00:00गर्दरत दिवस की पूर्व संद्यापर देश की सबसे बड़े नागरिक सम्मान का एलान हो गया।
00:30भूशन और पदमश्री देने की खोशना की गई। राश्परती भवन के एतिहासिक दरवार होल में इन्हें राश्परती द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
01:00और इसा के चरन हेम्रम और गुजरात के धर्मिक लाल चुनिलाल पांडिया के नाम ने ये साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती है।
01:10ये वो लोग हैं जिन्होंने बिना किसी प्रचार के दसकों तक मानों की सेवा की है।
01:16गुजरात के मीर, हाजी भाई, कासम भाई को कला के छित्र में पद मिश्री दोजाशबीस से समानित किया जाएगा।
01:22इस साल के पंद पुरुसकारों में पुरे भारत से कई गुम्नाम नायकों को समानित किया गया है।
01:28इनमें हासी पर परे पिश्रे और दिलत समुदाय के लोग आधिवासी जन जाती हैं और दूर जराच और मुश्री राकों में सियानेवाय लोग के नाम शामिल हैं।
01:37ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों, दलितों और आधिवासीों की सिवा में अपना पूरा जीवन समर्वित कर दिया।
02:07प्रदेश के मोहन नागर को पर्यावरन बिद के छेत में पंपूरस्कार देश की कोनी कोने से आए उन अंसुने, अंजाने और अंदेखे नाईगों को पहचान देता है जिनका योगदान अब तक सुर्खियों से दूर रहा।
02:32इन सही भीभूतियों निव्यक्तिका संखर्सों, कठनाईयों और त्रास्दी के बावजूद न किवल अपने अपने छेत्र में उत्रकिष्ट कार किया, बलकि समास सिवा को ही अपना जीवन और लक्ष बना दिया।
02:43वैसे पद्न पूरसकार जैसे पद्न भिभूशन, पद्न भूशन और पद्न सुरी देश के बड़े नागरिक सम्मान है।
02:48इनकी शुरुवात साल 1954 में हुई थी।
02:51हर साल गर्दन दिवस पर इन पूरसकारों के नामों की खोशना की जाती है।
02:55यह पूरसकार अच्छे और खास काम के लिए दी जाते हैं।
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