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  • 2 days ago
महाराष्ट्र के अमरावती के तालेगांव दशहर में पाई जाने वाली ईंट इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं. ये ईंट पानी डूबती नहीं हैं, बल्कि पानी में तैरती हैं. पुराने जमाने में इस इलाके में कई मंदिर और इमारतें इस ईंट से बनाई गईं थीं. समय के साथ वो ढांचे ध्वस्त हो गए, लेकिन गांव में ये ईंट अब भी पाई जाती हैं. पर्यटक, शोधकर्ता और इतिहास के जानकार ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इस ईंट में खास बात क्या है?  लोगों ने पानी पर तैरने वाले पत्थर से रामसेतु के निर्माण की कहानी सुन रखी है.. लेकिन पानी पर तैरने वाली ईंट उनके लिए नई कहानी है. बताया जाता है कि मध्यकालीन युग में लोग बड़ी मात्रा में ज्वार को स्टोर करके रखते हैं  और इस दौरान नमी के चलते जो ज्वार खराब हो जाता था, लोग उसे मिट्टी के साथ मिलाकर ईंट बनाते थे. भट्ठी में ईंट को पकाने के दौरान ज्वार जल जाता था. इससे ईंट ना सिर्फ हल्की होती थी.. बल्कि पानी में तैरने लायक भी बन जाती थी.  

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00:24पर्यटक, शोधकरता और इतिहास की जानकार ये जानने की कोशिश कर रहे हैं
00:29की आखिर इस एंट में खास बात क्या है
00:43जिससे एंट के अंदर अंगिनत छोटे छोटे छेद बन जाते हैं
00:47इससे एंट का घनत घट जाता है और एंट हलकी होकर पानी में तैरने लगती है
00:57लोगों ने पानी पर तैरने वाले पत्थर से राम सेतु के निर्मान की कहानी सुन रखी है
01:02लेकिन पानी पर तैरने वाली इंट उनके लिए नई कहानी है
01:06बताया जाता है कि मध्यकालीन युग में लोग बड़ी मात्रा में जवार को स्टोर करके रखते थे
01:12और इस तोरान नमी के चलते जो जवार खराब हो जाता था लोग उसे मिट्टी के साथ मिलाकर इंट बनाते
01:19थे
01:19भट्टी में इंट को पकाने के दोरान जवार जल जाता था
01:23इससे इंट ना सिर्फ हलकी होती थी बलकि पानी में तैरने लायक भी बन जाती थी
01:31शोधकरताओं के लिए ये इंट इसलिए भी एहम है क्योंकि इससे पता चलता है कि पुराने जमाने में भी यहां
01:37के लोग हलके construction material का अच्छा खासा ग्यान रखते थे
01:41शोधकरता इन इंटों के संगरक्षन पर जोर दे रहे हैं
01:45ETV भारत के लिए अमरावती से शशांक लावरे की रिपोर्ट
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