00:00एक टर्म है एड वोलरम्स, टीक है, वो ट्रांजिक्शन वैलू के उपर प्राइस रेट लगता है, जी एस्ट में जो
00:06रेट है, अभी 5%, 12% के रेट हुआ करता था, सेप्टेंबर 2025 में उसको हटा दिया गया, अब उस
00:12रेट नहीं है, फिर 5%, 18%, 28%, 28% अभी जो सिन प्रोड़क्
00:29में के दारे में है, जी एस्ट के दारे में है, अगर यह हम इसको जी एस्ट के दारे में
00:33लाते हैं, पेटोल डीजल के प्राइस को, तो जो टैक्स अभी तकरीबं 35 से 50% का जो टैक्स है,
00:41मतलब गोर्मेंट, सेंट्रल गोर्मेंट का हम मिला दें, और स्टेट गोर्मेंट के ह
00:44वेट को मिला दे वो घटके आप सोचिए कि अगर 28% के दारे में भी आता है तो यह
00:4928% हो जाएगा वही मैं बता रहा हूं कि यह इसका पर लीटर 15 रुपे तक का इंपैक आ
00:55सकता है यह अनेक्सपेक्टिट तो है लेकिन आप यह समझे कि मैं आपको तीन सच्छा ही बताऊंगा
01:00एक दाम स्टेट अफ हॉर्मूज से लिंक्ट है ठीके कुरूट सकतर से 115 तक चला गया है और यह हम
01:0885% ओयल इंपोर्ट करते हैं जासा मैंने कहा था और यह वार्ड शॉक है एलेक्शन का इसू नहीं है
01:14दूसरा गौर्मेंट ने एक साइज डूटी कम भी किया है दस उलपे क
01:19किया था पहले और जब दुनिया के बाकी देशों में हम 30-50% तक इंक्रीज देख रहे हैं इंडिया
01:25में सिर्फ 5% बढ़ा है तीसरा यह है कि जो ओयल मार्केटिंग कंपनीज और गौर्मेंट ने यह लॉसस बियर
01:30किये थे कर रहे थे यह टेंपररी था इसको कोई भी अच्
01:48इसका असर क्या हो रहा है जो लोग वर में नहीं भी है उनको भुगतना पर रहा है जैसे हमारी
01:53कंट्रीज क्योंकि हम अपनी ओयल अपनी इनर्जी के जरुड़तों के लिए बाहर पर डिपेंडेंट है मैं आपको यही कहूंगा कि
02:00मार्य वाले टाइम को हम बिलकुल गेस न
02:17अगर यह 100 डॉलर की ऊपर रहे बल्कुल रामकुमार जी फाइनल कॉमेंट आपका देश की जनता के लिए एक संतोज
02:25यनक टिपपड़े हम समझना चाहेंगे सुनना चाहेंगे उसी रोड मैप को लेकर जो आपके सरकार कहती है जनता की राहत
02:31के लिए
02:34देखिए मैं तो यहीं चाहूंगा कि हमारी सरकार पेट्रोल डीजल को जीएश्टी के दाइरे में लाए और राहत मिले हमें
02:42वीपड़ की सरकारों पर आरोप लगना से बचना पड़े तो जीएश्टी के दाइरे में लाने से भी काफी कुछ कंट्रोल
02:48होगा लेकिन हम तो �
02:50यहीं दुआ करेंगे जल्दी से जल्दी बंदो और चाचा को कोई चिंता नहीं है उनके पास वेजनुला है और लाइंस
02:59को भी वहां उन्होंने बुला लिया है रिफाइनरी लगवा दी है टैक्सेस में तो उनकी चिंताएं कम है वो पूरे
03:06देश को परिसान करना चाहते है
03:07और आपने कहा जो टैंकर देखिए दो टैंकर हमारे लॉस्ट हो चुके हैं वो टैंकर की कीमत कम नहीं होती
03:15रजनेश भीया बता भी सकते हैं यह सरकार नहीं बता रही है लेकिन जो है दो टैंकर हमारे बोली बारी
03:23में लॉस्ट हो गए और एक टैंकर के हमारे 12 भारती सेनिक
03:27भी जा चुके हैं इसलिए जो पहले रिस्क ले रही थी भारत सरकार अब वो नहीं ले रही है लेकिन
03:34अमेरिका हमारे पीछे पड़ा है और वो उसको में दुस्मनी जो भारत के हमारे प्रधान मंत्री है जो डॉलर की
03:44वैल्यू घटाना चाहते हैं दिरम में और अपने रुप
03:56बाहरत के कंट्री में डॉलर से ही काम होता था उसको तोड़ने का काम हमारे बारत के प्रधान मंत्री कर
04:04रहे हैं तो यह वो समय नहीं है इस समझदार ही वापरनी चाहिए मैं अपने रजनीश भाही कर गलत हो
04:11दो बता देना लेकिन यह समय नहीं है कि डॉलर को जुकाने का �
04:14डॉलर को जुका दे जुका दे कई हम न जुक जाए बलकुल आपसे भी सर रजनीश जी आकरी कॉमेंट में
04:20समझना चाहूँगा देश की जनता के लिए और पैटूल डिजल के उस कंजूमर्स के लिए जो इस बढ़ती कीमत से
04:27हैरान है परेशान है कोई राय कोई एक कैसी सी
04:31जो किसी में तरह से रहा दे सके मैं रामकुमार जी के बात से बिलकुल सहमेत हूँ और आप देखेंगे
04:38कि दुनिया के तमाम देशों की ट्रांजेक्शन्स जो ब्लोबल ट्रांजेक्शन्स होती है वो तक्रीबन सिक्स्टी परसें डॉलर में होती है
04:46डॉलर का डॉमिनस है �
04:48दबदबा है ठीक है इसकी डॉलर के दबदबा की वज़े से आप देखिए कि इसमें क्या होता है कि यूएस
04:54में जैसे हमारे यहां हम चाहें तो कितने भी करेंसी नहीं चाप सकते अगर चापेंगे तो हमारे यह महेंगाई बढ़
05:00जाएगा इंफ्लेशन बढ़ जाएगा �
05:02वेनेजुला में ऐसे हुआ था उन्होंने करेंसी घडम चापना शुरू कर दिया और उनकी करेंसी गिर गई एकोनोमी बढ़ बबाद
05:08हो गई ऐसी अगर मैं यूएस के बात करूँ और पोरोना के बात उन्होंने बहुत सारे करेंसी पिंट किया है
05:14अपने नोट चापे हैं �
05:15तो इसका क्या असर हुआ वो सारे अब्जॉब हो गए मांकिट में चले गए क्योंकि बाहर में डॉलर में ही
05:22सारी डिमांड है सबकी टांजेक्शन डॉलर में होती हैं लेकिन यह इंडिया के फेवर में है और हमने देखा होगा
05:30कि चीन और रश्या और बाकी कंट्री भी ड�
05:37अभी क्या है हमारी के मुकाबले हमारी करेंसी की इगदम गिरती जा रही है तो क्या स्व्यूशन है इसका सुलीशन
05:46यह होना चाहिए कि हम आई र र में करें अभी आपने देखा हूँगा कि 2-3 मएंने पहले एक
05:51गाइड़लेंज जारी करी थी एक एक रहत दी थी एक वर्त
05:54को कि आप जो एक्सपोर्ट करते हैं उसका आप रिमिंटेंस पहले फॉर्ण करेंसी में आया करता था आप आए नर
06:00में ही सेटल कर सकते हैं आए नर में जी मतलब हमारी गौवर्मेंट यह चाहती है और एकनॉमिक वे में
06:05भी तरीके से भी यह सही है कि हमारी ट्रांजेक्शन्स
06:08अगर आप सुचिए कि यह रूपी में होगा तो हमें कोई घाटा होगा ही नहीं होगा तो यह लोकल करिंसी
06:23में डिल करने का फाइदा होता है जो किया जा रहा है और यह जरूरत भी है लेकिन डॉलर के
06:28दबदबा को हम कब नहीं कर सकते हैं बल्कुल नहीं कहूंगा कि जब �
06:31पिट्रोल डीजल को हम अगर मेरा यह सुझाव है कि अगर इसको जारे में आ जाए तो यह तकरीबन सात
06:38रुपे से लेके पंदरे रुपे तक का बेनेफिट हो सकता है डिपेंडिंग कि यह क्या 18% वाले स्ट्रक्शन रखेंगे
06:44और 28% में रखेंगे मतलब अगर हम एवरे�
07:01अगर में आने के बार जो कि रामकुमार जी भी बार बार कह रहे थे कि हमाई सरकार कोचिश करेगी
07:05हम चाहते हैं आखिर वो क्या सटी आपने एक अमाउंट बताया लेकिन पूरी प्रक्रिया अगर थोड़ा साब बता पाएं एक
07:11डिड़ मिनिट में जी एक टर्म है एड़ �
07:2928ילा 25 persेंट और 28fertश अभी जो सहिक होते हैंॉ जो समाज की विए नकरात्मक तर के दारar को हैं
07:39लेकिन ज्यादा ग्रॉंद ऍयावन दार हैं
07:44आगर यह हम इसको site के दारए मेल आते हैं पे टो डीजल के प्राइस तो हम ट Sixtेक्स अभी
07:5125 से 50 पर संट का हा जो टैक्स है
07:54मतलब Central Government का हम मिला दे
07:57और State Government के हम VAT को मिला दे
07:59वो घटके आप सोचिए कि
08:01अगर 28% के दारे में भी आता है
08:02तो यह 28% हो जाएगा
08:04वही मैं बता रहा हूं कि यह इसका
08:06पर लिटर 15 रुपे तक का
08:08इंपेक्ट आ सकता है
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