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00:00अभी जो मेरा पियर ग्रोप है या जिन लोगे साथ मैं ट्राक करता हूँ उसमें अभी मुशे मुश्किल होता है
00:05कि आगे कि मैं कैसे दोस्त और कनेक्शनस और बनाओ
00:08तीस साल पहले तुमारी कुरसीबर बैठा हुआ था तो मैं जानता हूँ कि कैमपस में क्या महौल होता है और
00:15होस्टल में रात में क्या जबरदस्ट शास्त्रार्थ होते हैं
00:19पुछ नहीं था करने को तो एक दूसरे को गुरु दीक्षा दे दी
00:23तो एक ने दूसरे को उपनिशत पढ़ा दिये और दूसरे ने उसको क्रिटिकल थियोरी पढ़ा दिये
00:28दोनों ने एक दूसरे को पीचडी भी घोशित कर दिया जो तुमको पसंद होई बात कहेंगे
00:34तुम दिन को कहो रात तो रात तो जिम जा रहे हो
00:41ये सिर लग मेरा पर कहीं तो दिखना चाहिए ना कि बंदा जवान है बीतर कुछ आगए जुन्ड घोम रहे
00:49होते हैं अपना वो इधर दर क्या कर रहे हैं कुछ नहीं कर रहे हैं
00:52तुम एवरेज ही रहने के लिए यहां पर आयो क्या यह मत कह देना कि यारी है इमान मेरा यार
00:57मेरी जिंदगी यार मेरा होस्टल में पड़ा हुआ है क्योंकि
01:01यह जो केमपस की दीवारे हैं यह बड़ी महत्वपूर्ण चीज है यहां से निकल जाओगे तो कोई तुम्हें इतनी सुरक्षा
01:08नहीं देने वाला और यह सब बड़ा अच्छा लगता ऐसा लगता यही तो केमपस लाइफ की वाम्त है थोड़ा रोमेंटिक
01:13सी फीलिंग आ
01:32अच्छा दोस्त वो है जो बोले कि
01:36और मैं लग बग आपको दुख थाई साल से इधर उन यूट्यूब और अब शन रहा हूं और बहुत सारे
01:45चंज़ आए और बहुत सारे चंज़ आए और आइक बिलीव कि मैं स्क्रीन पे देख एक पहली आपको आज लाइव
01:50देख रहा हूं तो आपको सुनकर अनुष्टि
02:06अनुष्टिया चंप भाई अओर पीर गूप्रफ लिए बहुत सारे से ग्यूफ हूं तो बहुत सारे स्किल्ड लोग है याए इवक
02:11रहाँ पोल्तों स्केल्ड हैं यह भूत सारे मलिटी। जगों सीघ्गों पोलज वहक छोने चंट कियों सारे मां इन के साथ
02:19बहूं रहां
02:19मेमोरीज और गोल्डन मेमोरीज भी तक बनाई हैं
02:23और इविश का गी बनाते रहों बट अभी धीर धीर आपको सुनते इस तरीके की टीचिंग्स आपने दी हैं
02:29और जो चीजे आप बताते हैं
02:33बीट बाई दो सेल्फ इंट्रोस्पेक्शन और भी अपने जो हमारे व्यूस हैं और कहां से आरे हैं सब पतागरना
02:41तो अभी जो मेरा पीर ग्रोप है या जिन लोगों साथ मैं इंट्राक करता हूँ
02:45उसमें मुझे ये परसनली ये चीज लाग होती हुई दिखती है या ये चीज नहीं मिल पाती है मुझे
02:51तो अभी मुझे मुझे मुझे होता है कि आगे कि मैं ऐसे दोस्त और कनेक्शन और बनाओं
02:59तो उस पे पुछना चाहूँँगा
03:02तो तुम चाहते हो कि मैं जो तुमसे कहता हूँ तुम्हें बताता हूँ
03:10वैसा ही कुछ तुम्हारा पियर ग्रूप भी तुमको बता पाए
03:13सीख सकू मैं या उस सत्त के दिशा में थोड़ा और आगे बढ़ जो
03:17तो मैं तो फिजूली अपनी जिंदगी खराब कर रहा हूँ
03:22पियर ग्रूप से सीख लो
03:25मिलता नहीं है चाहरत जीओ
03:27मिलना चाहिए भी नहीं
03:29खत्रे की बात तब होगी जब यह लगने लगे कि
03:32पियर ग्रूप ही बहुत बड़ा शिक्षक हो गया कारण बता देता हूं
03:37वो पियर ग्रूप चुना किसने है
03:42वो मित्रमंडली चुनी किसने है
03:45तुमने चुनी है न और अहंकार जो कुछ चुनता है
03:50वो अपने ही तल का चुनता है
03:54तो तुम्हारे दोस्त भी ले देख करके होंगे तुम्हारी ही रेंज में
04:01तो थोड़ा उपर कोई थोड़ा नीचे उतना हो जायेगा
04:04पर आयामगत अंतर नहीं हो सकता
04:10ऐसे दोस्तों से बचना
04:12जो गौड़ फादर बनके घुनते हैं कैमपस में
04:15एसे हर कैमपस में होते हैं
04:19कि भाई उसके पास जाओ ग्यान देगा बढ़ियाँ वाला
04:27और हमारे हाँ चलता भी रहा है
04:31कि अपने आसपास में ही
04:35गोरु क्या भगवान को ही खोज लो
04:40बड़ी बेकद्री है ग्यान की
04:43है ना बड़ी बेकद्री है
04:51कोई
04:54कोई जमीन की खरोद फरोग्त करता है तो उसको हम बोल देते हैं
04:57रियल एस्टेट गुरू
05:02किसी को बोल देते हैं स्टॉक्स गुरू
05:08महिलाओं के लिए तो चला आया कि तुम्हें किसी ग्यान की जरूरत ही नहीं है पती परमेश्वर ही तुम्हारे गुरू
05:15हो जाएंगे
05:18और ऐसा तो लिखा भी हुआ है कहीं कहीं कि अगर पती को छोड़ करके किसी और के पास गहीं
05:26पढ़ने लिखने समझने कुछ
05:28तो तुझे तो पाप पड़ेगा ही जो तुझे पढ़ा रहा है वो नर्क में सड़ेगा
05:36तुम उसी परमपरा से अपना प्रश्ण पूछ रहे हो कभी कह देंगे माबाप ही पहले गुरू होते है भाव ये
05:51आगे आए भीतर की आसपास ही सब मिल जाएगा
05:54कोई छोटा बच्चा होगा उसको बोल देंगे यही तो भगवान है छोटा बच्चा है तो भगवान हो गया वो तो
06:02उसको बाल गोपाल है
06:10बेटी है छुटी तो क्या देंगे नौदूर्गा के आसपास की यही देवी है
06:14तुम उसी भाव से आ रहे हो
06:16कि आसपास जो मेरे मित्रमंडली है उसमें ही कोई मिल जाए महाग्यानी
06:23यह ग्यान की बेकद्री है
06:29ग्यान कोई किताबी बात नहीं होती कि किसी जा करके
06:32दो तीन चीजें पढड़ी होंगी तो हो गया किताबें भी पढ़नी पढ़ती है
06:39पर किताबें सिद्धान्त दे सकती है
06:44स्वयम को गलाने का साहस नहीं वो अपना फैसला होता है
06:57तीस साल पहले तुमारी कुरसी पर बैठा हुआ था
07:00बिलकुल सेकंड येर में ही था ठीक तीस साल पहले
07:06तो मैं जानता हूँ कि कैमपस में क्या महौल होता है और हॉस्टल में
07:11रात में क्या जबरदस शास्त्रार्थ होते हैं
07:17और उसमें कैसे कैसे लोग बिलकुल ग्यानी बनके उभरते हैं
07:23ऐसों से ही बच कर रहना है
07:34तुम्हारे लिए गनीमत है कि तुमको पता तो चल रहा है कि जो आसपास के दोस्त हैं
07:40सर वो आप जैसी बात नहीं कर पाते यहां बहुतों के पास तो ऐसे दोस्त होंगे जो बिलकुल मेरी जैसी
07:46बात कर लेते होंगे
07:49उनकी सोचो
07:53और खासकर अगर दोस्त नहीं दोस्तानी हो तब तो कभी कही नहीं पाओगे कि तु ब्योकूफी की बात कर रही
08:00है
08:06जंडर स्पेसिफिक ताली मत बजाओ
08:10ये दोनों लिंगों पर बात लागू होती है
08:16क्योंकि दो जने बैठे
08:17तो रोमेंटिक बाते करते भी उप जाते हैं
08:21तो फिर ग्यान देने लग जाते हैं एक दूसरे को
08:26कुछ नहीं था करने को तो एक दूसरे को गुरुदीक्षा दे दी
08:33और अब कितनी देर तक रोमेंस करते
08:37तो एक ने दूसरे को उपनिशद पढ़ा दिये
08:43और दूसरे ने उसको क्रिटिकल थिओरी पढ़ा दी
08:47दोनों ने एक दूसरे को
08:50पी-छैडे भी घोशित कर दिया
08:53जो तुमको पसंद होई बात कहेंगे
08:56तुम दिन को कहो रात तो रात कहेंगे
09:01बचा करो
09:04और दोस्तों से बचना तो फिर भी एक बार को आसान हो जाये
09:07जो घ्यानी बने जो घर में ग्यानी है उनसे कैसे बचोगे
09:11वो तो कहते हमारे पास तो उम्र भी है अनुभव भी है और बाप है तुम्हारे
09:17हम बताते हैं तुमको असली ज्यान क्या होता है
09:24वहां बैठ भी जाओगे और बात लगेगी भी impressive प्रभावित हो जाओगे
09:31बाप माने अवश्यक नहीं पिताई कोई हो सकता है चचा ताव इधर उधर के पडोस के शर्मा वर्मा अंकल कोई
09:37भी हिंदुस्तान में जानियों की कमी है
09:43विशेशकर पूर्वी भारत में
09:54कलकत्ता
09:57पटना राची लखनव इन दिनों भूमाओं
10:05कितना ग्यान लिया मैंने
10:09मेरा सेक्यूरिटी गार्ड मेरी कैब का ड्राइवर
10:14सब के आगे मैं नमित हो करके बैठा और उन्होंने मुझे भरपूर ग्यान दिया
10:20कोई यहां नहीं है जो ग्यान देने से चूकता हो
10:28होटल में रुका हूँ कमरे में वेटर आ रहा है वो भी कह रहा है सर आप से बात कहनी
10:31थे
10:33मैंने का हां बोलो
10:35बोले वो आज के सत्र में आप थोड़ा चूक गए
10:42मां बताएं
10:46वो भी किसी का पिता होगा किसी का भाई होगा वो भी गुरू बना बैठा है
10:52मुझ पर उसका बस नहीं चला लेकिन जो लोग उस पर आश्रित हैं
10:56उनका तो वो पक्का गुरू हो गया
11:04मैं तो उसको कह सकता हूं कि वापस मुझ जा और दर्वाजे पे लगा दे
11:07डू नौ डिस्टर्ब
11:09उसकी पत्नी ये कैसे बोलेगी उसको
11:12पत्नी को तो बैठा के दो घंटा ग्यान पे लेगा
11:17वो थोड़ी मना कर पाएगी
11:20कि मूरुख जैसी बाते कर रहे हो
11:31बहुत बड़ी लाइब्रेरी होगी
11:32वहाँ जाओ और जिन्होंने सचमुच जिन्देगी में कुछ जाना है
11:37उनसे समझो न
11:41ये क्या करोगे ये
11:44दोस्तियार
11:45ये सब तुम्हारे ही प्रतिबिम्ब हैं
11:48अपनी छाया से कोई कुछ सीख सकता है क्या
11:54तुम्हारी छाया तुम्हें क्या सिखा पाएगी
11:56कभी तुम्हें लगे तुमसे लंबी है
11:59कभी तुमसे छोटी है
12:00पर तुमसे बहुत भिन्न नहीं हो सकती
12:02ऐसे ही सब कैंपस के दोस्त त्यार होते हैं
12:05अच्छा दोस्त वो है जो बोले कि
12:07मैं तुम्हें वहां ले जाओंगा
12:09जहां तुम कुछ सीख सको
12:10जो ये न बोले कि मेरे पास आओ
12:12मैं ही गुरू हूँ मैं ही सिखा दूँगा
12:18कोई मुद्दा उठेगा जिस पर
12:20विचार की विमर्ष की
12:22फैसले की जरूरत होगी
12:24तो अच्छा दोस्त ये नहीं कहेगा
12:25कि आज अब मैं बताता हूँ
12:26मैं बताऊंगा ना
12:31वो कहेगा आओ मेरे साथ आओ
12:32लाइब्रेरी चलते हैं
12:34आओ पढ़ते हैं और देखते हैं
12:35और उन्हें क्या कहा
12:37या चलो हुमिनिटीज रिपार्टमेंट में
12:39कोई प्रोफेसर है उनसे अपॉइंटमेंट लेते हैं
12:41उनसे कुछ बात करके आते हैं
12:43वो ये कहेगा न
12:46या वो वही जैसे वो
12:47श्रीमन राजपाले आदाओ
12:49मैं मुझे सब पता हैं आओ
12:57दुनिया में
12:58कम हुए हैं
13:00जानने वाले पर
13:02मानव इतहास इतना लंबा है
13:04कि कम होने के बावजूद
13:06उनकी संख्या
13:08सैकडों में हैं और सैकडों में
13:10सिर्फ उनकी संख्या है जिनकी
13:12बातें
13:14संगरक्षित हैं
13:16पुस्तक बद्ध हैं
13:18केटलोग्ड हैं
13:22केंपस के ये जो भी तुम्हारे चार साल ये अच्छा साल हैं ये मौका है पढ़ने का
13:28ये गौसिप का मौका नहीं होते
13:33अभी तुम्हें बहुत अच्छा लग रहा है बोलना कि
13:37ये बात कितनी खोखली है केंपस से निकलने के दो-चार साल के अंदर जाओगे
13:44कुछ रहेगा अगर तुम्हारे साथ तो ग्यान और कौशल
13:52जिम जा रहे हो?
13:54ये सर्थ लग नहीं रहा है अभी शुरू किया है जल्दी हाल में?
14:01नहीं सर्थ पहले एक दम खतम था अभी तो
14:03लेग्स की नहीं करते हैं फुल बॉड़ी किया करो
14:07ये सर्थ तेनिस कोट होगा, बैद्मिंटन कोट होगा, स्कॉष कोट होगा
14:13स्विमिंग पूल होगा, कर रहे हैं इस्तेमाल?
14:18ये आपने ये सब चोकड़ी जमा करके ग्यान बाजी करोगे
14:23ये गॉसिप है, इसमें कोई ग्यान नहीं होता और गॉसिप से ज्यादा बड़ी बरबादी नहीं होती समय की
14:30हाँ, चुकि वो गॉसिप करने वाले तुम्हारे ही तलके हैं तो तुम उपर से नहीं देख पाते
14:37तुम्हें पता ही नहीं चलता कि ये बातें बिलकुल दो कौड़ी की हैं, इनमें कुछ नहीं रखा, कोई दम नहीं
14:42है
14:42इंप्रेस हो जाते हो, प्रभावित हो जाते हो, लगता है कुछ बड़ी बात कहती किसी ने
14:45वही जैसे फिल्मी डियालॉक्स कई बार इंप्रेस कर जाते हैं न, यहां से बाहर निकलोगे, तो इतना भी अच्छा नहीं
14:57है इंप्रॉइमेंट सीन की, तुरंत ही तुमको किसी बड़े क्लब की मेंबर्शिप मिल जाएगी, जो सुविधाएं तुमको केमपस में उपल�
15:15तुमको किसी ऐसे कलब की मेंबर्शिप महंगी लगे, जहां वो सब फैसिलिटीज हैं जो आज कैमपस में मुफ्त हैं, आज
15:25वो मुफ्त हैं तो तुमको लगता है कि इनका क्या करना है कुछ नहीं, और बिलकुल मान लो यह कि
15:29एकदम हो सकता है कि कोई कलब हो जो यही फैसि
15:41दो टुम सिखने का, तो शाम को तुम निकल जाते हो, दोस्तों के साथ कि आओ आओ, बन मसका खाएंगे,
15:46चाय पीयेंगे, और बकैती करेंगे, यह होता है न, जुर्ण घोम रहे होते हैं, अपना वो इधर उदर, क्या कर
15:55रहे हैं? बुछ नहीं कर रहे हैं, क्या कर रहे हैं
15:58केंपस में ज्यादा तर लोग तो एवरेज ही होते हैं और क्या
16:04कुछ नहीं कर रहे होते हैं, चार साल गवा आकर बाहर निकलते हैं
16:10पर कुछ अपना एवरेज, CGPA चलती है हम पर क्या चलता है, परसंटेज क्या चलता है
16:14CGPA, कुछ एवरेज से CGPA ले आ लो
16:17छह, साथ, आठ इसके बीच में सभी की रहती है आम तोर पर
16:21इससे कम भी नहीं होने देते
16:26इतनी CGPA ले आ लो, निकल जाओ, कोई एवरेज से जॉब लग जाएगी, हो गया
16:31तुम एवरेज ही रहने के लिए यहां पर आये हो, क्या
16:36एवरेज ही रहने के लिए आये हो
16:45अच्छा दोस्त तुम्हें अपनी और नहीं खीचता है
16:47वो कहता है, साथ हाथ, दोनों मिल करके उँचाई की और दौड लगाएंगे
16:53दोनों मिल करके, वो उपर शिखर है, वहां दौड लगाएंगे
16:57उपर रोशनी है, और उपर दौड कर जाने में जान लगेगी
17:03तन और मन दोनों विक्सित होंगे, और उपर पहुंचेंगे तो रोशनी मिलेगी
17:10संकेत आत्मक बात बोल रहा हूँ, सिंबलिसम समझ रहा हूँ ना
17:13अच्छा दोस्त वो नहीं होता जो कहता है, आजा, आजा, मेरे कमरे में आजा
17:20और क्या कर रहे हैं दोनों कमरे में बैठ करके, मिले इसलिए थे कि एसाइनमेंट साथ करेंगे
17:26और एसाइनमेंट के नाम पर कुछ नहीं, कुछ स्क्रीन खोल ली है, कुछ कर रहे हैं, कुछ कर रहे हैं
17:31जितने तरह काम होते हैं, जानते ही हो, वो सब चल रहे हैं
17:36ये कौन सी दोस्ती है?
17:42क्योंकि 30 साल हो गए हैं, एक IIT से ही निकले हुए, इसलिए बता देता हूँ
17:46बहुत हद तक तुम जिन्दगी में क्या करोगे, वो तुम्हारे इन 4 सालों से तैह हो जाता है
17:54क्योंकि इनसान आसानी से बदलने वाली शाय नहीं होती
17:57तुमने अपना व्यक्तित, परस्नालिटी, यहां जिस साचे में ढाल ली
18:03वो साचा लगभग पूरी उम्र वैसा ही रहता है
18:10जो यहां से दबा दबा सा, डल, बोर्ड, मीडियोकर निकल गया
18:15वो पूरी जिंदगी वैसा ही रह जाता है
18:20जब तुम्हें यहां पर इतनी सुरक्षा थी
18:23यह जो कैंपस की दीवारे हैं न
18:24यह बड़ी महत्वपूर्ण चीज है
18:27यहां से निकल जाओगे तो कोई तुम्हें इतनी सुरक्षा नहीं देने वाला
18:32अभी तुम एक अलग यूनिवर्स में रह रहे हो
18:34यह यूनिवर्स यहां से निकलने के बाद नहीं मिलने वाला
18:41जब तुम्हें इतनी सुरक्षा और इतनी सुविधाई थी
18:44अगर तुमने तब भी नहीं सीखा
18:46तो तुम बाहर निकल कर क्या सीखोगे
18:50यह वो जगह है जहां तुम्हें खुद को चुनोती देनी है
18:53खुद को तोड़ना है
19:00जानो सीखो जितना ज्यादा पढ़ सकते हो पढ़ो
19:05और पढ़ना मने मैं टेक्स्ट बुक्स की बात नहीं कर रहा हूँ
19:09मैं ग्लोबल लिटरिचर की बात कर रहा हूँ
19:13और मैं कह रहा हूँ को करिकुलर्स में हिस्सा लो
19:17क्लब्स होंगे बहुत सारे कैंपस में
19:21इलोक्यूशन क्लब होगा, ड्रेमेटिक्स होगा, डांस होगा, फोटोग्राफी होगा
19:27यह सब हैं की नहीं हैं? पूछ रहा हूँ, मुझे नहीं मालूँ
19:30आप बताओ
19:30है, तो इनमें हिस्सा लो
19:37और यहां नहीं सीखा तो फिर कह रहा हूँ, जब जॉब में जाओगे
19:40तो वहां तो जो मालिक लोग हैं, उनका एक ही उद्देश्य है कि
19:44तुमको निचोड कर तुमसे पैसा वसूलें
19:48वो थोड़ी तुमसे कहेंगे कि हाँ, हाँ, बिटा, पांच बजे अब आप घर जाएए, अपना टेनिस खेलिए
19:56और टेनिस का हम नाम ले रहे हैं, तो वो ऐसी चीज़ नहीं होती, जो चार महीने में सीख जाओगे
20:04एक प्लेयर कहला सको, इसके लिए डेड़ दो साल लगते हैं कम से कम
20:10और डेड़ दो साल डेडिकेट करने के लिए, समर्पित करने के लिए, बाहर शायद तुम्हें वक्त ना मिले, कभी भी
20:19ना मिले
20:20यहाँ सीख लिया तो सीख लिया
20:24जिन्होंने स्टेज पर कभी नहीं बोला, स्कूल और अगरा में, यह वो जगह है जब आओ, स्टेज पर उत्रो
20:31चाहे बोलना, चाहे पोईट्री रेजिटेशन, चाहे ड्रमेटिक्स, चाहे डान्स
20:45कैंपस बनाया गया है तुम्हारी बहतरी के लिए, कॉर्पॉरेट तुम्हारी बहतरी के लिए नहीं बनाया गया है
20:50कॉर्पॉरेट किसी सेट के मुनाफ़े के लिए बनाया गया है
20:55तुनों के केंद्र में ही अंतर है
21:03और फिर दोहरा रहा हूँ, कैमपस में अपने समय को बरबाद करने का सबसे अच्छा तरीका होता है यह यारी
21:12बाजी
21:17यह भी नोटिस किया है कि एक ही तरह के लोग अपना एक जुंड बना लेते हैं, ऐसा कम होगा
21:24कि साढ़े नौ CGPA वाला चार और पांच CGPA वालों के जुंड में भूम रहा होगा, नहीं मिलेगा, मुश्किल है
21:33जिस तरह के लोग होते हैं वो हॉस्टल के अंदर या कि डिपार्टमेंट के अंदर अपना अपना जुंड बना लेते
21:40हैं, वो इको चेंबर बन जाता है, इको चेंबर समझते हो, जहां जैसे तुम हो वैसे ही दूसरा और सब
21:47एक दूसरे की आवाज को सुन रहे हैं और वै
22:00साल पलक जपकते बीच जाएंगे, इंटरनेशनल एक्सेंज प्रोग्राम है कैमपस में, अगर है तो कोशिश करो कि बाहर जा पाओ,
22:17कुछ सीख के आओगे, ये मत कह देना कि यारी है इमान मेरा, यार मेरी जिंदगी, यार मेरा होस्टल में
22:24पढ़ा हुआ है क्योंकि चार स
22:30मैं भी फ्रांस थोड़ी जाओंगा, मैं भी उसके लिए वफा निभाओंगा, दोस्ती भी दो सशक्त लोगों के बीच हो सकती
22:53है, दो कमजोर अज्यानी लोग क्या दोस्ती करेंगे एक दूसरे से, वो बस एक दूसरे से,
23:00दूसरे का शोशन कर सकते हैं, वो एक दूसरे पर निर्भर हो सकते हैं, मित्र थोड़ी हो सकते हैं.
23:16डेविलप अटेस्ट फॉर ग्रेटनेस.
23:21जरूरी नहीं है कि हर कॉर्स में टॉप करो, पर हर सेमेस्टर में एक या दो कॉर्से जरसे चुनो,
23:29कि इन पर दिल आ गया है, और इसमें तो नंबर मेरे आने ही चाहिए.
23:39जिसमें उचाई के लिए, एक्सिलेंस के लिए, ग्रेटनेस के लिए, जरा भी जजबा नहीं है,
23:46वो इनसान जिन्दगी में भी बहुत ओसत किस्म कर रहेगा, और उसमें कुछ रखा नहीं है.
23:58कोई स्पाइक दिखनी चाहिए तुम्हारी जिन्दगी में, कि एवरेज, एवरेज, आवरेज, पर हाँ, कम से कम,
24:03एक, दो, तीन, येक शेत्र हैं, जिसमें स्पाइक से, अच्छा, टेबिल टेनिस, इसमें स्पाइक दिखाई दे रही है, ठीक, अच्छा,
24:12लिखता बहुत अच्छा है, पोईट्री लिखता है, स्पाइक दिखाई दे रही है, ठीक, ठीक, अच्छा, डिपार्टमेंटल को
24:20उस में अच्छा नहीं करा है लेकिं TWE religion बहुत अच्छा पफॉर्फों कर दें कहीं तो दिखाई दें कि जखाए
24:28हैLR रहे हैं तो या 드�व और जो इस में कित्ना समय खराब होता
24:43पहले तो दस जने निकले हैं इस प्रक्रिया में आधा घंट लेगे क्योंकि छै सो रहे होंगे, दो गाली दे
24:48रहे होंगे, एक को जबरजस्ती खीचा जाएगा
24:51दो का इंतजार किया जाएगा कि चलो उनको भी साथ ले लेते हैं, फिर दीरे दीरे ऐसे टहलते टहलते दस
24:55जने जाएंगे, कहीं पर कहेंगे अब चाय पीने गए हैं, फिर वो हाँ पे खड़े होके धीरे दीरे सुड़केंगे, फिर
25:00वापस आएंगे, और फिर सुबहे की त
25:18अगर इस जुन्ड में एक आदो लड़कियां हो तो, उनको भी तो अपना समय पर बाद करना है, वो भी
25:25कह रही हैं, हम भी मनुष्य हैं, बरबाद होने पर बराबर का हक है, अब इलेक्टिव शुरू होंगे तुमारे हो
25:47चुके हैं, होंगे, अब इलेक्टिव शुरू हों
25:48इलेक्टिव यह देखके मत चुनना कि आसान कौन सा है, या मेरे दोस्त कौन सा ले रहे हैं, ग्रेट किसमें
25:55अच्छा लग जाएगा, ऐसे नहीं चुने जाते इलेक्टिव बहुत लोग तो इलेक्टिव इस हिसाब से चुनते हैं कि, अच्छा, कॉंप्यूटर
26:06वाले जो �
26:06अच्छा ले रहे हैं, वो ले लो, क्योंकि रिलेटिव ग्रेडिंग है न, कॉंप्यूटर साइन्स वाले जहां घुसे हुए होंगे, वहां
26:13मेरी अच्छी नहीं लगेगी, आवरेज उठा देते हैं सब मिलके, तो जहां सब मेरे ही जैसे हो या मुझसे भी
26:21बदतर हो, वो �
26:23ले लो, ग्रेड अच्छी लग जाएगी, ऐसे नहीं चुना जाता है, दिल, जैस्बा, स्पष्टता, इमांदारी, मैं नहीं कहा रहा कि
26:43हर कोर्स में जान लगा दो, कुछ बेकार कोर्से होते हैं, पता है ऐसे ही ठीक है, उसको अपनों निकल
26:48जाता है धीरे-धीरे, पर कही
26:51तो दिखना चाहिए न, कि बंदा जवान है, भीतर कुछ आग है, कुछ जम रही है बात, या इर्रेलेवेंट है
27:11जादातर? जम रही है सर्व, ठीक, अन्यवाद सर्व,
27:20आपको खुशी होगी इसनाते, जो हमारी अपनी एप है, जिसमें हमारे गीता और बाकी सब कारिकरम चलते हैं, यहाँ पर
27:27बुद्ध हैं, गीता हैं, उपनिशद हैं, अश्टावक्र हैं, यह मुझे मिले, मेरी जिंदगी बदली, यह तुम्हें मिलेंगे, तुम्हारी जि
28:07हैं, जो बिल्कुल बदली हैं,
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