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Ebola Virus के नए "Bundibugyo Strain" पर WHO का बड़ा अलर्ट, क्यों नहीं है इसकी कोई भी Vaccine? कोरोना महामारी के बाद अब अफ्रीका के कांगो और युगांडा में फैले इस जानलेवा वायरस ने पूरी दुनिया को फिर से खौफ में डाल दिया है।

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00:08कोरोना महामारी के बाद दुनिया अभी पूरी तरह संभल भी नहीं पाई थी कि अब एक और खतरनाक वाईरिस ने
00:14कई देशों की चिंता बढ़ा दी है
00:16अफ्रीका के कॉंगो और योगांडा में फैले इबोला वाईरिस ने एक बार फिर पूरी दुनिया को अलर्ट मोड पर ला
00:22दिया है
00:23विश्वि स्वास्थिय संगठन यानी WHO ने इस प्रकोप को अंतराष्ट्रिय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थिय आपातकाल घोशित कर दिया है
00:31कॉंगो में अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकडों लोग संक्रमन के दाएरे में
00:38बताए जा रहे हैं
00:39सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि इस बार वाइरस का जो स्ट्रेन सामने आया है उसके लिए फिलहाल
00:45कोई प्रभावी वैक्सीन या विशेश दवा उपलब्ध नहीं है
00:48ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इबोला इतना खतरनाक क्यों माना जाता है ये पहलता कैसे है इसके लक्षन
00:55क्या है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है
00:58आज की इस रिपोर्ट में हम आपको इबोला वाइरस से जुड़ी हर जरूरी बात दस आसान पॉइंट्स में समझाएंगे
01:04सबसे पहले समझते हैं कि इबोला आखिर है क्या
01:07इबोला एक बेहत दुरलब लेकिन जान लेवा वाइरल संक्रमन है
01:11ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानि इम्यून सिस्टम और रक्तवाहिकाओं पर हमला करता है
01:17शुरुवात में इसके लक्षन सामान्य वाइरल बुखार जैसे दिखाई देते हैं
01:20इसलिए कई लोग इसे साधारन फ्लू समझ लेते हैं
01:24लेकिन अगर समय पर इलाज ना मिले तो ये बिमारी बहुत तीजी से गंभेर रोप ले सकती है
01:29और मौत तक का कारण बन सकती है
01:31अब बात इसके शुरुवाती लक्षनों की
01:34एबोला संक्रमित व्यक्ती को सबसे पहले तेज बुखार होता है
01:37इसके साथ सिर्दर्द, गले में दर्द, शरीर में कमजोरी, मानस्पेशियों में दर्द और अत्यदिक ठकान महसूस होती है
01:44यही वज़य है कि शुरुवाती स्टेज में इसकी पहचान मुश्किल हो जाती है
01:48क्योंकि ये लक्षन मलेरिया, डाइफाइड या सामान्य वाइरल फीवर जैसे लग सकते हैं
01:53लेकिन जैसे जैसे संक्रमन बढ़ता है, हालात गंभीर होने लगते हैं
01:57मरीज को लगातार उल्टी, दस्त, पेट दर्द और शरीर में पानी की भारी कमी होने लगती है
02:03कई मामलों में शरीर के अंदर और बाहर ब्लीडिंग शुरू हो जाती है
02:07यही कारण है कि इबोला को दुनिया के सबसे घातक वाइरसों में गिना जाता है
02:11अब सवाल उठता है कि ये वाइरस फैलता कैसे है
02:14विशिशग्यों के मुताबेक इबोला वाइरस मुख्य रूप से चमगादणू और कुछ जंगली जानवरों में पाया जाता है
02:21संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से ये इनसानों तक पहुँच सकता है
02:24इसके बाद संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार, उल्टी, पेशाब या शरीर के अन्यतरल पदार्थों के संपर्क से ये दूसरे
02:33लोगों में फैलने लगता है
02:34हालनकि एक राहत की बात ये है कि इबोला हवा से नहीं फैलता, यानि ये कोरोना की तरह एर बॉन
02:41वाइरस नहीं है
02:41लेकिन संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने पर इसका खत्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है
02:46यही वज़ा है कि अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी विशेश सुरक्षक किट पहन कर मरीजों का इलाज करते हैं
02:53अब जानते हैं कि ये वाइरस इतना खतरना क्यों माना जाता है
02:56इबोला शरीर के कई अंगों को एक साथ प्रभावित करता है
02:59ये रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाता है जिससे अंदरूनी रक्त स्राव शुरू हो सकता है
03:04किड्नी, लिवर और अन्यांग धीरे-धीरे काम करना बंद कर सकते हैं
03:08कई प्रकोपों में इसके मृत्यूदर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा दर्च की गई है
03:12यानि हर दो संक्रमित लोगों में से एक की जान जा सकती है
03:16WHO की मताबिक इस बार जो स्ट्रेन सामने आया है उसे बुंडी बुगियो स्ट्रेन कहा जा रहा है
03:22इससे पहले साल 2007 और 2012 में भी इसके मामले सामने आये थे और तब भी बड़ी संख्या में मौते
03:29हुई थी
03:29अब सबसे जरूरी सवाल कि क्या इबोला का इलाज संभव है
03:33विशिशग्यों का कहना है कि अगर संक्रमन की पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए और मरीज को तुरंत इलाज मिल
03:39जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है
03:41डॉक्टर मरीज को शरीब में पानी की कमी पूरी करने, ओक्सिजन सपोर्ट देने और संक्रमन से लड़ने के लिए विशेश
03:48उपचार देते हैं
03:49इसके अलावा दो मोनोकलोनल आंटीबोडी उपचार भी इस्तिमाल किये जाते हैं
03:53आसान भाषा में समझें तो ये ऐसी दवाएं होती हैं जो शरीर की प्राकृतिक अंटीबोडी की तरह काम करती हैं
04:00और वाइरस से लड़ने में मदद करती हैं
04:02अब बात वैक्सीन की
04:03फिलहाल इबोला के जायर स्ट्रेन के लिए दो वैक्सीनों पलब्ध हैं
04:07लेकिन कॉंगो और युगांडा में फैले मौजूदा बुंटी बुग्यो स्ट्रेन के खिलाफ अभी तक कोई प्रभावी वैक्सीन नहीं है
04:13यही वज़ा है कि WHO और स्वास्थी एजिंसियों की चिंता बढ़ गई है
04:17तो आखिर इससे बचाव कैसे किया जा सकता है
04:20विशेश अग्यों के मुताविक सबसे जरूरी है संक्रमित व्यक्ती की सीधे संपर्क से बचना
04:25हाथों को बार-बार साबुन या सैनिटाइजर से साफ करना चाहिए
04:28संक्रमित इलाकों की यात्रा से बचना चाहिए
04:31और अगर किसी व्यक्ती में तेज बुखार या अन्य लक्षन दिखारी दें तो तुरंत जाच करानी चाहिए
04:36इसके इलावा अस्पतालों में आईसोलेशन और संक्रमन नियंतरन बेहत जरूरी माना जाता है
04:41क्योंकि किसी भी माहमारी की चेन तोड़ने का सबसे असरदार तरीका यही होता है कि संक्रमित व्यक्ती को समय रहते
04:48अलग कर दिया जाए
04:49अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दुनिया को फिर किसी नई माहमारी का डर सताने लगा है
04:54विशिशग्य फिलहाल लोगों से घबराने की नहीं बलकि सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं क्योंकि इबोला हवा से नहीं
05:01फैलता लेकिन अगर समय पर रोक थाम ना की जाए तो ये बेहत खतरनाक साबित हो सकता है
05:06फिलहाल WHO, अफ्रीकी देशों की सरकारे और अंतराष्ट्य स्वास्थी एजनसिया मिल कर संक्रमन रोकने की कोशिश कर रही हैं लेकिन
05:15ये घटना एक बार फिर दुनिया को याद दिला रही है कि महमारी का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं
05:20हुआ है इस खबर में इतना ही ल
05:37वन इंडिया को सब्सक्राइब करें और कोई भी अपटेट विस्टन करें अभी वन इंडिया एप डाउनलोड करें
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