00:00यह गुरू जी थे, तो सो रहे थे, रात ने उनके दो आ गए चेले, एक ने एक टांग पकड़ी,
00:04दूसरी ने दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी दूसरी
00:12दूसर
00:20कर रहा है तो उसने का यह मैं मुक्का ही दिये देता हूं मेरे गुरुजी की बाइं टांग पर मरा
00:25तो बोला तु मुक्का क्या दिखा रहा है वो मूसल लेकर आया और गुरुजी आप खोड़ा लग रही है यह
00:33प्रेम युद्ध है आप ही के छात्र है यह सर आपके सामने ज�
00:3920 देखायाए जब उठती है तो ऐसे जैसे लहर नहीं सूनावी आई यह बहा ले जाती उसी के साथ अभ्यास
00:46करना पड़ता अपना देखा है कैसे लहरों की तरहें क्रोद भै व्यास्ना पर लैर के साथ एक चीज
00:52पकी है जैसे उठती है वैसे ही गिरेगी बस थोड़ा सा तट पर खड़े होके उसको देखते रहो इंतजार कर
00:58लो गिर जाएगी
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