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  • 6 weeks ago
अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के बीच चुनाव आयोग ने पार्टियों की टेंशन बढ़ा दी है. आयोग ने सभी दलों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव खत्म होने की तय समय-सीमा के भीतर अपने चुनावी खर्च का ब्योरा जमा करें. साथ ही, आयोग ने उम्मीदवारों को दी गई एकमुश्त राशि का विवरण भी जमा करने को कहा है.  आयोग के मुताबिक, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों के लिए चंदे की सटीक जानकारी देना जरूरी है. आयोग ने ये चेतावनी दी है कि अगर दलों की ओर से दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. दलों के अध्यक्षों और महासचिवों को जारी पत्र में आयोग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, सभी राजनीतिक दलों के लिए हर विधानसभा या लोकसभा चुनाव के बाद अपने चुनाव खर्च का विवरण जमा करना जरूरी है. यह विवरण चुनाव पूरा होने के 75 से 90 दिनों के भीतर जमा करना होगा. मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पार्टियों के लिए चुनाव खर्च का ब्यौरा सीधे चुनाव आयोग को सौंपना जरूरी है तो गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत पार्टियां अपने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ब्यौरा सौंपें. 

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00:03अलग अलग राजियों और कंद्र शासित प्रदेशों में जारी विधान सभा चुनाओं और उप चुनाओं के भी चुनाओं आयोग ने
00:11पार्टियों की टेंशन बरहा दी है।
00:37आयोग ने ये भी चैतावनी दी है कि अगर दलों की ओर से दी गए जानकारी में कोई गड़बरी पाई
00:43जाती है तो उनके खिलाप कारवाई की जाएगी।
01:00विवरन जमा करना जरूरी है या विवरन चुनाओं पूरा होने के 75-90 दिनों के भीतर जमा करना होगा।
01:08माननेता प्राप्त राष्ट्रिये और राज अस्तरिये पार्टियों के लिए चुनाओ खर्च का ब्यवरा सिधे चुनाओ आयोग को सौपना जरूरी है
01:16तो गैर माननेता प्राप्त पंजी कृत पार्टियां अपने राज के मुख निर्वाचन अधिकारी को ब्यवरा सौ�
01:31This is the report of ETV Bharat.
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