00:00एक अस्पताल का मैंने पढ़ा था प्राइवेट हॉस्पिटल है उनके पास जगे ही कमी ना वो अपने बेड्स बढ़ा पा
00:04रहे हैं ना वो वहाँ और फैसिलिटी रैड कर पा रहे हैं एक डिपार्टमेंट नया आखणा करना है वो भी
00:08नहीं कर पा रहे हैं मैंने पूछा क्
00:10अस्पताल का जितना एरिया है उसमें एक तिहाई पर बड़ा भारी मंदिर बनवाया है क्योंकि मरीज आते हैं तो वो
00:15डॉक्टर के यां से निकल के सीधे जाके मंदिर में गिरते हैं और चूकि हमारा प्राइवेट हॉस्पिटल है नया नया
00:20है तो हमारा तो स्टार अट्र
00:40हम उसको क्यों इज़त देंगे हमारे हिसाब से तो बंदा दवा से नहीं दुआ से ठीक होता है बाबा जी
00:45कहते हैं वो सब हम जानते हैं वो सारी विद्या हमसे पूछो जब तक भारत जिम्मेदारी लेना नहीं सीखेगा किसी
00:51तरह की प्रगति संभव नहीं है हम एसकेपिस
00:54बन गए हैं और वो चीज हमें नकली धर्मने सिखा दिये लोक धर्म हमारा पलायनवाद एसकेपिस्म के अलावा कुछ नहीं
01:01है
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