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  • 3 hours ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचत और मितव्ययिता की अपील के कुछ दिनों बाद अपने आधिकारिक काफिले का आकार कम कर दिया है. सुरक्षा प्रोटोकॉल बरकरार रखते हुए काफिले में वाहनों की संख्या घटाई गई और इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं. गृह मंत्री अमित शाहने भी अपने काफिले में कटौती की है. सरकार का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण की शुरुआत शीर्ष नेतृत्व से होनी चाहिए. पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच यह कदम प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों माना जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक इससे जनता और सरकारी संस्थानों को ऊर्जा बचत और स्वच्छ परिवहन अपनाने का मजबूत संदेश जाएगा.

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00:24ुर्जा और संसाधनों को सोच समच कर इस्तिमाल करने की अपील की थी
00:30झ्यास इंकल्प है पेट्रोल डीजल का सयम से इस्तिमाल करना साथ्यों हमें पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करना होगा
01:08इसी अपील के मद्दे नजर PM ने अपने काफिले को भी छोटा करने का फैसला लिया
01:13हाला कि सरकार ने साफ किया कि Special Protection Group के तहट सभी जरूरी सुरक्षा इंतिजाम पूरी तरह बरकरार है
01:21और PM मोदी की सुरक्षा से कोई समझोता नहीं किया गया है
01:28सूत्रों के मताबिक प्रधान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जहां संभव हो काफिले में इलेक्ट्रिक वहनों को
01:36शामिल किया जाए
01:37और इसके लिए नई खरीद से बचते हुए मौजूदा संसाधनों का इस्तिमाल किया जाए
01:42प्रधान मंत्री के बाद ग्रह मंत्री अमिच्षा ने भी अपने काफिले का आकार घटा दिया है
01:52विशेशग्यों का मानना है कि जब शीर्ष ने तरित्व खुद सादगी और उर्जा बचत का उधारन पेश करता है
01:59तो उसका असर जनता और सरकारी तंत्र दोनों पर पड़ता है
02:02भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतीशत से जादा कच्चा तेल आयात करता है
02:08ऐसे में पशिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती तेल कीनतों के बीच सरकार उर्जा बचत और विकल्पिक संसाधमों पर
02:16जोर दे रही है
02:16ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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