00:01रविवार सुभा तमिल्नाणू के मंदिर शहर रामेश्वरम में अगनी तीर्थम घाट पर आस्था और भक्ती का माहौल दिखा।
00:13हिंदू कैलेंडर के मताबे कमावस्या के मौके पर पूरे इलाके से हजारो भक्त बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित इस
00:21पवित्र घाट पर जमा हुए।
00:22इस मौके पर भक्तों ने अपने पूर्वजो के लिए प्रार्थना की और खास रस्मे निभाई।
00:30साथ ही अपने परिवारों की भलाई और खुशाली के लिए आश्रवाल भी मांगा।
00:44आवश्या के दिन रामेश्वरम में पूजा करने से लोगों को बहुत लाब मिला है।
00:49भगवान राम ने खुद यहां अपने पिता के लिए रस्मे निभाई थी और उसके बाद वे राजा बने।
00:55इसलिए इसे राम नाथ स्वामी पड़िवर्त नई कहा जाता है।
01:00हमारी सभी मन्यते एक साल के अंदर पूरी हो जाएंगी।
01:03रामेशोरम मंदिर की खासियत है कि यहां हम पूजा करते हैं तो हमारी सभी मनोकामनाय पूरी होती हैं।
01:10यहां 22 कूप हैं और उन सभी का पवित्र जल अलग-अलग है।
01:21घाटो पर जमाश्र धालू ना सिर्फ स्थान्य निवासी थे बलकि राज्य की अलग-अलग हिस्सों से भी आए थे।
01:33हम बैकासी अमावस्या के लिए तुतु कूडी से आये हैं।
01:37हम यहां परिवार के साथ रिती रिवाज निवाने आये हैं क्योंकि ऐसी मानेता है।
01:47हिंदू परंपरा और आध्यात्मित्ता में अमावस्या का खास महत्व है।
01:52इसे आत्म जिंतन, प्रार्थना और पूर्वजो को याद करने का दिन माना जाता है।
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