00:02मम्मी पापा आपका मुझ पर भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लिखकर डॉक्टर बन जाएगी और दोबारा नीट देने की
00:09हिम्मत नहीं है मेरे अंगर पहले नीट के पेपर में मेरे अच्छे मागस आ रहे थे और दोबारा पेपर अच्छा
00:16जाएगी इसकी क्या गरेंटी ह
00:18सौरी मम्मी पापा मैंने सब बर्बाद कर दी आप दोनों का
00:27लोग कह रहे हैं कि ये सुसाइड नोट है हम कहते हैं कि ये नीट पेपर लीक की वज़ा से
00:32हुई एक छात्रा की हत्या की चार्जशीट है
00:39नीट पेपर लीक में चार्ट शीट जो कहती की केवल पेपर नहीं लीक हुआ
00:44बलकि आकांक्षा और उसके मम्मी पापा का भरोसा तोड़ा गया
00:47आकांक्षा जैसे लाखों छात्रों को दोबारा इंतिहान के प्रिशर में धकेला गया
00:52पहले परिक्षा में अच्छा नंबर आने की उमीद लगाये चात्रों के दिल दिमाग में फिर से उतना ही अच्छा एक्जाम
00:59करने के लिए डराया गया
01:00एक बेटी को सुसाइट के लिए उकसाया गया
01:05किसको आकांक्षा चतुरवेदी को
01:1019 साल के आकांक्षा तीन मई को जब नीट की परिक्षा हुई नागपुर के सेंटर पर आकांक्षा कृष्ण कुमार चतुरवेदी
01:18रोल नंबर 311-110-5245 बहुत मन से अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने पहुंची
01:29बहुत अच्छा पेपर दिया इस तस्वीर में जिस तरह मुस्कुराती आकांक्षा दिखती है उसी तरह घर आकर हस्ती खिलखिलाती दिखती
01:41लेकिन किसी को पता नहीं था कि कुछी दिन के भीतर जिस कौपी में वो अपने डॉक्टर बनने के सपनों
01:47की तैयारी करती थी
01:48उसी में नीट पेपर लीग के बाद तूट गई आकांक्षा अपनी अपने मम्मी पापा की हर आकांक्षा को मार देने
01:55का ये दहला देने वाला सुसाइड नोट लिखतेगी
02:00जच्ची जब पेपर दी उसका मतलब जब पेपर दे के घर आई तो वह बहुत खुशहाल थी उसका पेपर बहुत
02:07अच्छा गया था
02:08मनों बोली के हम साड़े छे सव से नीचे मेरा मार नहीं आएगा और जब पेपर लिख हो गया तो
02:15बच्ची काफी सदमे में आ गई काफी दुख में आ गई खाना पीना सब बंद कर दी थी और किसी
02:22से बात ओर्द करने में भी ज़्यादा उस्तुक नहीं रहती थी
02:45मध्यप्रदेश के मउगंज जिले में रहने वाला चतुरवेदी परिवार जिनके बेटे बहुक पृष्ण कुमार और नीलम चतुरवेदी ने पढ़ने में
02:52होश्यार बेटी के लिए वो सब कुछ किया
02:54जो हमारे देश में एक आम माबाप अपने बच्चों के लिए करते हैं घर के आर्थे के स्थिति अच्छी नहीं
03:01तो कोचिंग और दूसरे खर्च के लिए किसान ट्रेडिट कार्ड से तीन लाख रुपाए और बाकी जमीन गिर्भी रख कर
03:07कर्ज लिया
03:08जो उसका एक्जाम हुआ था जैसे उसने फ़स्ट अटेम्ट दिया था डॉक्टर बनने का पूरा मन था पूरा मन था
03:14अपने मर्जी से उसने पढ़ाई कर रही थी
03:16कि मैं डाक्टर हुन हुई क्योंकि उसके पिता जी का भी दो अप्रेशन हो गया थी सर पैरोलाइस मार दिया
03:23और हम कर्ज ले लेके पढ़ा रहे थे हम किसी से मांग मांग कि उसकी फिस भर रहे थे
03:30कैसे भी हम अपने दिन निकाल रहे थे बच्चों के इसमें
03:34मैं भाई तक अपने खेट गिल्बी कर दिया तो मेरी बेटी आ जा जा जाए तो इतना जिसको पैसे चाहिए
03:42तो जहा मालू मैं छोटे शेहर में बेटी की बड़ी उमीदें दब ना जाए इसलिए नागपूर की निजी कोचिंग में
03:50जाकर परिवार बेटी को तयारी कराने
03:52लगा किसान पिता बेटी को पढ़ाने के लिए नागपूर में रसोये की नौक्री करने लगे ताकि बेटी को वहां रहकर
03:58साथ दे सके लेकिन नीट पेपर लीग के बाद आकांगशा ठूपने लगी कहां तो उसे परिक्षा देने के बाद लगा
04:06था कि साड़े 600 नंबर आ �
04:07लगे बढ़िया कॉलेज मिलेगा आम आदमी महंती जितना भी होता है अपनी किसमत से बस डरता है
04:14हमारी लड़की पढ़ने में अच्छी थी उसका ये था कि रूपको बांगडर बढ़ना है और उसने पढ़ाई के लिए उसकी
04:23अच्छे माज दी आए थी
04:26तो बिए पर देने के बार लिए पर शुणी तो बहुत टेंसल में आ गई थी दोन लेके पढ़ाई था
04:33लोगों से करज ले ले लेकि हमें उसको इतनी दूप आए थी आपने लड़की को बहुत मुस्किल से इस चीज
04:40के लिए तियार किये थे और उसका भी सपना था कि मैं �
04:49अच्छे नंबर भी हमेशा लाती थी उसी यही दूख है कि ना यह डॉक्टर ही करना यह दिसीजन उसका होता
04:56साहिए
04:58इस हाल पर लाकर छोड़ दिया है कि एक माँ को लगने लगा कि काश बेटी ने डॉक्टर बनने का
05:04सपना ही ना देखा होता
05:05भले सरकार कहें कि उसने सक्त एक्षन लिया पेपर लीग वालों को छोड़ा नहीं जाएगा लेकिन चतुरवेदी परिवाद आकांग्शा की
05:12मौत का जिम्मेदार केवल सरकार को मानता है
05:16इसमें मुख करूप से जिम्मदार आप लोग किसको मानती है
05:19हम जिम्मेदार सरकार को मानती हैं अगर हम अपने बच्चों को कुछ बोले होते कुछ पिसर दिये होते तो उसका
05:26जिम्मेदार हम थे लेकिन लीग हुआ सरकारी हुआ जिम्मेदार है
05:31आकांख्षा ने खुदकुशी 20 मई को नाधपुर में की थी अब उसका ये सुसाइड नोट प्रामने आए
05:36वो सुसाइड नोट जिसमें भारत के हर आम परिवार की उभरती आकांख्षाओं के सरकारी अपराधिक लापरवाहियों से दम तोड़ देने
05:44की गवाही है
05:46राहुल गांधी ने अब सोशल मीडिया पर पोस्ट में प्रधान मंत्री से लेकर शिक्षा मंत्री तक पर सवाल उठाएं
05:52लिखाए कि एक पिता जो कर सकते थे सब किया फिर नीट पेपर लिखुआ परिक्षा रद्धुई उस अनिश्चित्ता में आकांख्षा
05:59छोड़ कर चली गई
06:01आकांख्षा की खुदकुशी पर अखलेश यादों ने सोशल मीडिया में पोस्ट पर लिखा है कि जब बीजेपी के राज में
06:06विक्सिफ भारत के जूट का इत्यास लिखा जाएगा तब क्या एक बेबस बेटी का यह आकरी ख़त भी लगाया जाएगा
06:14निट की घटना दुर्भाग्यपुर्ण रहा लेकिन देश के प्रधान मंत्री के नत्रत में
06:27बच्चों के भविश से खेलवार करने वालों के परती सक्त काड़वाई की और C.V.I. को जाँच दिया और
06:39नए एक्जामनेशन के लिए किया
06:42दुख है हमें लेकिन काड़वाई में कभी कमी नहीं रखा
06:52राहुल गांदी की पार्टी के नस्युवाई के देश विनोज जाखर दूसरे नेताओं के साथ आकांक्षा के परिवार से मिले
07:00लेकिन क्या सरकार से कोई मदद देने धांड़स बढ़ाने आया है
07:06सरकार से कोई मदद आप लोगा
07:08सरकार से हमको अभी तक कोई उचने भी नहीं आया
07:11सरकार या प्रशासन कोई भी आप लेकिन कम से कम बीजेपी की सरकार बीजेपी के प्रतिनी भी इनके घर पहुंचकर
07:31सांतोना के दो शब्तों बोल सकते थे
07:33या फिर उसके लिए भी किसी जाच का इंतजार करेंगे नेता बाकि हर तरह के आर्थिक मदद उस परिवार को
07:38और देश में नीट पेपर लीग से जाच गवाने वाले हर परिवार को मिलनी चाहिए
07:43और ये भरोसा तो पुक्ता तोर पर कि फिर किसी आम परिवार के आतांख्या किसी पेपर लीग की वजह से
07:49मरने नहीं दी जाएगी
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