Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें:
Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks
iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866

📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो : जाना पर जिया नहीं, तो जीने में जान कहाँ || आचार्य प्रशांत (2020)
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant
#आचार्यप्रशांत
#KabirSahabJeevan
#SantKabirBiography
#KabirDasTeachings
#KabirInspiration

Category

📚
Learning
Transcript
00:00कबिरा मन निर्मल भया जैसे गंगा नीर आगे है हमारे सहाब का जलवा पाचे पाचे हरी फिरे कहत कभीर कभीर
00:13तो सहाब को रहरसल थोड़ी करनी पड़ती थी उनको किसी नियम काईदे धर्रे में नहीं बनधना है जरूरत ही नहीं
00:25है न क्योंकि इमानदारी इतनी है
00:30कि वही कह रहे हैं जो जी रहे हैं गए हैं हाट में अपना कपड़ा बेचने वहीं जो हाल देखे
00:38तो जट से कुछ कह दिया कोई सुन रहा था उसने याद कर लिया या लिख लिया उन्होंने खुद थोड़ी
00:47कभी कोई किताब लिखी नजाने कितना बोले होंगे जो किसी की इ
00:59करवार लगता था और उसमें भी यही कहानी है कि बैठते थे तो भी काम करते रहते थे भुनकर थे
01:10तो कपड़ा बुनते रहते थे अब वो बुनते जा रहे हैं किसी ने कुछ कह दिया तो जवाब में कुछ
01:17बातें बोली कुछ पद्ध कुछ गद्ध कोई अगर शागिर्द �
01:23बैठा हुआ है वहाँ पर तो उसने बात को लिख लिया ये है सरलता का सूत्र तुम्हें तैयारी करनी ही
01:31न पड़े तुम्हारा जीवन ही तुम्हारी सीख बन जाए कहते हुए सोचना बिलकुल भी न पड़े छट से बात मानस
01:41में उभर आए किसी अंजाने स्रोत से सहज ही
01:48शब्द होठों पर आ जाए तुमको पता भी ना हो कि ये बात तुमने बोल कैसे दी तुम कहो ये
01:54बात हमें पहले से तो पता ही नहीं थी जैसे सुनने वालों ने ये बात पहली बार सुनी वैसे ही
02:00हमने अभी ये बात बोली तो पहली बार सुनी जिंदगी ऐसी होनी चाहि�
02:06झाल
Comments

Recommended