00:02जरा सोची भारत में जब तापमान 40 या 45 डिग्री पहुँचता है तो लोग कहते हैं यार आज थोड़ी गर्मी
00:08ज्यादा है
00:09कूलर या एसी चला कर काम चल जाता है लेकिन इस वक्त यॉरप में जब पारा 40 से 43 डिग्री
00:14के आसपास पहुँच चुका है तो वहां हाहाकार मची हुई है
00:18सडके पिगल रही है ट्रॉम की पट्रियां मोड रही है और अब तक सैकलो लोगों की जान जा चुकी है
00:24डबलू एचो के मताबिक इस हीट वेव से लाखो लोग एफेक्टेड हैं लेकिन आखिर ऐसा क्यूं है
00:2945 डिग्री जहलने वाले हम भारतिय सोच रहे हैं कि भाई 40 डिग्री में योरोप का ये हाल क्यूं हो
00:35गया
00:36क्या वहां की गर्मी हमारी गर्मी से अलग है चलिए आज के इस वीडियो में इसी का पूरा सच जान
00:41लेते हैं
00:41सबसे पहले समझते हैं कि योरोप में आजाना कितनी आग क्यूं बरस रही है
00:46साइंटिस्ट के मताबिक इसके पीछे दो बड़े कारण है
00:49पहला कारण है हीट डूम
00:51ये कैसी कंडिशन है जहां हाई प्रेशर का मौसम गर्म हवा को एक जगा पर लॉक या कैत कर देता
00:56है
00:57जिससे वो इलाका ओवन की तरह तपने लगता है
01:00दूसरा कारण है सहारा की हवाई
01:02अफरीका के सहारा रेगिस्तान से बेहत गर्म और सूकी हवाई योरोप के तरफ आ रही है
01:07तीसरी और सबसे बड़ी वज़ा है क्लाइमिट चेंज
01:09इंसानी गलतियों की वज़ा से ग्लोबल वामिंग इतनी बढ़ चुकी है
01:13कि योरोप में जून के महीने में फ्रांस, जर्मनी और पॉलेंड जैसे देशों में गर्मी के सारे रिकॉर्ड टूड गए
01:18है
01:18अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि भारत में तो 47 डिग्री में भी सड़के नहीं पीगल थी
01:38वो कम तापमान के हिसाब से डिजाइन होता है ताकि कड़कडाती ठंड में उसमें दरारे ना पड़े
01:43लेकिन जैसे ही तापमान 40 डिग्री पार करता है ये डामर जेल नहीं पाता और पिगलने लगता है
01:49ठीक ऐसा ही रेल की पट्रियों के साथ होता है भारत में रेलवेट ट्रैक को इस तरह बिछाया जाता है
01:55कि वो फैलने यानि एक्सपेंशन के लिए जगा रखें
01:57क्योंकि हमारे यहां गर्मी नॉर्मल है लेकिन यॉरप में पट्रियां ठंडे मौसम के हिसाब से कसी होती है
02:03इसलिए तेज गर्मी में वो फैल कर टेडी मेडी हो जाती है
02:06अब आते हैं सबसे जरूरी बात पर कि भारत के 43 डिग्री और यॉरप के 43 डिग्री में जमीन आस्मान
02:12का अंतर क्यों है
02:12इसके तीन बड़े साइंटिफिक रीजन है
02:14यॉरप के घर सदियों से इस तरह बनाए गए हैं कि वो अंदर गर्मी को रोक कर रखें
02:31हवा आरपार जाना ना के बराबर होता है
02:34दूसरा रीजन है एसी और पंको की कमी
02:37भारत में हर घर में पंका या कूलर होता है
02:39लेकिन यॉरप में एतिहासिक रूप से कभी इतनी गर्मी पड़ी ही नहीं
02:42इसलिए वहां के 90% से ज़्यादा घरों में ना तो एसी होता है और ना ही सीलिंग फैन
02:48लोग पोर्टेबल फैन्स के लिए तरस रहे हैं
02:53यॉरप में इस वक्त हुमिडिटी बहुत ज़्यादा है
02:56जिसकी वज़े से शरीर का पसीना सुखता नहीं है और बॉडी खुद को कूल नहीं कर पाती
03:00उपर से वहां गर्मियों में दिन बहुत लंबे होते हैं
03:03सुबह पांच बज़े से रात के दस बज़े तक सूरत चमकता रहता है
03:07जिससे रात में भी राहत नहीं मिलती
03:09चौथा रीजन है शरीर की आदत हम भारतियों की बाड़ी और लाइफस्टाइल पीडियों से गर्मी झेलने के लिए ढल चुकी
03:14है लेकिन यूरोपियन लोगों का शरीर इस तापमान को झेलने के लिए तैयार नहीं है
03:20तो दोस्तों लबलोब ये है कि मौसम का ये बदला हुआ मिजाज पूरी दुनिया के लिए एक वेकप कॉल है
03:25जो देश कल तक बर्फबारी के लिए जाने जाते थे आज वो पानी की बचारों के नीचे खड़े हैं ये
03:32दिखाता है कि ग्लोबल वार्मिंग अप किसी एक देश
03:35की नहीं बलकि पूरी मानवत्ता की समस्या है आपको क्या लगता है कि आने वाले वक्त में हमें अपने जीवन
03:40के तरीकों को पूरी तरह बदलना होगा कॉमेंट बैमनी राय ज़रूर दें वीडियो पसंद आई हो तो इसे लाइक करें
03:45शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइ�
03:46करना बिलकुल ना भूलें
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