00:00जिन्हें वेद्व्यास कहते हो तुम
00:02प्रिष्ण द्यपायन उनका नाम था
00:03भीशन के भाइ लगे है शांतनु और सत्वती का विवा हुआ था
00:07उससे पहले ही सत्तेवती को महर्शी पाराशर के दोड़ा
00:12एक पुत्र मिला हुआ था जिसका नाम था
00:14खृष्ण कृष्ण देपायों फिर सत्यवती से शामतनु को जो दो बेटे हुए जो त्रांगद और विचित्रवीर उनके भी भाई ही
00:22जो त्रांगद युद्ध में वारे गए विचित्रवीर बीमार कर चल बसे अब सत्यवती का अर्थात शामतनु का वन्ष कौम बढ़ा�
00:51चल रही है महाभारत और इस पूरी महाभारत के वेद्व्यास मात्र ब्रिष्टा है मात्र साक्षी है इशारा समझना जो गेदों
00:59के साथ रहेगा वो हर महाभारत कर साक्षी हो जाएगा
01:02ज़रय योगी भूच बड़ी महाभारत व्यास साक्षी मातर रहेगे जब कि व्यास जानते हैं कि ते पूरी महाभारत है उनी
01:08के कुनबे किये उनी के बक्चों किये व्यास कहा है हमें कोई लेना प्रिष्ट तो देंगे ताकि आने और पीढियों
01:16को सबक मिले लेकिन हम जा�
01:27रखना कि श्रीमत भगवत इता महाभारत ग्रंथ का ही एक अंश है ना होते वेद्व्यास तो गीता भी तुम तक
01:34नहीं पहुंचती
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