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  • 14 minutes ago
कर्नाटक के हावेरी जिले में होली की अनोखी परंपरा सालों से चली आ रही है. डोल पूर्णिमा पर काम और रति की मूर्तियों की बजाय दो कलाकार काम और रति का रुप धारण कर बैठते हैं. जिनको हंसाने के लिए प्रतियोगिता होती है. रानेबेन्नूर में जो भी शख्स इनको हंसाने में कामयाब होगा. उसको 13 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया गया है. महिलाएं, बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग बारी बारी से मंच पर आते हैं. हाथ में माइक थामते हैं और किस्मत आजमाते हैं. लेकिन कलाकारों के चेहरे पर कोई एक्सप्रेसन नहीं आता है. रानेबेन्नूर में लाइव काम-रति इवेंट 68 साल से और हावेरी शहर में पिछले 16 सालों से हो रहा है और हर साल इलाका बदल दिया जाता है. इस सेलिब्रेशन को लेकर कुछ लोकल मान्यताएं है. जिनकी शादी नहीं हो रही होती है. वो इनको एक पवित्र धागा बांधते है. जिससे इनकी शादी हो जाए वहीं जिनके बच्चे नहीं हो रहे होते हैं. वो इनसे आशीर्वाद लेते हैं.तो काम-रति की ये जीती-जागती परंपरा हर साल ध्यान खींचती है न सिर्फ़ अपने मज़ाक के लिए बल्कि कलाकारों के अनुशासन और संयम के लिए भी. जो बहुत कोशिशों के बाद भी आज तक नहीं हंसे हैं.

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00:28Karnatak
00:30राने बेनूर में जो भी शक्स इनको हसाने में काम्याब होगा उसको 13 लाख रुपए इनाम में देने का ऐलान
00:38किया गया है
00:38महलाएं बच्चे नाजबान और बुजुर्ग बारी बारी से मंच पर आते हैं
00:43हाथ में माईक थामते हैं और किस्मत आजमाते हैं
01:04राने बेनूर में लाइब कामरती इवेंट 68 सालों से और हावेरी में पिछले 16 सालों से होता रहा है
01:12हावेरी में गुरपा सिमी केरी सालों से काम का रूल कर रहे हैं
01:17जैसे ही मैं रती के बगल में बैठता हूँ, मुझे कोई humor महसूस नहीं होता, जब तक वह मेरे बगल
01:23में होती है, मैं serious रहता हूँ, audience चाहे कितने भी jokes क्यों न करे, मैं नहीं हसता, मुझे नहीं
01:30पता क्यों, दूसरे दिनों में मैं normal रहता हूँ, यह role करने के बाद professional comedian ने भी म
01:47जगाने, हसने और हसी को control करने की काबिलियत होनी चाहिए, तभी एक artist को इज़्जत मिलती है, इस celebration
01:54को लेकर, कुछ local मान्यताय हैं, जिनकी शादी नहीं हो रही है, वो इनको पवित्र धागा बानते हैं, जिससे इनकी
02:02शादी हो जाए, वहीं जिनके बच्चे नहीं हो रहे ह
02:05होते हैं, वो इनके आशिरवाद लेते हैं, तो कामरती की ये जीती जागती परंपरा हर साल लोगों का ध्यान खीचती
02:14है, ना सिर्फ मजाक के लिए, बलकि कलाकारों के अनुशासन और संजम के लिए भी, जो बहुत कोशिशों के बाद
02:22भी आज तक नहीं हसे हैं, बिरो रि
02:25पोर्ट, ETV भारत
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