00:03जेश्ट अधिकमास भगवान श्री हरी विश्णु को समर्पित माना गया है और ये विशेश मास लगभग तीन साल में एक
00:10बार आता है इसी पवित्र अधिकमास में इस बार शुक्र प्रदोश वरत का सयोग बन रहा है
00:16पंचांग के अनुसार जेश्ट अधिकमास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी थी 12 जून 2026 को शाम 7 बचकर 36 मिनिट
00:24से शुरू होकर 13 जून 2026 को शाम 4 बचकर 7 मिनिट तक समाप्त होगी
00:31प्रदोश काल में भगवान शुक्र की पूजा का खास महत्व है इसले इस बार प्रदोश वरत 12 जून 2026 को
00:38रखा जा रहा है
00:39इसी दिन प्रद्धालू विधिविधान से महादेव की पूजा आर्चना करेंगे चुकी ये वरत शुक्रवार की दिन पढ़ रहा है इसले
00:46से शुक्र प्रदोश वरत भी कहते हैं
00:48अब बात करते हैं प्रदोश काल में पूजा का शुमुहरत क्या रहेगा और किस विधी से करें प्रदोश वरत की
00:55पूजा
00:55प्रदोश वरत की पूजा 12 जून 2026 को शाम 7 बचकर 36 मिनट से रात 9 बचकर 20 मिनट तक
01:03रहेगा इसी अवधी में भगवान शुप को अराधना से विशेश फलो और मनोकामनाव की पूर्ती होगी
01:08इसके बाद सुबस नान करके स्वच्छ और साफ वस्तर धारण करें भगवान शुप का ध्यान करते वे वरत का संकल
01:14पलें घर के मंदर को साफ करें और गंगा जल का चढ़काव करें
01:18शिवलिंग या शिव परिवार की प्रतिमा को चौकी पर स्थापत करें
01:22ओम नमश्रवाय मंत्र का जाप करतेवे पूजा आरंब करें
01:25शिवलिंग का पंचामरत से अभिशेक करें
01:28बेल पत्र भांग, धतूरा और शमी पत्र अरपित करें
01:32सफेज चंदन अक्षत और कनेर के फूल चड़ाएं
01:35गी का दीपक जलाकर भगवानश्रव के सामने बैठें
01:38शिव चालीसा का पाटकर और प्रदोश वरत का था सुने या पढ़ें
01:42अंत में भगवानश्रव की आरती करें और पूजा संपन्न करें
01:46फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
01:49साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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