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Russia के President Vladimir Putin और China के President Xi Jinping की मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है।Beijing में हुई इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में दोनों देशों ने करीब 20 बड़ी रणनीतिक और आर्थिक डील्स पर साइन किए।इन समझौतों में energy, defence, trade, technology और infrastructure जैसे कई बड़े सेक्टर शामिल बताए जा रहे हैं।Experts का मानना है कि ये Deals सीधे तौर पर America और President Donald Trump की नीतियों को चुनौती दे सकती हैं।Russia और China अब Dollar की जगह अपनी currencies में व्यापार बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं।इस मुलाकात को BRICS और नए global power balance के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।Putin का China में भव्य स्वागत भी दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया।क्या ये नई दोस्ती America की ताकत को चुनौती दे पाएगी?जानिए इस वीडियो में Russia-China alliance की पूरी कहानी और दुनिया पर उसका असर।

The meeting between Vladimir Putin and Xi Jinping has grabbed global attention.During Putin’s grand visit to China, both nations reportedly signed nearly 20 major strategic and economic agreements.The deals cover key sectors like energy, defence, trade, technology, and infrastructure cooperation.Analysts believe these agreements could directly challenge US influence and the policies linked to Donald Trump.Russia and China are also pushing for trade in local currencies instead of the US Dollar.This growing partnership is being seen as a major shift in global geopolitics and the future of BRICS nations.Putin received a massive ceremonial welcome in Beijing, showcasing the strength of the alliance.Many experts believe this partnership could reshape global economic and military equations.Watch the full video tounderstand how these Russia-China deals may impact the world order.

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~HT.410~PR.512~ED.520~GR.510~VG.HM~

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Transcript
00:07रशी और चायना की इस important meeting के बाद क्या global economy का सबसे बड़ा power shift अब हमारे बिलकुल
00:14सामने हो रहा है क्या US dollar का world dominance अब खतम होने वाला है और आज हम बात कर
00:21रहे हैं कैसी खबर की जिसने Washington से लेके New York के financial corridors तक सबको चिंता में डाल दिया
00:28है
00:28वहाँ पूतिन और जिंपिंग ने हाथ मिलाया और 40 बीले sign कर दी हैं और वहीं इस बात को सुनके
00:36ही ट्रम्प के पसीने छूट गए हैं बीजिंग में एक ऐसी meeting हुई है जिसने global geopolitics और economy के
00:43नई rules लिखती हैं
00:44Russian President Vladimir Putin और Chinese President Xi Jinping ने मिलकर एक दो नहीं पूरे 40 से जादा bilateral documents
00:52sign कर दिये हैं और इसका सबसे बड़ा impact पड़ेगा
00:56Donald Trump की America first policy पर और साथ साथ US के डॉलर dominance पर ट्रम्प हमेशा से कहते आए
01:05हैं कि अगर global trade से डॉलर हटा तो यह
01:08अमेरिका के लिए किसी बहुत बड़े जटके से कम नहीं होगा और अब वही डी डॉलराइजेशन का process fast forward
01:15पर चला गया है चलिए इस पूरी कहानी को step by step समझते हैं भाया अब इस
01:20में दो सबसे महत्वपूर्ण documents leaders ने खुद sign किये हैं पहला है रशी और चायना की strategic partnership को
01:28गहरा करने का
01:29joint statement और दूसरा a joint declaration on the formulation of a multipolar world यह multipolar
01:37world का मतलब समझना ज़रूरी है अब तक दुनिया unipolar रही है जहां अमेरिका और उसके western allies जो
01:44चाहते थे वही होता था चाहे वो sanctions लगाना हो या global banking system को control
01:50करना अमरीका और उसके दोस्त जो चाहते थे वही होता था फूतिन और जी जिंग पिंग का यह नया agreement
01:56खुले आम कह रहा है कि अब हम यह monopoly नहीं सहेंगे भाईया अब इस दुनिया की economy पे सिरफ
02:03अमरीका का
02:03राज नहीं होगा यह लोग नए international relations का model खड़ा कर रहे हैं जहां वाशिंटन अकेला बॉस नहीं होगा
02:12अब आते हैं उस मुद्दे पर जिस पर सब की नजर है और वह
02:29इनका कहना है कि जब आप अपनी national currencies में trade करते हो तो आप global market के उतार चड़ाव
02:35और external pressure यानी US sanctions से बच जाते हो यहां पर
02:39Donald Trump का angle बहुत relevant हो जाता है ट्रम का जो political stance रहा है वो हमेशा American economic
02:46dominance को protect करने का रहा है उनका मानना है कि डॉलर का global reserve currency होना ही
02:51अमेरिका की असली ताकत है अब अगर दुनिया ने dollar में trade करना छोड़ दिया तो अमेरिका का debt crisis
02:58बढ़ जाएगा और उनका global influence खतम हो जाएगा
03:01ट्रम अकसर warning देते हैं कि अगर de-dollarization कामयाब हुआ तो यह अमेरिका के लिए किसी war में हारने
03:07जैसा होगा और बीजिंग से आई ये खबर दिखाती है कि रश्या और चायना ने अब ट्रम की इस सबसे
03:13बड़ी कमजोरी पर strike कर दी है
03:16चलिए थोड़ा detail में देखते हैं कि उन 44 documents में आखिर क्या है क्रेमलिन के मुताबित 22 documents तो
03:23main ceremony में sign हो गए और बाकी 20 side lines पर seal किया गया है
03:28ये agreement सिरफ कागस पर नहीं इनका real world impact बहुत बड़ा पड़ेगा सबसे पहले समझते हैं uninterrupted energy supply
03:36के angle को
03:37पुतिन ने साफ कहें दिया है कि रश्या बिना किसी रुकावट के चाइना को oil और gas supply करता रहेगा
03:44यॉर्प ने जब से रश्या ने नर्जी पर बैन लगाया है तब से चाइना रश्या का सबसे बड़ा energy buyer
03:50बन गया है
03:51और सही बात ये भी है कि चाइना नहीं डरता किसी ट्रॉम्प से वो जहां से चाहेगा वो अपना तेल
03:58खरीदेगा और वो रश्या से खरीता आया है और इसी वज़े से चाइना की economy भी सही चल रही है
04:05और रश्या की लेकिन दर्शकों इससे भी बड़ा दूसरा मुद्दा ह
04:08नूख्लियर कोपरेशन रॉष्यन स्टेट नूख्लियर कोपरेशन रुजातौम इस वक्त चाइना में नए नूख्लियर पावर युनित का कंस्रक्शन कंप्लीट कर रही
04:16है यानि एनरजी सेक्यॉरिटी के मामले में दोनों देश एक दूसरे पर पूरी तरहां डिपेंड
04:34पर है लेकिन डेटा कुछ और ही कहता है पूतिन ने इस बार बाइलेटरल वीजा फ्री रजीम को पॉजिटिव रिजाल्स
04:40शेयर किये हैं सुनिए नंबर्स जो बहुत दिलचाच्प है पिछले साल दो मिलियन से जादा रॉष्यन चाइना गए और एक
04:47मिलियन से जादा चा
05:02चाइना ने उसके लिए अपने दरवाजे पूरी तरह खोल रखे हैं और इसी वज़े से रश्यन एकॉनमी भी सर्वाइफ कर
05:08रहे हैं दुनिया के कुछ बड़े एकॉनमिस का ये मानना है कि जितनी जरूरत चाइना को रश्या की है चायद
05:15उससे जादा जरूरत रश्या को
05:16चाइना की है क्योंकि रश्या की एकॉनमी को घुमाने के लिए चाइना की हुमंगस मार्केट बहुत सरूरी है चाइना भया
05:25दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्ता है और इसी की वज़े से रश्या आराम से अपना बिजनस कर पाएगी
05:33और अगर अमेरिका �
05:34रश्या को आइसुलेट करने की कोशिश भी करे तो रश्या और चाइना की ये पार्टनर्शिप यूएस पर बैकफायर कर जाएगी
05:40तो दोस्तों कंक्लूजन क्या निकलता है ये सम्मिट सिरफ दो पड़ोसी देशों की नॉर्मल मीटिंग नहीं है ये एक नए
05:47ग्लोबल ओ
06:02कोलराइजेशन के ट्रेंड को रोक पाएगा या फिर आने वाले वक्त में हमें एक नए फाइनांशल वोर्ड ओर देखने को
06:08मिलेगा जहां डॉलर किंग नहीं रहेगा और भाईया यही कोशिश है भूतिन की जिन पिंग की और ब्रिक्स के कई
06:16सारे देशों की इसी वजह से
06:18के हाल ही में हुई ब्रिक्स अमिड भी बहुत इंपॉर्टेंट मानी जा रही थी और रश्या और चाइना की यह
06:23मीटिंग शायद आने वाले इतिहास को पूरी तरह से बदल दे आपको क्या लगता है आपकी क्या राय है भारत
06:30को ऐसे में किस तरफ होना चाहिए हमें कॉमें
06:32सेक्शन में जरूर बताइएगा अब देख रहे हैं वान इंडिया मैं हूँ आ कर्श कॉशन
07:31सेक्शन
07:32झाल झाल झाल
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