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  • 1 day ago
भारतीय सेना ने आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 के तहत वर्दी नियमों में व्यापक बदलाव किए हैं. नई नीति का उद्देश्य औपनिवेशिक दौर की पुरानी परंपराओं, शब्दावली और एक्सेसरीज को हटाकर भारतीय पहचान को मजबूत करना है. इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए एक समान यूनिफॉर्म नंबरिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और एकरूपता आएगी. नई गाइडलाइंस में पारंपरिक बंडी जैकेट को औपचारिक परिधान के रूप में मान्यता दी गई है. वहीं, पाउच बेल्ट जैसी पुरानी एक्सेसरीज को हटाया जा रहा है और कुछ औपचारिक नियमों में भी लचीलापन दिया गया है। सेना का मानना है कि यह बदलाव आधुनिक सैन्य जरूरतों और भारतीय सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है.

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Transcript
00:04वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं होती ये पहचान गौरव और एक सैनिक के समान का प्रतीख होती है लेकिन भारत की
00:13सैन्य वर्दियों में आजादी के 75 साल बाद भी ब्रिटिश काल की कई परमपराय मौजूद थी जिसे अब बदलने का
00:21फैसला लिया गया है
00:24आर्मी उनिफॉर्म्स 2026 के तहट भारतिय सैना ने नई ड्रेस गाइडलाइन जारी की है जिसका मकसद है आपनिवेशक दौर की
00:32पुरानी परमपराओं को खत्म करना भारतिय पहचान को मस्बूत करना और तीनो सैनाओं के बीच एक रुपता लाना ये हाल
00:41के सालों में सैना की
00:42वर्दी में किया गया सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है सबसे बड़ा बदलाव भरतिय सेना भरतिय नौ सेना और
00:52भरतिय वायू सेना के लिए एक जैसी उनिफॉर्म नंबरिंग स्कीम का लागू होना है अब तक तीनो सेनाओं में वर्दियों
00:59की पहचान के लिए अल�
01:10का मान ड्रेस नंबरिंग लागू होगी फिशे शक्यों का मानना है कि भारत जिस तेजी से इंटीग्रेटिट थेटर कमान और
01:19संयुक्त सैन्य संचालन की ओर बढ़ रहा है उसमें ये बदलाव बेहत महत्वपूर्ण साबित होगा इससे तीनो सेनाओं के बीच
01:26ताल मेल और
01:28बहतर होगा और प्रशासनिक प्रक्रियाई भी आसान बनेंगी नई नीती में भारतिय संस्कृति की जलक भी साब दिखाई देती है
01:37अब पारंपरिक भारतिय बंडी जैकेट को आपचारिक सिविल ड्रेस का हिस्सा बनाया गया है यानि जहां पहले पशिमी स्टाइल के
01:45फ�
01:57बड़ा कदम माना जा रहा है इसके अलावा मेस ट्रेस नंबर फाइफ और नंबर सिक्स में इस्तिमाल होने वाली पाउच
02:07बेल्ट को हटाया जाएगा जिसे लंबे समय से आपनिवेशक विरासत का हिस्सा माना जा रहा था वहीं रिव्यूइंग ओफिसर के
02:16लिए तलवार �
02:17धारण करना अब अनिवार्य नहीं होगा बलकि ये वैकल्पिक रहेगा ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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