00:06ुकेरी गई इस कलाकृती की कीमत 20,000,00,000,000 हो सकती है
00:10वैसे तो ये कलाकृतियां अनमोल है
00:14लेकिन Realiance Group ने हाल ही में इनमे से एक क्रिती को 20,000,00,000,000 है
00:20और एक दूसरी नकाशी को भी खरीदने में रुची दिखाई है
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01:33ुरिषा की प्राचेंतम और अनुखी परंपरा है।
01:37कागज की खोज होने से पहले रामायन, पुरान, भगवत, गीता और जातक कथाएं तार पत्र पर ही लिखी गई।
01:44यह काफी कठिन कला है और इसमें बहुत ही कुशलता की जरुरत होती है।
01:48ऐसी परंपरा कहीं और नहीं देखी जाती है।
01:52राश्ट्रिय प्रसकार बिजेता, सरत कुमार प्रदान ने नीम पाड़ा और ओरीशा को इस कला में पहचान दिलाई है।
02:02गोगुल बिहारी पटनायक और पदमशिरी बिनोद महराना से ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके शरत कुमार प्रदान ने ताड़ पत्र कला को
02:12अपने जीवन का मकसद बना लिया है।
02:15वो ताड़ पत्रों को एकठा कर उसे नीम और हल्दी के पानी में उबालते हैं। फिर उस पर भगवान जगनाथ
02:22और भारतिय संस्कृती को उखेरते हैं।
02:34दुर्भाग के परण है कि ये कला पतन की ओर बर रही है। हलाकि कुछ समर्पित कलाकार और उस साही
02:40युवा इसे संडक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
02:43शरतकुमार प्रधान इसी समर्पन के उदारन है। राष्ट्रे प्रसकार जीत कर उन्होंने राजी का मान बढ़ाया है।
02:50सरकारी मदद बाजार तक इसकी पहुँच और नए कलाकारों को मदद मिले तो भावी पीड़ी के लिए इस कला को
02:56बचाना संभव हो पाएगा।
03:02शरतकुमार प्रधान इस कला को बचाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे है।
03:07NEED KALAKARO की MADD KAYLAYE UNHONNE 22 MEđ BHOLANA NAATH GURUKUL FAUUNDAYSUNG KEEZ THAPNA KEE
03:14JEHAIN UNKI DEEK REEK MEN NEED KALAKAR APNE SAPNOS KO SAKAR KAR RAHI HAYE
03:19AGAR SAMUAJ, SERKAR OR YUVA PYRHI MILKAR KAM KARAYE
03:24TOO IS PARAMPARA KO AGE BADHAYA JA SAKTA HAYE
03:27ETV BHAARAT KAYLAYE UDISHAH KAYE NIMA PARA SAYE
03:31BIRENJAN MALIK KAY RIPORTS
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