00:00देवताओं को तो पुराणों में हर चौथे पन्ने पे श्राप मिल रहा होता है
00:03अब हैं देवता लेकिन कहीं कोशिश नहीं कही है ये उनको दूद का धुला दिखाने की
00:07अवतार है जा करके कोई रिशी बैठे हुए थे उनको परिशान कर दिया
00:23और वो जब जा रहे हैं तो नीचे से भरत देखते हैं कहते हैं ये देखो ये कोई चमकता हुआ
00:27कुछ बड़ा भारी पत्थर लेके जा रहा है
00:29जरूर ये राक्षास है और उदर लंका की तरफ जा रहा है तो ये जरूर लाम लखन को मारने के
00:33लिए जा रहा है
00:35वो नीचे से उसको मार देते हैं बाण
00:37हर चरित्र गलतियां कर रहा है
00:39सब गलतियां कर रहा है
00:40क्या केई गलती कर रही है
00:41दशरत गलती कर रहा है
00:42भाई वो तुरुटी अकस्मात नहीं है
00:44उस तुरुटी का होना आवश्यक है
00:46तभी तो राम आपके निकटा पाएंगे न
00:48तभी तो आप कहपाओगे कि अच्छा मेरे ही जैसे हैं
00:51फिर भी महान है तो मैं भी महान बन सकता हूँ
00:53चुपाना क्या? मानव ऐसा ही है
00:55चुपाएं क्या? चुपा करके तो बैवानी हो जाएगी
00:57अगर आपको कोई ऐसा आउतार मिलता
00:59जिसमें कोई कमिया कोई खामिया
01:01नजर नहीं आ रह features तो आउतार है ही नहीं
01:02अगर मानव एज नहीं दिखाएंगे तो आउतार
01:05की जो पूरी प्रक्रिया है
01:07वो बाधित हो जाएगी
Comments