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पूरा वीडियो : मुझे साँप से बहुत डर लगता है, मुझे मरे हुए साँप से भी डर लगता है || आचार्य प्रशांत (2024)
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Transcript
00:00साप तो प्रतीक है किसी और डर का लेकिन डरे जा रहे हैं तो कोई बात तो होगी
00:04आज आपको किसी फिजिकल चीज से भी अगर डर लग रहा है तो वो डर साइकलोजिकल है
00:09आपने साप की और डर की बात करी तो कोई कैसे भूलेगा फिर सिग्मन्ट फ्राइट को
00:15तो उन्होंने सपनों पर बहुत काम किया
00:18तो यदि कोई महिला विशेश कर
00:20यदि फ्राइड के पास जाती है और बुलती ही सपने में साप आता है
00:23और मुझे बहुत परेशान करता है
00:25फ्राइड यह नहीं कहते कि तुम पता लगाओ कि
00:27कि वहारे घर के आस पास कही साप तो नहीं है
00:29क्योंकि बात फिजिकल ही नहीं
00:31राइड यह नहीं कहते कि तुम पता करो कि
00:33कहीं बचपन में तुम्हें साप में तो नहीं काटा था
00:35साप किसी बात का प्रतीक है
00:37जो उस महिला के मन में प्रवेश कर चुकी है
00:40पर वो इसको एक कहते कि यह एक phelic symbol है, इस महिला की जो वास्तव एक समस्या है वो
00:45वो भास्त अच्यानिक है, बिलकुल ऐसा हो सकता है, मैं कोई निश्करश नहीं निकाल रहा लेकिन व्याव कि अपकी कोई
00:53बहुत साधरन सी काम ना हो कि और आफिस में मेरा promotion हो जाए, और promotion हो
00:57को नहीं रहा है कुछ अटक रहा है उस अटकाओं का प्रतीक बिचारा सांप बन गया है जीवन में जो
01:02भी डर हों उनको आप जैसे हटाते चलोगे वैसे जैसे आपके मन से फिर सांप का डर भी हटता चलेगा
01:08जिन भी चीजों को लेकर आप जिंदगी में आशंकित रहते हो न
01:11उन्हीं आशंकाओं का प्रतीक बन गया है बिचारा सांप और आशंकाओं का सम्मंद कामनाओं से है जिस चीज कि आप
01:19कामना भहुत रखोगे उसी को लेकर आशंका भहुत रहेगी हुमारी जो कामनाओं होती है वही फिर हमारे जीवन में और
01:26सपनों में इस तरीके के अतार
01:29की प्रूप भी ले करके आ जाती है जिसका मन कामनाओं को बहुत महाथ तो नहीं देता उसके मन में
01:36किसी भी प्रकार के डर भी रह नहीं सकते जीवन को अपने देखते जाएं कि कौन सी चीजों पर जाका
01:43चित तटका हुआ है देखिए कि वहाँ तो ऐसा विलाब होना नहीं है
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