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Norway Journalist Helle Lyng के प्रोपेगैंडा पर MEA का कड़ा जवाब, बीच में क्यों भागीं पत्रकार? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान ओस्लो में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग का सच अब पूरी दुनिया के सामने आ चुका है।

#HelleLyng #PMModiNorwayVisit #MEAIndia #IndiaNorway

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00:13प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नौर्वे दौरे के दौरान हुई एक घटना ने अंतरराष्ट्य मीडिया और सोचल मीडिया दोनों में
00:20बहस छेड़ दी है
00:21मामला नौर्वेजियन पत्रकार हेली लिंग फिजुडा है जिन्होंने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ऐसा सवाल पूछने की कोशिश की जिसे लेकर
00:28अब भारत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है
00:31विदेश मंत्राल्य ने भी इस पूरे मामले पर कड़ा जवाब दिया है और कई लोग इसे पत्रकारिटा की आड़ में
00:37भारत विरोधी नारेटिव फेलाने की कोशिश बता रहे हैं
00:41दरसल नौर्वे की राजधानी ओसलो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नौर्वे के प्रधानमंत्री जोना गहर स्टोर की मुलाकात के बाद
00:48मीडिया के लिए एक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की गई थी
00:51ये कोई ओपन प्रेस कॉन्फरेंस नहीं थी जहां हर पत्रकार को स्वतंतर रूप से सवाल पूछने की अनुमती हो
00:57लेकिन इसी दौरान नौर्वेजिन पत्रकार हेले लिंग ने मानवा अधिकार और भारत की आंतरिक नीतियों से जोड़े सवाल उठाने शुरू
01:05कर दिये
01:05उनके सवाल पूछने के अंदाज और लहजे पर भारती प्रतिनिती मंडल और वहां मौजूद कई लोगों ने आपती जताई
01:12सबसे ज़्यादा विवात तब हुआ जब प्रेस ब्रीजिंग के दौरान विदेश मंत्राले की योर से जवाब दिया जा रहा था
01:18और उसी बीच हेले लिंग अचानक कमरे से बाहर चली गई
01:21सोशल मीडिया पर इसके वीडियो वाइरल होने लगे और लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया
01:26कि अगर सवाल पूछे गए थे तो जवाब सुनना भी ज़रूरी था
01:29बात में हेले लिंग ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर सफाई देते हुए कहा
01:34कि वो गुस्से में बाहर नहीं गई थी बलकि सिर्फ पानी पीने के लिए बाहर निकली थी
01:38लेकिन विवाद यहीं खत्न नहीं हुआ
01:40सोशल मीडिया पर लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले सवाल पूछ कर माहौल बनाने की कोशिश की
01:45और फिर खुद को पीरित दिखाने का प्रयास किया
01:48कई यूजर्स ने कहा कि ये पत्रकारिता कम और एजेंडा ज्यादा लग रहा था
01:52भारत के विदेश मंत्राले ने भी साफशब्दों में कहा कि प्रेस ब्रीफिंग और प्रेस कॉन्फरेंस में फर्क होता है
01:58और उस कारिक्रम का उद्देश्य दोनों नेताओं की बाच्चीत और समझोतों की जानकारी देना था
02:03नकि राजनेतिक बहस कराना
02:05विदेश मंत्राले के अधिकारियों ने ये भी संकेत दिया कि कुछ विदेशी मीडिया संस्थानों में भारत को लेकर पहले से
02:11बने हुए पूर्वाग्रह दिखाई देते हैं
02:13उनका कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां मीडिया, न्यायपालिका और राजनेतिक विवस्था पूरी तरह
02:20सक्रिया है
02:21ऐसे में किसी भी मुद्दे को संसनी खेज अंदाज में पेश करना सही पत्रकारिता नहीं माना जा सकता
02:26अब इस पूरे मामले पर भारत में भी राजनेतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है
02:31कई लोगों का कहना है कि पश्चिमी मीडिया अकसर भारत को उसी नजरिये से दिखाने की कोशिश करता है
02:37जो दशकों पुराने स्टीरियो डाइप्स पर आधारित है
02:56सिर्फ तयार जवाब सुनना नहीं बलकि कठिन सवाल पूछना भी है
03:00हाला कि भारत में कई लोगों ने इस तर को खारिज करते हुए कहा
03:03कि अगर सवाल पूछे जाएं तो जवाब सुनने और तथ्यों को समझने की जिम्मेदारी भी पत्रकार की होती है
03:09इस घटना ने एक बार फिर ये बहस शुरू कर दी है कि क्या अंतराश्च्य मीडिया भारत को निश्पक्ष नजर्य
03:15से देखता है
03:16या फिर अभी पुराने राजनैतिक सश्मे से आँकने की कोशिश करता है
03:19साथ ही ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या कुछ पत्रकार, पत्रकारिता और अक्टिविजम के बीच की रेखा को
03:25पार कर रहे है
03:26फिलहाल ये मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनैतिक गलियारों तक चर्चा का विशय बना हुआ है
03:31भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी गलत नारेटिव का जवाब तत्यों और मजबूती के साथ
03:37देगी
03:37वहीं हेले लिंक की सफाई के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा
03:42अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में ये बहस किस दिशा में जाती है
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