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ईरान और IRGC की नई चेतावनी के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर दुनिया के सामने बड़ा तनाव बिंदु बन गया है। ईरान ने बिना अनुमति गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर कार्रवाई की बात कही है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम है। जानिए कैसे होर्मुज में बढ़ता तनाव दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

Tensions are rising again in the Strait of Hormuz after Iran’s IRGC issued a warning to commercial ships crossing the strategic waterway. Tehran says vessels must receive authorization before passage and warns of action against those who ignore the order. The Strait of Hormuz handles a major share of global oil and gas shipments, making any disruption a serious threat to energy markets, international trade, and global security. Watch the full analyss of this developing crisis.

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~HT.318~ED.106~GR.508~VG.HM~

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00:00अच्झेज अच्छेज कार्दा ।
00:32इरान और अमेरिका के बीच हाल ही में बनी सीज फायर की स्थिती अब एक बार फिर खत्रे में नजर
00:38आ रही है।
01:00जहाजों को पहले इरानी अनुमती लेनी होगी। बिना मन्जूरी किसी भी जहाज की आवाजाही को इरान ने असवी कारे बताया
01:07है और कारेवाही की धमकी दी है। लेकिन बड़ा सवाल है कि आखिर इरान ने अभी ही ऐसा बयान क्यूं
01:13दिया। दरसल इसके पीछे सिर्फ सम
01:28ही हो पाया। दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद, परमाणू कारिक्रम, प्रतिबंध यानी सैंक्शन्स, क्षेत्रिय प्रभाव और सैन्य मौजूदगी अभी
01:37भी खत्म नहीं हुए है। इरान को डर है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश सीस्पायर का इस्तिमाल �
01:43अपनी रणनीतिक स्थिती मजबूत करने के लिए कर सकते हैं। वहीं अमेरिका लगातार चाहता है कि इरान क्षेत्र में अपनी
01:50सैन्य गतिविधिया और समुद्री नियंत्रण कम करें। यही कारण है कि तेहरान ने हॉर्मुज को लेकर सख्त संदेश दिया है।
01:57विशेश
02:10हत्यार अभी भी समुद्री रास्तों पर प्रभाव है। आयार जीसी का ये बयान सिर्फ जहाजों के लिए नहीं बलकि अमेरिका,
02:17इस्राइल और खाड़ी देशों के लिए भी एक संदेश माना जा रहा है। क्योंकि पिछले तनावों में भी इरान ने
02:22कई बार समुद्री
02:23क्षेत्र को अपनी ताकत दिखाने के लिए इस्तिमाल किया है। पहले भी आयार जीसी ने विदेशी जहाजों को रोका, उनकी
02:30जांच की और कुछ मामलों में कबजे में लिया। अब चिंता ये है कि अगर कोई अमेरिकी सहयोगी देश का
02:35जहाज इस आदेश को चुनोती द
02:37देता है, तो स्थिती तेजी से बिगड सकती है। अमेरिका पहले ही साफ कर चुका है कि वो अंतरराष्ट्रिय समुद्री
02:43रास्तों पर किसी भी तरह की रोक को स्वीकार नहीं करेगा। वाशिंग्टन का कहना है कि किसी भी देश को
02:49वैश्विक व्यापार मार्गों पर एक
03:05पूरे समीकरण को और खतरनाग बना रही है। दोनों देशों के बीच सीधा टकराव भले ही फिलहाल कम हुआ हो
03:11लेकिन मिसाइल हमलों सैन्ने गतिविधियों और राजनीतिक बयान बाजी ने तनाव को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया है। विशलेशकों
03:19का मानना है कि �
03:19आने वाले दिनों में परमाणू मुद्दे या क्षेत्रिय हमलों को लेकर कोई नया विवाद शुरू होता है तो ये सीस
03:26फायर फिर से तूट सकता है। और ऐसी स्थिती में स्ट्रेट ओफ हॉर्मोज सबसे पहला दबाव वाला क्षेत्र बन सकता
03:32है। क्योंकि इरान जानत
03:48दबावनी सिर्फ एक बयान महीं बलकि उस बड़े संघश की आहट हो सकती है जिसमें कूटनीती, उर्जा और सैन्य ताकत
03:55तीनों दाव पर लगे हैं।
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