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Iran War के बीच Petrol Price में भारी उछाल? देखिए कैसे Trump और Netanyahu की आपसी भिड़ंत के कारण अब भारत पर महंगाई बम फूटने वाला है और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

The ongoing war in Iran and missile strikes have triggered fears of a massive spike in petrol and diesel prices in India. With global crude oil supplies hit due to geopolitical tensions and the closure of the Strait of Hormuz, inflation fears have resurfaced. Meanwhile, differences between US President Donald Trump and Israeli PM Benjamin Netanyahu over wartime strategies have escalated the crisis. Watch this detailed report on how the Middle East crisis will impact fuel prices in India.

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00:00पर जब हम पूरे वैश्विक पटल पर देखते हैं तो हम देखते हैं कि भारत सबसे कम बढ़ातरी वाला देश
00:05अभी बना हुआ है अमेरिका में अगर हम देखे 40-50% आस्ट्रेलिया आस्ट्रिया जैसे देशों में भी आप देखेंगे
00:12आंकड़ा यही 50% तक नजर आने वाल
00:28है तो केम तो में बढ़ातरी मिली बिल्कुल मुकुन साथ वान इंडिया पे हो इसलिए इस बात को ज्यादा इस
00:36परस्ता से बोल सकता हूं कि जो तमाम दूसरे जो निउस चैनल्स हैं वो यह क्या रहें कि हमारे यहां
00:41पे बहुत कम ही बढ़ा है इसलिए खोश हो जाना चाह
00:58करिता था तब युनाइटिट स्टेट सब्तर रुपें में करिता था इंडियन रुपीज की बात कर रहा हूं और ऐसे मैं
01:04भारत के आदमी के आया देखिए एक अमरिकान के आया देखिए बहुत ज्यादा फरक है तो भारत पे इसका असर
01:10होगा दूसरी बात यह कि चीन और �
01:12भारत की तुलना करें तो चीन केबल अपनी जरूतों का 50% के क्या आसपास बैड सब्साकर करता है वो
01:25पत्यास प्रतीशन प्छ?
01:26कुछ और दूसरे साथ नौस है जिसमें पंद बिचली है या वो सौर उज्जा है या तमाम चीज़ा है भारत
01:34सौर उज्जा के मामले में क्योंकि एक अपनी जोग्रिफिकल कंडिशन के कारण का पर बुरी खबर यह कि भारत में
01:41हमारी जो पेट्रोलियम पे जो उज्जा के मा
01:56अच्छी खबर नहीं है क्योंकि इसका असर भारत की जीडीपी और ऑल अवर भारत की डेलप्मेंट पर भी पड़ेगा और
02:02इससे वे लोग सारे बरी हो जाते हैं जिनों ने भारत की एनर्जी सेक्यूर्टे के लिए कुछ नहीं किया जो
02:10खासकर पश्ची में खेमे ने भार
02:24अच्छी में भारत को हमेशा से मुक्साम हुआ है कहीं न कहीं तो कांटर करना पड़ेगा न हमें या कुछ
02:29ऐसी चीज है कि जहां नहीं तो भारत का डेलप्मेंट हो जाएगा बिना उर्जा के कौन सा विकास उर्जा है
02:37तभी तो विकास होगा तो यह सब चीजों का जवा�
02:53पूल, डीजल, उसके बाद CNG और फिर दूद की कीमते हैं यह तीन चार फैक्टर्स हैं तीन चार ऐसे रोज
02:59मर्रा की जरूरते हैं जिनकी कीमतों में बढ़ात की हमने देख लिए आर्थिक, तूफान, खिस्तिति जो प्रधान मंतरी खुद भी
03:05कहते हैं वो नजर आ रहा है
03:06और कौन से आप कह सकते हैं ऐसे प्रोड़क्ट आने वाले वक्त में क्योंकि इनमें ही दूसरी चीजों की कीमतों
03:12बढ़ने की कह सकते हैं बिसाच छिपी होती है, कोई सीधा सीधा आप ऐसा कोई समान, कोई ऐसा प्रोड़क्ट देख
03:18पा रहे हैं जो कि आने वाले दिनों मे
03:19और महंगा होने वाला है
03:20इसी आर्थिक को था पुथल के बाद
03:24जीजी जो सबसे मैधफून है
03:25वो तो औरवराग पेट्रॉलियम है ही
03:27पर ये है कि
03:30केवल इन प्रोड़क्ट के दाहम बढ़ने कई नहीं है
03:32और चीज पर असर होगा
03:34मुकुन साब जैसे कि
03:35जो हमारे जो गुजरात में
03:37जो कार खाने चलता है
03:40जा प्रोड़क्शन होता है
03:41तो वो पेट्रॉल ये माधारी तक है
03:43तो अगर वहां नहीं है
03:45पेट्रॉल पासकर अंबानी साहब के
03:48है ना तो उनके अगर नहीं है
03:49तो उनके सारी की सारी जो इंडस्ट्रीज ने वो ठब पढ़ जाएगी तो मुश्किल हो जाएगा वहां पर ऐसा खाली
03:56गुज्रात का ही मामला नहीं है तमाम क्योंकि गुज्रात एक तरीके से व्यापार और सब चीजियों के मामले में अग्रणी
04:03है समुद्र के नजदिक भी
04:04है और और काफी भारत के तमाम जो खास कर आप देखिए जो हमारे दिल्ली आसवास नोईडा गुर्गा में जो
04:12काम करते महां पर प्रोडक्शन की पॉस्ट बढ़ेगी तो घटेगा इसका असर आप हर इंडस्ट्री पे देख रहे हैं क्या
04:19हॉस्पिटिलिटी इंडस्ट्र
04:20पर इसका असर नहीं आ रहा है जहनत तोर पर आ रहा है दाम बढ़ने से आप देखेंगे कि लोगों
04:27ने घूमना कम कर दिया है तो उसका असर होगा शायद ही कोई ऐसा कुछ बड़े इस तर पर हम
04:34सीधा-सीधा कह सकते हैं कि ओल वर यह वो कुछ नाम गिना के कह सकते हैं कि ह
04:40इसका असर व्यापक होगा और एक तरीके से जो सच बात है कि कहीं न कहीं उस बात में सच
04:56तो है
04:57बिल्कुल मुकुद साहब जो सुरुई साहब ने जो बात कि उनमें से काफी मैथ़ून बात यह है कि जो नेवल
05:05ब्लॉकेड लगाए गया है वो किस के लिए जब चीनी जहाद जा रहे हैं दक्षिन कोरिया जा जा रहे हैं
05:11तो क्या भारत के लिए नेवल ब्लॉकेड है तो �
05:14यह अपने आप में काफी मैथफून बात हैं दूसरी बात यह कि अमेरीका इस लड़ाई को किस हद तक ले
05:21जाना चाहेगा या क्या युद्ध या हमले की जो हम आशंका जता रहे हैं पहली बात तो यह है कि
05:27जो अमेरिकन कॉंग्रेस है उसमें उस युद्ध को जायज नहीं
05:41कम है पर यह है कि अगर उन्हें कुछ आगे नहीं करना है तो वहां से उनके वार्शिप्स वहां से
05:47रवाना हो चुके होते हैं जब तक कि खासकर जो दक्षिंग चीन सागर में अमेरीका की इस्तती या उपस्तिती बहुत
05:55ही कम हो गई है वहां से सारे वार्शिप्स और सारे
05:59जो स्थानी कोंग को इधर मंगाने के बाद में काफी वहां पे
06:02अमरीका थोड़ा सा कम जो रिस्ति में आ गया है
06:05चीन के मुकाबले और वहां पे भी चैलेंजेस कम नहीं है
06:08अमरीका के लिए यह हैं
06:10तो प्रिजिडेंट ट्रम भले तुरंट कुछ न करें
06:13पर अगर आने वाले समय में वह हमला करते हैं
06:16तो उसके कोई नुकसान नहीं है उनको कोई कास
06:18कारण यह कि ऐसा है कि अमरीका वो इरान से प्रितिक्रिया का उन्हें डर होती है
06:24प्रितिक्रिया यही हो सकती है कि वह आस पास के जो तमाम उसके
06:27जो अमेरिक किसानिक अड़े हैं उस पर हमला करेगा और उस पर काफी नुकसान भी पहुंचा है पर अमरीका को
06:33अगर फुल एंड फाइनल लड़ाई लड़नी है तो वह उसके लिए वो सारे जोखिम और जो तैयारिया चाहिए वो अमरीका
06:41करेगा तो इसमें कोई दोराय नही
06:42हैं पर देखते हैं अभी फिलाल तुरंटना हो पर अगर वहां से लंबे समय तक यह नहीं हटता है तो
06:49किसी दिन योजना बना कर अमेरिका इरान के हमला कर सकता है इसकी समावना पूरी-पुरी है और इरान इसी
06:56की तयारी कर रहा है मुकुल सार्थ
06:58हमले की सर्थ अगर हम बात करते हैं हमला तो पहले भी हुआ है और दोनों पक्षों से हुआ है
07:03तो सर्थ वो कौन सा हमला हम समझने कोशिश करें कैसे समझें कि वो आखरी पड़ाव होगा उसके बाद कोई
07:09युद्ध नहीं होगा या तो इरान पीछे हट जाएगा या फिर �
07:12ट्रम्प ही मानने लेंगे कि इसके बाद अवें कोई अटेक नी करना उसके सर्थ जोलंतदा कितनी होनी चाहिए या कैसा
07:17हम देख सकते हैं भविश्य में अगर ऐसा ही महाल रहा देखिए यह हमले होंगे वो होते रहेंगे लंबे समय
07:25तक होते रहेंगे और अभी हुआ फिर
07:39ही देशों के हित अलग है जब तक अमेरिका में जो नियो कॉलोनियल पोर्सेज वहां पे ताकतवर हैं और वो
07:46रहेगी कापी लंबे समय तक क्योंकि कोर्परेट्स के हित उससे जुड़े हुए हैं तो बहुत हम क्यायते हैं कि दोनों
07:53ही देशों में कोई स्थाई समझोता हो
08:09कोई प्रभाव न हो जो कि कॉर्परेट्स खराने वगरा तब यह हो सकता है पर यह कभी होने वाला नहीं
08:16है या कि इरान में कोई ऐसी सरकार बन जाए जो प्रो अमेरिकन हो जैसे रेजा पहल भी वगरा इनको
08:23वहां पे प्लांट करने की कोशिश की गई थी पर इरान की जंत
08:39स्वास्थिक्ता को हमें साथ में लेकर ही हमें मानना पड़ेगा और कोई बहुत लंबी या एप्सुलूट लड़ाई हो जाएगी इसकी
08:47संभावना काम है यूँकि दोनों ही देश और वो पूरा ही क्षेत्र इस स्थति में है नहीं एक तम एप्सुलूट
08:54लड़ाई की ज�
09:08हुआ
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