00:00खुशामदीद, आज के इस दिल्चस्प जाइजे में हम सीधा मुद्दे पर आते हैं।
00:04आज हम एक ऐसी सोर्स टेक्स का बिल्कुल गैर जानिबदाराना तज्जिया करने वाले हैं,
00:08जो एस्ट्रॉलजी यानि इल्मे नजूम को हमारी मजमुई सहत के साथ जुड़ती है।
00:12और इस टेक्स्ट में सबसे बड़ा फोकस किस चीज़ पर है?
00:15सूरज की तवनाई पर, मतलब काइनात और हमारे दिल की सहत का आपस में क्या कनिक्शन हो सकता है?
00:20हम यहां किसी चीज़ की तस्दीक या तरदीद नहीं कर रहें, बलके इस सोर्स मटीरियल को उनहीं के पॉइंट आफ
00:25यू से समझने की कोशिश कर रहें हैं।
00:27यह सोर्स वाकई सोचने पर मजबूर कर देती है कि कदीम दौर में लोग इनसानी जिसम और काइनात को किस
00:32तरह एक ही लड़ी में पिरो कर देखते थे।
00:57आने वाला उतार चड़ाओ हमारे अंदर तक असर करता है। यह modern science से बिलकुल हट कर एक नया angle
01:03है, जहां cosmic rhythm और हमारी body के rhythm को एक ही frequency पर माना जाता है। आए देखते हैं
01:09कि text इस सिलसले में और क्या बताती है।
01:27और यह बादशा हमारे जिस्म के तीन नहायत एहम हिस्सों को कंट्रोल करता है। हमारा दिल, हमारी आँखों की रोशनी
01:34और हमारी immunity यानि कुवत मुदाफियत।
01:37टेक्स्ट काता है कि चूँके सूरच से ही जिन्दगी का वजूद है, इसलिए दिल जो के जिस्म का एहम तरीन
01:44हिस्सा है, वो बराहे रास्त इसके कंट्रोल में है।
01:47इसका मतलब यह हुआ कि सूरच के मिजाज में अगर कोई तब्दिली आती है, तो उसका सीधा असर हमारी इन
01:53तीन जिस्मानी सलाहियतों पर पड़ेगा।
02:17लेकिन जब यह एनरजी थोड़ी सी भी हिल जाए, यानि अन्बैलंस्ट हो जाए, तो अचानक दिल घबराने लगता है, आँखों
02:23पर दबाव आता है, और खून के दौरानिये में मसाइल पैदा होते हैं।
02:27यानि इनके मुताबिक अगर आपको अचानक ऐसी बेजानी महसूस हो रही है, तो इस नजरिये से यह सिल्फ आपकी थकान
02:32नहीं, बलके काइनाती एनरजी का इंबैलंस भी हो सकता है।
02:36इस एनरजी के उतार चड़ाओ के हवाले से टेक्स्ट में एक बड़ा स्पेसिफिक एस्ट्रोलोजिकल पॉइंट भी है।
03:06टेक्स्ट के मुताबिक इसका मकसद बलड प्रेशर को बिल्कुल स्टेबल रखना है ताकि दिल पर कोई नगाहनी दबाव ना आए।
03:36पर है कि विटमिन A और हेल्दी फैट्स वाली सुनहरी चीजें अंदरूनी हीलिंग के लिए इंतिहाई मुफीद हैं।
03:42अब आप जरूर सोच रहे होंगे कि इस सुनहरी खुराक में ऐसी कौन सी चीजें शामिल हैं।
04:15ये देखते हैं।
04:16यानि दिल और आँखें।
04:17काफी मुनज़म अप्रोच है, मसला भी बताया और फिर उसकी मुनासिफ घिजाई रेमिडी भी दे दी।
04:22खुराक के इलावा भी इस टेक्स्ट में एक और बड़ा बोर्ड दावा है और वो जुड़ा है नंबर फाइव से।
04:31तो उसकी पहली रोशनी को सिर्फ और सिर्फ पाँच मिनट तक देखना जिसे सन गेजिंग भी कहते हैं, जिसम पर
04:38जबरदस्त असर करता है।
04:39सोर्स का क्लेम है कि ये पाँच मिनट का छोटा सा अमल हमारे दिमाग में मौझूद पीनियल ग्लैंड को जगाता
04:45है।
04:45और जब ये ग्लैंड अक्टिवेट होता है, तो इनके मुताबिक हमारी इम्म्यूनिटी बिलकुल बुलेट प्रूफ हो जाती है।
04:51यानि सुबा के वो पाँच मिनट पूरे जिसम के डिफेंस सिस्टम को आउन करने की एहम तरीन चाबी बन सकते
04:56हैं।
05:24इस सुबा के शमसी अमल को तहरीर ने इन तीन आसान स्टेप्स में समझाया है।
05:51रोशनी को अपने अंदर उतरता मैसूस करते हैं तो सूरज की ये हीलिंग एनरजी आपके दिल को डायरेक्ट शिफा फराहम
05:56करती है।
05:57और इसके साथ साथ तहरीर ने एक पॉस्चर शील्ड यानि जिस्मानी ढाल की भी बात की है।
06:02ये बेसिकली एक फिजिकल पॉस्चर है, अपने पीठ को बिल्कुल सीधा रखकर बैठें, अपना हाथ अपने दिल पर रखें और
06:07सुकून से गहले सांस लें।
06:09सुनने में बहुत बेसिक लगता है न, लेकिन टेक्स दावा करता है कि ये पॉस्चर नर्वस सिस्टम यानि आपके असाबी
06:14निजाम से सारा स्ट्रेस निचोड़ दता है।
06:39तो कोई बीमारी जिसम के करीब नहीं आती। ये जुमला ही सारी बात वाज़े कर देता है। चाहे आप सुनहरी
06:45खुराग खा रहे हों, धूप ले रहे हों, या ब्रीधिंग एक्सेसाइज़ कर रहे हों, इन सब का में गुल बीमार
06:52होने के बाद दवा खाना नहीं है, बलक
07:09प्रीम कायनाती तसवरात हमारी आज की इस तेज रफ्तार और मॉडन जिंदगी में सिहत और सकून लाने में कैसे मदद
07:16कर सकते हैं। अब देखें, चाहे आप एस्ट्रोलजी की इन बातों पर यकीन रखते हूं या नहीं, लेकिन अच्छी और
07:22हेल्धी डायट लेना, सु�
07:34हम ये जरूर सीख सकते हैं कि अपने अंदरूनी और बैरूनी तवानाईयों में तवाजन कैसे लाया जाए। उमीद है आपको
07:41इस टेक्स का ये जाइजा दिल्चस्प और मालूमाती लगा होगा। अगली मरतबा तक के लिए अपना और अपनी सेहत का
07:46बहुत ख्याल रखि
07:47जाए।
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