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Iran Nuclear Bomb: क्या ईरान ने बना लिए 12 परमाणु बम? 90% Uranium पर Donald Trump हैरान! मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर है क्योंकि ईरान के पास भारी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम होने का दावा किया जा रहा है, जिससे महाविनाश का खतरा मंडरा रहा है।

Global tensions escalate as reports suggest Iran possesses a massive stockpile of nearly 440 to 500 kg of highly enriched uranium, potentially capable of developing up to 12 nuclear weapons if enriched to 90%. In a major update, Iran's Supreme Leader has rejected a key US demand to send its enriched uranium stockpile abroad, complicating the ongoing fragile peace talks with the Trump administration. Watch this video to understand the full geopolitical impact of the US-Iran conflict and Iran's nuclear capabilities.

#IranNuclearBomb #USIranWar #DonaldTrump #OneindiaHindi

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00:00साड़े चार सो किलो एन्रेस्ट उरेनियम है जो कि 60% अलड़ी एन्रेस्ट है और उसको 90% करने के
00:07लिए जादे समय नहीं लगेगा और 90% एन्रेस्ट होते ही वो जो है नूकलियर वैपन ग्रेड का जो है
00:14उरेनियम बन जाएगा तो वो अभी भी एरान के पास है नमबर तीसरा
00:18एरान के पास अभी भी ये तो C.I.A. की रिपोर्ट की खबर है कि एरान के पास अभी
00:24भी 70% मिजाइल कैपेबिल्टीज अभी बच्ची हुई है तो इसका मतलब यह हो कि एरान जो है इतने दिन
00:31के लड़ाई के बावजूद अमेरिका और इसराइल के बंबारी के बाद भी �
00:36इरान जो है इरान को इतना ज्यादे लुकसान नहीं वा जितना एक्सपेक्टिर था तो इस हालत में अगर डॉनलर्ट ट्रम्प
00:44साब कोई ना कोई रास्ता निकालके अगर इरान के साथ डील कर लेते हैं तो वह इसराइल के हिट में
00:50बिलकुल भी नहीं है अब मैं आपको ब
01:04बनाने के लिए और इतने एंडिस्ट युरेलियम के साथ नौ से बारा जो है डियुक्लियर बॉंब असानी से बनाए जा
01:11सकते दैट इस नमबर वन नमबर तू जो मिजाइड प्रोग्राम था वो ऐसे के ऐसे इंटेक्ट है और सेवंटी परसें
01:18मिजाइड बाकी है रजीम चे
01:33रहेगा और हर बारी प्छले साल लडाई हुई तो एक अबरा करो तो सानों साल तक आपको
01:53कमजा नहीं करने देकर, लेकिन इसराइल एक बहुत छोटा देश है, और अगर एरान ने खुदाना खास्ता, जो है बाम्ब,
02:00एक बाम्ब भी बना लिया, तो बाम्ब जो है, इसराइल के उपर मारेगा, और एक बाम्ब से इसराइल के
02:19मतमेर है, ये जरूरी है
02:21और इसमें जो है Benjamin
02:23नेतन याहो सहाब जो कह रहे हैं
02:25वो बिलकुँ ठीक कह रहे हैं लेकिन
02:27। डोनर्ड ट्रम्क सहाब फसे हुएए
02:28उनको पता नही लग रहा कि इस लडाई से
02:31किस तरीके से बाहर निकल ले, वो निकलना
02:45सवाल कुछ-कुछ ऐसा ही है, ट्रम्प जो की
02:47कहते हैं कि 99%, 99%
02:50जनता इसराइल के मुझे पसंद करती है
02:52मुझे प्यार करती है, नितन्याहू को मैं
02:53जो कहूंगा वो ही करेंगे, तो सरी
02:55जो एक घंटे की लगबग फोन कॉल बताई
02:57जा रही है, ट्रम्प ने जो कॉल की
02:59इसमें ऐसे कॉंसेसर मद्भीद सामने आ गए
03:01और ये मद्भीद क्या सीधे
03:03तोर पर एरान को फायता पहुचाएंगे
03:05क्या एक और पक्षिस का ये कि
03:07अब ट्रम्प कोई
03:09मौका नहीं देना चाते, नितन्याहू को
03:11खुली छूट देने वाला, उसमें अटैक
03:13और तमाम कह सकते हैं, आप हमले शामिल होंगे
03:17देखिए, इसमें दो चीज़ें हैं
03:19कि प्रिजडेंट ट्रम्प और
03:21नेतनियाहू के आपसी मन मुटाव का
03:23क्या अमरीका और इस्राइल
03:25के संबंधा पर पड़ता है
03:28तो तरहे नहीं
03:29प्रिजडेंट ट्रम्प के बाद में
03:31कोई भी दूसरे प्रिजडेंट हो
03:33जो बाइडन से लेकर जितने भी जो नई प्रिजडेंट
03:35आएंगे, या जो
03:37वे हैं, उन सब का
03:39इसराइल से एक खास समन रहा है
03:41उनके हिप जुड़ेवे हैं
03:43उनाइटिट स्टेट में जो जूस लॉबी है
03:45वो काफी ताकतवर हैं
03:46तो इससे कोई बहुत जादा फाकत नहीं पड़ता है
03:49पर प्रिजडेंट ट्रम्प
03:51ये महसूस कर रहे है
03:52कि उन्हें ट्रेप किया गया
03:54या उन्हें भटकाया गया
03:56उन्हें वास्विक्ता से नहीं रोबरो कराया गया
03:59देखे मैं आपको बता रहा हूँ
04:01दोनों देशों की जब तक इरान की उपर हमदा नहीं हुआ था
04:04दोनों देशों का जो अब्जेक्टिव था
04:06वो एक ये अब्जेक्टिव था
04:09इरान की रजीम चेंज करना
04:11और उसमें दोनों को
04:12बेंजमें नितनियाओ की इंटलिजेंस ये कहती थी
04:15के दो तिन दिन में जो है
04:16तक्ता परट हो जाएगा और वहाँ पे
04:18जिस हिसाब से वहाँ पर प्रोटेस्ट हो रहे थे
04:20उस हिसाब से वहाँ पे कोई
04:22दूसरी सरकार आ जाएगी
04:24और उससे जो है इसराइल की जितनी
04:26प्रॉब्लम है वो सारी के सारी
04:28हल हो जाएगी ये बेंजमें नितनियाओ
04:30साब का अपना आखिलन था
04:31इसी आखिलन को दे के उन्होंने
04:34जो है डॉनल्ड टरॉम साब को काथा
04:36कि आप अभी हमना कीड कर दीजे
04:38हम इसको जो हासिद कर ल Denkhan
04:41देखे निखे लड़ाई में अपनी तरफ से
04:42आप जो है कितनी भी तैयारी कर ले लेकिन
04:45लड़ाई में जो फैक्टर्स कई फैक्टर्स होते darf जो आ जिंको
04:49आज के दिन नहीं कह सकते हैं वह किस
05:04स्टेट और हर्मूज जो पे जो है इरान बंद कर देगा और उससे जो है बहुत जादे क्राइसिस होगी और
05:10फिर उसको बंद होने के बाद अगर वो माइन कर दी गई उसके बाद उसको खोलना जो है यूएस नेवी
05:16के लिए भी मुश्किल हो जागा और वो बात जो मिल्कु�
05:34इसको रोग दे तो यह चर्जिस शुरू में थी लेकिन अब जिस हिसाब से लडाई इस मोड़ पे आ गई
05:40है कि डॉनल्ड ट्रम साब का आप जो डॉनल्ड ट्रम साब को यह लग रहा है कि इस लडाई से
05:45जितनी जल्दी से निकला जाए उतना ही अच्छा है नहीं तो यह आ
06:04कि हम किन किन शर्तों पे डील करने के लिए इरान के साथ तैयार है लेकिन उसमें बेंजमिन नितनियाओ ने
06:11उनको साफ का होगा कि अगर आप इन शर्तों पे इरान के साथ डील करते हैं तो इसमें इरान को
06:17आप पुरा मौका देंगे और पुरा मौका जो है अगर इरान को मि
06:31और बेंजेमिन नितिनियाव साब अपने देश खिट की बात कर रहे हैं और डॉनल्ड ट्रम्प साब जो अपनी बेगूफी जो
06:37गल्टी की थी उसको सुधारने की कोशिश कर देगा जी बिल्कुल तेजावत से हमाई साथ फिर जोड़ चुके हैं तेजावत
06:43जी आप अपनी �
06:44के बाद कंप्लीट कीजेगा उसके साथ मैं क्योंकि सीरोही जी ने हॉर्मूस वाला जिक्र भी किया तो लगातार जो कॉमेंट्स
06:50आ रहे हैं उस कॉमेंट्स में इस बात का भी जिक्र है कि भारत के बारे में भी थोड़ा बताईए
06:53कि भारत कितना प्रभावित होने वाला है
06:56इस्पेशलिस फोन कॉल के बाद क्या कोई तुरंत युद में कूदने वाला अपडेट हम समझ सकते हैं क्योंकि तमाम मीडिया
07:02हैड़ाइन्स में वो भी चलना शुरू हो गया है कि ट्रम्प बहुत जल्द हमला करने वाले हैं आप कैसे देखने
07:07सर इसे
07:09मुकुन साब ये बात तो सच है कि अभी जो एक्सपर्ट सम्मान लगा रहे हैं उसमें युद की सम्माना करती
07:15जादा नजर आती है और ये जो लड़ाई होगी वो खासका रहाई हमले होंगे क्योंकि चीन की यत्रा के बाद
07:22में लगए ये तैय होना था कि चीन या रशा के �
07:25इसमें इंटिफेरेंस के सब तक होगा और चीन ने एकदम बिल्कुल साफ कर दिया है कि वो एकदम इरान की
07:31लड़ाई में एकदम तुरंट से ने कुदेगा औरना हॉर्मोज या उन तमाम चीज़ों पर चीन को जो रुख लेना चाहिए
07:38तब ऐसा लिया नहीं है उसमें उस
07:55कि वह इरान की आर्थिक कमर तोडने की कोशिश करेगा ताकि इरान को जुकाया जा सके तो लड़ाई की संबावना
08:03तो है इसमें कोई दोराएं नहीं है यहां तक हॉपमो स्टेट का सवाल है भारत का नुकसान का बात है
08:09भारत इसकी अल्टिनेटिव या इसकी भरपाई करन
08:16यूनियन्स के तमाम देशों की याथ है वो इसी तरीके की कोशिश का नतीजा है पर इन नतीजों के तुरंट
08:23ही कोई परिणाम नजर आ जाएंगे या कि देखने लग जाएंगे तो इसकी कोई सम्मावना तुरंट नजर नहीं आती है
08:29एक बार तो हारत के लिए थोड़ी सी
08:31uncomfortable situation होगी और ऐसे में थोड़ा सा वक्त लगेगा पर तीरे-दीरे चीज़ें संबलने में आएगी क्योंकि होमो स्टेट
08:41बंध होने और alternative energy sources के नहीं होने के कारण हमारे लिए समस्या तो काफि बहुत तेजी से बढ़ेगी
08:49मुकुन साब इसमें तो करी दोड़ाएं
08:52बिल्कुल क्योंकि सर आपने अच्छा जिक्र किया कि पांच देशों की यात्रा जो प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी ने की जिसमें
08:58UAE, Netherlands, Sweden, Norway और Italy जैसे देश शामिल है तिजावा सर थोड़ा सा आपसे इस पर भी समझना चाहेंगे
09:03क्योंकि अगर आप सत्ता पक्ष पर दे
09:18क्या सच मुच ये डील्स आने वाले समय में क्योंकि इंस्टेंट कुछ इसका आपको रिजल्ट मिले इसके उमीद हम भी
09:23नहीं कर रहें क्या कोई फायदा होने वाला है इन यात्राओं के बाद क्योंकि इस यात्रा से ठीक पहले प्रधान
09:28मंतरी नरेंदर मोदी ने कहा था �
09:30जिस हिसाब से कि आप देश का तेल बचाईए तमाम पैसे बचाईए यात्राएं रूकिए तो आम जनता लगातार इस तरह
09:37के सवाल बनाती है बुनाती है कि अब प्रधान मंतरी को क्या जरूरत है यात्रा की बड़ा बचकाना सवाल लग
09:42सकता है लेकिन जब हम विशशग्
09:58प्रधान मंतरी की यात्रा जितनी में जब देखेंगे रूप में भारत इसे नहीं ले पाएगा देखिए यात्रा है तो हमेशाथ
10:03फायदे मंदी होती है चाहिपोई भी भी हरे है इसका कारण एक जो कम्यूनिकेशन गैप होता है उसको शिकर लेवल
10:09पे उसको भरने की कोश
10:10होती है और उन यात्राओं जो हमारे मांके जो मिशंजें जो एंबसीज है वो जो क्रियाट कर देती है या
10:17जो काम अधुरण चूट जाता है फूरा होता है तो उसने तो कोई दोरा है नहीं कि फाइदे मंदे पर
10:24यह उतना ही जाइस चीज़ने कि प्रदान मंत्री की यत्रा
10:28जाना जाना उतनी आम आगरिक नागरिक की यात्रा भी मैर्ट को ने लोगों रहने वाले आपछे मिलना चाहत है वहां
10:38किसी और
10:41टेक्निकल रीजन से कोई साइंटिस्ट हैं, कोई डॉक्टर हैं या कोई अकिडमीशियन हैं तो वो तमाम लोग यात्रा करने का
10:48उनका मकसद होता है तो यह उतना ही महत्त होना है जितना की वजान मंत्री जी का वहाँ जाना जहां
10:53तक यात्राओं की उपलब्दी की बात है या
10:56इस यात्राओं का क्या मकसद है तो एक चीज़ हमें देखना पड़ेगा कि जो IMEC प्रोजक्ट हैं उसके यात्राओं एक
11:04तरीकी से एक जो पूरुगामी जो सम्हावना को तलाश करने की जो योजना है उसके तहट देखना चाहिए तो IMEC
11:12के जरिये हम चीन और पाकिस्तान
11:14दोनों को ही एक साइड में रखकर हम बाकी दुनिया से जोडने की कोशिश कर सकते हैं खासके यूरोपियन और
11:21अमेरिकन दुनिया से जोडने की जो भारत का जो वर्तमान सरकार का जो लॉंग टर्म प्लान है वो लगभग ऐसा
11:27की दिखाई दे रहा है क्योंकि भारत सरकार न
11:43है और ऐसे ही तो यह यह बताता है भारत की नितिकों की भारत अपने लिए यूरोप और पश्चिन को
11:50जादा मुफित पार रहा है अब और वो यह चाहता है कि भारत एक बहुत बड़ा चीन का विकल्ब बनकर
11:56तयार हो जहां चीन में अभी बहुत जादा उत्पादन हो रहा
12:06है पर यह जो कॉरिडूर है जो आयमेसी कॉरिडूर जो बेसिकली बी आर्सी को काउंटर करने का तरीका बताया जाता
12:16है तमाम एक्सपर्ट्स और तमाम देशों के और से पर यह अभी उतनी वास्विक्ता में बदलना इसका थोड़ा सा मश्किल
12:24है इसका कारण यह है कि अभ
12:30भारत के मुंबई से निकलते ही जो यूए में जो जवाल अली जो पोर्ट पर हमें जाना था वो तो
12:37पूरी तरीकी से हॉर्मुज के नजदीक है तो जवाल अली पे हम कैसे सामान को बेज़ेंगे तो एक अल्टिनेटिव हमें
12:43और पोर्ट डूंडना चाहिए और हॉर्मु�
12:55हम कैसे सामान बेज़ पाएंगा और चीन तो हमसे का पी आगे बढ़ चुपा है तो इन सब चीजों को
13:02तो उसी कोशिश का एक नतीजा है आप देखेंगे कि सबसे पहले वहां से ला सकते हैं और दूसरा यह
13:23है कि
13:23यही भारत का सबसे बड़ा इंवेस्टर है सेवन इंवेस्टर है तो वह यत्रा तो एक है ही पर कुछ जो
13:30मेहत्कुन प्रश्न है मुसंसा जैसे कि नीदरलेंड के पीम ने भारत के मानवाधिकार पर बोला जैसे कि नौवे में एक
13:43वहां की यंग जनलिस्ट ने
13:45प्रदान मंत्री से जो तीखे सवाल थी हलाकि वो प्रेस कॉंफरेंस नहीं था पर तमाम चीज़ें जो है वो हमारे
13:53साम में खासकर प्रेस की आजादी को लेकर हमें यह मानना पड़ेगा कि
13:57हमारे जो जर्नलिस्ट एंकर्स जो है जो कि कुछ एंकर्स को छोड़ दें तो उनकी तंपा भी बहुत परम है
14:03और वो मुझे लगता है कि
14:05जो सुविधाय मिलती थी पहले बत्तार को वो भी नहीं मिलती है और उसका सीधा असर जो है वो प्रेस
14:12की आजादी पर पड़ता है तो क्या इन सब सवालों के जवाव हम नहीं मांगेंगे क्या या कि केवल कूछ
14:18मीडिया हाउस के मालिकों को अगर रुपया किसी फॉर्म मे
14:25या कुछ फाइदे मिल जाते हैं तो क्या इतना काफी है कि इससे पत्रकारों की सुविधाय बढ़ जाएगी तो उत्तर
14:34है ना तो जो फील्ड में काम करने आले हैं उनकी सुविधाय भी घटी है जो पहले प्लॉटिंग था या
14:40एक्डिशन को लेकर क्या क्या किया जाता है �
14:42आप खुद भी जानते हैं तो इन सब चीजों पर चिंतन करना काफी है दूसरी तरफ जो इटली में जो
14:50भारत का वा और विपक्ष के लोगों ने जिस तरीके से उसके आलोचना की वह भी ठीक नहीं है क्योंकि
14:57एक महिला प्रदान मंत्री के लिए और उस तरह की चीजों को �
15:06उस तरीके से पीश्चा जाना जहां जेर्णड बाइसनस भाइसनस ते यह यह ठीक नहीं है
15:32और कि अटिस्टेए हूाए टूपने एंधर कौन आपका टूपनाव करद दिए झाह झाह झाह झाहए हूए जाग सबस्टाइब निए आपको
15:40टूपने।
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