00:00इसके अंदर में अगर कोई गलत दवाई दी जाएगी, कोई किसको डैमेज होगा, पूरियत निकलेगा सर्फ तैनल, आरोपी नमर एक,
00:10रिटेलर, और फिर रिटेलर का बिल लेके होल सेल, और फिर हमको धुनना हैं कि कलपरीट को हैं, अगर हमने
00:16नहीं धुड़ा तो हम लोग
00:19अगर आज आपको दवा खरीदनी है, तो घर से निकलने से पहले ये खबर जरूर देख लीजे, देश भर में
00:26आज मेडिकल स्टोरों की बड़ी हड़ताल है, All India Organization of Chemists and Drugists यानि AI OCD ने देश व्यापी
00:34बंद का एलान किया है, दावा किया जा रहा है कि देश भर में 12 लाग से
00:38ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं, कहीं मरीज परेशान है, कहीं अस्पतालों के बाहर लंबी लाइने लगने का डर
00:45है, तो कहीं सवाल उठ रहा है कि आखिर दवा कारोबार में ऐसा कौन सा संकट आ गया, जिसने लाखों
00:51केमिस्टों को सड़क पर उतरने के लिए
00:53मजबूर कर दिया, इस हरताल के पीछे सबसे बड़ा मुद्दा है ओनलाइन दवा बिक्री यानि इफार्मसी, ओफलाइन मेडिकल स्टोर चलाने
01:02वाले केमिस्टों का आरोप है कि इफार्मसी कमपनियां भारी डिसकाउंट दे कर बाजार बिगाड रही है, नियमों की अं�
01:20स्वास्थे सेवाएं पहुचा रही है, तो आखिर ये लड़ाई सिर्फ कारोबार की है या फिर मरीजों की सुरक्षा और दवा
01:27विवस्था का बड़ा सवाल भी इसमें छिपा है, देश भर में आज मेडिकल सेक्टर से जुड़ी सबसे बड़ी हरतालों में
01:33से एक देखने
01:34को मिल रही है, All India Organization of Chemists and Drugists यानि AIOCD ने E-Pharmacy के खिलाफ राष्चल यापी
01:41बंद बुलाया है, संगठन का दावा है कि इस विरोध प्रदर्शन में देश भर के करीव 12,50,000 मेडिकल
01:48स्टोर शामिल हो सकते हैं, सिर्फ बिहार में ही लगभग 40,000 दवा दुकाने बंद रहने क
01:53दावा किया गया है, AIOCD का कहना है कि ओनलाइन दवाईयों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इस
02:00सेक्टर को नियंतरित करने के लिए परियाप्त नियम और निगरानी मौझूद नहीं है, संगठन के मुताबिक E-Pharmacy प्लाटफॉर्म भारी
02:07डिसकाउंट देकर छो
02:22नियमों के तहित काम करते हैं, अंटिबायोटिक्स, नशीली दवाईयां, गर्भ पात किट और कई नियंतरित दवाईयों का पूरा रेकॉर्ड रखना
02:30पड़ता है, प्रिस्क्रिप्शन की जाँच की जाती है, ड्रग इंस्पेक्टर की निगरानी होती है, और लाइसेंस स
02:48इत्यमाल और स्वास्थ्य संकट का खत्रा बढ़ सकता है, AIOCD के प्रतिनिध्यों ने हाल ही में राष्ट्रिय दवा नियामक अधिकारियों
02:55से मुलाकात कर अपनी चिंताएं सामने रखी,
02:58क्या मांगे हैं किस वज़े से आप ये सब्सक्राइब हैं, ये हमारी जो संगटन है, देश के जितनी भी दवा
03:04व्यापारी है, खुद्रा व्यापारी जो ठोक व्यापारी, इनकी ये संगटन है, जो पटीस, पचास साल पुरानी है, और हमारा जो
03:16संगटन है, All India Organization of Commission, इसमे
03:21हमारे सभी राज और उनिवेंटरी मेंबर हैं, फाड़े बारा लाख हमारे मेंबर हैं, देखे, अभी आपने देखा होगे, कि online
03:30sale of medicine शूरू है, लेकिन आज जो शूरू है, ये सब बे कानून है, या गेर कानून है, क्योंकि
03:40सरकार ने इसके लिए एक notification लाया था, जो GSR 817,
03:46dated 28 August 18, naturally we are at that time, जो हमारे महाराट के दीदन कमिशनर थे, हर्षदीप कामले कमिटी
03:57बनाई गी, to bring online sale of medicine in India, शुरूआत में ये कमिटी के सामने में हमने का, कि
04:03online sale of medicine, अगर हम पूरी world की बात कते हैं, तो ये फाइदे के नहीं है, ये माफिया
04:11के हाथ में जाती है, दूसरी बात
04:13हमने कही है, कि उसके लिए आपको कुछ infrastructure, IT infrastructure तैयार करना पड़े हो, कि generally क्या होता है,
04:23अपने हाँ, मरीद डॉक्टर के बाद जाता है, डॉक्टर उसको डाइग्नोस करता है, और बाद में वो पर्चा देता है,
04:30फिर under the supervision of pharmacy, स्वम दवाई देते हैं, डोस्त की बताते हैं,
04:35preservation बताते हैं, यह डोस्त कैसा लेना यह बताते हैं, और यह बहुत आवश्यक है, as far as physiology of
04:41human man, human being इतको, इन्होंने यह notification लाई, उसके बाद में, July 19 में,
04:50the principal secretary, health and family welfare, government of India, P.C. सुधान जी ने हमें July 19 में बुलाया,
04:59बहुत सरे stakeholder थे, जिसमें online player भी थे, हमने मैडम को इतना कहा कि आज अपनी हिंदूस्ता, अपने देश
05:07में, कुछ ऐसी दवाईया हैं, जो particular doctor दी, having qualification, leak सकता है, और ओ doctor को ने,
05:16R.R. Party, doctor R.R. Party महाराच में, बस अजा रहा है, हमें क्या मुलूम, ओ कौन है, या
05:23उसके qualification के,
05:25we must know doctor, we must know his qualification, and then prescription given by him, must be certified, then only
05:32I can give medicine,
05:33क्योंकि मुलूम है, 2018 में ही, मैं रिखाल दी देन, Health Minister of India, Mrs. Sushma Swaraj, इनोंने एक bill
05:44लाया है,
05:44जिसके अंदर में, अगर कोई गलत दवाई दी जाएगी, कोई किसको damage होगा, पूरियत निकलेगा,
05:52R.O.P. नमबर एक, retailer, और फिर retailer का bill लेके, होलतेलर, और फिर हमको दुनना है कि कलपरीट
06:00कौन, अगर हमने नहीं दुड़ा, तो हम लोग अंदर, safety security.
06:04संगठन का कहना है कि सरकार को ओनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त regulatory framework बनाना चाहिए,
06:10हलाकि इस हड़ताल के बीच एक राहत की खबर भी सामने आई है.
06:14देश भर में सभी medical store बंद नहीं रहेंगे,
06:17अस्पतालों के medical store, जन औशधी केंडर, अमरित pharmacy और बड़ी pharmacy chain सामाने रूप से खुली रहेंगी.
06:24इसके अलावा कई राज्यों के retail pharmacy associationों ने बंद में शामिल होने से इंकार कर दिया है.
06:30उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, महराष्ट्र, केरल, गुजरात, हर्याना, करनाटक, 36 गड, उत्तराखंड, सिक्किम और लद्दाख के कई संगठनों ने
06:41आशवासन दिया है कि दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी.
06:44हाला कि मध्यप्रदेश और करनाटक के कुछ हिस्सों में बंद का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है.
06:49अब सवाल उठता है कि आखिर ई-फार्मसी को लेकर विवाद इतना बड़ा क्यों हो गया?
06:54दरसल पिछले कुछ वर्षों में भारत में ऑनलाइन दवा कारोबार तेजी से बढ़ा है.
06:59मोबाइल अप और डिजिटल प्लाटफॉर्म के जरिए लोग घर बैठे दवाईयां ओर्डर कर रहे हैं.
07:04कोविड महामारी के दौरान ई-फार्मसी का इस्तमाल और तेजी से बढ़ा.
07:09इससे मरीजों को सुविधा मिली, लेकिन पारम पर एक मेडिकल स्टोरों को प्रतिसपर्धा का सामना करना पढ़ा.
07:14ई-फार्मसी कंपनिया अकसर भारी छूट देती हैं.
07:17कई बार दवाओं पर 20-40 प्रतिशत तक डिसकाउंट मिल जाता है.
07:21छोटे शहरों और कस्बों के मेडिकल स्टोर का कहना है कि भी इतनी छूट देकर कारोबार नहीं चला सकते.
07:27यानि ये लड़ाई सिर्फ नियमों की नहीं बलकि अस्तित्व की लड़ाई भी बन चुकी है.
07:32विशेशग्यों का मानना है कि भारत में ई-फार्मसी सेक्टर को पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है.
07:37क्योंकि डिजिटल हेल्थ केर भविश्य का बड़ा हिस्सा बनने जा रहा है.
07:41लेकिन साथ ही ये भी जरूरी है कि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझोता ना हो.
07:46उनलाइन दवा बिक्री के लिए मजबूत नियम, असली प्रिस्क्रिप्शन की जाँच, डेटा सुरक्षा और नकली दवाओं पर नियंत्रण बेहत जरूरी
07:54माना जा रहा है.
07:55स्वास्थे विशेशग्य ये भी कहते हैं कि बिना डॉक्टर की सलहा के अंटिबायोटिक्स और समवेधनशील दवाईयों की आसान उपलब्धता भविश्य
08:03में गंभीर स्वास्थे संकट पैदा कर सकती है.
08:05यही वज़ा है कि सरकार पर अब दवाव बढ़ता जा रहा है कि वो ई-फामसी को लेकर स्पष्ट नीती
08:11बनाएं.
08:11फिलहाल आज की हड़ताल ने एक बात साफ कर दी है. भारत में दवा कारोबार एक बड़े बदलाव के दौर
08:17से गुजर रहा है. एक तरफ डिजिटल हेल्थ सर्विसेस का विस्तार है तो दूसरी तरफ पारम पर एक मेडिकल स्टोरों
08:23की चिंता. और इस टक्राफ के बीच स
08:25सबसे बड़ा सवाल वही है. क्या मरीजों को सस्ती और आसान दवाईयां मिलेंगी या फिर नियमों और कारोबार की लडाई
08:32में आम आदमी एक बार फिर परेशान होगा? इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहेए One India
08:38Hindi.
Comments