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  • 15 hours ago
'टैरिफ बम' फोड़ने की तैयारी में ट्रंप, भारत-चीन पर होगा निशाना? देखें

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00:11आपके साथ इबान शुद्रिक्षेट अमेरिकी व्यापार प्रत्रिन दी यूएस ठीयार ने वैश्विक व्यापार जगत में एक बड़ा कदम उठाते हुए
00:20भारत की बात की जाए और चीन की बात की जाए
00:25दोनों ही देशों सहे दुनिया की 54 देशों से आने वाले निर्याद पर साड़े बारा फिस्दी अतरिक्ट आयात शुल्क यानी
00:32टैरिफ लगाने का प्रस्ताव पेश किया
00:33अमेरिका के इसकड़े रुक से वेश्विक सप्लाई चेन और दुपक्षिय व्यापार संबंदों में भारी तनाव पैदा होने की आशंका है
00:40पहले आपको एक रिपोर्ट दिखाते हैं फिर बात करें
00:50डुनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर नया टैरिफ प्लान तयार कर लिया है
00:54और नय अमेरिकी टैरिफ रेट प्रस्तावित किये गए है
00:57अमेरिका अपने प्रमुख व्यापारिक साजेदारों से किये जाने वाले आयात पर कम से कम 10 फिर दी का टैरिफ लगाने
01:04की तैयारी कर रहे है
01:05और उनका ये प्रपोजल जबरन श्रंप प्रथाओं की जाच के बाद आया है
01:10रिपोर्ट्स की माने भारत और चीन को लेकर भी नया टैरिफ तैय कर लिया गया है
01:15जो 12 फिर दी से ज्यादा हो सकता है
01:19ब्लूमबर की एक रिपोर्ट के मताबिक अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नय टैरिफ रेट्स को देखें
01:24तो भारत चीन, जापान, दक्षिन कोरिया, ब्राजील और स्रिजरलैंड जैसे देशों से आने वाले सामानों पर
01:31ट्रम्प 12.5 फिर दी का टैरिफ लगा सकते है
01:34वहीं दूसरी ओर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधी कार्याले ने साफ किया है कि कनाडा, मेक्सिको, यूरोपिया यूनियन, ताइवान और ब्रीटेन समेत
01:43अन्य देशों से आयात पर 10.5 की टैरिफ दर लागू होगी
01:46गौर तलब है कि अमेरिकी राश्टरपती द्वारा दुनिया के तमाम देशों पर लगाये गए रेसिप्रोफल टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट
01:54में रद कर दिया था
01:55अब ट्रम्प उन टैरिफ को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे है
01:59भारत को लेकर ये खास इसलिए भी है क्योंकि डोनाल ट्रम्प टैरिफ प्लान ऐसे समय में सामने आया है
02:05जबकि यूएस के मुख्य वारताकार दुईपक्षिय व्यापार समझोते को अमितिन रूप देने के लिए
02:11नई दिल्ली में भारती अधिकारियों के साथ तीन दिनों की बाचीट कर रहे हैं
02:22अब आपके विए बहुत सारे सवाल चल रहे होगे हैं
02:24वो सवाल कुछ इस तरह के कि पहले भी कई तरह के टैरिफ अमेरिका लगा चुका है
02:50अब आगे क्या आपको लगता है कि इससे कितना असर पड़ेगा और इसकी पीछे की वज़ा क्या लगती है
02:57सबसे पहले तो हम जरा इहमानशू इसका एक प्राइमर समझ लेते हैं
03:00इस समय भारत से जाने वाले जो निर्यात हो रहे हैं सामान
03:02उस पर अमेरिका में कितना आयाद शल्क लगाया जारहा है
03:05जिससे टैरिफ कहा जाता है
03:06तो जो मौझूद अदर है यानि रिसिप्रॉकल टैरिफ के खत्म होने के बाद में
03:09चुब भारत और अमेरिका के बीच में सेहमती बनी ति
03:12जिसे interim सहमती कहा जा रहा है क्योंकि जो trade deal है उस पर अभी भी finalization की जो वारता
03:18है वो चल रही है
03:18आना कि दोनों तरफ से कहा जा रहा है कि वो बिलकुल नजदीक में हैं और जो last 1%
03:23की जो
03:24कॉमाज और फुल स्टॉप होते हैं उन्हें ठीक किया जा रहा है जैसा कि Commerce Minister पियूश गोईल ने कहा
03:29तो अब ये जो मौजुदा दर है वो करीब 18% की है और ये जो परस्ताविद दर है ये
03:3512% की है यानि अगर ये दोनों मिल जाते हैं क्योंकि ये additional tariff कहा जा रहा है तो
03:41ये दोनों मिल जाते हैं तो करीब-करीब 30% होगा
03:43अब आपके मन में सवाल आ सकता है कि ये 18% तो दिया ही जा रहा है फिर ये
03:4812% क्यों और इसके पीछे का आधार क्या है तो इसके लिए अमेरिका में उन्होंने अपने जो trade rules
03:54हैं जो commerce rules हैं उसका section 301 है उसको आधार बना है ये section 301 कहता है कि जिन
04:01भी देशों के अंदर इस बात
04:13हैं हम उसको दूर करना चाहते हैं और हम उसे disincentivize करना चाहते हैं जहां पर जबरिया जो काम का
04:18कामगारों के ओपर कुछ जयातिया होती है या उनसे जबरन काम करवाया जाता है उस तरीके के labor laws follow
04:23नहीं होते हैं उन देशों से होने वाले आयात को हम थोड़ा सा disincentivize करना �
04:31हैं हैं यह कानूनी तरक आप अच्छे से जपती डानल्ड ट्रम्प की जो बहु प्रचारित टैरिफ नीती थी उसको मिले
04:40जटके के बाद ये एक बैक डोर से और लीगल आधार के जरिए टैरिफ लाने की कोशिश है यानि पहले
04:45जो ट्रेसिप्रोकर टैरिफ ता उसे खारि
04:58हैं 22 जूम तक जो हैं वो लोग अपना रिप्रेजेंटेशन दे सकते हैं 6 जुलाई को इसके पर हीरिंग होनी
05:03है 6 और 6 जुलाई को और उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा लेकिन यनि यह भी अभी पर्मनेंट
05:08नहीं है यह यह फिक्सेटर नहीं है यह तय नहीं है
05:11और अभी इस पर भी निर्णय होना बाकी है लेकिन जाहिर तोर पर हमारे लिए यह माइनें इसलिए भी रखता
05:17है मांशु क्योंकि अगर हम हमारे निर्यात को देखें अमेरिका को के साथ होने वाला करीब करीब 200 अरब डॉलर
05:23का जो हमारा कारूबार है उसके अंदर जो नि
05:37जाहिर तोर पर यदि अमेरिका के अंदर अतिरिक टैरिफ लगाया जाता है भारत से जाने वाले किसी भी उत्पाद के
05:43उपर तो नकेवल हमारे निर्यात पर असर पड़ेगा ऐसे समय में जबकि हम कोशिश कर रहे हैं कि हमारा निर्यात
05:48बढ़ सके एक्षेंज बढ़ाया ज
06:06अगर आप देखें तो पाकिस्तान को भी उसी श्रिणी में रखा गया है जिनके उपर दस वतिशत टैरिफ लगाने का
06:13प्रस्ताव है क्योंकि ये कहा जा रहा है कि ये वो देश हैं जिन्होंने कमिट्मेंट दिया है कि हम अपने
06:19हाँ पर इस तरीके के जो जो लेबर रिफ�
06:33किया गया है करीब 10 पर जाती यानि अमेरिकी बाजार के अंदर जो भारती उत्पाद हैं और जो अन्य देशों
06:39के उत्पाद हैं उनके बीच में डिस्पारिटी देखने को मिलेगी हां ये बास जरूर है कि इस पूरे मसले को
06:44लेकर इहमांशू जब अमेरिका के राजदूर
06:46जो अभारत में है सर्जियोगोर उनसे पूछा गया तो उन्होंने का देखिए कोई भी जो नियम या शुल्क विवस्ता लागू
06:51की जा रही है वो कोई भारत स्पैसिफिक नहीं है वो हम सभी देशों के लिए लागू कर रहे हैं
06:56और उसमें ऐसा कुछ भी नहीं है कि हम भा
07:13तरिफ के रूल स्था होंगे वो फिर आगे प्रिवेल करेंगे तो अभी बहुत सारी चीज़ें हेजी हैं अचा मैं आपने
07:20कहा जैसे यह प्रपोजल अभी प्रपोज है तो यह फाइनल कब तक हो सकता है और दूसरी चीज़ अगर नेगोसियेशन
07:30हुए तो क्या आने वाले
07:33वक्त में टैरिफ कम हो सकता है बाइलेटरल डील से बचा जा सकता है या फिर कुछ कुछ हत्ता कम
07:39हो सकता है देखिए इनिशित रूप से बाइलेटरल डील जब भी एक जो ब्रॉड स्पेक्टरम पॉलिसी होती है क्योंकि अगर
07:46आप देखें तो अमेरिकी राश्पती डॉ
07:59वारताएं चल रही है चर्चाएं चल रही है जब वो ट्रेड डील फाइनलाइज हो जाएंगी तो वो इस एक्जिकेटर ऑडर
08:04के उपर प्रिवेल करेंगी या जो हम विपक्षी स्थार के उपर ताय करेंगे फिर वो लागू माना जाएगा अन्य था
08:10यह जो रेसिप्रोकल
08:11ट्रेड टैरिफ या जो ब्राड ब्रश टैरिफ्स हैं वही लागू माने जाएंगे तो चुकि हमारी ट्रेड डील उस समय तक
08:17नहीं हुई थी उस दबाओ के अंदर अमेरिका ने कहा भी था कि जो भी करना चाहे ट्रेड डील वो
08:21कर सकता है हम तैयार है बहुत सारी ट्रेड �
08:27वारताइं शुरू हुई क्योंकि ये खारिज होने के पहले ही एक सहमती बन चुकी थी सुप्रीम कोट से जब अमेरिकामेरिय
08:33टैरिफ पॉलिसी अट्राश्पती ट्रॉंक की खारिज हुई उसके पहले ही एक सहमती भारत और अमेरिका के बीच बन चुकी थी
08:39दोनों का साजा �
08:40बियान भी सामने आया, वो वारताएं चल रही हैं और बेहद अंतिम दौर में बताई जा रही है, यानि जो
08:44फुल स्टॉप कॉमा करेक्शन जिसे कहा जाता है, बस लास्ट टेक्स्ट जो है, वो ताई किया जाएगा, तो उसमें टैरिफ
08:51जो भी ताई होता है, निशित रूप
08:53से लोवर टैरिफ होगा, और वो लोवर टैरिफ जो है, एक बार फिक्सेटेट हो जाएगा, तब फिर यह माना जाएगा,
08:59पिर वो प्रिवेल करेगा, लेकिन अब ये एक एडिश्चनल क्लाउस लगाए जा रहा है, सेक्शन 3-0-1 का, तो
09:04अब यह देखना होगा कि क्या सेक
09:18फाइनल नहीं हुआ है इसलिए इस बात की संभावना रहती है कि वो उसे भी इसमें इंसर्ट करवाना चाहें जहां
09:24तक आपने टाइम लाइन का जिक्र किया तो जैसा मैंने आप से का 22 जून तक जो प्रस्ताव हैं विचार
09:30हैं कॉमेंट्स हैं वो आमंतृत किये गए हैं और �
09:33थी इस मामले के उपर जो ओपन हाउस सुनवाई है वो भी होनी है तो अभी बहुत सारी ठीजें देखी
09:39जानी है कि ये टैरिफ का जो परस्ताव है क्या ये जो स्कूरूटनी है या जो परीक्षा है उसे पास
09:45कर पाता है या फिरोध का जहां तक सवाल है देखिए वीरो टै
10:01तो किसी भी देश के लिए हमारे लिए फाइदे का होगा लेकिन क्या अमेरिका के लिए फाइदे का होगा वो
10:05जीरो टैरिफ कियों लगाएंगे किसी भी चीज के उपर जैसे हम बहुत सारी चीज़ों पे उपर आयात शुल्क लगाते हैं
10:10कई बार डोमेस्टिक मार्केट को
10:11प्रिटेक्ट करने के लिए कई बार अपने उत्पादों को बढ़ाने के लिए शुल्क की विवस्था इसी लिए होती है
10:17टैरिंट बैरियर जिने कहा जाता है और वो हर देश अपने अपनी जरूरतों के अनुसार निर्धारियत करता है
10:22हम तो चाहेंगे कि हमारे किसी भी उत्पाद के उपर दुनिया में कहीं कोई टैरिफ न लगे कोई शुल्प न
10:27लगे और हम सबसे ज़ादा टैरिफ लगाएं तो हम दोनों तरफ से मुनाफ़ा कमाएं लेकिन ऐसा होता नहीं है और
10:32अमेरिका अपनी ज़रूरतों के आधार पर
10:48मेक्सिको हो क्योंकि ये दोनों वो परोसी देश हैं जहां से बहुत सारा सामान अमेरिका के अंदर आता है मेक्सिको
10:54के साथ भी अमेरिका की सीमा लगती है चाहे कॉफी हो चाहे ओरंजिज हो चाहे बहुत सारी जो चीज़े हैं
10:59ब्रेड हो ये मेक्सिको से अमेरिका के अंद
11:13पडोसी मुल्क हैं, उनके बीच में काफी open movement भी है, बहुत सारे जो trade facilitations हैं उनके बीच में
11:21वो कहीं जादा बहतर हैं, तो इसलिए अगर उनके उत्पादों को एक बहतर access मिलता है, यानि जो अन्य प्रतिसफर्दी
11:29उत्पाद हैं, चाहे वो भारत का हो, चाहे वो इंडोनेश
11:31या किसी और देश का हो, उसके मुकाबले यदि Canada को लगता है कि हमारे किसी भी उत्पाद के उपर
11:37तो किवर 10 प्रतिशत लगाया जा रहा है, और बाहर से आने वाले इस आमान के उपर 12 प्रतिशत लगाया
11:41जा रहा है, तो भले ही 0.5% का अंतर हो, लेकिन ये अंतर उसके लि
11:59हैं, जो उत्पाद होते हैं, उनके अभार पर भी चीज़ें ताय होती हैं, जी.
12:29तोर पर महंगाई से इसे नहीं जोड़ा जा सकता है, लेकिन हां, इसका असर सीथे तोर पर हमारे घरेलू बाजार
12:35पर इस लिहाद से पढ़ेगा, क्योंकि जैसा मैंने आप से कहा, कि करीब 86-95 अरब डालर का जो हमारा
12:41निर्यात है अमेरिका को, और अमेरिका ये सारा टैरि
12:56जादों को भी लाब मिले और उसका भी सामान भी के, भारत से वो जाबा सामान क्यों खरीदते हैं, क्योंकि
13:01भारत में उस सामान का उत्पादल अपेक्शकरत सस्ता है, और यही फॉर्मॉला है, जिसे करण वो चीन से भी सामान
13:07करीदते हैं, वियतनाम से भी सामान करीदते है
13:09क्योंकि वहाँ जो labor cost है वो सस्ती है इस current से उसका लाव होता है लेकिन अब अगर America
13:15अपने हैं tariff हाई करता है तो निशित रूप से भारती निर्याद प्रभावित होंगे
13:19भारती निर्याद प्रभावित होंगे मतलब हमारा हमारी डॉलर की जो आए है जो हमारी कमाई है वो प्रभावित होगी अगर
13:25export oriented companies जो हैं उनका उनका business प्रभावित होगा तो निशित रूप से उसका असर पड़ेगा भारती बाजार के
13:32उपर उसमें आशंका जताई जाती है क
13:47जाए gems and jewelry में हो या जो marine products हैं उसके अंदर हो वहां पर यह दी कारोबार प्रभावित
13:53होता है तो जैसे अगर आप marine products को लें marine products यहीं समुदरी उत्पाद जो है उसमारा जो अमेरिका
14:00को हमारा कुल निर्याद है वो करीब करीब 6 अरब डॉलर का है और उस 6 अरब डॉलर के अ
14:16होता है और निर्याद प्रभावित होने के बाद उसका असर नौकरियों से लेकर जॉब से लेकर बाकि सारी चीजों के
14:20उपर आता है और वो एक economic slowdown की तरफ ले जाता है तब उसका immediately यह कहना तो नहीं
14:27कहा जा सकता कि इसे एकदम महगाई चरम के उपर बढ़ जाएगी लेकि
14:29निशित रूप से अगर लोगों के रोटी रोजगार के उपर असर पड़ेगा उनके काम कारोबार पर असर पड़ेगा तो निशित
14:34रूप से वो भारती अर्थ व्यवस्था के अंदर जो अलरीडी एक slowdown की आशंका चल रही है उसको ही और
14:40गहराएगा market में sentiment खराब होता है
14:42जिन लोगों का निवेश है अगर आम देखें तो पिछले एक देड़ साल से लगातार ये जो चिंता बनी हुई
14:46है कि तमाम कोशिशों के बावजूद भारती बाजार के अंदर वो returns नहीं आप आ रहे हैं जो पिछले चार
14:52-पांच साल से जो rally देखने को मिल रही थी बहुत
15:12जाता है तो निशित रूप से मार्केट में सेंटिमेंट खराब होगा तो आशनका है और गहरा है और आपना बहुत
15:17सही कहा है कि पिछले कुछ सालो से यही slow down चला आ रहा है लेकिन कोई समर्ज नहीं पा
15:21रहा है कि आखिर आगे इसके पीछे की वज़ा क्या है लेकिन अब �
15:25यह टैरिवाम भी बैफिर से फूटेगा और जब इंप्लिमेंट होगा तो उसका कितना असर पड़ेगा सबी की नजर इस पर
15:31बनी है लेकिन इतनी गहराई से जानकारी देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आपके हमारे साथ जुड़ने के लिए तो
15:35अभी के लिए आ�
15:37नहीं आप लेकर ही आजिता
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