00:04एक बहु मर गई आरोप है कि प्रेगनेंसी को लेकर उस पर दबाब बनाया गया था आरोप है कि उसे
00:10मानसिक तौर पर प्रतारत किया गया उसी मामले में जेल पहुची रिटायर जज़ सास बैरक में बैट कर पढ़ रही
00:18है दब प्रेगनेंट किंग एक ऐसी किताब जिसकी कह
00:21कहानी गर्ब, सत्ता और शरीर पर नियंतरण के इर्द गर्द घूमती है और एक तरफ एक ऐसा केस जिसमें प्रेगनेंसी,
00:29कथे तबोर्शन, मानसिक प्रतार्ना और संदिक्द मौच जैसे आरोपों की जाच चल रही है क्या ये सिरफ एक सईयोग है
00:36या फिर तुशा शर्म
00:37केस में ऐसा कुछ है जो अभी भी परदे के पीछे छुपा हुआ है क्योंकि 30 दिन पहले शुरू हुई
00:44इस कहानी में अब इतने मोड आ चुके हैं कि लोगों के लिए ये समझना मुश्किल हो गया है कि
00:49आखिर सच क्या है आत्म हत्या हत्या या फिर घरेलू प्रतार्ना या
00:54आफिर इस सब के बीच कहीं छिपा है कोई और सच नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक और आप देख रहे
01:00हैं One India Hindi और आज हम बात करेंगे देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक बन चुके त्विशा
01:06शर्मा डेथ केस की 12 मई 2026 मौडल और एक्रिस त्विशा शर्मा अ�
01:22वाल उठाना शुरू कर देता है परिजनों का रोप था कि त्विशा लंबे समय से मांसिक और घरेलू प्रतार्ना का
01:29सामना कर रही थी यहीं से शुरू होती है वो लड़ाई जो एक परिवार के दर्ट से निकल कर पुलिस
01:34अदालत महिलायोग और आखिरकार CBI तक पहुच �
01:38जाती है तेरा मई को पोस्मार्टम किया जाता है 14 मई को परिवार पुलिस कमिशनर कार्याल ले पहुचता है और
01:44विरोध दर्ट करता है परिवार का रोप था कि मामले को जल्दबाजी में खुद खुशी पताने की कोशिश की जा
01:50रही है इसके बाद F.I.R. दर्ट की जाती
02:09परिवार का दावा था कि तुशा को लेकर कुछ ऐसी परस्तितियां थी जिनकी कमभीर जाच होनी चाहिए दूसरी तरफ ससुराल
02:16पक्ष की ओर से मानसिक स्वास्त और डिप्रेशन का आंगल सामने आता है यानि कहानी अब दो हिस्सों में बढ़
02:23चुकी थी एक पक्ष कह र
02:26रही थी तो दूसरा पक्ष कह रहा था कि वह मानसिक स्वास संबंदी समस्याओं से जूज रही थी और इसी
02:32टकराव ने पूरे मामले को और जादा उलजा दिया
02:3516 माई तक परिवार ने जाज किसी दूसरी एजेंसी को सौपने की मांग शुरू कर दी 18 माई को अग्रिम
02:41जमानत की कानूनी लडाई शुरू हुई 20 माई को राश्य महला आयोग ने भी मामले में संग्यान लिया
02:4723 माई तक मामला सुप्रीम कोट तक पहुच गया और फिर आया वो मोड जिसने इस केस की दिशाही बदल
02:54दी
02:5427 माई हाई कोट ने रिटायर जजज गिरिबाला सिंग और उनके बेटे समठ सिंग की अग्रिम जमानत याचिका खारिच कर
03:01दी यानि गिरफतारी का रास्ता साफ हो गया
03:04इसके बाद घटना करम तेजी से बदलता है, CBI सक्रिय होती है, पूरे मामले की फाईले खंगाली जाती है और
03:11फिर गिरफतारी होती है
03:12अब एक रिटायट जज जो कभी अदालत में बैठ कर फैसले सुनाती थी खुदारोपी के रूप में नयाए खिरासत में
03:20पहुच चुकी है
03:21लेकिन दोस्तों यहीं से इस केस में एक और बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है, क्या शुरुआती जाच पूरी तरह
03:27निश्पक्ष थी
03:28परिवार के वकील ने दावा किया कि घटना स्तल की तस्वीरों में दो बैल दिखाई दे रही थी, लेकिन जबती
03:34सिरफ एक ही गई है
03:35ये भी आरोप लगाया गया कि कुछ महत्वपून दस्तावेज और जानकारी आरोपी पक्ष तक कैसे पहुची
03:41हाला की इन आरोपों की अधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है
03:45लेकिन यही सवाल अब CBI की जाच और महत्वपून बना रहे हैं
03:49अब बात करते हैं उस हिस्से की जिस पर पूरे देश की नजरेट टिकी हुई है
03:55CBI आखिट जाच कैसे कर रही है जाच तीन स्तरों पर चल रही है
03:59पहला medical evidence क्या pregnancy और abortion को लेकर लगाए गया रोपों का कोई अधार है
04:05क्या medical record और post-matem report किसी दिशा की और इशारा करते हैं
04:10दूसरा digital evidence, mobile phone, whatsapp chat, call record, email और यहां तक की delete किया गया डेटा भी खंगाला
04:18जा रहा है
04:19क्योंकि कई बार सच शब्दों में नहीं बलकी chat history में छिपा होता है
04:23तीसरा forensic evidence, फंदा कमरे की स्तिती, शरीर पर मिलने वाले निशान
04:29और घटना स्तल से मिले हट छोटे बड़े सबूत की जाच की जा रही है
04:33CBI की कोशिश है कि किसी थियोरी पर नहीं बलकी सिरफ सबूतों पर भरोसा किया जाए
04:39और इसी बीच जेल से एक तस्वीर सामने आती है
04:42बोपाल सेंटरल जेल में महिला आयोग की टीम निरक्षन करने पहुचती है
04:46टीम महिला वाट का निरक्षन कर रही थी उसी दौरान उनकी नजर गिरिबाला सिंग पर पढ़ती है
04:51वे किताब पढ़ रही थी, किताब का नाम था The Pregnant Care
04:55सोशल मीडिया पर अब भहस शुरू हो गई है क्योंकि जिस केस में कथित प्रेगनेंसी और अबोर्शन चर्चा के केंद्र
05:01में हो
05:02उसी केस की आरोपी जेल में बैठ कर ऐसी किताब पढ़ती दिखाई दे तो लोगों का ध्यान जाना सोभाविक है
05:07कुछ लोगों ने इसे महच सयोग कहा, कुछ लोगों ने इसे प्रतिकात्मक बताया
05:13लेकिन सच यही है कि इस तस्वीर ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है
05:18रिपोर्ट्स के अनुसार गिरिबाला सिंग ने अपने नयाएक करियर में जिन अपरादियों को सजा सुनाई थी
05:24आज उनमें से कोई कैदी उसी जेल में बंद है यानि कभी फैसले सुनाने वाली जज आज उनी दिवारों के
05:31भीतर कैद है
05:33दोस्तों 31 दिन बीच चुके हैं एक बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही
05:37एक परिवार नयाई की मांग कर रहा है एक रिटायर जज और उनका बेटा जेल में है
05:42और CBI सच की तलाश में जुटी हुई है लेकिन आज भी कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब नहीं मिला
05:48है
05:48क्या त्विशा सच मुछ मांसिक दबाव में थी?
05:51क्या प्रेगनेंसी और अबोर्शन को लेकर लगाए गया रोपों में सच्चाई थी?
05:55क्या शुरुवाती जाच में कोई बड़ी चूख हुई है और सबसे बड़ा सवाल क्या ये वास्तव में आत्म हत्या थी?
06:01या फिर इस कहानी का सबसे बड़ा सच अभी सामने आना बाकी है
06:06कभी अदालत में फैसले सुनाने वाली जज आज खुद अदालत के फैसले का इंतजार कर रही है
06:11और फिशा शर्मा का परिवार आज भी सिरफ एक ही चीज मांग रहा है सच
06:16अब फैसला अदालत करेगी, CBI अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, सबूत अपनी कहानी बताएंगे
06:22लेकिन तब तक तक तुशा शर्मा केस देश के सामने एक असहत सवाल छोड़ चुका है
06:28क्या हर संदिक्द मौत के पीछे की सचाई उतनी ही सरल होती है जितनी पहली नजर में दिखाई देती है
06:34या फिर कई बार असली कहानी, पोस्मातम रिपोर्ट, अदालत की फाइलो और बंद दर्वाजों के पीछे चुपी होती है
06:41पिलाल जाज तो जारी है और शायद आने वाले दिनों में भई जाज बताएगी कि त्विशा शर्मा की मौत की
06:46कहानी आखिर शुरू कहां से हुई थी और खतम कहां पे होगी
06:50आपकी इस पर क्या राय है हम इस जरूर बताएए आप देख रहे हैं One India Hindi
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