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Medical Stores Strike: देशभर में आज क्यों बंद हैं 12 लाख दवा दुकानें, क्या है पूरा मामला? अगर आज आपको घर से कोई भी जरूरी दवा खरीदने निकलना है, तो केमिस्टों की इस देशव्यापी हड़ताल का सच जरूर जान लीजिए।


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~HT.318~PR.514~VG.HM~

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00:00इसके अंदर में अगर कोई गलत दवाई दी जाएगी, कोई किसको डैमेज होगा, पूरियत निकलेगा सर्फ तैनल, आरोपी नमर एक,
00:10रिटेलर, और फिर रिटेलर का बिल लेके होल सेल, और फिर हमको धुनना हैं कि कलपरीट को हैं, अगर हमने
00:16नहीं धुड़ा तो हम लोग
00:19अगर आज आपको दवा खरीदनी है, तो घर से निकलने से पहले ये खबर जरूर देख लीजे, देश भर में
00:26आज मेडिकल स्टोरों की बड़ी हड़ताल है, All India Organization of Chemists and Drugists यानि AI OCD ने देश व्यापी
00:34बंद का एलान किया है, दावा किया जा रहा है कि देश भर में 12 लाग से
00:38ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं, कहीं मरीज परेशान है, कहीं अस्पतालों के बाहर लंबी लाइने लगने का डर
00:45है, तो कहीं सवाल उठ रहा है कि आखिर दवा कारोबार में ऐसा कौन सा संकट आ गया, जिसने लाखों
00:51केमिस्टों को सड़क पर उतरने के लिए
00:53मजबूर कर दिया, इस हरताल के पीछे सबसे बड़ा मुद्दा है ओनलाइन दवा बिक्री यानि इफार्मसी, ओफलाइन मेडिकल स्टोर चलाने
01:02वाले केमिस्टों का आरोप है कि इफार्मसी कमपनियां भारी डिसकाउंट दे कर बाजार बिगाड रही है, नियमों की अं�
01:20स्वास्थे सेवाएं पहुचा रही है, तो आखिर ये लड़ाई सिर्फ कारोबार की है या फिर मरीजों की सुरक्षा और दवा
01:27विवस्था का बड़ा सवाल भी इसमें छिपा है, देश भर में आज मेडिकल सेक्टर से जुड़ी सबसे बड़ी हरतालों में
01:33से एक देखने
01:34को मिल रही है, All India Organization of Chemists and Drugists यानि AIOCD ने E-Pharmacy के खिलाफ राष्चल यापी
01:41बंद बुलाया है, संगठन का दावा है कि इस विरोध प्रदर्शन में देश भर के करीव 12,50,000 मेडिकल
01:48स्टोर शामिल हो सकते हैं, सिर्फ बिहार में ही लगभग 40,000 दवा दुकाने बंद रहने क
01:53दावा किया गया है, AIOCD का कहना है कि ओनलाइन दवाईयों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इस
02:00सेक्टर को नियंतरित करने के लिए परियाप्त नियम और निगरानी मौझूद नहीं है, संगठन के मुताबिक E-Pharmacy प्लाटफॉर्म भारी
02:07डिसकाउंट देकर छो
02:22नियमों के तहित काम करते हैं, अंटिबायोटिक्स, नशीली दवाईयां, गर्भ पात किट और कई नियंतरित दवाईयों का पूरा रेकॉर्ड रखना
02:30पड़ता है, प्रिस्क्रिप्शन की जाँच की जाती है, ड्रग इंस्पेक्टर की निगरानी होती है, और लाइसेंस स
02:48इत्यमाल और स्वास्थ्य संकट का खत्रा बढ़ सकता है, AIOCD के प्रतिनिध्यों ने हाल ही में राष्ट्रिय दवा नियामक अधिकारियों
02:55से मुलाकात कर अपनी चिंताएं सामने रखी,
02:58क्या मांगे हैं किस वज़े से आप ये सब्सक्राइब हैं, ये हमारी जो संगटन है, देश के जितनी भी दवा
03:04व्यापारी है, खुद्रा व्यापारी जो ठोक व्यापारी, इनकी ये संगटन है, जो पटीस, पचास साल पुरानी है, और हमारा जो
03:16संगटन है, All India Organization of Commission, इसमे
03:21हमारे सभी राज और उनिवेंटरी मेंबर हैं, फाड़े बारा लाख हमारे मेंबर हैं, देखे, अभी आपने देखा होगे, कि online
03:30sale of medicine शूरू है, लेकिन आज जो शूरू है, ये सब बे कानून है, या गेर कानून है, क्योंकि
03:40सरकार ने इसके लिए एक notification लाया था, जो GSR 817,
03:46dated 28 August 18, naturally we are at that time, जो हमारे महाराट के दीदन कमिशनर थे, हर्षदीप कामले कमिटी
03:57बनाई गी, to bring online sale of medicine in India, शुरूआत में ये कमिटी के सामने में हमने का, कि
04:03online sale of medicine, अगर हम पूरी world की बात कते हैं, तो ये फाइदे के नहीं है, ये माफिया
04:11के हाथ में जाती है, दूसरी बात
04:13हमने कही है, कि उसके लिए आपको कुछ infrastructure, IT infrastructure तैयार करना पड़े हो, कि generally क्या होता है,
04:23अपने हाँ, मरीद डॉक्टर के बाद जाता है, डॉक्टर उसको डाइग्नोस करता है, और बाद में वो पर्चा देता है,
04:30फिर under the supervision of pharmacy, स्वम दवाई देते हैं, डोस्त की बताते हैं,
04:35preservation बताते हैं, यह डोस्त कैसा लेना यह बताते हैं, और यह बहुत आवश्यक है, as far as physiology of
04:41human man, human being इतको, इन्होंने यह notification लाई, उसके बाद में, July 19 में,
04:50the principal secretary, health and family welfare, government of India, P.C. सुधान जी ने हमें July 19 में बुलाया,
04:59बहुत सरे stakeholder थे, जिसमें online player भी थे, हमने मैडम को इतना कहा कि आज अपनी हिंदूस्ता, अपने देश
05:07में, कुछ ऐसी दवाईया हैं, जो particular doctor दी, having qualification, leak सकता है, और ओ doctor को ने,
05:16R.R. Party, doctor R.R. Party महाराच में, बस अजा रहा है, हमें क्या मुलूम, ओ कौन है, या
05:23उसके qualification के,
05:25we must know doctor, we must know his qualification, and then prescription given by him, must be certified, then only
05:32I can give medicine,
05:33क्योंकि मुलूम है, 2018 में ही, मैं रिखाल दी देन, Health Minister of India, Mrs. Sushma Swaraj, इनोंने एक bill
05:44लाया है,
05:44जिसके अंदर में, अगर कोई गलत दवाई दी जाएगी, कोई किसको damage होगा, पूरियत निकलेगा,
05:52R.O.P. नमबर एक, retailer, और फिर retailer का bill लेके, होलतेलर, और फिर हमको दुनना है कि कलपरीट
06:00कौन, अगर हमने नहीं दुड़ा, तो हम लोग अंदर, safety security.
06:04संगठन का कहना है कि सरकार को ओनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त regulatory framework बनाना चाहिए,
06:10हलाकि इस हड़ताल के बीच एक राहत की खबर भी सामने आई है.
06:14देश भर में सभी medical store बंद नहीं रहेंगे,
06:17अस्पतालों के medical store, जन औशधी केंडर, अमरित pharmacy और बड़ी pharmacy chain सामाने रूप से खुली रहेंगी.
06:24इसके अलावा कई राज्यों के retail pharmacy associationों ने बंद में शामिल होने से इंकार कर दिया है.
06:30उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, महराष्ट्र, केरल, गुजरात, हर्याना, करनाटक, 36 गड, उत्तराखंड, सिक्किम और लद्दाख के कई संगठनों ने
06:41आशवासन दिया है कि दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी.
06:44हाला कि मध्यप्रदेश और करनाटक के कुछ हिस्सों में बंद का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है.
06:49अब सवाल उठता है कि आखिर ई-फार्मसी को लेकर विवाद इतना बड़ा क्यों हो गया?
06:54दरसल पिछले कुछ वर्षों में भारत में ऑनलाइन दवा कारोबार तेजी से बढ़ा है.
06:59मोबाइल अप और डिजिटल प्लाटफॉर्म के जरिए लोग घर बैठे दवाईयां ओर्डर कर रहे हैं.
07:04कोविड महामारी के दौरान ई-फार्मसी का इस्तमाल और तेजी से बढ़ा.
07:09इससे मरीजों को सुविधा मिली, लेकिन पारम पर एक मेडिकल स्टोरों को प्रतिसपर्धा का सामना करना पढ़ा.
07:14ई-फार्मसी कंपनिया अकसर भारी छूट देती हैं.
07:17कई बार दवाओं पर 20-40 प्रतिशत तक डिसकाउंट मिल जाता है.
07:21छोटे शहरों और कस्बों के मेडिकल स्टोर का कहना है कि भी इतनी छूट देकर कारोबार नहीं चला सकते.
07:27यानि ये लड़ाई सिर्फ नियमों की नहीं बलकि अस्तित्व की लड़ाई भी बन चुकी है.
07:32विशेशग्यों का मानना है कि भारत में ई-फार्मसी सेक्टर को पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है.
07:37क्योंकि डिजिटल हेल्थ केर भविश्य का बड़ा हिस्सा बनने जा रहा है.
07:41लेकिन साथ ही ये भी जरूरी है कि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझोता ना हो.
07:46उनलाइन दवा बिक्री के लिए मजबूत नियम, असली प्रिस्क्रिप्शन की जाँच, डेटा सुरक्षा और नकली दवाओं पर नियंत्रण बेहत जरूरी
07:54माना जा रहा है.
07:55स्वास्थे विशेशग्य ये भी कहते हैं कि बिना डॉक्टर की सलहा के अंटिबायोटिक्स और समवेधनशील दवाईयों की आसान उपलब्धता भविश्य
08:03में गंभीर स्वास्थे संकट पैदा कर सकती है.
08:05यही वज़ा है कि सरकार पर अब दवाव बढ़ता जा रहा है कि वो ई-फामसी को लेकर स्पष्ट नीती
08:11बनाएं.
08:11फिलहाल आज की हड़ताल ने एक बात साफ कर दी है. भारत में दवा कारोबार एक बड़े बदलाव के दौर
08:17से गुजर रहा है. एक तरफ डिजिटल हेल्थ सर्विसेस का विस्तार है तो दूसरी तरफ पारम पर एक मेडिकल स्टोरों
08:23की चिंता. और इस टक्राफ के बीच स
08:25सबसे बड़ा सवाल वही है. क्या मरीजों को सस्ती और आसान दवाईयां मिलेंगी या फिर नियमों और कारोबार की लडाई
08:32में आम आदमी एक बार फिर परेशान होगा? इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहेए One India
08:38Hindi.
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