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  • 14 hours ago

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00:00एक्सिलेंस भी तुम्हें वहां चाहिए जहां पर चियर गर्ल्स हो और बहुत सारा पैसा हो और कॉंटिनुवस टीवी कवरेज हो
00:06ग्लैमर हो स्पोटलाइट हो तुम उसके दिवाने रहोगे स्टेडियम भर जाएगा पागल हो रखे होगे
00:13एक्सिलेंट तो भगत सिंग भी थे वो कहीं ज्यादा एक्सिलेंट थे आओ उनकी रह चले सर फरोशी की तमना आओ
00:19फंदा उधर आओ चले आओ ना नहीं नहीं सर रोनाल्डो जो है उन्होंने अभी स्टेट्मेंट दिया था कि वह हजार
00:28गोल करना चाहते है अपने करियर में
00:30इसमें अलग क्या है चकाचॉंद के अलावा ग्लैमर के अलावा कृष्टता जो होती है कृष्टता के दीवाने थोड़ी हो बैडमिंटन
00:37वर्ल्ल चैंपियंशिप भी चल रही थी और एक भारती सीधे फाइनल तक पहुच गया था आधों को नाम ना पता
00:42हो एक्सिलेंस की
00:46क्योंकि तुमको पता है कि वो इतने करोड में उसका ये हुआ और उसकी बीवी है और बीवी कई बार
00:51विदेशी होगी उसका इंस्टाग्राम पेज होगा उस पर 100 मिलियन फॉलोर होंगे और यह होगा वो होगा और यह होती
00:59है न जिंदगी और फिर उनको जो कारण बता के �
01:05गोशित करके पूजते हो, इतना तो पूछ लो कि
01:11तर इतना ज़्यादा हम लोगों को कंडिशन किया जाता है
01:14कि जैसे हमें मॉडल है हम, हम इंसान नहीं हैं
01:18आपको सुनने से पहले मैं बिल्कुल ऐसी ही थी कि बस ग्लैमरस दिखना
01:22कोई मेरे सामने भी ऐसे आता था, सिंपल, तो इसको तो बहर आने की तमीज नहीं है
01:28ये कैसे इतना
01:31दो-चार साल पहले मैं जैसा दिखता था मुझे देख लेती हैं तो मुझे देखना ही न शुरू करती है
01:39ये जो तुम खुद भी अपने आपको बोलते रहते हो ना कि फलाना मुझे पसंद है या फलानी मुझे पसंद
01:45है क्योंकि वो दिल का बड़ा साफ है क्योंकि वो चरित्र की बड़ी सची है
01:54नमस्ति आचारे जी अभी रिसेंट लिएक न्यूज आये थी जो क्रिच्या नो रोनाल्डो जो है फुटबॉल प्लेयर उन्होंने अभी स्टेट्मेंट
02:05दिया था कि वो हजार गोल करना चाहते है अपने करियर में अभी तक वो 965 तक पहुंचे है और
02:1335 गोल्स पीचे है अ
02:17का ये जो स्टेट्मेंट था वो ऑगस्ट 2024 का था लेकिन फिर भी वो अपने गोल पे कायम रहना चाहते
02:24है क्या ये उनका जो गोल है ये महत्वा कांगशा से प्रेरित अभी व्यक्ति है या ये श्रेष्टता का प्रदर्शन
02:32है ये इसमें थोड़ा कन्फूजन मुझे हो र
02:45प्रदर्शन है और इतना बड़ा नाम नहो इतना प्रचलित खेलना हो तो किल मिला करके वो व्यक्ति जो कह रहा
02:58है वो वैसी सी बात है कि ये कह रहे हैं कि मैं रिटायर होने से पहले एक करोड जमा
03:04कर लेना चाहता हूँ
03:07अब ये क्या क्या बोलें इसमें क्या है ये परमारत है ये क्या है पर वहाँ पर ग्लैमर है चकाचौन
03:17है तो तुम्हारे सामने सवाल खड़ा हो जाता है कि ये कुछ अलग बात है क्या है वो वही बात
03:21है जो हर बंदे की बात है हर इंसानी तो इसे में लगा है ना वो भी क्
03:28और उने से पहले 1000 गोल करने है कौन नहीं है जो रिटायर्मेंट गोल्स लेकर बैठाओ
03:38अब तो 25 साल वाले भी अपने रिटायर्मेंट गोल्स लेकर चलते हैं कि 35 में रिटायर हो जाओंगा और उससे
03:45पहले इतना जोड़ दूगा
03:48तो उसमें और इसमें अलग क्या है चकाचौंद के लावा ग्लैमर के लावा क्या है चलो ये तो रिटायर्मेंट आगे
03:57की बात हो जाती है 10-20 साल आगे की
03:59एक हमारा साधारण जाब बैचारा ये ठेले वाला भाई भी होता है मोमोस बेचरा है कुछ बेचरा है
04:08वो भी ये बनाता है के आज रात से पहले इतनी बिक्री करके जाओंगा और जब तक बिक्री नहीं होगी
04:15तब तक दुकान खोले रखोंगा
04:16तो अंतर क्या है क्या है क्या है क्या है
04:25तुम ये सुचो कि सवाल कहां से आ रहा है तुमने ये सवाल उस रेड़ी वाले ठेले वाले के बारे
04:33में नहीं पूछा लेकिन एक इंटरनेशनल ग्लैम स्टार के बारे में पूछा इससे पता जलता है कि क्या पता जलता
04:40है
04:41ये सवाल कहां से आ रहा है तो क्या ये मतलब मेरी भी चाहत है कि जैसे आप बोलते हो
04:54कि जो भी आप देख रहे हो वो उसकी पेश्में
04:57अपने आप से पूछला करो ना मैं तुम्हें भी बोलू कि तुम रेडी वाले बन जाओगे और फिर बोलू कि
05:02तुम रोनाल्डो बन जाओगे तुम प्रतिक्रिया अलग-अलग होगी कि नहीं होगी तो बस देख लो तुमारी चाहत क्या है
05:11जबकि मानसिक तौर पर वो दोनों एक ही काम कर रहे हैं
05:15मानसिक तौर पर वो दोनों एक ही काम कर रहे हैं लेकिन आर्थिक और समाजिक तौर पर दोनों बिलकुल अलग
05:20-अलग खड़े हैं
05:21कि समाज में एक की प्रतिष्ठा एक की नहीं है क्योंस खूब पैसा एक वास नहीं है काम यद्या पर
05:26दोनों एक ही कर रहे हैं लेकिन तुम एक जैसा बनना चाहों कि दूसरे जैसा नहीं काम तो दोनों का
05:33एक बराबर था वो तो कैंसल आउट हो गया इसका मतलब तुम मर किस �
05:36पर रहे हो वही जो आर्थिक लाव है और सामाजिक प्रतिष्ठा है वही तुम्हारा केंद्र है वहीं से सवाल आ
05:46रहा है और कहां से आ रहा है
05:58तो उत्कृष्ठता जो होती है वह उत्कृष्ठता तो मोमो वाले में भी हो
06:02सकती है उसका सवाल क्यों नहीं पूछा आव मैं तुम्हारा के सबश़्प्र
06:16उत्कृष्ट मोमो खिलाओंगा बोलो ना उत्कृष्टता तो मालिश करने में भी हो सकती है
06:32बनोगे उत्कृष्टता मालिश बाज नहीं बनना चाहोगे क्योंकि बात और कुछ नहीं है
06:39समाज में उतनी इज़त नहीं है और उतना पैसा नहीं है
06:42तुम्हें उत्कृष्टता शेष्टता से कोई लेना देना नहीं है तुम्हें प्रतिष्ठा और पैसे से लेना देना है
06:52उत्कृष्ट तो इतने काम होते हैं पर उनमें पैसा ना मिलता हो तो तुम करोगे क्या
06:56तो ये क्यों बोल रहे हो कि मैं तो उसकी एक्सिलेंस पर मरता हूँ
07:00एक्सिलेंस वाले काम तो नजाने कितने हैं कभी नहीं करोगे तुम
07:06एक्सिलेंस भी अगर तुम्हें चाहिए तो उसी काम में जिसमें प्रदिश्टा पैसा हो
07:16समाज नजाने कितने कामों को
07:18नहीं देता है इज़त
07:21फिल्म आएगी उसमें
07:22तमाम तरह का VFX लगा करके
07:25और बदबुदार कहानिया होंगी
07:26तुम उनको हिट करा दोगे
07:27स्टेज के आक्टर्स होते हैं
07:29उनके पास ना उतनी प्रतिष्ठा होती है
07:31ना पैसा होता है
07:33तुम नहीं बनना चाहोगे
07:34थीटर आर्टिस्ट
07:36तुम कहोगे मुझे फिल्म में
07:38एक तीस सेकेंड का रोल दे दो चलेगा
07:45तुम उत्रिष्ठता के दीवाने थोड़ी हो
07:50हंकार चुकि खुद अपूर्ण होता है
07:52तो उसको लगता है कोई दूसरा आगर के मेरी तारीफ कर दे
07:57और चुकि अपूर्ण होता है
07:58तो पैसा चाहता है ताकि उस पैसे से कुछ खरीद के खुद में भर ले
08:02बस इतनी इसी बात है
08:04आप जिन व्यक्ति की बात कर रहे हो
08:05तो उनसे एक इंट्रिव पूछा गया आपके उस गाड़ियां कितनी हैं बोले मुझे गिंती याद नहीं
08:10तुम इसलिए फिदाओ
08:14तुम इसलिए फिदाओ
08:17और फिर जो इंट्रिव्यूर था उसने जोड डाला कि आज़े बताओ तो कौन-कौन सी है
08:21तो जितनी भी टॉप गाड़ियां हो सकती हैं दुनिया की
08:27दस करोड से ले करके और जहां तक जाती होंगी पचास करोड सौ करोड की गाड़ी
08:31वो बताने लगा और फिसमें भी पता नहीं मेरे पास ये दो है ये चार है मुझे यहाली याद नहीं
08:35अच्छा वो मॉडल शायद अब मेरे पस तीन है ऐसे करके बीस तक पहुंच गए गाड़ियों तक फिर बोले अब
08:40आगे की किंती मुझे याद नहीं
08:41और तुम बिलकुल लोट गए लट्टू हो गए पागल हो गए बिचारा मुमो वाला ही कैसे तुमको बताएगा
08:49उसके साइकले होंगी और एक सेकेंड हैंड बाइक होगी हाँ एक्सिलेंस के साथ हो मॉमोज बनाता है
08:58का फर्क पड़ता है
09:02ऐसे ही मरते हो क्रिकेटरों पर एक्सिलेंस तो बहुत स्पोर्ट्स में है
09:10अभी जब यह T20 चल रहा था उसी समय पर
09:15बैडमिंटन वर्ल चेंपियंशिप भी चल रही थी
09:18और एक भारती सीधे फाइनल तक पहुँच गया था
09:20आधों को नाम न पता हो
09:23आधों को नाम न पता हो
09:25और फाइनल भी चोट लगी हुई थी
09:31आशिक रूप से यह कारण था कि हारा
09:36और दुनिया के टॉप खिलाडियों को हरा करके फाइनल है पहुचा था पर
09:40एक्सिलेंस की थोड़ी कदर है
09:41एक्सिलेंस भी तुम्हें वहाँ चाहिए जहां पर चियर गर्ल्स हो
09:44और बहुत सारा पैसा हो और कॉंटिनूस टीवी कवरेज हो
09:48ग्लैमर हो
09:51स्पोटलाइट हो
09:53वहाँ पर तुम्हें एक्सिलेंस अच्छी लगती है
09:56शुद्ध एक्सिलेंस तुम्हें का अच्छी लगती है
10:00कम से कम अभी
10:02दस ऐसे स्पोर्ट्स हैं
10:04जिसमें इंडियन एथिलीट्स दुनिया में टॉप फाइव या टॉप टेन में आते हैं
10:11तुम्हें नाम नहीं बता पाऊगे
10:17नहीं पता होगा
10:18क्यों क्योंकि वहाँ पर
10:21पैसा नहीं है
10:26हाँ
10:27कोई बहुत साधारन से क्रिकेटर होगा
10:31जिसको टेस्ट क्या वंडे टीम में भी जगे नहीं मिल सकती है
10:34वो किसी क्लब के लिए खेलता है
10:35तुम उसके दिवाने रहोगे
10:37क्योंकि तुमको पता है कि वो इतने करोड में
10:39उसका ये हुआ और उसकी बीवी है
10:41और बीवी कई बार विदेशी होगी
10:43उसका इंस्टाग्राम पेज होगा
10:44उस पर सौ मिलियन फॉलोवर होंगे
10:46और ये होगा वो होगा
10:47और अल डेट जैज
10:50पागल हो रखे होगे
10:53और फिर काओगे ये तो
10:54मैं उसका दिवाना इसलिए हूँ
10:56क्योंकि वो क्रिकेट में एक्सिलेंट है
10:58तुम्हें क्रिकेट से दो कौड़ी का मतलब नहीं है
11:01तुम्हें किसी स्पोर्ट से कोई मतलब नहीं है
11:04तुम्हारा मतलब सिर्फ पैसे से और प्रतिष्ठा से है
11:09वो किसी भी और चीज़े मिलने लग जाएगी तुम करने लग जाओगे
11:14और उची से उच्छे काम में वो चीज नहीं मिलेगी तो तुम नहीं करोगे हो काम
11:22ये सवाल पूछना अपने आप से
11:27कि तुम उन्हीं एक्सिलेंट लोगों पर क्यों मरते हो जिनके बास खूब
11:38बिल्कुल उन्हीं के जैसा बनना है वही सब कुछ करना है जो उन्हें किया है एक्सिलेंट तो भगत सिंग भी
11:42थे
11:43आओ उनकी राह चले आओ बिटा सर फरोशी की तमन्ना आओ फंदा उधर है आओ चले आओ ना वो भी
11:51एक्सिलेंट थे वो कहीं ज्यादा एक्सिलेंट थे आओ उनकी राह चलो
11:55नहीं नहीं सरु रोना इटो
12:02फिर ये
12:02excellent players नहीं पता होते हैं
12:04उनसे ज़्यादा उनकी बीवियां पता होती है
12:07और ये excellent players भी
12:09पूरा खियार रखते हैं कि बीवियां hot होनी चाहिए
12:13और कई बच्चे होंगे उनके लिए
12:14बहुत सारे बच्चे
12:16जैसे cars की गिंती नहीं
12:23फिदा हो जाते होंगे ये देखो
12:25ये होती है ना जिंदगी
12:26और फिर कोई पूछे तो ला जाती है बताने में
12:29कि इसकी बीवियां और इसका पैसा और इसकी शोहरत देखके मरे जा रहे हैं
12:33तो बुलेंगे वो तो
12:34हम इसकी excellence के दीवा नहीं है
12:41मुंबई के ये होते थे
12:43डबबा वाले
12:44उनकी six sigma performance होती थी
12:48six sigma समझते भी हो मतलब क्या होता है
12:52कि कभी गलती न करना
12:54विवहारी करूप से गलती की संभावना को शून न कर देना
12:58इसे बोलते हैं six sigma performance
13:01कि जो
13:04possible errors का normal कर्व होता है
13:07sigma माने standard deviation
13:08उसमें mean से तुम six sigma दूर निकल गए हो
13:12मतलब गलती की संभावना को तुमने लगभग शून न कर दिया है
13:15करोड़ों अटेंप्स में एक बार गलती होगी
13:17इसे बोलते हैं six sigma
13:23इस excellence का दिवाना होते तो मैंने तुम कभी नहीं देखा
13:29जिस स्कूल बस से तुम जाते रहोगे बच्पन में
13:34बिल्कुल हो सकता है कि उसके जो ड्राइवर हो
13:36वो उसी स्कूल में पिछले 40 साल से काम कर रहे हो
13:3825 से शुरू करके 65 के हो गए हो
13:41और पता है कि बस में बच्चे रहते हैं
13:44कभी भी बस पर खरोच भी ना आने दियो
13:48अगर गिनोगे कि कितने ऐसे पॉइंट्स हो सकते थे
13:51जहां कोलिजन हो सकता था
13:52पॉसिबली और कोलिजन के पॉइंट्स तो हर मिनिट में आते हैं
13:57तो पता चलेगा कि तुम्हारे बस वाले भाईया भी
14:00सिख सिगमा परफॉर्मेंस दे रहे थे
14:02उनकी शिष्टता कि कभी दीवाने हुए तुम
14:06हुए क्या
14:09रोनाल्डो
14:15पास रोनाल्डो भी देता है
14:17पास तो तुम्हारे बस वाले भाईया भी देते थे
14:20पर एक पास में
14:25ग्लैमर है
14:27और दूसरे पास में कुछ नहीं है
14:30क्या कर रहा है बंदा बस जौब कर रहा है
14:32अपनी और क्या कर रहा है
14:38आप अपने जिन आदर्शों
14:40को बनाते हो
14:42और फिर उनको
14:46जो कारण बता के
14:48घोशित करके पूजते हो
14:56इतना तो पूछलो कि कारण वही है कि कुछ और है
15:05आपको पता भी नहीं होता कि आपको जो पसंद आ रहा हो किस वज़े से पसंद आ रहा है
15:10हौ
15:13और अगर आपको पता भी होता है
15:16तो समाज के आगे आप इतने शर्मिंदा होते हो कि असली वज़े तो कभी बताई न पाओ
15:20दूसरों को क्या खुद कोई न बता पाओ
15:22तो आप वज़ा भी वही घोशित करते हो जो समाज सुईक्रत होती है
15:28बताओं मैं आपको कहांगे आप परिणे यहीं खड़ा था अभी
15:31यह अभी यहाँ पर खड़ा हो करके मुझे इशारा कर रहा था
15:34मालू मैं क्या इशारा कर रहा था
15:37आप बता क्या इशारा कर रहा था माइक पर
15:43अभी यहीं खड़ा था देखा था
15:45यह मुझे कुछ इशारा करके गया है, बोल क्या बोल के गया है, शर्ट, ठीक करने के लिए, अब यहां
15:51से मेरी शर्ट फटी नहीं होगी, मुझे नहीं वालू, मेरे सामने आईना नहीं है, ऐसा तो नहीं कि फट गई
15:55है, कि चाय गिरा दिये, कुछ हो गया है, पर उमुझे क�
16:12कपड़े भी उसी ने चुनके दिये है, वही यह सब करता है, इसलिए करना पढ़ रहा है, क्योंकि ओ कहता
16:18है, कि आप जैसे हो वैसे ही इनके सामने आगए, तो आपको सुनेंगे भी नहीं, आपको नहीं पता, आप किसी
16:29को किस कारण से पसंद करते हो, वो कह रहा है, रिकॉ
16:42जो लोग आपको देखकर गीता के पास आ सकते थे, वो नहीं आएंगे, और इसके तो सिल्वटे पड़ी हुई है,
16:47आपको यह से थोड़ी होता है, अचार जी हम तो आपकी वानी सुनते हैं, हमें पता है क्या होता है,
16:53हम उस युद्ध के बीचो बीच खड़े हैं, हम बहु
17:12बिलकुल हो सकता है आपको आचार जी को सुनते हैं, आचार जी को सुनते हैं, क्यों सुनते हैं, अब यही
17:17आचार जी ऐसे हो जाया हूँ, गायब हो जाया हूँ, और यही बात जो मैं बोल रहा हूँ, दो उदारण
17:29दिये देता हूँ, जब स्टेडियम भर जाएगा, इतना
17:42बिल्कुल सुपर ग्लैमरस, लेकिन संस्कारी.
17:46और फिर देखिए, सब में ऐसा भक्तिभाव जगेगा,
17:49और सब कहेंगे, वो तो हम उनकी वानी सुनने आते हैं.
17:52तो मानी सुनने आते हो, हा, हा, हा.
17:59या दूसरा ये है, कि यहां बाबा जी आ जाएं, वो बिल्कुल फिल्मी रूप धारन करके,
18:05हुरुरुरुरुर, लंबा चोड़ा चोगा, किसी को तो सबसे पहले इसी बात पर खारिज कर दिया करो,
18:11और रिजेक्ट कर दिया करो, और उसे चोगा डाल रखा है.
18:13पूछो, तुझे चोगा अलग से सिल्वाने किये, डिजाइनर चोगा, जरूरत क्या पड़ी है?
18:18और तुने कितनी महनत करके तो ये चोगा सिल्वाया होगा?
18:21बादार में तो मिलता भी नहीं है.
18:24बादार में तो इतनी महनत करता है, सिर्फ हमको भ्रम में डालने के लिए, अपनी एक छवी प्रोजेक्ट करने के
18:31लिए.
18:33अभी बाबा जी आ जाए, यहाँ पे चोगा होगा डाल के ये वो भसा मुडाते, भभूत मले या कुछ और
18:39जो भी करा जा सकता है पूरा.
18:42और आप कोगे, हम तो इनकी वाणी के, इनके कथन के, इनके प्रवचन के और इनकी शेष्ठता के दीवाने हैं.
18:53तुम्हें न शेष्ठता से मतलब है, न सत्य से मतलब है, न वाणी से, न वचन से. तुम्हें बस ग्लैमर
19:00से मतलब है.
19:01और मैं ठीक करे लेता हूँ भाई
19:05संस्था चलानी है
19:08और भी कुछ हो गया है
19:09अरे अरे अरे
19:11बताओ
19:13इस तरीके की समस्थाओं से जूजना पड़ता है
19:15हमारे मिशन को
19:17आचारे जी की शर्ट में सिल्वट आ गई
19:20मिशन कहा परा है
19:25करियर अर्णिंग जा कर के देखना
19:28सबसे ज़्यादा ग्रैंट स्लैम किसमें जीते हैं
19:29टेनिस में, मेंस में
19:32उस बचारे की करियर अर्णिंग देखना
19:35और फेडरर की और नडाल की देखना
19:38उसकी गल्ती बस यह है कि उतना गुड लुकिंग नहीं है
19:45उतने उसको brand deals यह नहीं मिली उतने endorsements यह नहीं मिले दूसरी बात वह Western Europe से नहीं आता
19:50है
19:54यूरोप में भी जो Western Europe है ना उसका एक glamour है जलवा है
20:00Spain भी खिच जाता है West के नाम पे तो नडाल भी खिच गया
20:03वहना Switzerland है Germany है Britain है यह होते हैं the real West
20:11जो कुछ बचारा कहा से आता है
20:16कैसे लोग हो यार अरभिया से अंग्लावरस
20:27दिखने में भी वो ऐसा कुछ नहीं लगता कि
20:39और आप कोगे नहीं हम तो शेष्टता के दिवाने हैं तो शेष्टता में तो वो गोठ है
20:45greatest of all time है आज भी खेल रहा है और आज भी जीते जा रहा है
20:50पर जाकर देखना उसकी career earnings उसको
21:05मारिया शारपोवा आप अगर शॉर्ट सोगेरा स्क्रोल करने लगोगे और अगर आप ladies tennis देखना चाहते हो
21:16तो थोड़ी देर में मामला शारपोवा पर आ जाएगा शारपोवा या और कोई भी glamorous नाम
21:24वो बहुत अच्छी खिलाडी थी निसंदे वर्ल्ट बीटर पर अच्छे खिलाडी तो और भी हुए हैं
21:33वो उतनी frequency से क्यों नहीं आते reels में क्यों नहीं आते ग्लैमर की कमी है और ज्यादा तर लोग
21:43टेनीसी क्यों देखते हैं
21:46इतने सारे और भी तो sports हैं क्योंकि वहां ग्लैमर नहीं है जो कबड़ी में कम स्टैमिना लगता है क्या
21:53यह वहां excellence नहीं होती शेष्टा नहीं होती
21:55तो कोई कबड़ी वाला तुमारा role model क्यों नहीं है भारतिये कबड़ी टीम का कप्तान बताओ
22:01अरे तुम कहां पहुँच गए थे किसी और continent में एशिया में वापस आओ फिर सुदेश में वापस आओ और
22:09भारतिये कबड़ी टीम के कप्तान का नाम बताओ
22:12और इस टीम ने कई gold medal जीते हैं भारत के लिए बताओ
22:15रोनाल्डो याद है और अपनी ही medal winning टीम के captain तक का नाम नहीं पता है तुमको
22:22कारण क्या excellence की कमी, glamour की कमी
22:29आरे ये बात समझ में
22:32किसी और को
22:36जब भागरा हो हंकार जिसको कहते हो आम भाशा में मन का चंचल होना मन चला उधर को
22:44तो मन तुम्हें जो कारण बताए न उस दिशा में जाने का वो कारण कभी
22:49मान मतले ना, असली कारण दूसरा होता है
22:54असली कारण हमेशा दूसरा होता है
23:00हमेशा
23:02और वो जूट हम सिर्फ दूसरों से नहीं बोलते
23:06खुद से भी बोलते हैं
23:11सत्यम श्रिवम सुंदरम
23:13मूवी आई थी
23:16उसमें वो गाना गाती है
23:17और वो बिलकुल
23:20ग्लैमर से भरी हुई
23:21मूवी थी थी न तमान
23:23गीले कपड़े यंग प्रदर्शन
23:25सब कुछ बढ़ियां और उसमें जो शशिक पूर का
23:27किरदार है वो बिलकुल लट्टू हो जाता है
23:30पागल हो जाता है
23:32बोलता है
23:32तुझे ही ब्याहूंगा तुझी से शादी करनी है
23:35ये वो बस यो हर गाने में
23:36दिखाते हैं ऐसे वो अपना चेहरे का
23:39एक हिस्सा छुपा कर रखती है
23:42और वो उसके सामने कसमे खा रहा है
23:44कि मैं तेरे लिए जान दे दूँगा ये कर दूँगा वो कर दूँगा
23:51और शादी होती है
23:53तो दूसरा हिस्सा भी दिख जाता है
23:55यहाँ पर जला हुआ होता है
23:57भद्दा निशान होता है तो छोड़ दूँगा छोड़ देता है तो बाड़ा जाती है चमतकार हो जाता है वो अलग
24:02बात है पर समझो कि हमारे प्यार के दावे भी क्या होते है आ रही है और वो जो किरदार
24:13है वहाँ इंजिनियर है शेशी कपूर उसको सचमुच लग रहा ह�
24:16प्यारी तो करता हूँ उसको सचमुच लग रहा था प्यार करता हूँ और मज़ेदार बात बताता हूँ वो जो परदे
24:25पर किरदार दिख रहा था उसको तो छोड़ दो जनता भी बिलकुल शेशी कपूर जैसी थी उस फिल्म में जीनतमान
24:33से जम कर एक्सपोजर करवाना प
24:46इसी दूसरे तरीके से अट्रेक्टिव बनाना पड़ेगा न तो दूसरे अट्रेक्टिव से कराया गया उसे एक्सपोज कराके
24:55किसी का चहरा आपने भद्धा बना दिया पूरी फिल्म में आएगी यहां पर इतना बड़ा जला हुआ निशान ले करके
25:00तो शशी का पूर को तो बुरा लगेगा ओडियंस को भी तो बुरा लगेगा
25:06तो ओडियंस भग न जाए इसी लिए जम करके अंग प्रदर्शन करवाया गया नहीं तो ओडियंस ही भग जाती फिल्म
25:14सुपर हिट थी लोगों ने का सत्यम शेयों सुंदरम अध्यात्मिक पिक्चर देखकर आएं
25:26उनका क्या सबक मिला बुले सबक ये मिला कि दैहिक सुंदर्ता पर ध्यान नहीं देना चाहिए असली सुंदर्ता तो हृदय
25:34की होती है हृदय तो उसने दिखाये ही नहीं था पूरी पिक्चर में
25:48ये जो तुम खुद भी अपने आपको बोलते रहते हो ना कि फलाना मुझे पसंद है या फलानी मुझे पसंद
25:55है
25:56क्योंकि वो दिल का बड़ा साफ है
25:58क्योंकि वो चरित्र की बड़ी सच्ची है
26:00यह तुम जूट बोल रहो है अपने आप से
26:02असली बज़ा कुछ और होती है
26:07लोग मा की ममतावेरा की बात करते हैं
26:09जो कि पूरे तरीके से
26:11शारी रिखी होती है रासायनी की होती है
26:13मालूम है बहुत सुंदर बच्चा हो
26:16और एकदम ही अजीब सा दिखने वाला बच्चा हो
26:19मा तक भेदभाव करती है
26:22मा तक भेदभाव करती है
26:24जो पाखंडी नहीं होंगे वो मान लेंगे
26:26बाकी असहमेती में सारी लाइं कहेंगे नियते नहीं
26:28माँ का प्यार तो निर्मल होता है, सच्चा होता है, ऐसा कुछ भी नहीं होता है।
26:33और बच्चे जब बड़े हो जाते हैं, तो एक कमावू पूत होता है, और एक नालायक घर में बैठा होता
26:38है, वहाँ भी माँ ही भेदभाव कर लेगी।
26:46बच्चा सुन्दर हो, क्यूट हो, बच्चा भी ग्लैमरस हो, तो माँ उसको बड़े शॉक से ट्रॉफी की तरह बता है।
26:57कई बार तो वहाँ जब बुक साइनिंग हो रही तो अचार जी इधर देखिए।
27:08और वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ वहाँ निकलाया ओ चुहे जैसा, तो उसको कोई निप्रदर्शित करता।
27:22श्रेष्टता। श्रेष्टता। जरूर।
27:37आरा ना पढ़ियां।
27:40मजा आरा पढ़ियां।
27:43इसी पर एक फॉलॉप नमश्कार अचार्या जी।
27:50आपको सुनने से पहले मैं बिल्कुल ऐसी ही थी कि बस ग्लैमरस दिखना।
27:55और ये लगा लो वो लगा लो पोत के चहरा।
27:59मतलब कोई बेरे सामने भी ऐसे आता था।
28:01सिंपल तो इसको तो बहर आने की तमीज नहीं है।
28:05ये कैसे इतना इसके घर में कोई पैसा।
28:08कुछ तो होगा कि एक बंदी लिप्स्टी के खरीद ले।
28:10ऐसी वाली फिलिंग की मैं थी।
28:12और मुझे आपके पास आके प्रकृतिक दिखना कैसे उसमें क्या असली सुंदरता है।
28:18बहुत ही जादा जैसे आपके पास एक तजाव है।
28:22वो डालते हो सच में कितना हम अहंकार लेके घूमते हैं कि हमें ऐसा दिखना है।
28:27सर इतनी कंडिशनिक होती है हम ओरतों की इधर लंबे एरिंग्स चाहिए नेल पेंट वो भी कैसा होना चाहिए।
28:35हम लोग सिरफ अपने देह को सजाने की तरफ ध्यान देते हैं।
28:38कुछ अच्छी खूबिया भी होती होंगी पर उनकी उधर इतना ध्यान ही नहीं देते कि इनको और कैसे निखा रहे।
28:45सर इतना ज्यादा हम लोगों को कंडिशन किया जाता है कि जैसे हमें मॉडल हैं हम इनसान नहीं हमें एक
28:52मॉडल की तरह चलना बैठना सर अपिल्कुल सही कहते हो हम लोग ऐसे ही हैं और मुझे लगता है जितनी
28:58औरते हैं उन सब को पहले जितने ये बड़े बड़े ग्लेमर
29:02ज़स चेहरे हैं उनको सर पहले यहां बिठाया जाये ताकि वो समझे कि हम कहां क्या दिखा रहे हैं लोगों
29:08को हर रील हर इंस्टाग्राम बस ये साडी पहन के आधा दिखा रहे हैं आधा कर सर यही चल रहा
29:15है और यही बिक रहा है actually यही बिक रहा है सर मैं खुद ऐसी ही ह�
29:31तो मैं इसका सारश्रे आपको देना चाहूंगे.
29:35Thank you Sir.
29:38आपने मुझे कब देखना शुरू करा था?
29:44मुझे कब देखना शुरू करा था?
29:46Sir, अभी आठ नौ महीं नहीं हुआ है.
29:52दो-चार साल पहले मैं जैसा दिखता था मुझे देख लेती हुआ है?
30:06मुझे तो पकड़ पकड़ के मेरा ट्रांस्वर्मेशन कराया जा रहा है कि कर लो नहीं कोई नहीं देखेगा तुम्हें
30:18क्या करें क्या करें क्या करें सर घर में जो हस्बेंट भी होते ना वो यहीं कहेंगे कि वो फलानी
30:30दे कितनी खुबसूरत है कुछ सीख कैसे होता है सर यह है कंडिशनिंग हम में बर दी जाती है हम
30:36शुरू से ऐसे नहीं भी होते है पर हमारा समाज भी हमें फिर हम दूसरों को �
30:41तो भी उसी नजर से देखने लग जाते हैं, कि वो भी ऐसा ही हो, नहीं तो हमारे पैरामीटर्स पर
30:46वो शायद सही नहीं उतरता।
30:49कहीं मैं पढ़ रहा था, इसको सही अर्थ में सुनियेगा, वरना बात भद्धी है।
30:59कोई पश्यमी देश था, जहां से ब्रेस्ट सरजरी का डेटा था, कि उसके कारण क्या होते हैं, और उसमेळ निर्नायक
31:10कौन होता है।
31:13तो उसमें, जहां शादिशुदा औरतों का जो डेटा था, उसमें तीन चौथाई जो कारण था और जो निरनायक थे वो
31:24था हस्बेंड या पार्टनर।
31:28That's how the husband wants it.
31:32That's how the husband wants it.
31:41अब इसमें लानत तो उस महिला की ग्यारत पर है न?
31:54और विशेशकर वहां बाहर तो ऐसा भी नहीं होता कि घुंगट डाल करके अरेंज़्ट मेरिज हो गई
31:59तो पहले से ही एक दूसरे के बारे में पता था एक दूसरे का शरीर भी देखा ही हुआ है
32:04और उसके बाद अब तुम कह रहे होगी तु ब्रेस सर्जरी करा तभी मैं तुझे पसंद करूंगा तो यह क्या
32:09है?
32:13यह हमारा सेल्फ कॉंसेप्ट है
32:16मैं महिलाओं की बात कर रहा हूँ
32:18आपके शरीर का भी आकार क्या होगा यह कोई और तै करता है?
32:28सिर्फ अपसिनिटी नहीं है
32:32इसमें एक सच्चाई भी है
32:37और यह बात सिर्फ महिलाओं पर ही निलागू होती
32:39पुरुष भीज अगर सजद हजरा है
32:42तो अधिकांशत वो दूसरों के लिए कर रहा है यह
32:48कि मुझे दूसरों की स्वीक्रति मिल जाए
32:50जैसे वो अपनी प्रस्ट सरजरी कराने का यह है कि उससे मेरा हस्बंड खुश हो जाएगा
32:55वैसे ही पुरुष भी सजरा है तो इसलिए तो कर रहा है कि मुझे देखकर कोई खुश हो जाएगा
32:58तो मुझे कुश लाब मिल जाएगा
33:02यह सबसे घटिया किस्म का रिष्टा है और सबसे गिरी हुई पर निर्भरता है
33:17सर आपने एक लाइन बोली थी इंसान का चहरा बरदाश्ट नहीं होता क्या सर यह लाइन ने
33:24जादू कर दिया सर यह हमसे सही में नहीं बरदाश्ट होता इंसान का चहरा हमें इंसान नहीं चाहिए
33:32हमें मॉडल चाहिए हम इच्छ भी चाहिए
33:37आप जिसके साथ हो
33:40उसे आप चाहिए ही नहीं
33:46उसे आपके माध्यम से कोई और चाहिए
33:55उसे आपके माध्यम से
33:57ना लक्षमी वाई चाहिए
33:59ना सरुजनी नैडू चाहिए
34:01ना मारी क्यूरी चाहिए
34:02उसे आपके माध्यम से अक्सर कोई पॉर्न एक्टरस चाहिए
34:10तो इसलिए आपको प्रेरिद भी करा जाता है
34:13उसी तरीके का बनने का दिखने का
34:15अब यह कर लो और नाम दिया जाता है प्यार का
34:18कि वो तो प्यार की बात है न कि मैं चाहता हूं
34:21कि तुम अपनी बॉड़ी इस तरह से बना लो
34:26आप जो है
34:30वो आप कोई पता नहीं
34:33उसके लिए कुछ आत्मग्यान चाहिए होता है
34:35आप क्या है आप कोई पता नहीं
34:37तो आप जो है उससे किसी दूसरे को क्या सरोकार होगा
34:40वो आपको देखता है और कहता है
34:42इसको अपनी फेवरिट पॉर्न एक्टरस में कैसे बदल दू
34:44तो उसी इसाब से आपके लिए कपड़े ले आ देगा
34:47बहुत कुछ होते हैं पुरुष इस तरह की शॉपिंग करा करके
34:49आओ आज तुम्हें लॉंजरी दिलवाता हूँ
34:54आप दोनों तरफ की है
34:56महिलाएं भी यही हैं उन्हों भी तुम जाओ ना ऐसे कर लो ना यह कर लो वो कर लो
35:02ऐसे टूनिंग कर लो ऐसे ट्रिमिंग करा लो
35:07यात आया दोनों तरफ का है हाँ एक तरफ को ज्यादा है
35:19इसी के साथ होना तो कम से कम इतना देख लेना
35:21कि वो तुम्हें स्विकार कर रहा है या तुम्हारे माध्यम से कोई और हसरत पूरी करना चाहता है
35:29और वो हसरत जरूरी नहीं है कि शारीरी की ओमानसिक भी हो सकती है
35:33उदारण के लिए मैं तुम्हें अपने घर की आदर्श बहु बनाना चाहता हूँ
35:38तो फिर तू मुझे तो लाई निरा तेरे मन में आदर्श बहु की पहले से एक छवी है
35:44और तू मेरे माध्यम से वो छवी साकार करना चाहता है
35:49तुझे मुझे से कहां मतलब है
35:56माबाब भी यही करते हैं बच्चों के साथ
35:58ओ तुझे मैं तुझे बीटा उस ऊंचे आसमान पे उन महान लोगों
36:11जैसा देखना चाहता हूं और महान लोग यह नहीं कि पर भागत सिंग नहीं है
36:16वह महान लोग क्यों होंगे और बिलगेट्स होगा या रोनालडो होगा या वो मस्क होगा
36:29तो आपने मस्की पैदा कर दिया होता
36:32मुझे काई को पैदा करा
36:36मैं तो कुछ और हूँ
36:39और ये रिष्टा बड़ा भद्धा है जिसमें मैं जो हूँ आपको
36:43पसंद नहीं है आप मेरे माध्यम से अपनी कोई और हसरत पूरी करना चाहते हो
36:48आपको मेरा अहंकार न बरदाश्थों बात समझ में आती है
36:53आपको मेरे भ्रम न बरदाश्थों बात समझ में आती है
36:57आपको मेरा अज्ञान बरदाश्थ नहीं है ये भी समझ में आता है
37:01पर आपको मेरी प्रक्रति भी बरदाश्ट नहीं है
37:04ये मुझे नहीं समझ में आता
37:09जो सचमुष तुम्हारा होगा
37:12वो बिलकुल तुम्हें ठुकराएगा
37:18तुम्हारे अहंकार को ठोकर देकर
37:23लेकिन तुम्हारी प्रक्रति को थोड़ी ठोकर देगा
37:26वो ये थोड़ी बोलेगा अपना रंग बदल ले
37:29जो तेरी प्राक्रतिक प्रतिभाया रुजान है उनको बदल ले
37:35जा अपने होट में कुछ गुसवा के उसको मोटा कर ले
37:38अपनी भौन उचवा ले
37:41वो ये थोड़ी करेगा
37:43हाँ वो लड़ेगा तुमसे जरूर
37:45पर तुम्हारी प्रक्रतिक को लेकर नहीं तुम्हारे
37:48एहंकार को लेकर
37:52और जाता तर रिष्टों में उल्टा होता है तुम्हारा एहंकार
37:55मानने होता है तुम्हारे भ्रम चलते हैं बलकि भ्रम अगर
37:58तो तूटने लगे, मानलो तुम गीता के पास आ जाओ, तो रिष्टा तूटने लगता है, तो भ्रम तो चलेंगे, शरीर
38:05थोड़ा सेक्सी बना के आ, भ्रम जैसे हैं वैसे ही रहने दे, शरीर बदल के आ, शरीर बदला, और जितनी
38:19चीजे हैं, कपड़े बदला, विचार ब�
38:22बदला, सब कुछ इसे साब से बदला, कि मेरे साचे में फिट हो जाए, सब बदला, बस क्या नहीं बदलना
38:30है, एहंकार बदलना जोड़ दो, एहंकार तो और घना कर, अज्ञान और बढ़ा, आ रही बात समझ में है, दूसरा
38:41आप से ये चाहता हो, चलो, दूसरा है, हम ख�
38:51रहा होता है, आप भी उससे वही चाह रहे होते हो, जैसे मास की दुकान, दूसरे को कैसे देखना, मास
39:14है, बढ़ियां मास है, ताजा है,
39:19जमीन की जबान में कहते हैं, गर्म गोश्ट, गर्म गोश्ट, जब किसी महिला पर हाथ साफ करना होता है, तो
39:33उसको ऐसे कहा जाता है, कि आज तो गर्म गोश्ट का लुथ उठाएंगे,
39:38कोई को आपको गोश्ट की तरह ही देख रहा है, और आपको ये बात दिखाई नहीं दे रही, गोश्ट,
39:52और आप भी उसी की नजरों से अपने आपको देखने लगे और आप अपनी नजरों में भी क्या बन गई
39:57हो, गोश्ट, मैं क्या हूँ, मैं गोश्ट हूँ,
40:10मैं गोश्ट हूँ
40:17तो अपना नाम क्यों बताते हो
40:21गोश्ट तो किलो के भाव बिखता है अपने किलो बताया करो
40:28चिकन विखन का कोई नाम होता है
40:30किलो होते है
40:34और टाइप होती है
40:39अच्छे से समझो
40:41भीतर जो कीडा बैठा है न जब वो हट जाता है
40:44सब सुन्दर हो
40:47सब सुन्दर हो
40:49कोई नहीं है जो सुन्दर नहीं है
40:52हाँ ग्लैमरस
40:53तुम हो की नहीं
40:55ये उस समय के समाज के चलन पर निरुभर करता है
41:00एक चेहरा जो आज Glamorous नहीं कहलाता
41:03बलकि भद्दा कहलाता है
41:05वो चेहरा किसी और काल में
41:07किसी और जगह पर Glamorous कहलाएगा
41:09आप Greek Gods और Goddesses को देखोगे
41:12उनके सब के यहाँ पर
41:14इतना Abdominal Fat होता है
41:15ऐसे लटा करा होता है
41:17और यह बात सुंदर्ता की निशानी मानी आती है
41:19आप Cleopatra की देखिएगा मूर्तिया
41:21इसके यहाँ पर इतना Mass होगा
41:22आज आपको गया रहे इतना Fat है यहाँ पर यह क्या
41:25उस समय पर यही बात सुंदर्ता की मानी जाती थी
41:30वो सुंदर्ता नहीं है वो चलान है
41:33किसने कह दिया कि तुम्हारा चहरा एक खास तरीके का होना चाहिए तुम तभी सुंदर हो
41:37चहरे तो जिमेट्री होते है
41:40यह क्या बात है कि ट्राइंगल is more beautiful than a circle
41:44यह क्या यह क्या nonsense है
41:46यह क्या है
41:47ओ नो नो नो
41:48symmetry is more beautiful than asymmetry
41:51how exactly इसका beauty से क्या लेना देना है
41:53beauty से क्या लेना देना है
41:57heart asymmetrically placed है body में
41:59तो
42:02eyes symmetrically placed है
42:05आखें symmetric है
42:07heart
42:08liver
42:09pancreas
42:13तो
42:14lungs
42:16lung symmetric है
42:19symmetric है symmetric दोनों चलता है
42:21प्रक्रति में
42:24किसने कह दिया कि तुमको इस तरह कई होना
42:26और उस तरह कई होना है और वो beauty है
42:28वो beauty नहीं है
42:29वो चालचलन है वो लोगधर्म है
42:32उसको लोग सॉंदर ने बोल लो
42:36सब सुंदर है
42:37सब सुंदर है
42:38यदि चहरे पर
42:40एहंकार ना हो तो
42:43तुमें असुंदर
42:44अगली, कुरूप
42:46सिर्फ वो जो भीतर का कीड़ा है वो बनाता है
42:49वरना सब सुन्दर है
43:01नदी को गहने पहनाते हो
43:02तब कहते हो कि सुन्दर है नदी
43:07और पहाड को कोट पहनाते हो
43:10पेड को टाई लगाते हो
43:15पूछ रहा हूँ, चिडिया को सुर सिखाते हो, पर हमारा छोटी बच्ची भी प्यादा होती है, तो ऐसी ऐसी माएं
43:31हैं, वो जा करके उसके होट रंग ने लग जाती है, इतनी सी बच्ची है उसके होट रंग दिये, छी?
43:42तुम बीमारी में भी सुन्दर हो सकते हो, तुम बढ़ापे में भी सुन्दर हो सकते हो, किसी विशिष्ट जियोमेट्री को
43:51तो छोड़ो, किसी विशिष्ट उम्र से भी सुन्दरता का कोई लेना देना नहीं है, तुम बहुत बीमार होकर, शरीर से
43:59बहुत बीमार होकर और ब
44:09बहुत आकर्शक होकर भी बड़े भद्दे हो सकते हुगर, शूपनखा की कथा आती है, आकर्शक खूब रही होगी, निसंदे है,
44:31सुन्दर नहीं थी वो,
44:38सुन्दरता तो शियोत्यों के साथ आती है, वो सुन्दर होती, तो राम उसके साथ दूसरा वेवार करते हैं, आकर्शक थी,
44:49और आकर्शक बन कर आई थी, और जो आप बन कर आते हो, वो सारा प्रसाधन, सारा मेक अब
44:57अब वैसे ही उतर जाता है जैसे शूपनखा का उतर गया था कथा में अब यह मत पुछेगा कि तथ्या
45:02इते हास है कथा है ना
45:06जैसे ही उसको चुनौती दी गई और का गया भगे आंसे तो कैसी हो गई वह अधा
45:16आरी यह बात समझ में
45:21जैसे जैसे साधारण, सहज, नैसरगिक, नगन, प्राक्रतिक सौंदर्य का पता लगना शुरू हो जाएगा
45:31वैसे वैसे इस ओर को चित्त ही नहीं जाएगा
45:39प्रक्रति ने सब जीवों को जिसमें मनुष्य भी है, इस्त्री है, पुरुष है
45:44जैसा बनाया है, वो अपने आप में कितना सुंदर है, जब दिखने लगेगा ना, तो उसको फिर बहुत जादा बदलने
45:51का मन नहीं करेगा
45:52ना उभारने का मन करेगा ना ढखने का मन करेगा
45:58ये सब मन से कौन करवाता है
46:01एहंकार
46:02वही कहता है कि
46:03अपना ये हिस्सा ज्यादा उभार दो
46:05ये चीज बदल दो
46:07ये चीज ढख दो
46:08ये सब वही करवाता है
46:17बोलिए
46:19अब अब ले
46:20इससे समंदित तो कुछ नहीं है
46:22इसी समंदित
46:26इसी से अगर देखे
46:27तो जो ब्यूटी पार्लर का कॉंसेप्ट
46:30या जो उसकी डेफिटेशन है
46:32वो भी रिक्लेम होनी चाहिए
46:33जैसे हम सेशन्स में आते हैं
46:35यहां पर यह थिंड आउट होता है
46:37तो एक्च्वल ब्यूटी तो यहां होती है
46:39अचार जी का जो सेशन है यह ब्यूटी पार्लर है
46:57अचार जी ब्यूटी पार्लर
47:08यह मुझे मिले मेरी जिंदगी बदली
47:10यह तुम्हें मिलेंगे तो महारी जिंदगी भी बदलेगी
47:13सच पूछिए तो मतलब लाखों नहीं
47:14तो कम सकम हजारों जिंदगी आँ जो बिल्कुल बदली हैं
47:18दो लाख से अधिक गीता प्रतिभागियों के साथ जुड़े आचार्य प्रशान्थ एप पर
47:23पहला महीना बिल्कुल फ्री गीता मिशन का पूरा एक्सिस
47:27एप पर आपको मिलेंगे नियमित लाइफ सत्र
47:30हर दिन आचार्य प्रशान्थ के विशेश समभाद
47:33गीता कम्यूनिटी का एक्सिस, गीता परीक्षा, चैनित समाचार, ओडियो बुक्स, कोट्स और भी बहुत कुछ
47:41गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर आचार्य प्रशान्थ सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
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