00:00कभी कभी जंग सिर्फ मिसाइलों और बमों से नहीं लड़ी जाती, कभी कभी जंग दुनिया की ओयल सप्लाई रोप कर
00:07भी लड़ी जाती है और अब इरान और अमेरिका के बीच चल रहा कॉनफ्लिक्ट इसी खतरनाक मोड पर पहुँच गया
00:13है।
00:14पिछले करीब दो से तीन महीनों से एरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।
00:44अभी भी everyone और no one की warning दे रहे हैं।
00:47यानि अमेरिका पीस डील की बात कर रहा है लेकिन इरान ओइल रूट्स और स्ट्रेट अफ हॉर्मूज को लेकर प्रेशर
00:53गेम जारी रखे हुए है।
00:54अमेरिका के प्रेजडेंट डॉनल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि इरान के साथ डिसकॉशन्स अब इरानियन लीडर्शिप के हाइस्ट लेवल
01:02तक पहुँच चुकी है।
01:03ट्रम्प का कहना है कि डील के फाइनल पॉइंट्स पर अप्रूवल मिल चुका है और इसी वज़े से उन्होंने इरान
01:09पर होने वाली शिड्यूल्ड स्ट्राइक्स और बॉम्बिंग्स को कैंसल कर दिया।
01:13ट्रम्प के मुताबिक इस डिसकशन में सिर्फ अमेरिका और इरान ही नहीं बलकि इसराइल, साउधी अरेबिया, UAE, कतर, तुर्की, पाकिस्तान,
01:22बहरेन, कुवेट, जॉर्डन, एजिप्ट और कई दूसरे देश भी शामिल हैं।
01:26ट्रम्प का कहना है कि अग्रीमिंट के फाइनल पॉइंट्स, कॉंसेप्ट और डीटेल दोनु लेवल पर अप्रूव हो चुके हैं और
01:32साइनिंग की टाइम और प्लेस जल्द अनाउंस की जाएगी।
01:35अमेरिका की तरफ से मैसिच साफ है, डील हो रही है, डिप्लॉमसी आगे बढ़ रही है और कॉन्फलिक्ट को रोकने
01:41की कोशिश की जा रही है।
01:43लेकिन यहीं पर कहानी पलट जाती है, क्योंकि इसी समय इरान की तरफ से बिलकुल अलग सिगनल आ रहा है।
01:49इरान के कमांडर्स और IRGC लिंक्ट स्टेटमेंट्स में कहा जा रहा है कि गल्फ रीजिन की सेक्योरिटी सब के लिए
01:56होनी चाहिए या फिर किसी के लिए नहीं।
01:58इसी लाइन को एवरी वन और नो वन स्टैंस के तौर पर देखा जा रहा है।
02:02सीधे शब्दों में समझिये, इरान कह रहा है कि अगर सैंक्शन्स, मिलिटरी प्रेशर या नेवल ब्लॉकेट के जरिये उसकी ओईल
02:09सप्लाई और एक्सपोर्स को रोका गया, तो वो दूसरे गल्फ कंट्रीज की ओईल और गैस सप्लाई को भी आसानी से
02:15गुजरने नहीं �
02:16यानि एक तरफ अमेरिका कह रहा है डील फाइनल स्टेज में है और दूसरी तरफ इरान कह रहा है अगर
02:22हमारी सप्लाई रुकेगी तो किसी की सप्लाई सेफ नहीं रहेगी, यही कॉन्ट्रिक्शन इस पूरे कॉन्फलिक्ट को और खतरनाक बना रहा
02:29है, सबसे बड़ा प्र
02:44अर्मूज बेहत जरूरी है ऐसे में अगर इरान इस रूट पर प्रेशर बनाता है तो असर सिर्फ अमेरिका या इसराइल
02:50तक सीमित नहीं रहेगा, इसका असर इंडिया, यॉरॉप, अमेरिका और पूरी ग्लोबल एकॉनमी पर पढ़ सकता है, ओल प्राइसेज बढ़
03:00सकत
03:02और इंफ्लेशन पर भी प्रेशर आ सकता है, ट्रॉम्प ने स्ट्राइक्स कैंसिल जरूर की है, लेकिन अमेरिका की नेवल ब्लॉकेड
03:08अभी भी जारी है, यही बात इरान को सबसे जादा चुब रही है, इरान के लिए ये साफ कॉन्ट्रिक्शन है,
03:15कि एक तरफ अमेरिका
03:16पीस डील की बात कर रहा है, और दूसरी तरफ मिलिटरी प्रेशर और ब्लॉकेड भी बनाई हुए है, इरान की
03:22तरफ से मेसिज साफ है, अगर हमारी एकॉनमी और एनरजी एक्सपोर्ट्स को चोक किया जाएगा, तो हम भी गल्फ एनरजी
03:28रूट्स पर प्रेशर बनाएंग
03:30IRGC और इरान की मिलिटरी कमांड पहली ही अमेरिका और इस्राइल को वार्निंग दे चुकी है, कि अगर इरान पर
03:36फिर अटैक हुआ, तो जवाब सिर्फ मिडल इस्ट तक सीमित नहीं रहेगा।
04:09पहले सीजफायर की बात होती है, फिर कोई अटैक होता है, फिर जवाबी स्ट्राइक होती है, और फिर डिप्लामिसी दुबारा
04:15शुरू हो जाती है।
04:16इस बार भी अमेरिका स्ट्राइक्स कैंसल करने की बात कर रहा है, लेकिन ब्लॉकिट हटाने को तयार नहीं दिख रहा।
04:22दूसरी तरफ इरान टॉक्स में शामिल दिख रहा है, लेकिन कमांडर स्ट्रेट अफ हॉर्मूस को लेकर वार्निंग दे रहे हैं।
04:29इस टेंशन का असर ओयल मार्केट पर भी दिख रहा है।
05:27ग्लोबल सप्लाई चेन पर बड़ा आसर पड़ सकता है।
05:29को और आगे बढ़ाता है।
05:30क्योंकि अगर डील साइन होती है, तो ये एरान-अमेरिका-इसराइल कॉन्फिक्ट में बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकता है।
05:37लेकिन अगर टॉक्स फिर अटकती हैं, तो हॉर्मूज और ग्लोबल ओयल मार्केट दोनों में नया भूचाला सकता है।
05:43यही वज़ा है कि ट्रम्प के अटैक रोकने के बावजूद, इरान-अमेरिका कॉन्फिक्ट अभी खतम नहीं हुआ है।
05:49यह सिर्फ एक पॉज है या पीस की शुरुवात इसका फैसला आने वाले दिनों में होगा।
05:54तब तक ऐसे ही अपडेट्स के लिए बने रहें हमारे साथ Only on One India Hindi।
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