00:00हिमचल प्रदीश की राजनीती में नगर्णिगम चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि सक्ता में
00:06होना और जनता का प्रोसा बनाये रखना दो अलग-अलग बाते हैं
00:10चार नगर्णिगमों में होए चुनाव में भरती जनता पार्टी ने जिस तरह कॉंग्रिस को तीन एक से मात दी उसने
00:16रज्य की राजनीती में नई बहस श्योड़ दी
00:19दोहजर सक्ताइस के विधान सभा चुनाव से पहले हुए इस मुकाबले को रायशनेतिक गलियारों में सेमी फाइनल माना जा रहा
00:25था
00:25और इस सेमी फाइनल में बीजेपी ने कॉंग्रिस को ऐसा जटका दिया इसकी कूंच आने वाले कई महिनों तक लगभग
00:322027 के दिसंबर तक सुनाई देने वाली है
00:36नतीजों पर अगर नज़र डालें तो मंडी, धर्मशाला और सोलन नगरने गम में बीजेपी ने कबजा जमा लिया
00:42जबकि कॉंग्रिस के वल पालंपुर में अपिस सरकार की इज़्जत बचाने में काम्याब रही
00:56सबसे बड़ा जटका मंडी में लगा जहां कॉंग्रेस सिर्फ एक सीट जीत पाई और यह वही मंडी है
01:02जहां मुख्यमंत्री सुग्विंदर सिंग सुख्वू और उनकी पूरी सरकार ने चुनाब जीतने के लिए अपनी ताकत जोंपती थी
01:09सबसे बड़ा सवाल ये कि आखिर बीजेबी ने ये जी आसल कैसे की और कॉंग्रेस इतनी बुरी तरह से उस
01:16रज्जे में कैसे हारी जहां पर उनकी अपनी सत्ता है अपना सीएम है और शाशन है
01:21इस चुनाब का सबसे बड़ा कारण सरकार के खिलाब बढ़ता हुआ असंतूश माना गया कॉंग्रेस सरकार को सत्ता में आए
01:28अभी धाई साल हुए लेकिन शहरी आलाकों में लोगों के वीर चेधारना बनने लगी कि सरकार जितने वादे कर रही
01:35है उतनी पैरणां जमीन प
01:51रहे वादे की बचाए वस्विक काम ज्यादा महत्वपून है दूसरा बड़ा कारण है कॉंग्रेस की संगठनात्मा कंजोरी चुनाब जीतने के
01:59लिए पार्टी ने पूरी कैबिनेट को मैदान में उतार दिया विग्रमादित्य सेंग रोहिठा को राजेश धर्मानी और �
02:05पारिस वाली जैसे मंत्वी अलग लक्षित्रों से प्रभारी बनाये गए लेकिन इतनी बड़ी टीम होने के बावजूद कारे करतां और
02:12नेताओं के बीच तालमेल नसर ही नहीं आया
02:14कई जग है टिकेट वितरन कुले कर असंतूश देखने को मिला अब यही वजह रही कि स्थान्य सर पर पार्टी
02:20मज़ूर चुनावी महाल नहीं बना पाई और इतनी बुरी हार झेलने बड़ी
02:25दूसरी तरफ नज़र डालें तो बीचेपी ने इस चुनाव को पूरी तरह से स्थाने मुद्धों पर केंद्रित रखा
02:31पार्टी ने लोगों के बीट यह संदेश पहुचाने की कुशिश की कि कॉंग्विस सरकार जनता की उमीदों पर खरी नहीं
02:37उतर रही
02:38और उर्व मुक्य मंत्री जैराम ठाकर, प्रदीश अध्यक्षा, राजीव बिंदल लगादार सरकार को घेरते नज़र आए
02:45बीचेपी ने मंगाई बेरूसगारी, विकासकारों की रफ्तार और प्रिशाशनिक फैस्तों को मुद्धा बनाया
02:50अब इसका फाइदा पार्टी को साफ तोर पर मिला, जहिर तोर पर बीजेपी ने एक बड़ी जीत हासल की इन
02:56चुनावों में और कॉंग्रिस को अचम्पित कर दिया
02:59मंडी का परिणाम कॉंग्रिस के लिए सबसे बड़ी चेता आपनी माना गया 15 वाट्स वाले इस नगर्णे गम में कॉंग्रिस
03:05सिर्फ एक सीर चीत पाई
03:06ये सिर्फ हार नहीं है बलकि संगठन के कंजोर पढ़ने का संकेत है
03:11अगर किसी क्षेत्र में मोख्यमंत्री और पूरी सरकार चुनाव प्रेचार करे और पार्टी एक सीर पर सिमठ जाए
03:18तो ये केवल स्थान या नाराज की नहीं बलकि व्यापक राशना तेक संदीश माना चाता है
03:23धर्मशाला और सोलिन पर नज़र डालें तो इन दोनों जगाहों से दोनों निगमों से आप क्या सकते हैं नतीचे और
03:30ही ज़्यादा चौका आने वाले हैं
03:32ये दोन अक्षेत्र पिछले चुनावों में कॉंग्रिस के मजबूत गड़ थे
03:352021 में कॉंग्रिस ने यहाँ पर शांदार प्रदर्शन किया लेकिन इस बार बीजेपी ने दोनों जगाहों पर बाजी पलड़ दी
03:42अब इसका मतलब साफ है कि कॉंग्रिस अपने पारम पर एक वोट बैंक को संभाल कर रखने में सफल नहीं
03:48रही
03:48शहरी मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग बीजेपी के और किसक रहा है और कॉंग्रिस की छोली एक बार फिर खाली
03:54होती नज़र आ रही है
03:55कॉंग्रिस के लिए रहत की एक मातर खबर है पारमपोर से यह पार्टी ने 15 में से अगर शित्र की
04:02बात की जाए तो यहां पर पार्टी ने 15 में से 11 सीटे जीत कर अपनी पकड़ मजबूत करने की
04:07कोशिश लेकिन रजनतिक विशलेशकों का साफ तौर पर मानना है कि यह जी
04:25कॉंग्रिस के काम भी आया अब यही कारण है कि पालंपूर कॉंग्रिस के लिए आखिरी किला सावित हुआ और यहां
04:31पर इनको इकलाती जीत मिल पाई
04:33अब सबसे बड़ा सवाल, सबसे बड़ा विंदू या फिर क्यालीचे सबसे बड़े शंशे का एक पक्ष यह है कि 2027
04:41विधानसभा चुनाफ को लेकर क्या महाल तयार हुआ
04:45क्या इन नतीजों का मतलब यह है कि बीजेपी सत्ता में वापस आ रही है इसका जवाब इतना सीधा भी
04:51नहीं है
04:51नगर्णिकम चुनाफ और विधानसभा चुनाफ की प्रकृति अलग होती है
04:55इस्थानिय जुनाफ में उमीदवार, क्षेत्रिय, मुद्दे और इस्थानिय समितर ज़्यादा प्रभाव डालते हैं
05:00जब कि विधानसभा चुनाफ में रज्यव्यापी, नित्त्वा और बड़े राशनातिक मुद्दे नर्नायक प्रूनिका में होती है
05:07फिर भी नतीजों को नजर अंदाज बिल्कुल नहीं किया जा सकता
05:10बीजेपी के लिए ये जीत मनोबल बढ़ाने वाली है, पार्टी कारेकरताओं को विश्वास देने वाली है, विश्वास ये कि जननता
05:17के बीच कॉंग्रिस के खिलाफ महाल तयार है
05:20दूसरी दरफ कॉंग्रिस के लिए ये कालाम है, अगर पार्टी अगले तेर साल में सरकार की 26 सुधारने में संगठन
05:26को मजबूत करने में जुनता को सीधे, जुडाव महसूस करवाने में संबार्त साबित करने में सफल नहीं हुई, तो 2027
05:34में मुश्किलें जाहिर तोर पर
05:36बढ़ सकती है और बीचे पी के लिए रास्ते खुलते नजर आएंगे, मोख्यमंतरी सुखु के सामने सबसे बड़ी चुनवाती ये
05:43कि वे इन नतीजों को सिर्फ स्थाने चुनाब मानकर नजर अंदाज ना करें, उन्हें समझना होगा कि शहरी मतदाताओं का
05:50संदीश सा�
05:54अगर सरकार, विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के मोचे परतीजी दिखाएगी, तो तस्वीर जाहिर तोर परवदलेगी, लिकन अगर मौजूदा स्थिती
06:03बनी रही, तो बीजेपी इस जी को दोहजार सथाइस के विदान सभाचुनाव की मजगूत नीव
06:08में बदलने की पूरी कोशिश करने वाली है, अब फिलहाल इतना तो जरूर कह सकते हैं कि हिमाचल प्रदेश के
06:15इस राजनेतिक सेमेफाइल में बीजेपी ने कांगर्स को जोड़दार पठकनी थी, ये जीत केवल तीन नगर निगमों की जीत नहीं
06:21है, बलकि एक राजनेति
06:22संदेश है कि राजी की सियासत में, मुकाबला पहले से ज्यादा दल्चस्प है, कांटे की टक्कर वाला है, 2027 तूर
06:30है, लेकिन उसके लिए बिगुल जरूर बच चुका है, बीजेपी के होसले साथ वे आसमान पर है, वहीं पर कॉंग्रिस
06:37के लिए वक्त आ चला है, आत्मा
06:51ही वहाँ जरूर कीचेगा, मेरा नाम है मुको अंदर, आप बने रहे वन इंडिया के साथ, शुक्रिया
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