00:00इस तफसीली जाइजे में खुशामदीद, आज हम जिस शहर की बात करने वाले हैं न, वो कोई आम शहर नहीं
00:05है, कराची, एक ऐसा शहर जिसका फैलाओ, जिसके खानों की जबरदस तारीख और जिसकी मुसलसल बदलती हुई शकल वाकई हैरानकुन
00:13है, ये एक ऐसी जगा है ज
00:29गुमनाम सा माहीगीरों का गाउं, आखर 200 अरब डॉलर की माईश्यत वाला एक देव हेकल मेगा सिटी कैसे बन सकता
00:37है, है न कमाल की बात, ये एक ऐसा दंग कर देने वाला सफर है, जो हमें तारीख, लोगों की
00:42हिजरत और एक पाबल कर देने वाली मौशी तरक्की की दास्
00:46आता है, और सच पूछें तो इसी हैरत अंगिस तजाद से ही हमारी आज की इस कहानी का असल आगाज
00:52होता है, तो आज हम इन एहम पहलूं पर बात करेंगे, पहला पाकिस्तान का इंजिन, दूसरा कराची से मेगा सिटी
00:58तक का सफर, तीसरा लोगों का एक अजीम संगम, चौ
01:15करोड तीन लाक, मतलब ये अदद वाकई होश उडा देने वाला है, कराची की अबादी इतनी ज्यादा हो चुकी है
01:22कि ये न सिर्फ पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर है, बलके पूरी दुनिया में बारवे नंबर पर आता है, जरा
01:28तसवर करें, दुनिया के कई पूरे के �
01:31मुमालिक की इतनी अबादी नहीं होती, जितनी इस एक अकेले शहर में बस दी है, और जाहर है, इतनी बड़ी
01:38अबादी का मतलब है एक जबरदस्त कि मौशी ताकत, आपको शायद अंदाजा ना हो, लेकिन कराची अकेला, जी हां, बिलकुल
01:46अकेला, पूरे पाकिस्तान की म
01:59अगजों में हैं, यहां का गैर रस्मी मौशी ढाचा तो इस से भी कहीं ज्यादा बड़ा है, जो रोजाना लाखों
02:05लोगों का चूला जलाता है, और अगर आपको इस शहर की एहमियत का मजीद अंदाजा लगाना हो तो ये सुने,
02:10पाकिस्तान की गैर मुलकी तिजारत का 95 �
02:13फीसद हिस्सा कराची के बंदरगाहे समालती हैं, 95 फीसद, मुलक के जितने भी बड़े बैंक्स हैं या बड़ी मल्टी नैशनल
02:19कंपनिया, उन सब के हेड़कौर्टर्स इसी तिजारती दारल हुकूमत में हैं, खास तोर पर आई आई चंद्रेगर रोड जैसी सड़कों
02:25से
02:25तो लवजी तोर पर इस मुलकी मईशत की नवस धड़कती है, अब हम अपने दूसरे हिस्से के किरफबढ़ते हैं, कलाची
02:31से मेगा सिटी तक का हैरान कुन सफर, अगर हम थोड़ा सा पीछे मुढ़कर देखे ना तो एक टाइम लाइन
02:36हमें इस शहर के बनने की पूरी कहान
02:38बताती है, 1729 में माय कलाची के नाम पर एक छोटी सी किला बंद बस्ती बनी थी, फिर 1849 में
02:45क्या होता है, कि ब्रिटानवी अफवाज मुनोडा के लिए पर कबजा कर लेती हैं, और उसे एक बाकाइदत तिजारती बंदरगाह
02:50बनाना शुरू कर देती हैं, लेकिन इस शहर क
02:53किस्मत में जो सबसे बड़ी, सबसे ड्रमाटिक तबदीली लिखी थी, वो आई 1947 की तकसीमे हिंद के वक्त, इस एक
03:01वाके ने कराची का नक्षा हमेशा के लिए बदल कर रख दिया, आप ज़रा आबादी में इस इजाफे को देखें,
03:071941 से 1951, सिर्फ 10 साल के अंदर अंदर �
03:10कि अबादी तकरीबन तीन गुना हो गई, 4,35,000 से सीधा 11,00, पार, और ये सब हुआ इन
03:16मुसलिम मोहाजरीन के वज़े से जो अपना सब कुछ छोड़ कर यहां आए, दरसल यही वो धमाका खेस दबदीली थी,
03:22जिसने इस शेहर को वो बुनियाद फरहम की, जिस पर आज का
03:24ये देव हेकल मेगा सिटी खड़ा है, और इसी से जुड़ा है हमारा तीसरा पहलू, लोगों का संगम, अगर आप
03:32मुझ से पूछें, तो कराची की सबसे खुबसूरत बात, इसका ये लिसानी तनवो है, आप आदाद शुमार देखें, उर्दू बोलने
03:39वाले हां तकरीब
03:59और देखें, ये हिजरत का सिलसला कभी रुका नहीं, संतालिस के महाजरीन तो आए ही, लेकिन फिर इसी की दहाई
04:06में, जंग से बचकर आने वाले अफगान पना गुजीन आए, फिर बंगाली तार्कीने वतन आए, यहां तक कि आज इस
04:12शेहर में तकरीबन चार लाक रोहिं
04:22अनकुन है कि शेहर का दिल कितना बड़ा है, ये हर सदमा सहता है और फिर भी लोगों को अपने
04:27अंदर समो लेता है, अब जरा इन गलियों में चलते हैं, जहां तारीख का बाकाइदा जाइका मिलता है, हमारा चौथा
04:34हिस्सा, ब्रिंस रोड, सच बताऊं तो बिरनिस रोड
04:38का नाम सुनते ही जहन में मसालों, भुनेवे गोश्ट और बिलकुल ताजी नान की वो जबरदस खुश्बू आने लगती है,
04:44कहने को तो इस गली का नाम बरतानवी दौर के एक स्कॉटिश डॉक्टर जेम्स बिरनिस के नाम पर रखा गया
04:50था, लेकिन आज, आज तो ये ज
05:06भरी जिलेबियां, यहां का हर लुकमा आपको तारीक के एक नए सफर पर ले जाता है।
05:36जमीन से अब जरा उपर की तरफ देखते हैं, हमारा पांचवा और आखरी हिस्सा, आस्मान को चूती अमारतें।
05:42अब जरा मुस्तक्बिल की तरफ चलते हैं, यह शहर अब सिर्फ फैल नहीं रहा, बलकि सीधा आस्मान की बुलंदियों की
05:48तरफ जा रहा है।
05:49अभी हाल ही में बुर्जे काइद नामी एक नए, बेहद शानदार मनसूबे का इलान हुआ है।
05:54DHA City और ABS Developers के दर्मियान बाकाइदा मौहाइदा हो चुका है, Civil Aviation से NOC मिल गई है और
06:01टार्गिट ये रखा गया है कि 6 साल के अंदर इस फलक बोस इमारत को खड़ा कर दिया जाएगा।
06:06सच में, ये पाकस्तान में हाई राइज इमारतों के एक बिलकुल नए दोर की शुरुआत है।
06:37और साथी साथ जदीद दुनिया से कदम मिलाने के लिए आस्मान की तरफ भी देख रहा है।
07:06हम सब को जरूर सोचना चाहिए।
07:08उमीद है इस जायजे से आपको कराची के इस हैरतंगी सफर को समझने का एक बिलकुल नया जाविया मिला होगा।
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