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The Twisha Sharma Death Case has taken another dramatic turn. Amid allegations related to pregnancy, abortion, mental harassment and a mysterious death, retired judge Giribala Singh was seen reading The Pregnant King inside Bhopal Central Jail. Is it merely a coincidence, or a detail that has intensified public curiosity? In this video, we break down the 31-day timeline, the CBI investigation, family allegations, legal developments, and the controversy surrounding the viral jail image.

ट्विशा शर्मा डेथ केस में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। प्रेग्नेंसी, कथित अबॉर्शन, मानसिक प्रताड़ना और रहस्यमयी मौत के आरोपों के बीच भोपाल सेंट्रल जेल में बंद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को 'The Pregnant King' पढ़ते हुए देखा गया। क्या यह महज एक संयोग है या फिर ऐसा घटनाक्रम जिसने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है? इस वीडियो में जानिए 31 दिनों की पूरी टाइमलाइन, सीबीआई जांच, परिवार के आरोप और अब तक के बड़े खुलासे।

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Transcript
00:04एक बहु मर गई आरोप है कि प्रेगनेंसी को लेकर उस पर दबाब बनाया गया था आरोप है कि उसे
00:10मानसिक तौर पर प्रतारत किया गया उसी मामले में जेल पहुची रिटायर जज़ सास बैरक में बैट कर पढ़ रही
00:18है दब प्रेगनेंट किंग एक ऐसी किताब जिसकी कह
00:21कहानी गर्ब, सत्ता और शरीर पर नियंतरण के इर्द गर्द घूमती है और एक तरफ एक ऐसा केस जिसमें प्रेगनेंसी,
00:29कथे तबोर्शन, मानसिक प्रतार्ना और संदिक्द मौच जैसे आरोपों की जाच चल रही है क्या ये सिरफ एक सईयोग है
00:36या फिर तुशा शर्म
00:37केस में ऐसा कुछ है जो अभी भी परदे के पीछे छुपा हुआ है क्योंकि 30 दिन पहले शुरू हुई
00:44इस कहानी में अब इतने मोड आ चुके हैं कि लोगों के लिए ये समझना मुश्किल हो गया है कि
00:49आखिर सच क्या है आत्म हत्या हत्या या फिर घरेलू प्रतार्ना या
00:54आफिर इस सब के बीच कहीं छिपा है कोई और सच नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक और आप देख रहे
01:00हैं One India Hindi और आज हम बात करेंगे देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक बन चुके त्विशा
01:06शर्मा डेथ केस की 12 मई 2026 मौडल और एक्रिस त्विशा शर्मा अ�
01:22वाल उठाना शुरू कर देता है परिजनों का रोप था कि त्विशा लंबे समय से मांसिक और घरेलू प्रतार्ना का
01:29सामना कर रही थी यहीं से शुरू होती है वो लड़ाई जो एक परिवार के दर्ट से निकल कर पुलिस
01:34अदालत महिलायोग और आखिरकार CBI तक पहुच �
01:38जाती है तेरा मई को पोस्मार्टम किया जाता है 14 मई को परिवार पुलिस कमिशनर कार्याल ले पहुचता है और
01:44विरोध दर्ट करता है परिवार का रोप था कि मामले को जल्दबाजी में खुद खुशी पताने की कोशिश की जा
01:50रही है इसके बाद F.I.R. दर्ट की जाती
02:09परिवार का दावा था कि तुशा को लेकर कुछ ऐसी परस्तितियां थी जिनकी कमभीर जाच होनी चाहिए दूसरी तरफ ससुराल
02:16पक्ष की ओर से मानसिक स्वास्त और डिप्रेशन का आंगल सामने आता है यानि कहानी अब दो हिस्सों में बढ़
02:23चुकी थी एक पक्ष कह र
02:26रही थी तो दूसरा पक्ष कह रहा था कि वह मानसिक स्वास संबंदी समस्याओं से जूज रही थी और इसी
02:32टकराव ने पूरे मामले को और जादा उलजा दिया
02:3516 माई तक परिवार ने जाज किसी दूसरी एजेंसी को सौपने की मांग शुरू कर दी 18 माई को अग्रिम
02:41जमानत की कानूनी लडाई शुरू हुई 20 माई को राश्य महला आयोग ने भी मामले में संग्यान लिया
02:4723 माई तक मामला सुप्रीम कोट तक पहुच गया और फिर आया वो मोड जिसने इस केस की दिशाही बदल
02:54दी
02:5427 माई हाई कोट ने रिटायर जजज गिरिबाला सिंग और उनके बेटे समठ सिंग की अग्रिम जमानत याचिका खारिच कर
03:01दी यानि गिरफतारी का रास्ता साफ हो गया
03:04इसके बाद घटना करम तेजी से बदलता है, CBI सक्रिय होती है, पूरे मामले की फाईले खंगाली जाती है और
03:11फिर गिरफतारी होती है
03:12अब एक रिटायट जज जो कभी अदालत में बैठ कर फैसले सुनाती थी खुदारोपी के रूप में नयाए खिरासत में
03:20पहुच चुकी है
03:21लेकिन दोस्तों यहीं से इस केस में एक और बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है, क्या शुरुआती जाच पूरी तरह
03:27निश्पक्ष थी
03:28परिवार के वकील ने दावा किया कि घटना स्तल की तस्वीरों में दो बैल दिखाई दे रही थी, लेकिन जबती
03:34सिरफ एक ही गई है
03:35ये भी आरोप लगाया गया कि कुछ महत्वपून दस्तावेज और जानकारी आरोपी पक्ष तक कैसे पहुची
03:41हाला की इन आरोपों की अधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है
03:45लेकिन यही सवाल अब CBI की जाच और महत्वपून बना रहे हैं
03:49अब बात करते हैं उस हिस्से की जिस पर पूरे देश की नजरेट टिकी हुई है
03:55CBI आखिट जाच कैसे कर रही है जाच तीन स्तरों पर चल रही है
03:59पहला medical evidence क्या pregnancy और abortion को लेकर लगाए गया रोपों का कोई अधार है
04:05क्या medical record और post-matem report किसी दिशा की और इशारा करते हैं
04:10दूसरा digital evidence, mobile phone, whatsapp chat, call record, email और यहां तक की delete किया गया डेटा भी खंगाला
04:18जा रहा है
04:19क्योंकि कई बार सच शब्दों में नहीं बलकी chat history में छिपा होता है
04:23तीसरा forensic evidence, फंदा कमरे की स्तिती, शरीर पर मिलने वाले निशान
04:29और घटना स्तल से मिले हट छोटे बड़े सबूत की जाच की जा रही है
04:33CBI की कोशिश है कि किसी थियोरी पर नहीं बलकी सिरफ सबूतों पर भरोसा किया जाए
04:39और इसी बीच जेल से एक तस्वीर सामने आती है
04:42बोपाल सेंटरल जेल में महिला आयोग की टीम निरक्षन करने पहुचती है
04:46टीम महिला वाट का निरक्षन कर रही थी उसी दौरान उनकी नजर गिरिबाला सिंग पर पढ़ती है
04:51वे किताब पढ़ रही थी, किताब का नाम था The Pregnant Care
04:55सोशल मीडिया पर अब भहस शुरू हो गई है क्योंकि जिस केस में कथित प्रेगनेंसी और अबोर्शन चर्चा के केंद्र
05:01में हो
05:02उसी केस की आरोपी जेल में बैठ कर ऐसी किताब पढ़ती दिखाई दे तो लोगों का ध्यान जाना सोभाविक है
05:07कुछ लोगों ने इसे महच सयोग कहा, कुछ लोगों ने इसे प्रतिकात्मक बताया
05:13लेकिन सच यही है कि इस तस्वीर ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है
05:18रिपोर्ट्स के अनुसार गिरिबाला सिंग ने अपने नयाएक करियर में जिन अपरादियों को सजा सुनाई थी
05:24आज उनमें से कोई कैदी उसी जेल में बंद है यानि कभी फैसले सुनाने वाली जज आज उनी दिवारों के
05:31भीतर कैद है
05:33दोस्तों 31 दिन बीच चुके हैं एक बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही
05:37एक परिवार नयाई की मांग कर रहा है एक रिटायर जज और उनका बेटा जेल में है
05:42और CBI सच की तलाश में जुटी हुई है लेकिन आज भी कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब नहीं मिला
05:48है
05:48क्या त्विशा सच मुछ मांसिक दबाव में थी?
05:51क्या प्रेगनेंसी और अबोर्शन को लेकर लगाए गया रोपों में सच्चाई थी?
05:55क्या शुरुवाती जाच में कोई बड़ी चूख हुई है और सबसे बड़ा सवाल क्या ये वास्तव में आत्म हत्या थी?
06:01या फिर इस कहानी का सबसे बड़ा सच अभी सामने आना बाकी है
06:06कभी अदालत में फैसले सुनाने वाली जज आज खुद अदालत के फैसले का इंतजार कर रही है
06:11और फिशा शर्मा का परिवार आज भी सिरफ एक ही चीज मांग रहा है सच
06:16अब फैसला अदालत करेगी, CBI अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, सबूत अपनी कहानी बताएंगे
06:22लेकिन तब तक तक तुशा शर्मा केस देश के सामने एक असहत सवाल छोड़ चुका है
06:28क्या हर संदिक्द मौत के पीछे की सचाई उतनी ही सरल होती है जितनी पहली नजर में दिखाई देती है
06:34या फिर कई बार असली कहानी, पोस्मातम रिपोर्ट, अदालत की फाइलो और बंद दर्वाजों के पीछे चुपी होती है
06:41पिलाल जाज तो जारी है और शायद आने वाले दिनों में भई जाज बताएगी कि त्विशा शर्मा की मौत की
06:46कहानी आखिर शुरू कहां से हुई थी और खतम कहां पे होगी
06:50आपकी इस पर क्या राय है हम इस जरूर बताएए आप देख रहे हैं One India Hindi
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