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00:00आपकी समस्या ये है कि आप वहाँ प्यार की कलपना कर लेते हो जहां नहीं है नहीं है नहीं है
00:05दहे जुद पीड़ना कतीध हत्या का मवला सामने आया है ये कैसा प्रेम है उसके साथ ये जो भी हो
00:11रहा था उसकी मा को पता था प्यार नहीं है चौकें आप भोचक के हो जाएं
00:29चौकिना बंद करिये पर हमारा प्यार ऐसा ही होता है इसलिए प्यार नहीं है बस लितनी इसी बात है
00:35तुम 45 के होके भी मूरक हो तो 25 में तुम कैसे भगवान बंद गए किसी को जनम दे के
00:42और जनम दिया क्यों
00:44पैटेन्स के अलावा हमारी रिलेशनशिप्स क्या है बताओ न आप क्या किसी डिवाइन प्लानिंग का नतीज้ा हो आप प्लानिंग क्या
00:51कॉंस्प्रेसी का भी नतीजा नहीं हो
00:55पर जब पैदा हो जाते हो तो ऐसे हो जाते हो क्या,
00:58मेरे घर आई एक नंदी परी तुझे पता है तेरी दादी ने तुझे महादे उसे मांगा था
01:08काई टनन टनन
01:12अब पूछरा छोटू पर इसमें मेरी क्या गलती थी क्या पता इसी से
01:27नमस्ते अचारी जी अचारी जी मेरा प्रश्ण दहेज उत्पीडन को लेकर के है एक मामले से
01:34हाली में दहेज उत्पीडन कतित हत्या का मामला सामने आया है और उसमें मुझे जो सबसे चकीत करने वाली बात
01:43लगी है कि
01:44उसके साथ यह जो भी हो रहा था उसकी मा को पता था उसने वाटसब चैट में अपनी मा से
01:51शेयर किया था कि
01:52उसका पती उस पे कुछ आरोप लगा रहा था
01:54कि उसका किसी और के साथ रिस्ता है
01:56कुछ ऐसी बाते सामने आई है
01:59तो अचारे जी अभी चुकी वो नहीं रही
02:03तो उसकी मा काफी दुखी है
02:05और अपनी बेटी की इंसाफ के लिए
02:09जगा जगा गुहार लगा रही है
02:11तो यह कैसा प्रेम है
02:12कि जीते जी उसकी उसके पीडा को समझ नहीं पाता
02:18और मरने के बाद चीक चीक करने आए की मांग करता है
02:22किसी मृतक का नाम लेना उचित नहीं है
02:25और किसी विशेश व्यक्ति को उदाहरण बनाना भी उचित नहीं है
02:34यह सब जब जाये तो यह नाम वगारा हटा भी दिया जाना चाहिए
02:39लेकिन एक सामान ने
02:42जनरल बात आप समझ लीजिए
02:44प्यार नहीं है
02:48बस कुल इतनी सी बात है
02:50अब बाकी आप बोलो तो मैं आदे घंटे और बोल सकता हूँ
02:56प्यार नहीं है
03:00रिष्टों का तानावाना है
03:02जिसमें अधिकार बता दिये गए हैं
03:04कर्तवे बता दिये गए हैं
03:07सबको सबकी कुरसी बता दी गई है
03:09तुम इस जगे बैठोगे तुम यहा बैठोगे
03:11तुम यह करोगी तुम वो करोगी
03:13यह सब कर दिया गया है
03:15यह कॉन्ट्राक्ट है
03:17अनुबंध है करार है
03:19समझ�hoता है
03:20कॉम्प्रमाइज है इसमें प्यार नहीं है
03:22बस बात हो गई
03:24इसमें अब मैं और क्या बता हूँ
03:27किसी एक मुद्दे की बात नहीं है
03:29कहीं कोई दुखत घटना घट जाती है
03:31खासकर दहे जत्तिया हो जाती है
03:33या कुछ और ऐसा हो जाता है
03:35तो हमें बुरा लगता है
03:37मुसकी बात करना जाता है
03:38इंसान है बुरा लगेगा
03:39लेकिन उनकी भी बात कर लो
03:48जो well-adjusted दिखाई देते हैं
03:53वो रिष्टे भी देख लो जहां हिंसा प्रकट नहीं है अभी
04:03प्यार वहां भी नहीं है
04:06बस कहीं हिंसा दिख जाती है खून बह जाता है
04:11तो हम थोड़ी आउट्रेज कर लेते हैं और कुछ नहीं है
04:16मा को क्या पता बेटी क्या होती है
04:18मा को क्या पता
04:22मा कितने साल की थी जब बेटी को जन्म दिया था
04:26पचीस अठाइस रही होगी कई बार तो भारत में अभी भी एक तहाई एक चौथाई शादियां होती है तो लड़की
04:34की उमर अठारा साल से कम की होती है
04:36अभी भी
04:38तो पता नहीं मा कितने बरस की थी
04:43बीस की रही होगी पचीस की रही होगी तीस की रही होगी मा को क्या पता है
04:47मा को क्या पता है
04:51वो जो रिष्टा बनता है पत्नी का पती से वो प्रेम का होता है
04:56मा को अपने ही कुछ नहीं पता तो पती से क्या प्रेम करेगी, बेटी से क्या प्रेम करेगी
05:01मा के लिए बेटी एक object है जिसके साथ एक विशिष्ट किस्म का बरताव करना है
05:07An object to be related to in a particular way
05:12यह एक object है, यह अभी एक object है जो घर में आया है
05:16और इसके साथ इस तरीके का behavioral pattern डिस्पले करना होता है
05:22यह रिष्टा है, इसको हम relationship बोलते है
05:26यह husband है, यह father है, यह mother-in-law है
05:30इन लोगों के साथ, हर रिष्टे के साथ एक manual मिला हुआ है
05:35इसके साथ ऐसे बात करना है, इसका जैसे करना है, इसका जैसे करना है
05:40यह प्यार का है
05:43आप लोगों को फिर ताज्यूब क्यों होता है, जब आप पाते हैं
05:45कि अरे, किसी ने अपनी प्रेमिका को काट करके फ्रिज में डाल दिया
05:50या कि बेटी अपने घरवालों से मदद की अपील कर रही थी
05:54और घरवालों नहीं ध्यान नहीं दिया
05:56बोले कि अप तुझे बेहा दिया है तू अपना देख अपना घर का
05:59तेरा घर वो है
06:01इसमें आप लोगों को ताज्यूब होता है, मुझे ये ताज्यूब है
06:06आपकी समस्या यह ए इकि आप वहाँ
06:08प्यार की कलपना कर लेते हो जहां नहीं है, नहीं है, नहीं है
06:21पैटर्ण्स के अलावा हमारी रिलेशन्शिप्स क्या है बताओ न और पैटर्ण तोड़ के देखो रिलेशन्शिप्स तूट जाएगी
06:30पैटर्ण समझते हो न धर्रा धाचा ग्रूव एक नक्षा
06:38एक एल्गॉरिदम
06:43एक आदेश पत्र उसको बदल के देखो उसको तोड़ के देखो उसको छेड़ के देखो
06:49क्या होता है देखो क्या होता है जिसका नाम नहीं लेते उसे नाम से पुकार के देखो
07:00जिसको जी नहीं बोलते
07:01उसको जी बोलके देखो
07:03और जिसको जी बोलते हो
07:04उसको जी बोलना बंद करके देखो
07:06देखो क्या होता है रिष्टों का
07:09देखो ऐसे गिरने शुरू
07:18इसलिए तो मैं चाहता नहीं कि
07:19मुद्दे मेरे साथ उठाओ
07:21तुम सुनने भर से गिर जाते हो
07:25जिन्दगी में चलिए बहुत हिम्मत नभी हो
07:28तो भी थोड़ी टेस्टिंग कर लेनी चाहिए
07:34नहीं कह रहा हूं कि कुछ बदली डालो
07:36कुछ उखाड़ दो
07:38गिरा दो
07:39ना ना पर थोड़ा प्रियोग परीक्षण अच्छा रहता है
07:42मुझे रंजन के नाते ही करके देख लो ना
07:44जो रिष्टा जिस धर्रे में चल रहा है
07:47उस धर्रे को बस थोड़ा छेड़ के देखो क्या होता है
07:50तो पता चलेगा कि प्यार का अभाव किसको बोलते है
07:59प्यार नहीं है
08:01उम्मीदें है
08:02डूस एंड डॉंट्स है
08:04तू मेरे लिए ये करेगा मैं तुझे लिए ये करूँगी
08:07तुझे ऐसे ऐसे रहना है मुझे ऐसे ऐसे रहना है
08:11ये तेरी लक्षमन रेखा है ये मेरी है
08:15तुने अगर ऐसा करा तो मैं नाराज हो जाओंगी, मैंने अगर ऐसा करा तो तुझे नाराज होने का हक है
08:21और यह चलो दो वयस्क लोग अपने साथ करें, स्तिरी पुरुश करें, समझ में आता है
08:28यही काम तो बच्चों के साथ भी होता है, बच्चा क्या है, हमें क्या पता, हमें क्या पता बच्चा क्या
08:34होता है, आपको क्या पता बच्चा क्या होता है, क्या पता, बताई यह बच्चा वाने क्या होता है, यहां कितने
08:43लोग बैठे हैं, जो अभी 40 पार के हैं, हाथ उठा�
08:58मानते हैं कि बुद्धू है
09:00चलो हाथ उठाओ
09:04तो जब पचीस के थे
09:05तब कितने होशियार थे
09:0740 पार कर गए
09:0945 के हो गए
09:0955 के हो गए
09:10अभी भी बुद्धू हो
09:11तो पचीस के थे
09:12तब कैसे थे
09:16तो इस शरीर से क्या निकाल मारा
09:19अब बोल दिया
09:20संततिस को जनम दिया है अब हम पिता परमेश्वर हैं?
09:28यकायक में मासे देवी हो गई कैसे भाई कैसे तुम 45 के हो के भी मूरक हो तो 25 में
09:41तुम कैसे भगवान बन गए किसी को जनम
09:43देके और जनम दिया क्यों जब तुम्हें जिन्दगे कुछ पता नहीं जीवन की कोई तमीज नहीं और यह मैं थोड़ा
09:51क्रोध में बोल रहा हूं बोलना चाहिए क्योंकि एक इनसान की जिन्दगी का सवाल है बच्चा पैदा क्यों किया जवाब
09:56दो तुम्हें क्या पता है �
09:59तुम कुछ नहीं जानते पर तुम उसको ले आते हो और फिर तुम को जानते नहीं इसका करना क्या है
10:05तो कुछ शारीरिक का में जुक्सात कर देते हो चलो इसको साफ कर दो नहला दो मालिश कर दो दूद्ध
10:10पिला दो खाना खिला दो यह कर देते हो
10:16हुँ जो तथाकतित पिता है वो ऐसे देखता रहता है बोलता है इसका क्या करना होता है अच्छा इसकूल में
10:20डालना होता है वो ऐसे उठा के स्कूल में डाल देता है
10:34कि मैं बहुत मासूम सवाल पूछ रहा हूं आपकी टी-शेट से हिंट लग रहा है मुझे तुम्हें आपकी भी
10:41आपकी भी बहुतों ने आपको कैसे पता
10:45यह क्या कर डाला और मैं प्रजनन के खिलाफ वगरा नहीं हूँ मैं बहुशी के खिलाफ हूँ
10:55मैं जिम्मेदारी के पक्ष में हूँ प्रो रिस्पॉंसिबिलिटी नॉट एंटी रिप्रोड़क्शन
11:02आप एक जीव को इस जहान में ला रहे हो
11:08क्यों कैसे क्या पता था आपको कैसे यह फैसला किया क्या करने वाले हो फैसला बस ऐसे किया वो ना
11:14दीदी के तो अब दो हो गए मेरा एक तो होना चाहिए
11:20दीदी बार-बार दिखाती है मुझे यह देख दो दो
11:33संझे सुनी न चली न प्लान करते हैं
11:35अब गार हो ऐसे ही होता है ठीक है न कितने लोग मानते हैं कि ऐसे ही होता है
11:43ऐसे ही हुआ है न
11:46उसके बाद संझे और सुनीता ने अपनी प्लानिंग को बाकाईदा अंजाम दिया
11:54और वो पूछरा छोटू पर इसमें मेरी क्या गलती थी
11:58मैं जहां था मुझे वही रहने देते
12:00मैं खुश था
12:04वे क्या पता यह प्रक्रति
12:09जंगल का इतिहास है न हमारा
12:1225 तो ज्यादा होता है
12:13स्तिरी पुरुष्ट पंदरा की उमर में ही
12:16प्रजनन के
12:18लायक हो जाते हैं तो कर लो
12:20पंदरा में ही प्यादा कर लो
12:25और मानसिक बौद्धिक आध्यात्मे किस तर
12:29हमारा पंदरा और पच्चीज के बीचे
12:31बहुत उन्नत नहीं हो जाता
12:32रहते ऐसे ही हो
12:40पर बच्चा जन्ने में
12:42अवल नमबर फटा फट कूट कूट के
12:44एक और एक और
12:51हासे रहे हो
12:55और ये सब कर गुजरने के बाद
12:58अब उम्मीद ये है कि प्यार होगा
13:00हेलो
13:03क्यों हो
13:05क्यों हो
13:11कई टीनेजर्स युवा लोग आते हैं
13:13मुझे मेरे पेरेंट्स से
13:15कभी भी
13:17लव एंड अंडरस्टैंडिंग नहीं मिले
13:22अवे क्यों मिले
13:26उनमें आपस में ही नहीं है
13:29वो खुद कोई अंडरस्टैंड नहीं करते हो तुझे क्या
13:31अंडरस्टैंड करेंगे तेरी समय है कि तुन उमीद कर रहा है कि वो किसी लायक है
13:38कि वो तुझे समझ सकते हैं, उन्होंने खुद को समझाए कभी कि तुझे ही समझ लेंगे, उन्हें माफ कर आगे
13:43बढ़, जाके बोलो उनसे कि माफ किया, हमारा तुमारा गेम सेटल, कोई गिला शिकवा नहीं, लेकिन वो नहीं, ऐसे सोचते
13:54हो जैसे कि बाप तो भगवान है
13:56उसके पास शमताथी मुझे समझने की, पर उसने मुझे समझा नहीं, अरे उसके पास शमता ही नहीं है, तो मैं
14:03समझ में क्यों नहीं आ रहा, अच्छा आप जिस उमर के हैं, 40 पार वालों, कभी आपके पिता जी माता
14:11जी इसी उमर के थे?
14:13आप 45 के हैं? कभी आपके माबाप 45 के थे? जब आपके माबाप 45 है तब आप कितने के थे?
14:20तब आप 20 के थे? तब आप 20 के थे माबाप 45 थे आप उनकी और देखते थे और सोचते
14:24थे देखो कितने महान हैं कितने समझधार हैं
14:27अब आप खुद 45 के हो तो पोल खुल गई ना
14:30अब आप समझ गई ना
14:3145 में आदमी कितना बुद्धू होता है
14:34पर आप जब 20 के थे तो सोचते थे कि माबाप समझदार है
14:37क्योंकि 45 के है
14:3845 का होने से क्या होता है
14:4045 के तो आप भी हो
14:42देखो कैसे हो
14:47पर रहता यही है कि वो बड़े हैं वो बड़े तो हैं पर बीच में एक ब्लैंक है
15:00माप आपको नहीं बोल रहा हूं क्योंकि वो जिस उमर में हैं कल आप भी उसी उमर में होगे
15:07और उस उमर में आप वैसे ही हो जैसे आप हो पर जब बच्चे होते हो तो बड़ी उमीद हो
15:12जाती है कि माप आप तो बिलकुल गंभीरता की और गहनता की प्रतिमूरते होंगे
15:19उन्हें तो मेरे दिल का हाल पता होना चाहिए ना परमात्मा हैं परमेश्वर हैं भगवान हैं भगवती हैं कुछ नहीं
15:27ऐसे ही हैं वो तुम ऐसी पैदा हो गई
15:31कुछ भी हो जाता है जिन्दगी में ऐसी तुम भी हो गए
15:35सब ऐसे ही हुए हैं आप क्या किसी डिवाइन प्लानिंग का नतीजा हो आप प्लानिंग क्या कॉंस्पिरेसी का भी नतीजा
15:44नहीं हो
15:46हम सिर्फ दुरघटनाएं हैं शडयंतर भी नहीं
15:56अपने आपको इतनी इज़्दत मत नवाजा करो कुछ नहीं हैं ये हंकार है बहुत बड़ा
16:07फिर मेरे माता पिता का मिलन हुआ और उन्हों ने मुझे बड़ी आत्मेता से ममत्तों से और
16:15प्रेम से जन्म दिया अपना हंकार बढ़ा रहा है और कुछ नहीं कर रहे हैं
16:22Be real
16:25और वो reality दबाती है न तो सही बोल रहा हूँ
16:28जैसे थूड़ देर पहले का था
16:29माबाप को फिर माफ कर पाते हो
16:32फिर माबाप के खिलाफ
16:33जो शिकायत होती है
16:35वो कम हो जाती है क्योंकि साधारन इंसान थे
16:37उनसे एक साधारन सी भूल हो गई बस
16:43तुम क्या उस बात
16:48की तकलीफ
16:49चाती में बांध कर घूम रहे हो
16:54हो गया कुई बात नहीं मम्मी
16:55हो जाता है
17:01मैं भी सुबच चाय बना रही थी वो उबल गई
17:09आपसे नहीं होता है
17:12सही मौके पर तापमान कम करना भूल गए
17:17मामला छलक गया
17:20फिर आप बोलते हो मैं दिव भूती हूं मैं आउतरित हुई हूं
17:24आप आउतरित नहीं हुई हैं आप छलकी हैं
17:34हसलो अच्छे से
17:35यह जो मजाख है यह चुटकुला है
17:38यही इनसान की जात है
17:39यही हम हैं समझना अच्छे से
17:42हमारा होना एक एपसरडिटी है
17:44सच मुच
17:45और जैसे आप अभी हस रहो ऐसे ही अपनी हस्ती पर हसा करो
17:48फिर दूसरों से शिकायत कम होगी
17:57तब तो कहानिया चलती है
18:00तुझे पते तेरी दादी ने तुझे महादे उसे मांगा था
18:07काए
18:15बिना बात के
18:17असली बात ही बता दो ना
18:18अब असली बात थी कि वह बताओगे तो सेंसर बोर्ट बैठेगा
18:28लेकिन वह असली बात अच्छी है
18:31अशलील भले ही हो पर मनोरंजक है
18:35और अशलीलता में भी क्या बुराई अगर हो सच्ची हो
18:39सत्य यदि आपसीन भी है
18:41तो है तो सत्य ना
18:42बताई दो उपने बच्चों को कैसे पैदा हुए थे
18:47कम से कम उनके भीतर से ये उमीद हटेगी कि
18:51हम कोई बड़े हीरे मोती है
18:54जिनको जा करके दुनिया के बाजार से संग्राम करके
18:57हमारे अभी भावकों ने हासल किया था
19:03कितने तुम आलूम है
19:06बस इसलिए पैदा हो जाते हैं
19:09क्योंकि फैसला इंक्यावन प्रतिशत का हो गया
19:15बाकाइदा जूरी बैठी थी ये तैय करने के लिए
19:18कि ये पैदा होना भी चाहिए कि नहीं
19:20रखें कि गिरा दें
19:24और ऐसे ऐसे ऐसे पेंडुलम स्विंग करता रहा करता रहा
19:29और बस फिफ्टी वन फॉटी नाइन
19:32से ये फैसला हो गया कि चलो पैदा होने देते हैं
19:37नहीं तो लगबग पचास प्रतिशत संभावना थी कि तुम पैदा ही नहीं होते
19:42फ्लश कर दिये जाते
19:45किसी अस्पताल के पीछे इतना सा फीटस बन करके
19:49कचले के धेर में पड़े होते एक बहुत बड़ी तादाद है ऑलादों की जो अल्मोस्ट अन्वांटेड होती है एक्सरेंटल होती
20:04है तो फिर पहले बैठ करके
20:05बिचार होता है उसमें दो नहीं पंचे लोग केई बार बैठते हैं कि इसको पैदा होने भी देना आ है
20:25उनन्ही परी बस इनक्यावन प्रतिशत से पैदा हो गई है
20:31जब जूरी बैठी थी उसकी एक का भी मूड बदल गया होता
20:35तो परी का परा हो जाता
20:42और ये बाते ऐसी नहीं है जो मैं कहीं से खुफिया उठा करके लाये हूँ ये घर-घर की बात
20:47है
20:49बहुत सीधी बात है तो ये मानते क्यों नहीं हो और ये मानने से रिष्टे खराब नहीं हो जाएंगे
20:55दोहरा रहा हूँ ये मान लोगे न तो रिष्टे सहज हो जाएंगे
20:58ये मान लोगे तो माबाप को माफ करना असान हो जाएगा
21:02ये मान लोगे तो माबाप से फिर दोस्ती कर पाओगे
21:05क्योंकि दिखाई देगा कि हमारी तरह इंसान है
21:07जैसे हम कुछ अच्छा कुछ बुरा करते रहते हैं
21:11वैसे उनसे भी कुछ हो गया आओगा कुछ ठीक कुछ गलत
21:18प्रश्ण करता कि प्रश्ण में माननेता चुपी थी
21:20कि मा है तो बेटी का तो ख्याल रखेगी न
21:25जैसे कि रिष्टे की परिभाशा में ये नहित हो
21:27ऐसा कुछ भी नहीं है
21:29कि बेटी संकट में थी मा को बोलत रही है
21:31कि मा यहां ससुराल में मेरे साथ गलत हो रहा
21:34मा बचाओ क्या करूं मा रक्षा गरो तो मा कहेगी कोई बात नहीं मैं आ रही हूं या तु मेरे
21:39पास आ जा या मैं क्यों उपाई सुझाती हूं तुम यह क्यों मान रहे हो कि मा ऐसा कुछ करेगी
21:43क्यों मान रहे हो क्यों कि तुम्हें लोक संस्कृत ने सिखा रखा है कि मा ब�
22:03प्यार कोई शारेरिक चीज नहीं होती कि आप बच्चा जन्दोंगे तो प्यार हो जाएगा प्यार बड़ी गहरी बात होती है
22:09क्या कहते हैं प्यार सीखना पड़ता है एक उम्र के हो गए तुम संभोग कर लिया गर्व हो गया प्रजनन
22:15हो गया तो उससे प्यार थोड़ी हो �
22:17जाएगा प्रजनन से प्यार हो जाएगा क्या यह कैसी बात है नहीं तो फिर प्रजनन ही प्रेम का मार्क कहा
22:23जाता है प्रजनन तो पागल भी कर लेता है प्रजनन सारे पशू करते हैं को कोई काते लोग अपराधी हो
22:35प्रजनन तो बलाकार से भी हो सकता है तो प्रजनन और
22:41प्रेम का क्या नेवारे रिष्टा है भई
22:48प्यार सीखना पड़ता है
22:49और जिन्होंने प्यार सीखा होता है न वो फिर ये नहीं करते
22:52कि प्यार उसी से करेंगे जो हमारे जिस्म की उलाद हो
22:56उनका प्यार बस होता है उनका प्यार
22:58पूरी दुनिया के बच्चो के लिए होता है और पूरी दुनिया को ये अपना बच्चा मानते हैं
23:08कही प्यार नहीं है
23:14इसकी एक अच्छी विश्वसनिय सूचना
23:19इसी बात से मिल जाती कि कोई कहे कि मैं तो बस अपने बच्चों से प्यार करती हूँ
23:24जैसे ही किसी ने ये कहा कि मैं तो बस अपने परिवार से, अपने बच्चों से, अपने पती से, अपने
23:29पिता से, इनहीं से प्यार करती हूँ
23:32ये इस बात की बड़ी सशक्त सूचना है कि वो प्यार करता ही नहीं या करती ही नहीं
23:39जिनको होता है वो अपने प्यार को सीमा नहीं दे सकते
23:44ऐसे एक किसी संकील्ड दाइरे में कैद नहीं कर सकते
23:48कि मुझे प्यार तो वस अपने बच्चे से है
23:50जिसे प्यार होगा उसे प्यार होगा
23:53उसे किसी एक विशय से प्यार नहीं होगा
23:56उसे प्यार होगा, प्यार उसकी आंतरिक स्थिती होगी
23:59उसकी ये स्थिती विशय सा पेक्ष नहीं होगी
24:01कि ये फलाना चहरा सामने आया तब तो मुझे प्यार है
24:05और कोई और चहरा सामने आया तो मुझे प्यार नहीं है
24:08प्यार ऐसा नहीं होता
24:09पर हमारा प्यार ऐसा ही होता है
24:11इसलिए प्यार नहीं है
24:19होना चाहिए, है नहीं
24:21अध्यात्मी इसलिए है ताकि हम प्रेम सीख पाएं
24:25आग्रह है मेरा प्रेम सीखो
24:28और प्रजनन से प्रेम नहीं आ जाएगा
24:32यह जो संस्कृति में चलता है न कि
24:34मा का बच्चे के प्रति प्यार तो उच्चतम होता है, अनकंडिशनल होता है, सबसे गहरा प्यार कौन सा होता है
24:40मा बच्चे का, जूट है ये, बहुत बड़ा जूट है ये, ऐसा कुछ नहीं है, जिसको प्रेम पता ही नहीं,
24:51वो किसी से भी प्यार कैसे कर लेगा, अपनी ऑल
25:06लांग जाएगा
25:08धर्म की, जात की, अपने पन की, पराये पन की
25:14उसके प्रेम को रोक नहीं पाओगे
25:28अपर यह थोड़े होगा कि
25:32अपने अपने बच्चे को मैंने
25:37मुर्गे के बच्चे का सूप पिलाया
25:40यह क्या कर रहे हो
25:42यह क्या कर रहे हो
25:45तुम्हारा बच्चा बच्चा और मुर्गे का बच्चा
25:49सूप
25:52मैं इल्जाम नहीं लगा रहा हूँ, मैं आपको आहत नहीं करना चाहता
25:55ताकि मैं कहूं कि देखो, तुम दोशी हो, तुम गिल्टी हो, तुम में प्यार नहीं है, मैं चाहता हूं कि
26:02प्यार हो, लेकिन जब तक आप नकली प्यार कोई प्यार समझते रहोगे, प्यार कहां से होगा।
26:09नकली प्यार को हटाना जरूरी है ताकि असली वाला अंकुरित हो सके
26:19तो बुरा मत मान जाईएगा
26:21कि इन्होंने तो हमारे रिष्टों को यह नकली करार दिया
26:25हम प्यार मतलब जानती ही नहीं है
26:27तो फिर हम और क्या कर रहे हैं रिष्टों में
26:29बहुत आसान है मेरी बात को अन्यथा ले लेना
26:37यह दुनिया जैसी है और जैसी और ज्यादा होती जा रही है
26:42जिस गर्त में गिर रही है आपको सच मुछ लगता है इस दुनिया के लोग प्यार जानते हैं
26:46तो मेरी बाद से आपको जटका क्यों लग रहा है, बुरा क्यों मान रहे हो
26:49प्यार सीखो
26:52प्यार सीखो
26:54और प्यार को सीमाएं मत दो
26:57मत कहो कि मेरा परिवार है
27:01तो इसलिए प्यार है
27:07ये सब मेरा दोस्त, मेरा यार, मेरी पत्नी, मेरी बच्ची
27:12ये जो मेरा पन है न ये प्यार का दुश्मन है
27:20प्यार मेरे पन में बांधने को नहीं कहते
27:25प्यार पंख देने का उडान देने का नाम है
27:28और ये मेरे पन का ममत्तो का ममता का भाव बहुत बड़ी जन्जीर होता है
27:37ऐसी घटना अभी हुई है आगे भी होती रहेगी
27:42जो आप वेर्थ से वेर्थ प्रतिक्रिया दे सकते हैं
27:45वो ये है कि आप आश्र जाहिर करें
27:48आप चौके हैं आप भोचके हो जाएं कि
27:51अरे क्या पति ने पत्नी का गलाग होट दिया
27:56अरे क्या प्रेमिका ने प्रेमी को काट दिया
27:59अरे क्या मा ने बेटी पर ध्यान नहीं दिया
28:04ये जो आप चौक रहे हैं न
28:07यहां असली गड़वड हो रही है
28:09आप चौक ना बंद करिये
28:13आई ना देखना शुरू करिये
28:15स्वीकारना शुरू करिये
28:16क्या पता इसी से
28:20प्यार जगे कुछ
28:22नकली हटे कुछ
28:23और असली ये कुछ आहटें आएं
28:54क्या रही है
29:26कर दो कर दो
30:19आपको खुशी होगी
30:21इसनाते जो हमारी अपनी एप है
30:24जिसमें हमारी गीता और बाकी सब कारिकरम चलते हैं
30:26यहाँ पर बुद्ध हैं गीता हैं उपनिशद हैं अश्टावक्र हैं
30:31यह मुझे मिले मेरी जिंदगी बदली
30:33यह तुम्हें मिलेंगे तुम्हारी जिंदगी भी बदलेगी
30:35सच पूछिए तो मतलब लाखों नहीं तो कम सकम हजारों जिंदगी आ तो हैं जो बिलकुल बदली हैं
30:40दो लाख से अधिक गीता प्रतिभागियों के साथ जुड़े आचार्य प्रशांत एप पर
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31:03बहुत कुछ
31:04गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर आचार्य प्रशांत सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
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