00:00अगर कल यूरोप में कोई बड़ा military crisis खड़ा हो जाता है, अगर Russia और NATO के बीच tensions और
00:06बढ़ जाती हैं, तो हो सकता है यूरोप को पहली बार एहसास हो कि अमेरिका पहले की तरह उनके साथ
00:12खड़ा नहीं है। क्यूं? क्यूंकि अमेरिका धीरे धीरे यूरोप से अपने soldiers वाप
00:16वापिस बुला रहा है। नमस्कार, मैं हूँ जैस्वी कौशिक और आप देख रहे हैं One India.
00:21अमेरिका ने यूरोप से 5000 टूप सटाने का फैसला किया है। जी हाँ, वह अमेरिका जो दशकों से यूरोप की
00:28सिक्योरिटी का सबसे बड़ा सहारा रहा है। अब कह रहे हैं कि यूरोप को अपनी सुरक्षा की जिमिदारी खुद उठानी
00:34होगी। बुसल्स में NATO सुप्री
01:02अब इस मिलिटरी फुट्प्रिंट को छोटा किया जा रहा है।
01:06NATO कहे रहा है कि इस एलाइन्स की मिलिटरी रेडिनेस पर कोई तुरंट असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अस्ती सवाल ये
01:12है अगर कोई असर नहीं पड़ेगा तो फिर ट्रूप्स हटाए कि क्यो जा रहे हैं। एडिसीजन उस वक्त लिया जा
01:18रहा है जब रशिया के साथ ट
01:32करें और हर सिक्योरिटी क्राइसिस में वाशिंग्टन की तरफ देखना कम करें। रिपोर्ट के मुताबिक को लैंड में कुछ प्लान
01:40यूएस डेप्लोइमेंट्स कैंसल किये गए हैं। यूरोप में कुछ लॉंग रेंज मिसाइल इनिशियेटिव्स को भी पॉस किया गय
02:00अब इक्वेशन बदल रही है। अमेरिका कह रहा है खर्चा भी आप करिये, तैयारी भी आप करिये और जिम्हदारी भी
02:08आप भी उठाइए। जैनरल बिनकेविच ने ये भी कहा है कि आने वाले समय में और री डिप्लोइमेंट्स हो सकते
02:14हैं। यानि ये सिरफ एक आइसो
02:30स्कुरिटी खुद समाल पाएगा। और सबसे बड़ा सवाल, क्या ये सिरफ 5,000 ट्रूप्स की विड्रॉल है या फिर ये
02:36उस नए दौर की शुरुआत है जहां अमेरिका कह रहा है कि अब हर फ्रेंट पर उसकी आर्मी मौजूद नहीं
02:42रहीगी।
03:00झाल
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03:02झाल
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