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Prince Agha Khan Panjum ki Pakistan amad...❤️

#YasirShami #AgaKhan #IsmailCommunity #GilgitBaltistan #Chitral

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00:00पाकिस्तान में ये कुन सी शक्सियत आई है जिसको एरपोर्ट पर लेने
00:04सदर पाकिस्तान आसिफ अली जर्दारी सहाब गए
00:06और इनका डिनर आसिफ अली जर्दारी सहाब ने एमाने सदर में किया
00:11जिसमें फीर्ड मार्शल आसिम मुनीर साहब और वजीर आजम पाकिस्तान ने शिर्कत की
00:16अगले ही दिन वजीर आजम शहबाज शरीफ साहब ने इनके लिए नास्ता बनवाया और कहा कि ये अब मेरे महमान
00:23होंगे
00:23ये शक्सियत कोई और नहीं इसमाईली फिर्के के पचासवे इमाम है जो पाकिस्तान के पांच रोजा दोरे पर आए हैं
00:30इनका नाम प्रिंस रहीम अलहुसैनी अलमारूफ आगा खान पंजम है
00:40ये पहले भी पाकिस्तान का दोरा कर चुके हैं लेकिन बतोर आगा खान ये इनका पाकिस्तान में पहला दोरा है
00:47ये अपने दोरे का ज्यादा वक्त गिलगित और चित्राल में बिताएंगे
00:51क्योंके वहाँ इसमाईली क्युमिनिटी बहुत बड़ी तादाद में मौझूद है
00:55पूरे मुलक में फैली हुई इसमाईली क्युमिनिटी इस वक्त गिलगित का रुख कर रही है
00:59क्योंके वो अपने रोहानी पेशवा और पचासमे इमाम का दिदार करना चाहते हैं
01:04और ये वन्स इना लाइफ टाइम अपरचुनिटी है कि वो अपने इमाम की खुली आँखों से जियारत कर सकें
01:12ये आगा खान कौन है? ये इतनी बड़ी शक्सियत कैसे बने?
01:16आखिर इनकी कहानी क्या है? इस सब को समझने के लिए आपको पीछे तारीख में जाना होगा
01:24सबसे पहले आगा खान या इसमाईली कौन है? इस चीज़ को समझिए
01:28ये एहले तश्री का एक फिरका है इस वक्ड़ दुनिया में एहले तश्री के दो बड़े फिरके हैं
01:33इसना इश्रीया जो के पाकिस्तान, एरान, एराक और शाम में फैले हुए हैं
01:39इन तमाम लोगों का फिरका इसना इश्रीया है ये लोग 12 इमामों को मानते हैं
01:44दूसरा फिरका इसमाईली कहलाता है इसकी आगे एक बरांच है नजारी
01:49नजारी फिरके को ही आगाखानी फिरका कहते हैं और ये इसी के इमाम हैं
01:54इमाम जाफर सादिक रजिल लाओ ताला अन्हों के दुनिया से पर्दा फर्माने के बाद इस फिरके की इबतदा हुई
02:01अब्तदा ऐसे हुई कि इमाम जाफर सादिक का जब इंतकाल हुआ तो उस वक्त दो ग्रोहों के दरम्यान इखतलाफ पैदा
02:08हुआ
02:08एक ग्रोह का मानना था कि इमाम जाफर के बड़े बेटे इसमाइल बिन जाफर इमामत के मुस्तहिक है
02:15लेकिन मसला ये था कि इसमाइल बिन जाफर का इंतकाल इमाम जाफर रजियल्लाव ताला अन्हों की जिंदगी में हो गया
02:22जबके दूसरे ग्रोह का ये मानना था कि इसमाइल बिन जाफर का इंतकाल हो चुका था
02:27लहादा इमाम जाफर सादिक के दूसरे बेटे इमाम मुसा काजिम को इमाम बनाया जाए
02:33अब एक ग्रो मुसा काजिम को इमाम मानने लगा और दूसरा ग्रो इसमाईल बिन जाफर को इमाम मानने लगा
02:39जो फिरका इमाम मुसा काजम का फॉलवर हुआ वो इसनाए अश्रिया कहलाया
02:44जबके वो फिरका जिसने इसमाईल बिन जाफर को इमाम माना वो इसमाईली कहलाया
02:49इसमाईलियों में इमाम का कॉंसेप्ट इसनाए अश्रिया से बिलकुल अलग है
02:54यानि इसनाय श्रिया में 11 इमाम आ चुके हैं जबके 12 इमाम महदी हैं जिनका क्यामत के करीब जहूर होगा
03:01जबके इस्माइलियों के हां ये कॉंसेप्ट है कि इमाम हर वक्त मौझूद होना चाहिए
03:06और ये इस्माइल बिन जाफर की आल उलाद से होना चाहिए
03:09तो ये जो पाकिस्तान के दोरे पर आए हुए इमाम हैं प्रिंस रहीम आगाखान ये इस्माइली फिरके के 50 में
03:16इमाम हैं और 5 में आगाखान हैं
03:18आगाखान का लकब इनको इरान से मिला इस से पहले ये सिर्फ इमाम कहलाते थे
03:2318 और 19 सदी में इरान पर फते अली शाह काजार की हकूमत थी
03:28उस दोर में इनको आगाखान का लकब दिया गया
03:31वाकिया कुछ यूं हुआ कि इस्माइलियों के 45 में इमाम खलीलूला उनको कतल कर दिया गया
03:37उनके 13 साल के बेटे थे हसन इली शाह
03:40हसन अली शाह अपनी वालदा को लेकर एरान के बादशा के पास गए इनसाफ के हसूल के लिए
03:46तो फते अली शाह खाजार ने ना सिर्फ उनको इनसाफ दिया बलके उनके कातलों को कैफर किरदार तक पहुंचाया
03:54और उनको एक नया लकब दिया आगा खान जिसको आप आका भी कह सकते हैं
03:59तो यूं हसन अली शाह 46 में इसमाइलियों के इमाम बने और पहले आगा खान
04:04सिर्फ यही नहीं शाह एरान ने उन्हें अपनी बेटी का रिश्टा दे कर उनको अपना दामाद बना लिया
04:11और उसके बद उनको प्रिंस या शहजादे का लकब दिया
04:14जिसके बाद तमाम आगा खान शहजादे या प्रिंस कहलाने लगे
04:18अब ये जो प्रिंस रहीम अल-हुसेनी पाकिस्ताण आये हैं इनकी कोई सल्तनत नहीं
04:23ये किसी जगा के बादशा नहीं लेकिन फिर भी इनको प्रिंस कहा जाता है
04:29लेकिन सवाल ये पैदा होता है ये जो आगाखान पाकिस्तान आए हैं
04:33इनकी एहमियत पूरी दुनिया में इतनी ज्यादा क्यूं है
04:36क्यों इनको इतने प्रोटोकोल्स दिये गए और वजिर आजम इनके लिए नाश्ते बनवा रहे हैं
04:40और सदरे पाकिस्तान इनके लिए इशाये जिसमें फिर्ड मार्शल आसिम मुनीर साहब शिरकत कर रहे हैं
04:45जङनाब इसकी सबसे बड़ी वज़ा तो एक ये है कि ये इसमाईली क्यूंटी के रुहानी पेष्वा है
04:51जबकि दुसरी बड़ी वज़ा इनके पूरे दुनिया में खेराती काम है
04:55इसमाईली क्यम्यूनिटी एक इंतहाई पड़ी लिखी, महजब और अमन पसंद क्यम्यूनिटी है
05:00आपने पाकिस्तान में कभी नहीं सुना होगा
05:02कि इसमाईली क्यम्यूनिटी ने कोई इहतजाच किया, तोड़ फोड़ की या तखरीब कारी की
05:07बलके ये दुनिया के जिस खिते के जिस मुलक में रहते हैं, ये ना सिर्फ उसका हिस्सा बन जाते हैं,
05:13बलके आहम तरीन हिस्सा बन जाते हैं
05:15ये चैरिटी और फिलाही काम बहुत ज्यादा करते हैं
05:18आपको पाकिस्तान समय दुनिया भर में जहां पर भी इस्माइली क्यम्यूनिटी नजर आएगी
05:23ये तमाम के तमाम पिएच्डी स्कोलर्स या कमस कम इनके पास दो दो तीन तीन मास्टर्स की डिग्रीज होंगी
05:30इनका लिटरेसी रेट पूरी दुनिया में बहुत ज्यादा है जिसकी वज़ा से ये आला तालीम याफ़ता क्यम्यूनिटी है
05:36और इनको पाकिस्Tान में इतना ज्यादा प्रोटोकॉल और इुज़त देने की वजा
05:40इनके पाकिस्तानीों के लिए बहुत ज्यादा खेराती काम है
05:44इस वक्त ये दुनिया के 30 से जाएद मुबालिक में बहुत ज्यादा खेराती काम कर रहें हैं
05:48तालीम और सिहत पर बे तहाशा पैसा अपनी मदद आप के तहट खरच कर रहे हैं
05:54पाकिस्तान में आगाखान होस्पिटल इनके कामों की एक जीती जाती मिसाल है
05:58इसके इलावा सरीना होटेल्स की चेन में इनके बहुत ज्यादा शेर्स हैं
06:03इनके बड़े घोड़ों के अस्तबल हैं फार्म हैं जहां पर आला नसल के रेसी घोड़े तयार किये जाते हैं
06:10और इनकी कीमत मिलियन्स ओफ डॉलर्स में होती है
06:12ये घोड़े स्टॉलियन्स कहलाते है
06:16इसमाइलियों में ये भी है कि इमाम लिख कर जाता है
06:19कि मेरे बाद इमाम कौन होगा
06:21पाकिस्तान के दोरे पर आये हुए प्रिंस रहीम के वालिद प्रिंस करीम थे
06:25जिनका फरवरी दो हजार पच्चिस में इंतकाल हुआ
06:29अब उनके बेटे प्रिंस रहीम अलहुसैनी जो के आगा खान पंजम कहलाते हैं
06:33वो पाकिस्तान आये हैं पाकिस्तान में पांच दिन का अपना दोरा मकमल करने के बाद
06:38ये वापिस स्विजिलेंड चले जाएंगे और पूरी दुनिया में चलने वाले अपने फलाही कामों को देखेंगे
06:43और साथ साथ पाकिस्तान में गिलगित और चितराल में रहने वाली एक बड़ी स्माइली क्यम्यूनिटी को
06:48रोहानी पेश्वा के तोर पर जिन्दगी गुजानने के सुनहरी असूलों पर भी लेक्चर देंगे
06:53अपने मेजबान यासर शामी को जादर देजिए और देखते लिए डेली पाकिसान
06:56अलाँ आफ़स
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