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  • 3 days ago
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के बाबकपुर गांव के युवा किसान विक्रमजीत सिंह ने 45 डिग्री तापमान वाले मैदानी क्षेत्र में सेब की सफल खेती कर नई मिसाल कायम की है. एमटेक डिग्रीधारी विक्रमजीत ने 50 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी छोड़कर आधुनिक बागवानी को अपनाया. उन्होंने अल्ट्रा हाई डेंसिटी फार्मिंग और ड्रिप सिंचाई तकनीक की मदद से डेढ़ एकड़ में सेब का बाग लगाया है. ‘अन्ना’ और ‘गोल्डन डोरसेट’ जैसी कम ठंड में फल देने वाली किस्मों से उन्हें शानदार उत्पादन मिल रहा है. उनके सेब बाजार में 120 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं. यह मॉडल हरियाणा के किसानों के लिए आय बढ़ाने और आधुनिक खेती अपनाने की प्रेरणा बन रहा है.

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Transcript
00:10ुखाने के लिए कश्मीर की बरफीली वादिया और हिमाचल की ठंडी हवाएं चाहिए वही सेब अब हर्याना की तप्ती धर्ती
00:21पर लहरा रहा है
00:2745 degree
00:29की जुलसा देने वाली गर्मी
00:30तपती हवाए
00:32और उसी के बीच लाल-लाल
00:34सेबो से लदा एक बाग
00:36ये किसी चमतकार की
00:38कहानी नहीं बलकि एक
00:40युवा किसान के जिद जुनून
00:42और वग्यानिक सोच की कहानी है
00:49जहां पर एक
00:50इंजिनियर किसान ने
00:52कमाल करके दिखाया है
00:53और अपने खेत में सेबुगाया है
00:56तस्वीरों में अपके सामने है
00:57पेसे से कम्प्यूटर इंजिनिरिंग
01:00की हुई है
01:0150,000 रुपिये महिना नोकरी भी करता था
01:04एक अच्छा पैकेज था
01:05लेकिन अच्छे पैकेज को छोड़कर उसने
01:07बागवानी की तरफ रूख किया
01:09और बागवानी में उसने
01:11सेब की खेती को चुना
01:12और उन्होंने एक ऐसी तकनीक को पनाया
01:15कि एक एकड़ से
01:17पांच एकड़ जितना उत्पादर भा है
01:19कुरुक्षेतर के बाबकपुर गाउं में
01:22इन दिनों एक खेत
01:23चर्चा का केंद्र बना हुआ है
01:25इस बदलाव के पीछे है
01:27युवा किसान विक्रम जीत से
01:33उन्होंने नौकरी छोड़ी
01:35जोखेम उठाया
01:36और मिट्टी को अपनी मन्जल बना लिया
01:39आज उनके पास
01:40देड़ एकर में सेब का बाग है
01:43जबकि करीब आठ एकर में
01:45अमरूद, लीची और
01:47नाशपाती की खेती हो रही है
01:49जो कभी एक प्रयोग था
01:51आज वो लाखो की कमाई का
01:53जरिया बन चुका है
01:59अरन क्या था जैसे कि उनके
02:00फ्रिट फ्रिट पे प्लांट लगे
02:01प्रोडुक्शन अच्छी आती थी उनकी
02:04तो मेरे में भी कुछ ऐसा रहता था
02:06कि क्या क्या करें कैसे करें
02:07और जब हमने एपल को
02:10चूज किया तो हमने दिखा
02:12कि मोसम हाई माचल के अंदर
02:14तकरीबन सारा मोसम एक जैसा
02:16नहीं है कुछ जगा
02:17होट कलाइमेट भी है
02:20हमारे हरियाने जैसे
02:22होट कलाइमेट इतना ही टेंपरेचर है
02:26और तो हमने
02:27उनमें से वहाँ से फ्रूट सेलेक्ट किये
02:30विक्रम जीत ने अपने खेत में
02:32अल्ट्रा हाई डेंसिटी
02:33फार्मिंग तकनीक अपनाई
02:35इस तकनीक की खासियत ये है
02:37कि कम जमीन से कई गुना
02:39ज़्यादा उत्पादन लिया जा सकता है
02:41महस एक एकड में करीब
02:43पंद्रा सो पौधे
02:44हर पौधे तक डिप सिस्टम से
02:47पहुचता है पानी
02:48और हर बूंद का पूरा उपियोग होता है
02:50यानि कम लागत
02:52कम पानी और ज़्यादा उत्पादन
02:59हमारा ये चार साल पहले लगा था सर
03:02और मालो ये प्लांट फ्रूट तोडएंगे
03:05तो फिफ्ट एयर में जाएगा ये
03:06अब इसकी प्लांटेशन पूरे मैचोर हो चुके है
03:09पूरा फ्रूट पूरा त्यार है
03:24मंडी में ये सेब 120 रुपे प्रती किलो बिक रहे है
03:28जबकि खुरदरा बाजार में कीमत 200 रुपे प्रती किलो तक पहुच रही है
03:32विक्रम जीत का अनुमान है
03:34कि इस सीजन में एक एकड़ से करीब
03:37धाई लाख रुपे की आमदनी होगी
03:39और आने वाले सालों में जब पौधे पूरी तरह विकसित हो जाएंगे
03:44तो उत्पादन भी दोगना होगा और मुनाफ़ा भी
03:54इसमें चनोतियां काफी है
03:56यहाँ गर्म इलाका है तो कई पर टेंपरेचर हाई भी हो जाता है
04:01तो इसके अंदर मोसम के हिसाब से
04:17आज बेटे की सफलता पर पिता गुर्मीत सिंग का सीना गर्व से चोड़ा है
04:23परिवार दूसरी किसानों को मुफ्त प्रसिक्षन देने और पौधे उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है
04:51विशशक्यों का कहना है कि अगर किसान आधूनिक तकनीक और वेग्यानिक सोच को अपनाए
04:57तो हर्याना की धर्ती पर भी बागवानी का स्वर्णिम भविश्य लिखा जा सकता है
05:06दूसरे किसानों के लिए मारक दर्शन का काम भी करने वाले हैं क्योंकि अब इन्होंने किसानों को सेब की ट्रेनिंग
05:12देना भी सुरू कर दिया है
05:13ताकि बागवानी का शित्र फल बड़े और सेब की खित्र को अपना कर परंप्रागत्री के खित्र को छोड़े और सेब
05:20को अपनाए ताकि किसानों की हजवांदन बढ़ पाए
05:23इट भी बात के लिए कुर्क शित्र से मुनिश टूरन
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