00:09लबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सही दंसारी स्वागत है आपका बंगाल चुनाफ के बाद
00:16से मम्ता बैनर्जी और तर्मूल कॉंग्रिस दोनों नए नए मुसिबत में फस्तर जा रहे हैं
00:20मामला अब यहां तक पहुँच गया कि टीम सी टूडने के कगार पर है मम्ता बैनर्जी के हाथों से कमान
00:25चिन सकती है इसके पीछे मुख्यकारण मम्ता के भाईयों यानि बतीजे अभीशेग बैनर्जी हैं
00:31मम्ता बैनर्जी जो कभी पार्टी की सुप्रीमों हुआ करती थी आज बागियों दौरा महज एक एडवाईजर बन कर किनारे कर
00:40दीगें
00:41वो एक ऐसे चेक रिव्यू में फस चुकी हैं जहां से निकलना असबभ लग रहा है
00:44बंगाल में क्या हल चले इस पर जादा जानकारी के लिए हम हमारे सब वादा था अनुपा मिश्र के पास
00:50आपको कूलकता लिये चलेंगे
00:5224 घंटे के भीतर पर शिम्मंगाल के राजनीती में ऐसा बवंडर आ गया कि मम्ता बैनर जी विधायकों का समर्थन
00:57गवा बेठी
00:57बागी को नीता प्रतिपक्ष का पद मिल गया और खतरा टीमसी के हाथ से निकलने का है
01:04बागी की अगले कोशिश सांसदों को तोड़ने के होगी पारटी का नाम सिंबल हासिल करने के होगी
01:09मम्ता को बागी चीफ एडवाइजर का पद आफर कर जले पर नमक छड़क चुके हैं
01:13और लगता है कि ये रडाई महराष्ट की ही तरह अब आगे बढ़ने वाली है
01:34बंगाल की जनता उन पर यूँ अविश्वास जताएगी कि तिनका तिनका ताकत बिखरती जाएगी
01:41विधायकों का संख्या बल सिर्फ असी पर सिमट कर रहे जाएगा
01:44और सिर्फ एक महिने के भीतर मम्ता बेनरजी को बगावत की ऐसी आग झेलनी पड़ेगी
01:49कि पार्टी के हाथ से फिसलने का खात्रा मढ़राने लगे
01:51पहले सुनिये बागियों के नेता रितब्रत बेनरजी की ये सलाह जो रहने मम्ता बेनरजी को दिये
01:57मढर बोल्शी, ममंता बंदवाद्दायके आमादेर ऐई परिशोदियो दलेर परधान परमर्ष दाता ही शेवे थाकबार अनुरज Count जानाच्छी
02:08तिनी थाकुन आमादेर परमर्ष दाता ही शेवे आम्रा निस्चितोभावी तार परमर्ष पेले
02:13अम्रा गठन मुलक ये बंग शदर्थ विरोधिर भुमिका भालो भावे पालन करते पार भुए निये कोनो संग्षाई नहीं
02:22तीनी थाकून आमादेर परामर्ष दाता इशेवे अम्रा तरकाचे अनुरज्या नहीं
02:53कल तक ये चहरे मंताद अनरजी के आसरे थे
02:56इनकी राजनीती मंताद अनरजी के नाम से चलती थी
02:58इनके पद मंता के महताज थे लेकिन कल और आज में फर्क होता है
03:03कल मंता सत्ता के शीर्ष पर थी आज वो अलग थलग खड़ी है
03:07इनके बनाए चेहरे अब उन्हीं को चुनाती दे रहे हैं
03:10मंता के सामने अब अपनी ही पार्टी को सुरक्षित बचा लेने का सवाल है
03:14क्योंकि नेता प्रतिपक्ष के पद और दफ्तर पर बागियों का कब्जा हो चुगा है
03:19और मंता बेनरजी हाथ मलती रह गई और कुछ नहीं कर सके
03:33कल जो कुछ हुआ मंता की रह में काटे बिचाने की तैयारी है
03:37सबसे बड़ा सवाल यही है कि त्रडमूल पर कब्जा किसका होगा
03:41असली त्रडमूल कौन सी है इसका जवाब यह है कि विधायक दल और सियासी दल अलग-अलग होते है
03:46स्पीकर सिर्फ विधायक दल को माननेता दे सकते हैं राजनितिक दल के तौर पर टीमसी पर कब्जे का फैसला चुनायोग
03:53करता है
03:54दूसरा सवाल यह है कि त्रडमूल पर इस टूट के बाद किसका कब्जा रहेगा
03:58मजूदा हालात में चुनायोग के फैसले तक ममता बेनर जी त्रडमूल कॉंग्रेस की अध्यक्ष बनी रहेंगी
04:04वो अपनी मर्जिस से पार्टी में फिर वदल कर पाएंगी
04:07एक सवाल यह भी है कि क्या बागी गुट को त्रडमूल कॉंग्रेस का चुनाव चिन्ध मिल सकता है
04:12जैसी मांग उनकी तरफ से स्पीकर से की गई है
04:15जवाब यह है कि पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ध पर बागी गुट का दावा तब मजबूत होगा
04:20जब 80 में से 60 विधायकों की तरह 19 से 20 लोग सवा सांसद भी बागीयों से जा मिलेंगे
04:26ऐसी इस्तिती में अगर फैसला, उद्धव ठाकरे और शरत पवार की पार्टियों की तरह हुआ
04:30तो फिर ये एहम हो जाएगा कि किसके पास ज्यादा विधायक, सांसद और संगठन का समर्थन है
04:36मतलब पिन्मूल कॉंग्रेस तभी ममता के हाथ से जाएगी
04:40जब विधायकों की तरह सांसद और पार्टी पदाधिकारी भी बड़े पैमाने पर बगावत करने
04:46अनुपर मिश्र कोलकाता आज तक
04:50अब ये बात साफ हो रही है कि जिस अभी शेक बैनर जी को ममता बैनर जी विरासत सौपने की
04:54तयारी कर रही है
04:55वही अभी शेक पार्टी में संतोष के असली कारण बनी
04:58बागियों को सबसे अधिक गुसा अभीशेक बैनर जी पर ही है
05:03लोग मुझे पूछ रहे थे कि अभीशेक का बहुत करीब है
05:06तो मैं बोला कभी देखे हैं कि अभीशेक बैनर जी का जनम दिन में केक लेकर
05:10साथ गंटा, आट गंटा डितो प्रता कभी खड़ा हुआ
05:13ये पॉलिटिक्स का पार्ट नहीं है
05:15और खास करके, ये अलिटिया जेनरल सेकेटरी
05:18तो जब अटाक हो रहा है, 26 दिन अब घर से निकल नहीं रहे हो
05:23मैं तो उलुविरिया पूर्फ का विधायो के, सामान न विधायक
05:27मैं तो अपना चॉट चोट कोई बोल नहीं रहा है
05:32तो जो लोगों को, लोग बोल रहे हैं, ये लोग गदार है
05:37जन्वाद में, जामुरियत में, हर कोई को बोलने का राइट है
05:42मगर, जामुरियत का एक सबसे बढ़ा चीज है
05:47कि हर लोग जो बोले वो बोलना चाहिए तो गदार लोग बोल सकते हैं बोलेंगे भी मगर कोई चोट चोट
05:53चोट चोट चोट चोट नहीं बोल रहा है और पिड भी नहीं रहा है
05:56आज तक ने एक और बागी जाविद खान से बात की जाविद खान का कहना है कि इस अस्तिती के
06:01जमदार सिर्फ और सिर्फ अभी शेक बेनर जी है
06:05आज आज आप लोगों ने मिलकर ये जो 80 लोगों का टीम जो आगे जाका त्रेनमूल को रेप्रेसेंट करेंगे
06:19तुस दल में रहना नहीं रहना एक वाल बात है इसलिए अम लोग जहां हम लोगों को मारा जाता है
06:31तिनुर के कर्मियों को पिड़ाई गया जाता है और नित्रित चुपसे बैठा रहता है उस दल के साथ नहीं रहना
06:37है
07:00उदर ममता बैनर जी के समर्थिक विदाय कह रहे हैं कि विदान सभा में कल जो कुछ भी हुआ वो
07:05घलत हुआ
07:06और वो असमवेधानिक है
07:37लेकिन उनका रियक्शन तो रहा होगा इतना बड़ा कांड हो गया दूसरा प्रोग्राम बना रहा था हम लोग कैसे जाएंगे
07:47क्या करेंगे
07:50क्या उनको दुक है नहीं बड़ी खुची में है असी मजग चल रहा था हम लोग का गव चल रहा
07:57था पुराणा दीन का कहानी चल रहा था चाय वे पी रहा
08:01तो जो लोग जा रहे है क्या उनका उनके लिए क्या मेसज है क्या उनको जाने देंगे हां जाने जिया
08:07है अगर गंदा जञटर डवरीज घर में रहेगा उसका बगल में सुना संभब मरी
08:20सथानुर्ज ने कर सकते हैं उप मिश्रह मां पना हेटोस पाश रहेगा तौद गईใชब
08:33पर्मिश्र हमारी सोथता के पूलिए चलते हैं अनुप म क्या ममदा बैनर्जी की
08:41पार्टी तूट गई आधिकारिक तौर पर अब हम यह कह सकते हैं यह देखे आधिकारिक तौर पर अभी भी मम्ता
08:49बनर्डी की पार्टी पूरी तरह से नहीं तूटी है बागी विधायकों का एक खेमा जरूर तयार हो गया है जिनके
08:55पास लगवग 58 विधायकों के सिंगनेच
09:08में तो इसे में अभी तक पूरी तरह से यह नहीं कहा जासकता कि पार्टी तूल गये लेकिन एक तरह
09:16से बोगत बड़ी जरूर आ गई है
09:18ममता बन जी क्योंकि जो दो मुंक्छे लीडर है क्या है?
09:48तरण में जाएंगी किस तरह से आगे की तारवाई होगी इन सब चर्चा इन सब पर चर्चा हो रही है
09:53लेकिन वेट एंड बाच पॉलिसी पर भी अभी ममता बनेटी थोड़ा बहुत चल रही है
10:02तो एक तरह से बहुत बड़ी दरार है ये वापस से एक जूट होना बड़ा मुश्किल है लेकिन पूरी तरह
10:11से तूटकर अलग हो गई है ऐसा भी तिलहाल नहीं कह सकते
10:13लेकिन उस प्रक्रिया की और उस पत की और ज़रूर पार्टी चल पड़ी है
10:17क्या अभिशेक बैनर जी ही इसके लिए जिम्मदार है अनुबहूओנס को जो ना दी गई उनको उनसे ओम्र में अनुबह्ओं
10:44में बहुत ज्यादा बड़े लोग थे
10:46उनको उतनी वरियता नहीं दी गई ये भी एक वज़ा जरूर रही है
10:52तो ऐसे में ये एक रमुक्त वज़ा जरूर है लेकिन इसके साथ और भी कई वज़ें शामिल है
11:00आपको क्या लगता है अनुपर्म जस तरह से ममता बैनरजी चुनाफ हारती
11:07अनुपर्म जसे एक शक्तिशाली नेता और पार्टी सुम्परिमों से एक दम से कमजोर नजर आने लगी
11:17जी देखें ममता बैनरजी बहुत शक्तिशाली नेता रहने रहे हैं और अभी भी वो कोशिश किये जा रही है
11:24हमने आज बहुत सारे विधायकों से बात की तो पार्टी के और से कोशिश हो रही है
11:28तो जो बागी विधायक हैं उनसे भी बात्चीट चल रही है
11:31तो ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि क्या आगे की रणनीत होती है
11:35अला कि ममता बैनर जी का जो कर्ट पश्रमंगाल की राज़ीत में है
11:39उसके अनुरूप जो हो रहा है बिल्कुल भी नहीं है
11:42एक तरह से अप्रत्याशत घटना है
11:44इतनी जल्दी ताश के पत्ते की तरह ये जो संगठन है ये बिखर जाएगा
11:50ये किसी ने भी नहीं सोचाता
11:53पहुत दन्यवाद अनुरूप अनुरूप अनुरूप मेश्रा हमारे समवादा था
11:55कुलकाता से जानकारी दे रहे थे
11:57कहा तो चार महीं से पहले ममता बैनर जी मोदी सरकार को गिराने का दावा करते घूम रहीं थी
12:03और अब वही ममता बैनर जी सबसे बड़े धर्म संकट में फस गई है
12:07ममता बैनर जी किसे चुनेंगे इस बाद से पश्रमंगाल की राजनीती और उससे अधिक ममता की पार्टी का भविश्य तै
12:13होगा
12:13हम इस रिपोर्ट के साथ आपको छोड़े जाते हैं
12:17प्लीज अपना बहुत खैल रखेगा देखते रहिए आज तक
12:36मंता बैनर जी भले ही कहें कि वो नहीं जुकेंगी
12:40लेकिन दुनिया देख रही है कि उनकी पार्टी चुनाओं में हार के बाद पस्त पड़ चुकी है
12:47सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी गवाने के बाद मंता पार्टी भी गवा देंगी
13:0771 साल की मंता बैनर जी को स्ट्रीट पाइटर की तौर पर माना जाता
13:12बड़ी से बड़ी चुनाओती को उन्होंने सड़क पर उतर कर पार कर लिया
13:16लेकिन पहली बार उनका ये दाव भी खाली पड़ता दिखा
13:19जब प्रिडमूल कॉंग्रेस से निकाले गए दो विधाय संदीपन साहा और रितुब्रत बनर जी
13:24बुधवार सुभा ग्यारा बजे विधान सबा पहुचते हैं और स्पीकर से मुलाकात करके
13:28टीमसी के अठावन विधायकों के अपने साथ समर्थन का दावा पेश करते हैं
13:47अबस्ता बॉतिकर से तुम्यार आटेए सित्रमूल कॉंगरस मला प्रिडमूल कॉंगरस मला विधा में वन्यूरा स्थिंटिय।
13:56मीटिंग्स हेल्द बाई ओनरेबल चीफ मिनिस्टर स्रिशुभेंदु ओधिकरी।
14:26चुनाव चिंध हमारा होना चाहिए।
14:56पांच सल गुजारना हें बिदान स्वावा के अंदर वा एलोप एक बलिष्ट होना चाहिए।
15:04इसी रिगार्डिंग हमने सोचा के चलो के रितबरता जैसा कोई अगर बिदायक अगर एलोपी बेंजाए तो काम करने में आसी
15:13बिदा होगा।
15:39इस तरह नए गुट को मानेता की पहली शर्ट त्रिंगूल के ये बागिए।
15:44की विदायक पूरी कर चुके हैं जिनने लेकर ममता ये दावा करती हैं।
15:49MP लोगों को डर्ड दिखाता है बहुता है पार्टी तो पूलिश को देके उसका बाद बीजेपी का फोन जाता है।
16:23ममता भले ही अपनी पार्टी में फूट के लिए बीजेपी पर उंगली उठाएं।
16:26लेकिन बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ने TMC के वागियों से दूरी बना ली जिससे सारा फोकस ममता भनर्जी की पार्टी
16:35में हो रही इस सबसे बड़ी तूट पर आ गया।
16:37क्योंकि सब ने देखा कि ममता भनर्जी के धरने में मुठी भर सांसद और विधायक पहुचे जब कि पार्टी के
16:43सी विधायक और 42 सांसद हैं।
16:45इस तस्वीर के सहारे ये दावा किया गया कि ममता का धरना फ्लॉप रहा।
16:51पहले उन्हें जनता ने हराया और अब उन्ही की पार्टी के विधायक सांसदों ने उनसे किनारा कर लिया खला कि
16:57टीमसी के अपनी दलीले हैं।
17:00एक जो अभी बात सामने आ रही हैं बहुत कम जो विधायक हैं वो शामिल हो रहा हैं।
17:06आज भी देखा गया कि काफी कम विधायक शामिल हुए।
17:08शानिवार को भी देखा गया।
17:09आज का कोई इंफर्मेशन, नोटिफिकेशन कोई यह मिले को नहीं दिया।
17:25ममता के करीबियों के सदावे को उन्हीं की पार्टी के बागी विधायकों ने कटगरे में खड़ा कर दिया।
17:30क्योंकि जो बागी विधायक स्पीकर के पास पहुँचे उनमें से ज्यादा तर
17:34मुख्यमंत्री शुभेंद्व अधिकारी के साथ बैठक में हिस्साले ने नाबन्ना सच्चिवाले पहुँचे जिसमें कुणाल घोष भी शामिल रहे जो मंगलवार
17:41को धरने के दौरान बीमार होकर गिर गए थे और जिने ममता बनर जी हवा करती दिखी।
17:48सवाल उठा कि क्या ममता के चहरे पर जीत कराए इन नेताओं को त्रिणमूल कॉंग्रेस दूपता जहाज लगती ही। क्या
17:54इसलिए विधायकों ने बगावत कर दी।
17:56कारण चाहे जो हो लेकिन बंगाल जीतने वाली बीजेपी के लिए इससे बहतर कुछ नहीं हो सकता।
18:31मंता बनर जी जो भी दावा करें लेकिन वो अपनी सबसे बड़ी सियासी चुनौती का अब सामना कर रही है।
18:37इसमें पहला चैलेंज अब किसी तरह पार्टी को बचाने का ही है।
Comments