00:00महराष्ट्र की राजनीती में एक बार फिर बड़ा सियासी उलट फिर होने की अटकले तेज हो गई हैं।
00:06दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे गुट यानि शिवसेना UBT के 9 में से 6 सांसद बगावत के
00:12मूड में हैं।
00:13और जल्द ही अलग गुट बनाकर एक नाच शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
00:18अगर ये दावा सही साबित होता है, तो 19 जून यानि शिवसेना के स्थापना दिवस से ठीक पहले उद्धव ठाकरे
00:25के लिए ये बड़ा राजनीतिक जटका हो सकता है।
00:27दरसल महराष्ट्र की सियासत में बीते कुछ दिनों से एक नाम लगातार चर्चा में हैं।
00:34आसान भाषा में समझें तो आपरेशन टाइगर उस कथित राजनीतिक रणनीति को कहा जा रहा है, जिसके तहट शिंदे गुट
00:40की ओर से उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों और नेताओं को अपने साथ लाने की कोशिशों की चर्चा है।
00:46शिंदे गुट के नेता कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि UBT के साथ सांसदों से बाचीत अंतिम दौर में
00:52हैं।
00:52हलांकि UBT ने इन दावों को अफवाह बताया है और संजे राउत ने कहा है कि पार्टी के सांसद उधव
00:58ठाकरे के साथ खड़े हैं।
00:59मामला तब ज्यादा गर्मा गया जब उधव ठाकरे ने अपने नौ सांसदों को मातोश्री में बैठक के लिए बुलाया।
01:05रिपोर्ट के मुताबिक इस बैठक में सिर्फ चार सांसद ही सामने-सामने शामिल हुए।
01:10इनमें अर्विन सावंध, अनिल देसाई, राजा भाव वाजे और संजे दीना पाटिल शामिल थे।
01:15वहीं कुछ सांसदों के बैठक में ना पहुचने से अटकलों को और हवा मिल गई।
01:19रिपोर्ट के मुताबिक पांच सांसदों के बैठक में ना आने के बाद डिफेक्शन की चर्चा तेज हुई
01:24संजे देशमुक और नागेश पाटिल ओनलाइन जुड़े बताए गए
01:27जबकि संजे जाधव, ओम राजे निमबालकर और भाव साहिब वाक्चौरे की गयर मौजूदगी पर सवाल उठे
01:33इसी बीच संजे देशमुक के दिल्ली पहुँचने और शिंदे गुट के देता प्रताप राव जाधव से मुलाकात की खबरों ने
01:39मामला और बढ़ा कर दिया
01:40चर्चा है कि UBT के कुछ सांसत पहले एक अलग गुट बना सकते हैं और फिर शिंदे गुट में विले
01:46की तरफ बढ़ सकते हैं
01:47हालाकि अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है
01:51यही वज़े है कि ये पूरा मामला फिलहाल अटकलों, राजनीतिक दावों और काउंटर क्लेम्स के बीच फसा हुआ है
01:57अब सवाल है कि Operation Tiger अगर वाकई चल रहा है तो इसका मकसद क्या हो सकता है
02:02राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इसका पहला मकसद शिंदेगुट की ताकत बढ़ाना हो सकता है
02:07फिलहाल शिंदेगुट केंदर में BJP का एहम सहयोगी है
02:11अगर UBT के सांसद शिंदेगुट में आते हैं तो लोक सभा में शिंदे की शिंदे की संख्या बढ़ेगी और इससे
02:17पार्टी का राजनीतिक वजन भी बढ़ेगा
02:19दूसरा मकसद उद्धव ठाकरे गुट को संगठनात्मक और मनोवेग्यानिक तौर पर कमजोर करना हो सकता है
02:26खासकर ऐसे समय में जब 19 जून को शिवसेना का स्थापना दिवस है
02:30ये भी ध्यान देने वाली बात है कि 2022 में जब एक नात शिंदे ने बगावत की थी
02:35तब शिवसेना की 40 विधायक उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ कर शिंदे खेमे में चले गए थे
02:40उस बगावत के बाद महराष्ट की सरकार गिर गई थी और एक नात शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बने
02:46थे
02:46बाद में चुनाव आयोग ने संख्याबल और संगचनात्मक दावों के आधार पर शिवसेना का नाम और धनुषबान चुनाव चेहन भी
02:53शिंदे गुट को दे दिया था
02:55ऐसे में अगर अब सांसदों की स्तर पर तूट होती है तो ये उद्धव ठाकरे के लिए 2022 के बाद
03:00दूसरा बड़ा सियासी जटका माना जाएगा
03:03दूसरी तरफ UBT खेमे में डैमज कंट्रोल की कोशिशें तेज हो गई हैं संजे राउत और अनिल देसाई दिल्ली पहुँचे
03:09हैं
03:09रिपोर्ट्स के मताबक अब उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों और विधान परिशत सदस्यों की बैठक भी बुलाई है ताकि पार्टी
03:15के भीतर एकता का संदेश दिया जा सके और अटकलों को रोका जा सके
03:19इस पूरे घटना क्रम के बीच उद्धव ठाकरे का बयान भी चर्चा में है उन्होंने साफ कहा है जिसे जाना
03:25हो खुशी से जाए आज भले मेरा नहीं कल जरूर मेरा होगा
03:29उद्धव ने ये भी कहा कि जो बाला साहिब की शिवसेना चोड़ कर गए है वे आखिर में पच्टाएंगे लेकिन
03:34तब-बहुत देर हो चुकी होगी
03:36फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है शिंदे गुट इसे UBT में संभावित तूट का संकेत बता रहा है जबकि
03:42उद्धव गुट इसे अफवाह और दबाव की राजनीती कह रहा है
03:46लेकिन इतना तय है कि महराष्ट की राजनीती में हल चल तेज है अब नजर 19 जून से पहले की
03:51हर राजनीतिक गतिविटी पर है क्या वाकई शिफ सेना UBT में बड़ी तूट होगी या उद्धव ठाकरे एक बार फिर
03:57अपने गुट को संभालने में काम्याब हो जाएंगे
04:00आप देख रहे हैं One India Hindi
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