00:006 जुलाई 2024 सिपाही जंजाल प्रबीन प्रभाकर भीशन गोली बारी के बीच आपने अपनी जगह बदलते हुए सटीक निशाने से
00:09दो खुंखार आतंगियों को मार गिराया
00:11सिर पर गोली लगने के कारण कंभी रूप से खायल होने के बावजूद पुवांत तक लड़ते हुए अंततः फीरकती को
00:17प्राप्त हुए
00:26इस सर्वोच बलिदान के लिए सिपाही जंजाल प्रवीन प्रभाकर को बननो परांध कीरती चक्र से सम्मानित किया जाता है
00:34सम्मान ग्रहन कर रही है उनकी धरमपत्नी श्रीमती शामबाला जंजल इबन पूझे माता श्रीमती शालू प्रभाकर जंजाल
01:16अब कीरती चक्र मरणों परांध प्रदान किये जाएंगे
01:20सिपाही जंजाल प्रवीन प्रभाकर महार रेज्मिंट पहली बटालियन राश्ट्री राइफल्स मरणों परांध
01:416 जुलाई दो हजार चौबिस सिपाही जंजाल प्रवीन प्रभाकर कश्मीर घाटी में चलाए गए एक तलाशी अभ्यान का हिस्सा थे
01:51कुछ व्यक्तियों की संदिक्थ गति बिध्यां देखते ही आपने अपने दल को सतर्क किया
01:55इसी बीच बहाँ छिपे आतंकियों ने अंधा धुंद गोलियां बरसाते हुए भागने का प्रयास किया
02:00अदमे साहस का पर्चे देते हुए इस शूरवीर युबा सैनिक ने अपने प्रभावी फायर से उनके प्रयासों को नाकाम कर
02:08दिया
02:08भीशन गोली बारी के बीच आपने अपनी जगह बदलते हुए सटीक निशाने से दो खुंखार आतंकियों को मार गिराया
02:18सिर पर गोली लगने के कारण गंफी रूप से घायल होने के बावजूद वो अंत तक लड़ते हुए अंततह फीर
02:24कती को प्राप्त हुए
02:25इस सर्वोच बलेदान के लिए सिपाही जंजाल प्रवीन प्रभाकर को मरनो परांद कीरती चक्र से सम्मानित किया जाता है
02:33सम्मान ग्रहन कर रही है उनकी धरमपत्नी श्रीमती शामबाला जंजल इबन पूझे माता श्रीमती शालू प्रभाकर जंजाल
03:13लेटन शशांक दिवारी सेना सेवाकूर फर्स सिक्किम स्काउट्स मरनो परांद
03:49लेटन शशांक दिवारी ने 22 मई दो हजार पच्चिस को उतर सिक्किम के दुर्गम पहाड़ी इलाके में चलाए गए एक
03:56ऑपरेशनल गष्ट का स्विच्छा से नित्रेतु संभाला
04:01गष्ट के दौरान उनका एक अगनीबीर स्टीफन सुबा संतुलत बिगड़ने से नदी में जागिरा
04:07अपने साथी को नदी की प्रचंड धारा में बहता देख इस युवाधिकारी ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए
04:15तुरंत नदी में छलांग लगा दी और
04:17नुकिली चटानों के बीच विक्राल जल प्रभाह से जूचते हुए घायल होने के बावजूद अपने साथी को सुरक्षित किनारे तक
04:25धकेला लेकिन तीब्र प्रभाह एवं गंभीर चोटों के कारण वो स्वयम को न बचा पाए
04:32अंतता सैने धर्म के सर्वोच आदर्शों के अनरूप अटूट बधुत्व एवं त्याग का अनुपम उदाहरन प्रस्तुत करते हुए अपने प्राण
04:42नियोचावर कर दिये
04:43इस सर्वोच बलिदान के लिए लेपनन शशांक तिवारी को मरनो परांत कीरती चक्र से अलंक किया जाता है
04:50सम्मान ग्रहन कर रही है उनकी पूज्य माता स्रीमती नीता तिवारी तथा पूज्य पिता श्री जंग बहादुर तिवारी
05:13कर दो कर दो दोज्य माता है
05:51आपकी अनुमती हो तो रक्षा अलंकरन समारो सवाथ किया जाए
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