गई थी
00:06सडन और अभी 6 साल पहले मेरे हस्बन की डेथ हो गई सडन तो बहुत डर लगता है क्योंकि अभी
00:13भी है मेरे अपने
00:15देखिए मृत्यव डरावनी होती ही इसलिए है क्योंकि वो एक अधूरी कहानी का अंत होती है जब कोई अपना चला
00:23जाता है तो हम रोते हैं कि अभी सोचा था कि इनके साथ ये बातें करेंगे नहीं कर पाए अभी
00:30सोचा था इनको साथ लेके वहां घूमाएंगे नहीं घूम
00:44लेते हैं आप डर ही इस बात से रहे हो कि समय कम है और मृत्यों आएगी हम सब इसी
00:50बात से डर रहे हैं और जब आप डरते हो तो समय और व्यर्थ सला जाता है भड़ी रुक तो
00:54नहीं जाती मौत रुलाती ही इसलिए है क्योंकि कहानिया हमारी अधूरी रह जाती हैं अपनी
01:11से पहले ही पूरे हो जाओ अब मौत दुखदाई नहीं लगेगी मौत सबसे जादा उनके लिए दुखदाई होती है जिन्होंने
01:19सबसे अधूरा जीवन जिया होता है कि ये जनम भी काफी नहीं पढ़ रहा मुझे अभी आर पांस साथ पचास
01:26जनम चाहिए दिल के अर्मान प