00:04हमारे सनातन धर्मे भगवान सत्न रायन की कथा का बहुती बड़ा महत्व है
00:09सुक्षान्ती सम्रिधी या किसी मननत के पूरा होने पर हम अकसर ये कथा कहलवाते हैं
00:15लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हमें सही समय पर पढ़ने जी नहीं मिल पाते
00:20या हम किसी ऐसे शहर या देश में रहते हैं जहां पुजारी का आना मुश्किल है
00:25तो क्या ऐसे में हम कथा नहीं कर सकते हैं?
00:29बिलकुल कर सकते हैं? भगवान सिर्फ सचे श्रद्धा देखते हैं, आडंबर नहीं
00:34आज के इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि बीना पंडित के आप कैसे घर पर बेहत सरल विधी से
00:41सत्नरायन भगवान की कथा कर सकते हैं
00:43सबसे पहले नोट कर लेजिए जरूरी सम्मागरी जो आपको आसानी से घर या पास की दुखान पर मिल जाएगी
00:50जिसमें भगवान सत्नरायन या विष्णुजी की मूर्ती आप तस्वीर भी ले सकते हैं
00:56एक लकडी के चोकी और उस पर बिछाने के लिए पीला या लाल रंगा कपड़ा
01:01कलश, तामबे या मिट्टी का हो और आम या शोक के पत्ते
01:05पूजा की थाली में अच्छत, रोली, हल्दी, गोपी चंदन, दीपक, कपूर और अगरबती रखें
01:13फिर आप पंचामरित तयार करें जिसमें दूद, दही, शहद और शक्कर को मिला कर बनाएं
01:18अप्रशाद में आटे को भून कर बनाया गया पजीरी प्रशाद और केले का फल, ये ज़रूर रखें
01:25तुलसी के पत्ते और सत्नरायन भगवान के कथा की किताब
01:28इन समागरियों को आप अपने पूजा से पहले लेकर आएं
01:31उसके बाद अपने पूजा शुरू करने के लिए स्नान करें
01:35फिर उत्तर या पूर्वदिशा की ओर मू करके बैठें
01:37चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं और भगवान विश्णू की दस्वीर या मूर्ती रखें
01:43फिर भगवान के सीधे हाथ की तरफ थोड़े से चावल रखकर उस पर जल से भरा कलश रखें
01:49कलश के मुख पर आम के पत्ते रखें और उपर नार्यल रख दे और कलश पर कलावा बांदे
01:55सबसे पहले घी का दीपक चराएं
01:57किसी भी पूजा में सबसे पहले गनेश जी की पूजा होती है
02:01भगवान विश्णू की तस्वीर में ही या आलक से गनेश जी को याद करें
02:05उन्हें तिलक लगाएं चावल और फूर मला रखें
02:08आवाता है सबसे जरूरी हिस्सा संकल्प का
02:11अपने सीधे हाथ में थोड़ा सा जल चावल और एक सिक्का ले
02:16आखों को बंद करके भगवान से कहें
02:19है सतनरायन भगवान
02:20मैं आज अपने घर में सुक्षान्ती के लिए आपकी कथा खुद कर रहा हूँ
02:25कृपया मेरी पूजा स्विकार करे और वो जल जमीन पर छोड़ दे
02:30अब आपको सतनरायन भगवान के वरत कथा के पुस्तक लेनी है
02:34इस कथा में कुल पांच अध्याय होते हैं
02:37आप खोद या घर का कोई भी सदस्से इसे अराम से पढ़े
02:40कथा पूरी होने के बाद भगवान को भोग लगाए
02:42याद रखे भगवान मृष्णों के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर डाले
02:46इसके भीना भोग अधूरा माना जाता है
02:49अब खड़े होकर पूरे परिवार के साथ भगवान सतनरायन जी की आरती गाए
02:53आरती के बाद अगर आप चाहें तो एक छोटे से हवन कुण में आम की लकड़ी पर कपूर रखकर
03:00ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमो मंत्र का जाप करते हुए
03:04पाँच या ग्यारा बार अहूती दे ये घर शुद करने के लिए बहुती अच्छा होता है
03:10पूजा की अंत में हाद जोड कर अंजाने में हुई भूल चुक के लिए माफी मांगे
03:15इसके बाद सबसे पहले स्वयम और परिवार के सभी सदस्य में प्रशाद बाटे और पंचाम रिद बाटे
03:21इस सरीके से आप बिना पंडित के ही घर पर सतनरायन भगवान की कथा कर सकते हैं
03:26उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
03:28फिलहाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और जैनल को सबस्क्राइब करना ना भूले
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