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Iran War Impact : पेट्रोल के बाद अब ये 384 दवाएं हो सकती हैं महंगी, देखें पूरी लिस्ट | Petrol Crisis

ईरान युद्ध का असर अब भारत में दवाइयों की कीमतों पर दिखने लगा है। सरकार 384 जरूरी दवाइयों के दाम बढ़ाने पर विचार कर रही है। API और कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल के कारण फार्मा कंपनियों की लागत बढ़ गई है। दर्द, एंटीबायोटिक और कई जरूरी दवाइयां महंगी हो सकती हैं। आखिर क्यों बढ़ रही हैं दवाइयों की कीमतें और आम आदमी पर इसका कितना असर पड़ेगा? देखिए पूरी रिपोर्ट

The impact of the Iran war is now reaching India’s healthcare sector. The government is considering a price hike for 384 essential medicines due to rising raw material and API costs. Painkillers, antibiotics, and other critical drugs may soon become more expensive. Watch the full report to understand how the global conflict could affect medical expenses in India.

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Transcript
00:00पेट्रोल, डीजल और दूद के बाद अब दवाईों पर महंगाई का हमला
00:05पेरसिटमॉल से लेकर एंटिबाइटिक तक सब हो सकता है महंगा
00:10384 जरूरी दवाईों के दाम बढ़ाने पर सरकार कर रही है विचार
00:14जिहां एरान युद्ध का असर अब भारत के हेल्थ सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है
00:19खबर है कि केंद्र सरकार करीब 384 जरूरी दवाईों की कीमतों में एक मुष्ट बढ़ातरी पर विचार कर रही है
00:26वजह है दवाईों में इस्तमाल होने वाले कच्छे माल यानि API और Petrochemical Based Inputs की कीमतों में भारी उच्छाल
00:35पश्चिम मेश्या में जारी तनाव और सप्लाई चेन बाधित होने से दवा कंपनियों की लागत तेजी से बढ़ी है
00:41जानकारी के मुताबिक दर्द की दवाईयां, एंटिबायोटिक्स, विटमिन, सांस की बिमारियों और मानसिक स्वास्त से जुड़ी दवाईयां सबसे ज़ादा प्रभावित
00:50हो सकती है
00:51इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि कई एक्टिफ फार्मा इंग्रीडियंट्स यानि एपी आईज की कीमतें 30 से 50
00:58फीसदी तक बढ़ चुकी है
00:59ऐसे में कंपनियां लगातार सरकार पर दवाईयों की कीमतें बढ़ाने का दबाव बना रही है
01:05दरसल भारत बड़ी मात्रा में फार्मा रौ माटीरियल और केमिकल सप्लाई के लिए अंतराश्ट्रिय बाजार पर निर्भर है
01:12इरान युद्ध के बाद स्ट्रेट आफ हॉर्मुज में शिपिंग संकट और तेल की कीमतों में उच्छाल ने पूरी सप्लाई चेन
01:19को प्रभावित किया है
01:20एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही रहे तो मेडिकल सेक्टर में और बड़ा संकट
01:26खड़ा हो सकता है
01:27सरकार फिलहाल सीमित अवधी के लिए 3-5 फीसदी तक दाम बढ़ाने के विकल पर विचार कर रही है
01:34हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन अगर मन्जूरी मिलती है तो आम आदमी की जेप पर इसका सीधा
01:40असर पड़ेगा
01:41पहले से महंगाई जेल रहे मरीजों के लिए इलाज और दवाईया दोनों महंगे हो सकते हैं
01:47विशेशग्य मानते हैं कि अगर युध लंबा चला तो आने वाले दिनों में सिर्फ दवाईया ही नहीं बलकि मेडिकल उपकरण
01:53और हेल्थ केर सेवाए भी महंगी हो सकती हैं
01:56यानि इरान युध की गूंज अब अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स तक सुनाई देने लगी है
02:01डॉक्टरों का कहना है कि अगर दवाईयां महंगी होती हैं तो सबसे ज़्यादा दिक्कत उन मरीजों को होगी चो लंबे
02:08समय से इलाज करा रहे हैं
02:10डायबिटीज, बीपी, हार्ट और अस्थमा के मरीजों को हर महीने दवाईयों पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है
02:17युध का असर सिर्फ दवाईयों तक सीमित नहीं है
02:19मेडिकल उपकरन, अस्पदालों में इस्तमाल होने वाले सामान और हेल्थ केर सर्विसिस की लागत भी बढ़ सकती है
02:26यानि आने वाले दिनों में इलाज पूरी तरह महंगा होने का खत्रा बढ़ता जा रहा है
02:31एक तरफ सरकार महंगाई कंट्रोल करने का दावा कर रही है
02:35दूसरी तरफ अंतराश्ट्रिय संकट अब आम आदमी की सेहत पर सीधा असर डाल रहा है
02:40सवाल यही है कि अगर युध लंबा चला तो क्या भारत में हेल्थ एमर्जनसी जैसी स्थिती बन सकती है
02:46और क्या आम आदमी के लिए इलाज कराना और मुश्किल हो जाएगा
02:50फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ
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