ईरान और अमेरिका के बीच हुई पीस डील को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव ने अमेरिका को अपना रुख बदलने पर मजबूर किया? क्या डोनाल्ड ट्रंप को कई देशों की सलाह और दबाव के बाद समझौते की राह चुननी पड़ी? वहीं दूसरी तरफ इस डील को ईरान के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। इस वीडियो में जानिए पीस डील के पीछे की पूरी कहानी, वैश्विक राजनीति पर इसका असर, ट्रंप की रणनीति और क्यों मोजतबा खामेनेई को इस समझौते का बड़ा लाभार्थी माना जा रहा है।
Did growing international pressure force the United States to move toward a peace deal with Iran? Reports and diplomatic developments have sparked debate over whether global powers pushed Washington to soften its stance. Meanwhile, many analysts believe the agreement could strengthen Iran’s position and benefit key figures within the Iranian establishment, including Mojtaba Khamenei. In this video, we examine the geopolitical implications of the Iran-US Peace Deal, the role of global diplomacy, reactions from major countries, and what the agreement could mean for the future of the Middle East, Iran, the United States, and regional stability.
#IranUSDeal #Trump #Iran #MojtabaKhamenei #USIranPeaceDeal #MiddleEast #Geopolitics #BreakingNews #WorldNews #IranWar
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~HT.410~PR.540~ED.104~GR.538~VG.HM~
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00:00अमेरिका और इरान के 20 शांती समझोता लगभग लगभग पूरा हो चुका है
00:04अमेरिकी राष्टपती टरंप ने दावा किया है कि दोनों देशों की ओर से
00:08इस समझोते पर डिज्टल हस्ताक्षर हो चुके हैं
00:11अपचारिक तोर पर हस्ताक्षर 19 जून को होगा जिनेवा में
00:14फिलहाल टरंप इस वक्त फ्रांस पहुचे हुए हैं जहां वो जी सेबन की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं
00:19लेकिन दोनों देशों के तनाव और समझोते को लेकर कई सारी बड़े अपडेट्स आये हैं
00:38दूसरे बड़े अपडेट की बात करें तो इजराइट ने इस डील से किनारा कर लिया है
00:41नेतनयाहो की टीम की ओर से कहा गया है कि हम अमेरिका के गुलाम नहीं है
00:45इजराइल की रक्षा के लिए जो कुछ करना पड़ेगा हम करेंगे
00:48अमेरिका के कहेंसार सब कुछ तो हम नहीं करने वाले
00:51तीसरे बड़े अपडेट की बात करें तो फ्रांस की राष्टपती ने कह दिया है
00:54कि जो यूरेनियम का भंडार इरान के पास है उसको निश्क्रिय करना जरूरी है
00:59और उसकी IAEA से निगरानी में रखा जाना भी उसे जरूरी है
01:04चोथे बड़े अपडेट की बात करें तो इरान ने समझोते को अपनी जीत बताया है
01:07इरान ने कहा है कि उसे वो सम मिल रहा है जो उसने मांगा था
01:11पांच हुए बड़े अपडेट की बात करें तो दुनिया भर के कई देशों ने इस समझोते का सौगत किया है
01:15जिसमें भारत, पाकिस्तान, कतर, UAE, कुवेट और भी कई सरे देश सामिल है
01:21मतलब सब चार हैं कि समझोता इस बार सफल हो जाए
01:24तो इनी सारे अपडेट्स पर आज हम बात करेंगे समझोते में क्या-क्या बिंदू है
01:28जो अभी तक मेडिया में आए हैं और क्या कुछ शुक्रवार को आ सकता है
01:32क्योंकि आपचारिक तोर पर आधिकारिक तोर पर शुक्रवार को ही पता चल पाएगा
01:36कि दोनों देश किन मुद्दों पर सहमत हो गए हैं और जिससे समझोता हो पा रहा है
01:41तो उन पर ही बात करेंगे हमारे साथ बातचीत में शामिल होने के लिए एक बेहदी खास मेमान
01:45हमारे साथ जूड रहे हैं गुरुप कैपिन यू के देवनाज सर जो रक्षा विसे सग्य है
01:49देवनाज सर मेरा पहला सवाल आपसे यही है कि नेतन्याहू नाराज है
01:55वो कह रहे हैं कि इस डिल से हमारा कोई लेना देना नहीं है
01:58ट्रम बार-बार कह रहे हैं कि मैं अपनी ओर से सुरक्षा की गारंटी दे रहा हूँ
02:02इसराइल की ओर से भी दे रहा हूँ
02:04ये थोड़ा बहुत कन्फ्यूजन नहीं हो गया है
02:06जब इस युद्ध में तीन देश शामिल थी सीधे तोर पे
02:09तो समझाता दोही के बीच में क्यों हो रहा है
02:13वैबब जी देखिए जहां तक इसराइल की बात है उसको तो इरान मनेतार नहीं देता है
02:19तो टेक्निकली स्पीकिंग इरान कभी नहीं चाहेगा कि बाचित के टेबल पर
02:24या बाचित के मीडियम पर आउनलाइन आफलाइन इसराइल हो
02:32इरान को मलूम है कि अमरीका से बाचित करनी है कर रहा है
02:37और इरान को मलूम है कि इसराइल को काबू में लाने का काम
02:42अमरीका को करना है इरान को नहीं करना है
02:46अब अमरीका को मलूम है कि ये जितने पॉइंट्स हैं दस पॉइंट, 15 पॉइंट, 14 पॉइंट ये सब बात की
02:54बातें
02:56तुरंट अभी की बात इसी घंटे आज की ही जो करनी है वो है कि स्टेट अफ हर्मोस को खुलना
03:02है
03:03आंकलन लगाने पे आप हैरान हो जाएगें वहबब जी, अमेरीका को, डोनाल्ड ट्रम्प को, मार्को रूबियो को हर रोज
03:12सौ फोन जा रहे थे पूजे दुनिया से, हर रोज, दुनिया वर के प्रेजडेंट कींग, शाव, प्राइम मिनिस्टर्स, सब रोज
03:23रोज सौ फोन कर रहे थे, मार्को रूबियो को और डोनाल्ड ट्रम्प को
03:28कि आप ये नुक्लियर नुक्लियर बात पर खेल ले ना, पहले ये स्टेट ऑफ हर्मुस को खलवाओ, कुछ देशों ने
03:36तो अपनी जो इंटरनल रिपोर्ट है, वो भी साजा की अमरीका के साथ, कि अगर स्टेट ऑफ हर्मुस को अमरीका
03:43ने जल्दी से नहीं खलवाया, औ
03:55और वाकई इसमें कोई शक्त नहीं है कि कुछ देशों में पेट्रोल, डीजल, गैस की कीमत 80% बढ़ गई,
04:02और उसके बावजूद 2-2 किलोमेटर लाइन और उसके बावजूद नहीं मिलती है, तो ऐसे में कुछ जो अमरीका के
04:12छोटे-छोटे मित्र देश हैं, वहां विद
04:24को रूबिया ने काट ठीक है, इसके 15 पॉइंट, उसके 10 पॉइंट, इसके 14 पॉइंट पहले स्टेट आफ हर्मस को
04:31खोलते हैं, अमरीका ने खोला, एरान ने भी खोला, शिपिंग आवाजावी चालू होने वाली है, उम्मीद है कि अगले 15
04:44दिन में एक महीने में दुनिया
04:45पर में पेट्रोल डीजल की जो किलत है, वो थोड़ा स्टेबलाइज हो जाएगी, हालात अलड़ी इंप्रूब हो रहे हैं, अगर
04:52आप देखें, क्रूड की किमत एक बैरल जो एक समय 110 डॉलर प्रती बैरल चली गई थी, अब वो कम
05:00होके 80 डॉलर प्रती बैरल आ गई है, औ
05:06और सबसे बड़ी बात है कि युद्ध के पहले वहाँ 70 डॉलर या उससे भी कम प्रती बैरल थी, तो
05:13आज के एक मेने के बाद जब आवा जाई ही, जहाजों की सुनिश्चित हो जाएगी, सेफ हो जाएगी, कॉन्फिटेंस बन
05:21जाएगा जहाज के मालिकों में, जहाज के ज
05:36जी, बिल्कुल सर, ये जो समझोता हो रहा है सर, जो भी मीडिया में आये हुए हैं इनके पॉइंट्स, उनमें
05:42सबसे बड़ा और सबसे पहला पॉइंट तो यही है कि अगर युद्ध खत्म होगा, शान की समझोता होगा, तो वो
05:48सभी जगा पर लागू होगा, इरान में भ
06:31रुपने वाले?
06:32जिससे की पूरी एक दसमझोता बिल्डिंग धराशा ही हो जाए, अब परसों से इसराइल चुट-चुटे हमले कर रहा है,
06:41इरान क्या चाहता है, इरान चाहता है कि लिबनान के उपर, यानि हजब लाग के उपर इसराइल हमले ना करे,
06:47लेकिन वास्तव बुद्ध का इस्त
07:02ले लिया है, क्योंकि एरान के लिए बड़ी बात ये है, लाइफ एंडेद की बात है, कि स्टेट अफ हर्मूस
07:08खुल जाए, फिलहाल ये समझना पड़ेगा कि स्टेट अफ हर्मूस जो है, वही एरान के लिए लाइफ लाइन है, आउक्सिजन
07:18की पाइप है, और अमेरिका �
07:21एक मार्च से उस पाइप को दबा के बढ़ा था अपने पैरों के निचे, तो एरान से ना एक्सपोर्ट हो
07:25रहा था, कुछ ना इंपोर्ट हो रहा था, तो एरान को भी मलूम है कि फिलहाल स्टेट अफ हर्मूस खुलना
07:32चाहिए, जब तक स्टेट अफ हर्मूस खुलकर स्�
07:40वो प्राब्लम बाद में अभी जो साथ दिन तक बात्चित चलेगी उसमें सॉल्व किया जाएगा इरान का पॉंट और व्यू
07:49यह है जी नितन्याओ को कैसे समझाया जाएगा सर कैसे उनको नितन्याओ को समझाने की जरूत नहीं है नितन्याओ उस
08:01बिलक्ते हुए बालक की त
08:10बच्चा उसको भी पता रहता है पता होता है कि मैं तो अपने माबाप के उपर इस तरह से अश्रित
08:15हूं तो नितन्याओ बिलक्त रहे हैं नाराज हो रहे हैं लेकिन अमरीका फाइनली अगले साथ दिन तक जो डिसकेशन करने
08:24वाला है स्टेट ऑफ हरमुस कुलने के पाद स
08:27साढ़ दिंजो डिसकेशन करनाओ वाला है वो तो नितन्याओ का ही पॉंट डिसकस करना है न कि एरान एटम भं
08:34ना बनाएं इरान लंबी तूरी के मिसाइल ना बनाएं इरान और इरण उरीनियम को शंबर्धित ना करें तो नितन्याओмов अबी
08:43शुकरवार्स
08:44फ्राइडे को जब ये अभी
08:46श्रीट अफ हर्मुस वाला मामला
08:50हपिली सॉल हो जाएगा
08:51उसके बाद नितनयों
08:53अगले साथ दिन में बाचित को फॉलो करेंगे
08:55और अमरीका साथ दिन
08:57तक क्या बात कर रहा है सिर्फ नितनयों
08:59वाले मुद्द ही तो बात कर रहा है
09:01तो नितनयों को खुशकरी जो नहीं है
09:03वो आपने आप जानते हैं
09:04नितनयों बिलख क्यों रहे हैं
09:07वो इसलिए क्योंकि उनके
09:09देश में उनकी सरकार
09:11तो एक्स्ट्रीम राइट विंग
09:14जियूस के मदद से खड़ी है
09:16पार्टी का तो अपना भवमत नहीं है
09:18माइनरिटी गवर्मेंट है
09:20तो वो बिलख रहे हैं
09:21अपने जो जियूस सपोर्टर्स हैं
09:23एक्स्ट्रीम राइट विंगर्स
09:26उनको परसंद रखने के लिए
09:28या वो नाराज ना हो जाएं
09:31इसलिए या
09:54नितन्याहू का नितन्याहू को लेकर
09:59टरंप ने कहा है की
10:01नितन्याहू लिबनन के मुद्दे पर ज्यादा जिम्मेदारी दिखाएं उन्होंने सलाह दिये बकाइदा
10:06और कहा है कि मेरे बिना इजराइल नहीं होता क्योंकि किसी दूसरे राष्टपती ने वो नहीं किया जो मैंने नितन्याहू
10:11के लिए किया है
10:12उन्होंने ये भी कहा कि नितन्याहू से उनकी अच्छी रिष्टदारी रही है लेकिन अब उन्हें लेबनन को लेकर अपना जिम्मेदार
10:18रवाई अपनाना होगा
10:19किसी एक व्यक्तिको निशाना बनाने के लिए पूरी इमारत को गिराना सही नहीं है क्योंकि वहां रहने वाले सभी लोग
10:25हिजबुल्ला के सदस नहीं होते
10:27तो ट्रम्प तो बार बार नितन्याहू को चेतावनी दे रहे हैं सला दे रहे हैं कि मेरी बात मानो तुमने
10:33जो कहा मैंने कर दिया और ये बात तो सच भी है ना सर कि नितन्याहू का ही उकसावा था
10:38उनके ही उकसाने पर तो ट्रम्प ने हमला किया था
10:43वेबब जी इसराइल को मालूम है नितनेयों को मालूम है कि अमरीका में मैं फिछले 70-80 साल की बात
10:49कर रहा हूँ 1948 से आगे
10:52सबको मालूम है इसराइल में कि चाहे अमरीका में डिमोक्रेट सरकार में आए या रिपब्लिकन पार्टी में सत्ता में आए
10:59और प्रिस्टिज़ेंट चाहे कोई भी हो
11:02अमरीका ने हमेशा आँख बंख करके इसराइल की मदद करनी है
11:07नितनेयों को भी मालुम था है और नितनेयों को यकीन है कि भविशे में भी अमेरिका हमेशा आँख बन करके
11:17इसराइल की मदद करेगा
11:19इसराइल के साथ खुन माफ
11:21इसराइल कितनी भी गल्तियां करें
11:23अमरीका कभी भी इसराइल के विरोध में
11:26कोई punishment नहीं देगा
11:29इसराइल को अमरीका इतनी सब्सक्राइश को बाहत है
11:32यह समझना पड़ेगा
11:33पूरे पश्चिम एसिया में
11:37इस्राइल अमरीका का थानेदार है बिलकुल पिछले 80 साल से पश्चिम एशिया की जो अमरीका की जो पॉलिसी है उसको
11:50शत प्रतिशत करने का काम जमीन पर इस्राइल करता है
11:55चाहे मिस्र, लिबनान, तुर्किये से शुरू हो जाएंगे, जोडन, सिरिया, इराक, सब चकाथ, साओधी, पुरा का पुरा खाड़ी का देश,
12:07इरान तो है ही, और कुछ हद तक पाकिस्तान भी
12:11इस पूरे एरिया को कंट्रोल रखने के लिए थानेदार को ने, जो सीटी बजाता है, हाथ में डंडा लेके गुनता
12:18है, इस्राइल, वैवबब जी, नितनयाओं की मजबूरी समझनी पड़ेगी, नितनयाओं किसी भी हालत में, यह नहीं परदर्शित करना चाहते हैं
12:31कि अ
12:34अमरिका से उन्हें और चाहिए, जोनल्ड टरम्प को भी मालूम है, पहले वाले राष्टपति को भी मालून था कि इस्राइल
12:43पूरी तरह से अमरिका पर अश्रित है, वैवब जी, मैं एरफोर्स में था, फाइटर पालेट था, 34 साल था एरफोर्स
12:51में, एक सीक्रेट बतात
13:03है, इस्राइल अगर सौ बाम गिराता है, उनमें से नबे मेडिन अमरिका होते हैं, सिर्फ दस होते हैं, जो की
13:11मेडिन इस्राइल होते हैं, लोगों को पता नहीं है, इस्राइल इसमें कोई शक्त नहीं है कि दुनिया का बहतरीन हथियार
13:19बनाने वारा देख्श है, बहुत स�
13:25लेकिन बड़ी मात्रा में नहीं बना सकता इसके वज़ा है इसराइल में रेट के अलावा कुछ नहीं हैं ना उनके
13:33पास लृष चाहिए इसके अलावा कुछ नहीं है
13:49तो यह जो सौ बॉम बनाने होते हैं समझिए गिराने हैं कल या परसों इस राइल अपने हाँ आज और
13:56कल कितने बना लेगा दस
14:00तो उनकी capability है capacity नहीं है यानि वो बना सकते हैं लेकिन उनके पास उतने resources नहीं है
14:09कच्चा माल कहने जीए या दूसरी सुविधाय बोले भारत की औरनेस रेक्टरीज की बात मैं करता हूँ
14:19अगर भारत की औरनेस रेक्टरीज आपको सौ बॉम बनाना पड़ता है बहुत ज़्यादा resources लगते हैं
14:26सीक्रेट नहीं है बहुत ज़्यादा हम में से जो फॉज में रह चुके हैं और औरनेस रेक्टरीज से डारेक्ली डील
14:34करते रहें हमें मालूम है कि सौ बॉम बनाने में
14:38इंडियन औरनेस रेक्टरीज को पसीने छूट जाते हैं
14:43युद के दौरान समझिए इंडियन एरफोस हर रोज पाकिस्तान पर अगर एक हजार बम गिराती है तो युद के दौरान
14:53इंडियन औरनेस रेक्टरीज कितने बॉम बना सकती है
14:57सो, दो सो, चलो तीन शिफ्ट, चार शिफ्ट में काम करेंगे, तीन सो, चार सो
15:02तो बाकी बम जो हर रोज एरफोस गराएगी, इंडियन एरफोस, हजार, उग कहां से आते हैं
15:08क्योंकि हम पीस टाइम में उनको जमा करके रखते हैं
15:14हमने हजजारों बॉंब्स दस्यों हजजारों बॉंब्स हमने पूरे भारत वर्ष में अलग अलग जगा पर रखे हैं
15:23आपको सुनकर अश्यर होगा कि अगर हम इसराइल ने जैसे बंबारी की है पिछले दो साल से
15:31अगर हम उस तरह की बंबारी करते तो पूरी इंडियन एरफोर्स का बॉंब का स्टॉक निकल जाता है
15:36यानि दूसरी शब्दों में मैं बोलना चाहता हूँ कि इंडियन एरफोर्स के पास टोटल बॉंब्स यतने हैं उससे ज़्यादा इसराइल
15:44गिरा चुका है
15:44इसराइल के पास इतने बंब आ कहां से रहे हैं वो आ रहे हैं क्योंकि अमरीका दे रहा है
15:51जी वैवब जी
15:54ट्रम्प ने सर उन आशंकाओं को उन अनमानों को खारिज कर दिया है
15:59अनमान ये पहले लगाया जा रहा था कि समझोते के तहट इरान को अमेरिका कुछ धन देगा पैसा देगा पुनर
16:06निर्माल के लिए मुआबजे के तोर पर
16:08लेकिन ट्रम्प ने कह दिया है कि अमेरिका कोई निवेश नहीं करने वाला इरान में
16:12वो ये कह रहे हैं कि खारी के देश जो हैं वो सारे मिलकर करीब 300 अरब डॉलर का एक
16:18फंड बनाएंगे
16:19और उस फंड से इरान को मदद दी जाएगी
16:22मतलत कि खारी देशों को युद्ध में पहले आपने जोका
16:25इरान पर बंबारी की इरान ने पलटवार करती हुए योई पर मिसाइले दागी डोंस भेजे
16:30कतर पर हमला किया बहरीन में हमला किया साथी अरब में हमला किया
16:34और अब यही सारे देश मिलकर इरान की मदद भी करेंगे
16:37तो अमेरिका कहा है इसमें फिर
16:41वेवब जी जुनार्ड ट्रम्प बिंदस्मेन है इन्वेस्टर है जमीन और होटल खरीते हैं जमीन और होटल बेचते हैं
16:50दूसरों के पैसे से देखिए अगर हम एक मॉडल देखें आज कल बिजनेस मॉडल बड़े-बड़े आंत्रपरनर्स बड़े-बड़े वेपारी
17:02बहुत बिजनेस करते हैं
17:03मॉल्टे रियल स्टेट में आप देखेंगे बड़े-बड़े कॉंड़मियम बना रहे हैं 20-40 मंजिला बिल्लिंग बना रहे हैं बड़े
17:10-बड़े 200-400 फ्लैट्स वाले आर्डव्यो बना रहे हैं
17:145 ताहुस बना रहे हैं वैब्लो sì, आप हाइरान रहे जाएंगे यह सुनके कि इसमें वो अपना पैसा नहीं लगाते
17:21हैं
17:23वो सिरफ प्लैन बनाते हैं सरकार से जमीन भी नहीं खळिदते है अ
17:38दूसरों को पता नहीं किस किस तरीके से बतौरं इन्वेस्टर
17:44या बतौर रिजिदेंशिल, कि तुमारे लिए घर बना देंगे, अभी 25% दे दो, अगले मेने 25% दे दो,
17:52तो पैसा दूसरों का लेके कैसे बड़ा बिजनस किया जाए, टॉनल्ल डॉर्म को मालूम है, उन्होंने इसका बड़ा successful model
17:59अब गज़ा में बना लिया है, गज़ा में
18:01अगर हम याद रखे हैं, गज़ा पीस कमिटी बनाई उन्होंने, बिल्कुल, अगया 60 बिलियन डॉलर खरच करके गज़ा को, गज़ा
18:12बहुत छोटी जगा है, 15 किलो मेटर चौड़ा, 40 किलो मेटर लंबा, यहने दिल्ली का भी एक पिहाई, जतना बड़ा
18:20जमना पार है, उ
18:26और चेर्मेन कौन है, खुद डोनल्ड ट्रम्प, लाइफ लॉंग, और प्लान क्या है, पैसा कौन देगा, 60 बिलियन डॉलर, यह
18:33सारे गल्फ स्टेट, और काम कौन करेगा, अमेरिकन कंपनीज, मुनाफ़ा भविशे में कौन कमाएगा, अमेरिकन कंपनीज, और यह बड़
18:55पेस्ट उन्होंने इरान के लिए कर रहे हैं, तीन सो बिलियन एस्टिमेट है, है, इरान के खुद के आर्किटेक्स ने
19:03यह एस्टिमेट दिया है, अमेरिका देगा, नहीं, कौन देगा, गल्फ कंट्रीज देंगी, क्यों देगा, क्योंकि अमेरिका उनकी आम टुस्टिं�
19:25एक हजार बुल्डोजर, एक हजार हेवी डूटी कार, ट्रैक्टर, दो हजार क्रेन, पांथ हजार अर्थ मुविंग एक्प्मेंट, तस हजार हेवी
19:38डूटी वो बड़े बड़े ट्रक्स, तस टन, बीस टन वाले, जिसके नीचे हम देखते हैं, आठ चक्के, बारा चक्के, स
19:55पाइदा किसको होगा, अमेरिकन कमपनीज का, पैंट, आस्ते आस्ते इरान की एकोनोमी में कौन गुजेगा, अमेरिकन कमपनीज, यानि अमेरिकन्स, ये
20:04उनका मास्टर स्टोक वो सुष्टे हैं, पैसा डोनाल्ड ट्रम्प अमरीका टेक्स्पेर का नहीं लगाएंगे, ज
20:23पार्टी के ओर से इस समझोते को हरी जणडी नहीं दी गई है, उनकी पार्टी कैसा नेताओं को कहना है
20:30कि जब सालजनिक रूप से सामने आ जाएगा, कि असल में इस समझोते में है, क्या, अमेरिका का कितना फायदा
20:36है, और इस से पार्टी का, अर
20:53कई सारे लोग तो ये भी नहीं चाहते थे कि इस विद्ध में जाना भी नहीं चाहिए हमें
20:57क्या आपको लगता है कि पार्टी और टरम की बीच में जो दूरी आई है उसका असर दिख रहा है
21:02अभी
21:04वेवब जी एक तो अमेरिका की डेमोक्रेसी बहुत हेल्डी है
21:08दुनिया में कई जगा पर डेमोक्रेसी है लेकिन आप सोच भी नहीं सकते कि
21:13रूलिंग पार्टी के खुद के लोगी रूलिंग पार्टी के निताओं के खिलाफ एक स्टेटमेंट भी दे दे
21:21उसको अगले दिन से ही या तो पार्टी से निस्काशित कर दिया जाएगा या उसको अगले दिन से ही दूसरे
21:29तरेके से सेट कर दिया जाएगा
21:31लेकिन अमेरिका में डेमोक्रेसी है जब रिपॉब्लिकन पार्टी के सेनेटर्स खुद अपने प्रिसिडेंट को चैलेंज करते हैं या दूसरी पार्टी
21:41के साथ क्रॉस वोटिंग करते हैं तो उनको ना तो पार्टी से निश्काशित किया जाता है और ना ही दूसरे
21:50तरीके
21:50से उनको नरम बनाया जाता है अमरीका की डेमोक्रेसी बहुत अद्बॉत है लेकिन डेखिये रिपॉब्लिकन्-पार्टी के सेनेटर्स जिन्हों ने
21:59क्रॉस वोटिंग किया उनको भी मालूम है कि कितना विरोद करना है विरोदू इतना भी नहीं करना है कि रिपॉब्लिकन
22:05पार्टी के सरकार गिर जाए
22:07Donald Trump ही लुडग जाए
22:09क्योंकि फिर Democrat आ जाएंगे सामने
22:11तो विरोज करते हैं
22:14ये उनकी
22:14वेवाजी उनकी बहुत ही
22:17healthy परंपराएं है
22:18हमें अद्भूत लगता है
22:20या कि भाई
22:22ऐसा कैसे हो सकता है कि
22:24ruling party के
22:26खुद के
22:30भारत में चाहे स्टेट हो या सेंटरल गॉपमेंट हो
22:32चाहे कॉंग्रिस की सरकार हो
22:35हम लोग सूच भी नहीं सकते
22:36ruling party का chief minister
22:38ruling party के प्रधान मंत्री को
22:40ruling party की MP या MLA challenge
22:44हमारी democracy अभी
22:46परिपक्व होएगी
22:47आस्ते आस्ते
22:48समय लगता है
22:50लोगतंत्र को
22:51बहुत जादा ही
22:52आगे बढ़ने में
22:53या उसको mature होने में
22:55जैसा की कई साथ देशों में हो चुका है
22:57अमेरिका की बात करें
22:58कई सो साल पुराने वहां की परंपराएं है
23:00बिटेन की बात करें
23:01हमें आजाद हुए अभी
23:0117 साली हुए है
23:04आगे बढ़ते हैं सर
23:05टरंप को लेकर ही है
23:06वाइट हाउस के अधिकारी
23:07उस वक्त हैरान रह गए
23:08जब टरंप
23:09डिश्टल तोर पर हस्ताक्षर कर रहे थी
23:11समझोते पर
23:12ये भी दावा किया जा रहा है
23:13कि जब वो साइन कर रहे थे
23:14तो उस वक्त वो फोन पर बात कर रहे थे
23:16फोन की दूसरी तरह पुतिन थे
23:18ये सब क्या चला है सर
23:19क्या पुतिन की भी कोई भूमका होगी
23:21फोन पर उन्होंने कुछ कहा होगा
23:22कि अच्छा साइन कर लो बहुत हो गया
23:26अमेरिके मीडिया जो है
23:28बहुत हैपी है
23:31मुझे हैरानी इसलिए भी होती है
23:33ये जब रिपोर्ट सामने आती है
23:35हमारे यहां परधार मंतरी कारियाले
23:37उतना ही ताकतवर माना जाता है
23:38जैसा वाइट हाउस है
23:40परधार मंतरी कारियाले में
23:41क्या हो रहा होता है
23:43उसकी अंदर की खबर बहुत कम सामने आ पाती है
23:45कोई मीडिया रिपोर्ट भी ऐसा दावा नहीं करता
23:47कि मोदी जी एक फैस्ता लेते वक इन से बात कर रहे थे
23:49उनके हाथ में ये था या उनके साथ कौन-कौन था
23:52वाइट हाउस से लेकिने सब चीजे बाहर कैसे आपाती है
23:58मैं थोड़ा सोच समझ के जवाब दूँआ
24:00क्योंकि ऐसा ना हो कि मुझे ही कोई नर्म करने के लिए
24:02करवाजे पे कल पहुंच जाए
24:06भारत की डेमोक्रिसी जो है अभी भी उभर रही है
24:09पनप रही है आस्ते-ास्ते मैच्योर होगी
24:12हमारे यहां जो पी-एमो हैं
24:14मैं कॉंग्रेस के टाइम की भी बात करता हूँ
24:17जब कॉंग्रेस के प्राइम निस्टर्स होते थे
24:20या जब सोनिया गान्दी जी बहुत पाफुल थी
24:24उसक भी पी-एमो क्या कर रहा है किसी को पता नहीं लगता था
24:28अब बहुत गिनी बहुती मेशर्ड तरीके से एकाथ स्टेटमेंट आते थे
24:38अब डोनल्ड ट्रम्प की जो परसनलिटी वो दूसरी है
24:41वो उत्सुक रहते हैं कि उनके आगे पीछे ताएं बाएं उनके ऊपर मीशे हमेशा पत्रकार घूंते रहे हैं
24:50वो हेलिकोप्टर की तरफ जा रहे होते हैं तो जाते वक्त भी पत्रकार हेलिकोप्टर से आ रहे होते हैं
24:56आते होग भी पत्रकार हवाई आज से कहीं जा रहे हैं तो वो जो हवाई आजा उसके अंदर 20, 30,
25:0340 पत्रकारों का दल लेकि अभी आए हुए हैं G7 में
25:06हवा उड़ रहे हैं और पत्रकारों को लगातार बयान दे रहे हैं और उनको आजादी दी आती है कि वो
25:14एरफोर्स वन का जो ऑफिशियल वाइवलेस है उसको इस्तेमाल करके तुरंत ब्राड कास्ट करें अपने हेड़कॉर्टर पे पत्रकारों की बात
25:22कर रहा हूँ
25:23अब वाइट हाउस में भी दोनल्ड ट्रम्प ने इसी तरह का कुछ महाल रखा हुआ है उनकी जो प्रेस सचीव
25:29हैं काफी सारे हैं मुखे प्रेस सचीव हैं उनको कितनी पावर मिली है ये सिर्फ एक अच्छे डेमोक्रसी में हो
25:40सकती है उनका काम ही ये है कि हर रोज गिन ग
25:52काता हूँ ऐसा नहीं है कि जो विरोधी पत्रकार हैं उनको डिस्करेज किया जाता है वाइट हाउस कुछने से उनको
26:02इन्वाइट नहीं किया जाता है विरोधी पत्रकारों को भी उसी जोश खरोश और इजत के साथ इन्वाइट किया जाता है
26:10वाइट हाउस के अंदर ले �
26:12आए जाता है जितने जोश के साथ जो समर्थत पत्रकार हैं न्यूस चैनल्स हैं उनको उनकी वो बहुत अद्बुत भात
26:23है डोनाल्ड ट्रम की परसनेटी बहुत अद्बुत है वो हम भारतियों को समझने में अभी दोहजार सैंतालिस हो जाएगा हमें
26:34समझने में बिल्कुल �
26:35सर ये जो सवाल था उसमें ये भी था सर कि कहीं जल्दबाजी में तो फैसला नहीं लिया जब उनके
26:41अधिकारी चौक जा रहे हैं
26:59चाहे चाहे जो विदेश विभाग है मार्को रूबियो का डिपार्टमेंट या उनके जो पीठ है डिपार्टमेंट ऑफ वार में आप
27:12सुनके हरान हो जाएंगे कि बहुत बड़ी तादाद में मनोवज्यानिक समाजिक शास्त्रिक सोशल साइंटिस्ट आर्थिक सलाकार है
27:25आर्थिक में जैसे भारत में मिनिस्ट्रो डिफेंस में आर्थिक सलाकार होते हैं FADS Financial Advisors Defense Services मैं उनकी बात
27:36नहीं कर रहा हूँ भारत में जैसे अलग-अलग मंत्राएं में IRS की ऑफिसर होते हैं Indian Revenue Services जो
27:42भी है Indian Railway Accounting Services मैं उनकी बात नहीं कर रहा हूँ
27:45टोनल्ड ट्राम्प प्रेसिडेंट के जो पेंटागन है यहां पर रियल रिसर्च करने वाले जैसे युनिविसिटीज में होते हैं Lecturers, Professors,
27:59Research करने वाले आर्थिक सलाकार है
28:01वो सिस्टम इंडिया में है नहीं उनको तंखा उनको इंसेंटिव सरकारी मिलती है लेकिन वो फ्री है कुछ भी बोलने
28:14के लिए अट लिस्ट डोनल्ड ट्राम्प के पहले तो वो फ्री थे कुछ भी बोलने के लिए तो सब चाहते
28:20थे कि युद ना हुआ अब शुरू हो ग
28:31बंद करना है तो इरान ने एक मार्च को जो कारवाई की स्टेट अफ हर्मुज को बंद किया उसको खोलना
28:37है तो डोनल्ड ट्राप ने फाइनली वही किया जो कि उनके सलाकार पिछले साल यही सला उनको की युद्ध मत
28:48करो युद्ध करोगे तो पस जाओगे युद्ध करो
28:54इरान ने तो देखिये पिछले साथ सितंबर में युनाइटेड नेशन के फ्लोर में इरानियन रेप्रसेनेटिव ने दुनिया भर के एक
29:04सो और नपे देशों के सामने बोला था
29:08युनाइटेड नेशन के युए जी के फ्लोर में recorded है कि इरान बहुत कमजोर देश है हम इसराइल और अमरीका
29:15के सामने टिक नहीं पाएंगे लेकिन अगर इसराइल और अमरीका ने हमारे उपर फिर से कुछ किया ये भाशन उब
29:22दे रहे थे युनाइटेड नेशन में इरा
29:29जो है वो फिर स्टेट अफ हर्मुस को बंद करने के लिए मजबूर हो जाएगा और ये अमरीका में सबको
29:38मालूम सिर्फ एक विक्ति जिसको मालूम था लेकिन सुन नहीं रहते हुद थे डोनाल ट्रॉम तो अभी अमरीका में फाइनली
29:45यही हुआ है जो कि उनके प्रोफि�
29:58पक्ष में उनेता है नफ्ताली वेनेट उन्होंने कहा है कि चुनाओ होने दो जैसे ही नई सरकार आएगी यानि हमारी
30:04सरकार इज्राइल में आएगी हम वो करेंगे जिन्हों तिन्याहू नहीं कर पाया इस बार यानि हम इरान में सत्ता परिवरतन
30:09कर देंगे तो वो अपनी
30:28पता चलता कि इसराइल की जनता में सर ये चीज तो है ना कि वो चाहते हैं कि इरान में
30:32सत्ता परिवरतन हो जाए इसलिए तो ये लालस दिया जा रहा है
30:37जाहिर बात है देखिए इसराइल में एक मनोभावना है कि उनको खत्म करने की कोशिश की जा रही है
30:49मैं जैसे बता दूँ कि इसरायल नहीं, जियूज में, जियूज उनके धर्म के लिए मेरा बहुत सम्मान है
30:58जियूज में पिछले 3000 साल से ये मनोभावना है कि उनको खत्म करने की कोशिश की जा रही है
31:05आप याद रखेंगे, उस समय से मैं इसा से 1000 साल पहले की बात कर रहा हूँ, जियूज उसको लगता
31:17था कि जो भी राजा है उनको प्रताडित करने की कोशिश कर रहा है
31:21बाद में इसा के पहले, मैं उस समय की बात कर रहा हूँ, जब मुस्लिम धर्म था भी नहीं
31:29मैं तो रोमन सामराजय देखिए, रोमन सामराजय दो बार उठा, दो बार गिरा
31:36दूनों रोमन अम्पाइस के टाइम में, यानि इसा के 300 वर्षपूर या इसा के 100 वर्षपूर
31:43रोमन सामराजे ने भी जीवस को बहुत प्रताडित किया
31:48उनको भाग जाने के लिए विवश किया
31:51कारण थे अध्यन में करना पड़ेगा
31:57जब Christianity पावर में आई
32:00हम सब सर्फ सोचते हैं कि शायद ये Muslim countries या Muslim दर्मी जीवस को ख़दम करना चाहते हैं
32:08जैसे ही Christianity पावर में आई
32:13मैं एक सो शायदाबदी, दो सो शायदाबदी की बात कर रहा हूँ
32:17Christian एरा की
32:18उस जमान में ये Catholic इस तो convinced थे
32:24कि इसा मसी को किस ने मरवाया
32:28उनकी धरना थी कि इसा मसी को जीवस ने मरवा दिया
32:32जीवस ने जाके वो रोमन पुलिस थी, रोमन आर्मी थी जो भी था उसको बता दिया उन्होंने आई
32:37इसा मसी को प्रताडित कर तो ये जो धरना है और लास्ट हमले लास्ट हमले जीवस के उपर
32:51Christians ने किया अगर हम Crusades की याद रख करें दर्शकों को पता है Crusades क्या है पूरे
33:01स्पेइन से चलते थे घोड़े पर फ्रांस से चलते थे घोड़े पर बैठ कर Switzerland, Italy होते हुए वो पहुचते
33:07थे
33:10जहां अभी इसराइल है
33:12Crusades के दौरान जीवस को किसने प्रताडित किया
33:15किसने जीवस को मार मार के इसराइल से भगाया
33:21Christian forces
33:26यह जो अध्यन करते हैं उनको मालूम है
33:28बिलकिन इसलाम घरम तो आया है यह सातीनी आठीनी शहता अब देर से आया
33:34देवनाश सर क्या यह जो मेरा सवाल था उसमें क्या सर ऐसा नहीं हो सकता है
33:40मैं कई बार यह सवाल आपसे पूछ चुका हूं
33:42मालीजे समझोता हो गया आज
33:4419 जून को अपचारिक तोर पर दोनों देशों की और से हस्ताक्षर भी हो गया
33:47सब रुग गया मामला युद रुग गया
33:49लेकिन इसराइल की जो चाहत है वहां की जनता की जो चाहत है पक्ष विपक्ष दोनों का जो यह सपना
33:55है कि हम इरान में सत्ता परियूरतन करेंगे
33:582027, 2028, 2029 जब तक ट्रम्प हैं का फिर से कोशिश नहीं करेंगे यह
34:06यह बड़ा इंटरस्टिंग सवाल है देखिए जब से इसराइल आजाद हुआ है वो इरान का बहुत ही परम्मित्र था शाओ
34:16अफ इरान के दारान तो बहुत ही परम क्या शाओ इरान इसराइल के साथ उसी तरह से दोस्ते जिस तरह
34:25से आज इसराइल और अमरिका की दोस्ती
34:27ये तो 1979 के बाद से जब वहाँ पर आयतला खमेनी की सत्ता आई
34:37देखें ये एक और दख्या है कि आयतला खमेनी का आया डेथ तू इस्राइल
34:44इस्राइल से खफा होने की एक दूसरी हिस्ट्री है उसके लिए हमें एक और प्रोगाम करना पड़ेगा
34:51जो भी हो इन कारणों की वज़ा से इस्राइल ने 1979 के बाद से कम से कम साथ बार आठ
35:01बार कोशिश की है
35:02कि इस्राइल में मुसाद ने कोशिश किए कि सत्ता परिवर्तन हो जाए
35:06CIA ने मदद की, BRITAN ने मदद की, MI6 ने मदद की
35:10हुआ नहीं हुआ वो अलग बात है
35:13अभी भी करेंगे वो अलग बात है
35:15जाब वो सत्ता परिवर्तन नहीं कर पाते तो क्या करते हैं
35:18कि चलो इनके इस ब्रिगेडियर को मार दो
35:21उनके IRGC के मेजर जनरल को मार दो
35:23इरान के फलाने नुकलियर साइंटिस्ट को मार दो
35:26इरान के फलाइनले नुकलियर इंजिनेर को मार दो
35:29पिछले 20 साल में ये उनके टॉप 10 जनरल्स को मार चुके हैं, मुसाद
35:34पिछले 20 साल में ये इरान के 10 टॉप साइंटिस्ट को मार चुके हैं, मुसाद
35:40ये एक अद्भुत सी विचार धारा है कि
35:45death to Israel
35:47मैं एक sentence बोलना चाहता हूँ
35:49आशा करता हूँ आप या दर्शकों को अगर अद्भुत लगे
35:53आप प्लीज एडिट कर देना
35:55देखिए अधर्मियों का नाश हो
36:00ये काफी सारी धर्मों में
36:03प्रचलित वक्य है
36:06काफी धर्मों में कीर्टन करते वक्त
36:10प्रेयर करते वक्त या concluding जब होता है
36:14पुजा प्रात्ना अधर्मियों का नाश हो
36:17ये कहां जाता है
36:18तो उसका मतलब ये नहीं निकालना चाहिए
36:21कि उसका कोई literally meaning निकाल रहा है
36:27अरब देशों में, मुस्लिम देशों में
36:29death to anyone, death to Nawaz Sharif, death to Imran Khan, death to India
36:38पाकिस्तान चाहिए chanting होती है
36:41हमाँ पर death to India
36:42ये उनका एक सामाजिक तरीका होता है
36:46अपने दुश्मन को
36:48वो अपने नेताओं को बोलते है
36:49death to Imran Khan
36:54तो इसका मतलब ये नहीं है
36:56कि really death to Israel
37:01बिलकुल
37:03बिलकुल
37:03दिवना सर, बहुत शुक्रिया सर
37:05आप जुड़े, आपने कई सारे सवालों के जवाब दिये
37:08आपने बताया कि समझोते में क्या हो सकता है
37:11इसका भविष्ट क्या हो सकता है
37:12क्या फाइदा इरान का है
37:13इरान की कैसी मदद करेगा
37:15अमेरिका, गल्फ कंट्रीज की और से कैसी मदद दिया सकती है
37:18आपने सब कुछ बताया, विस्तार से बताया
37:19उसके लिए बहुत शुक्रिया आपका
37:20तो फिलाल तक की जो अपडेट थी हमने दर्शकों को बता ही दी है
37:23जो नई जानकारी सामने आएगी
37:24इस यूद से जूड़ी हुई, इस तनाव से जूड़ी हुई
37:25वो भी लगाता आपको इन इंडिया पर मिलती रहेगी
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