00:00अगले 15 साल के भीतर दुनिया के दो देश बता रहा हूँ, एक अमेरिका एक चीन, हर घर में एक
00:05AI-enabled रोबो होगा, अभी से होने शुरू हो गए हैं बहुत घरों में, वो घर के सारे काम ही
00:10नहीं कर देगा, वो ये भी देख लेगा, आपकी medical reports उसके पास होंगी, आपका व्य
00:19loneliness का epidemic है न, कईयों ने इसका समधान यही बताया है, AI-enabled dolls, जो बिलकुल आपके साथी की
00:26तरह वेवहार करें, इस हद तक साथी की तरह वेवहार करें कि ब्रेकप भी कर ले, आप जो भी वेवहार
00:31कर सकते हो, वो सब कोई machine कर सकती है, आप बताई नहीं पाओगे कि यह machine है, हम
00:47AI भी कर लेगी, उसमें परिशान मत हो यह, आप भी machine सिर्फ तब नहीं है, जब आप में मुक्त
00:53की ललक हो, जब आप में इतना आत्म ग्यान हो कम सिकम कि आप कहें कि यार machine रहे रहे,
00:58नहीं जीना, वो एक मात्र आयाम है, उसी को तो आत्मा बोलते है न, आत्मा, जो पूरे �
01:04तरीके से निजी है, मौलिक है, जिसकी नकल नहीं हो सकती, उसको आत्मा बोलते हैं, और अगर मेरा ऐसे पास
01:09कुछ नहीं, तो मैं भी तो machine हूँ न, फिर
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