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पूरा वीडियो : मन हमेशा उलझन में क्यों रहता है? || आचार्य प्रशांत (2019)
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Transcript
00:00तीन दिन तक बहन रोती है तुम्हारे मरने पर, तेरा दिन तक पत्नी रोती है और छे महीने तक माता
00:05रोती है उसके बाद कोई नी रोता
00:06उसके बाद सब अपना अपना काम आगे बढ़ाते हैं
00:09तुम जीओ गलत जीवन, नुकसान अगर कर रही हो तो सिर्फ अपना
00:13पूरी छूट है, तुम्हें बरबाद होना हो, बरबादी की पूरी छूट है
00:17तुम ये अकड ये जित तो किसी को दिखाओ मत कि हम तो गलत रास्ते पर ही चलेंगे
00:22चलो, किसको परवा है, चलो, किसी को क्या फर्क पड़ता है, जाओ अंद्रे कुए में डूब मरो
00:31तुम्हारा जीवन है भाई, जिस दिन हटोगी उस दिन तुम्हारी कुरसी पे कोई दूसरा बैट जाएगा
00:36तुम्हारे घर में कोई दूसरा आ जाएगा, सही जी होगे तो बस अपने लिए जी होगे
00:41किसी और का तुम भला नहीं कर रहे, अध्यात्म परम स्वार्थ की बात है
00:47बचाना हो तो बचा लो अपने आपको, नहीं बचाना हो तो लेके अपने तर्क बैठे रहो
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